उड़ीसा से सिफारिश... फिर भी बेरुखी! प्रयागराज मे इंसाफ पाने को 50 फीट ऊंचे नीम पर चढ़ा लाचार किसान प्रयागराज। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर टूट चुके एक किसान के सब्र का बांध जब टूटा, तो तहसील प्रशासन की संवेदनहीनता की परतें उधड़कर सामने आ गईं। मेजा तहसील के जेवनिया सुवंशी का पुरा निवासी किसान विजय लाल तिवारी पुत्र स्व. रामप्यारे न्याय न मिलने से इस कदर हताश हो गए कि सोमवार - मंगलवार की दरमियानी रात करीब 50 फीट ऊंचे नीम के पेड़ पर चढ़ गए और छलांग लगाने की कोशिश करने लगे। आधी रात को गांव में मची इस अफरा-तफरी की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने घंटों की कड़ी मशक्कत और मान-मनोव्वल के बाद किसान को सुरक्षित नीचे उतारा। पीड़ित किसान ने 8 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी प्रयागराज और एसडीएम मेजा को प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई थी। मौजा जेवनिया स्थित गाटा संख्या 24 (रकबा 0.776 हेक्टेयर) में विजय लाल सहखातेदार हैं। उनका आरोप है कि दबंग सहखातेदार अपने हिस्से से अधिक जमीन पर अवैध कब्जा जमाए हैं और उन्हें निर्माण कार्य नहीं करने दे रहे। किसान ने हिस्सा प्रमाण पत्र और खतौनी भी लगाई। राजस्व विभाग की जांच में बंटवारे व सीमांकन की सिफारिश भी हो गई, लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी फाइल अलमारी से बाहर नहीं निकली। पेड़ पर चढ़े किसान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पेड़ की डाल पर बैठे विजय लाल रोते हुए कहते हैं - मैं भी हिंदुस्तानी हूँ! मैंने अपनी जमीन के सारे कागज लिखकर डीएम साहब को दिए। उड़ीसा से भी डीएम साहब के पास फोन करवाया कि सर! मेरी जमीन फंसी है, मदद कीजिए। लेकिन एक महीने से बस तहसील के चक्कर कटवाए जा रहे हैं, कोई सुनने वाला नहीं है। इस सम्बंध मे जेवनिया चौकी प्रभारी सुमित त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित किसान को समझा-बुझाकर सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। स्थिति नियंत्रण में है और मामले की पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। एसडीएम मेजा अजीत प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रकरण पूरी तरह से मेरे संज्ञान में नहीं था। तत्काल संबंधित लेखपाल को मौके पर भेजकर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उड़ीसा से सिफारिश... फिर भी बेरुखी! प्रयागराज मे इंसाफ पाने को 50 फीट ऊंचे नीम पर चढ़ा लाचार किसान प्रयागराज। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर टूट चुके एक किसान के सब्र का बांध जब टूटा, तो तहसील प्रशासन की संवेदनहीनता की परतें उधड़कर सामने आ गईं। मेजा तहसील के जेवनिया सुवंशी का पुरा निवासी किसान विजय लाल तिवारी पुत्र स्व. रामप्यारे न्याय न मिलने से इस कदर हताश हो गए कि सोमवार - मंगलवार की दरमियानी रात करीब 50 फीट ऊंचे नीम के पेड़ पर चढ़ गए और छलांग लगाने की कोशिश करने लगे। आधी रात को गांव में मची इस अफरा-तफरी की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने घंटों की कड़ी मशक्कत और मान-मनोव्वल के बाद किसान को सुरक्षित नीचे उतारा। पीड़ित किसान ने 8 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी प्रयागराज और एसडीएम मेजा को प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई थी। मौजा जेवनिया स्थित गाटा संख्या 24 (रकबा 0.776 हेक्टेयर) में विजय लाल सहखातेदार हैं। उनका आरोप है कि दबंग सहखातेदार अपने हिस्से से अधिक जमीन पर अवैध कब्जा जमाए हैं और उन्हें निर्माण कार्य नहीं करने दे रहे। किसान ने हिस्सा प्रमाण पत्र और खतौनी भी लगाई। राजस्व विभाग की जांच में बंटवारे व सीमांकन की सिफारिश भी हो गई, लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी फाइल अलमारी से बाहर नहीं निकली। पेड़ पर चढ़े किसान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पेड़ की डाल पर बैठे विजय लाल रोते हुए कहते हैं - मैं भी हिंदुस्तानी हूँ! मैंने अपनी जमीन के सारे कागज लिखकर डीएम साहब को दिए। उड़ीसा से भी डीएम साहब के पास फोन करवाया कि सर! मेरी जमीन फंसी है, मदद कीजिए। लेकिन एक महीने से बस तहसील के चक्कर कटवाए जा रहे हैं, कोई सुनने वाला नहीं है। इस सम्बंध मे जेवनिया चौकी प्रभारी सुमित त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित किसान को समझा-बुझाकर सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। स्थिति नियंत्रण में है और मामले की पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। एसडीएम मेजा अजीत प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रकरण पूरी तरह से मेरे संज्ञान में नहीं था। तत्काल संबंधित लेखपाल को मौके पर भेजकर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- लीडर रोड के पास एक मोहल्ले में एक किराए के कमरे में 02 महिलाओं व 01 पुरुष का शव प्राप्त होने पर पुलिस उपायुक्त नगर की वीडियो बाइट प्रयागराज : उक्त प्रकरण में आज दिनांक 04.08.2026 को थाना शाहगंज अंतर्गत लीडर रोड के पास एक मोहल्ले में एक किराए के कमरे में 02 महिलाओं व 01 पुरुष का शव प्राप्त होने की सूचना पर उच्चाधिकारीगण व फोरेंसिक टीम तत्काल मौके पर पहुंचे। प्रथम दृष्टया जानकारी प्राप्त हो रही है कि सभी मृतक मूक-बधिर हैं तथा उनके मध्य आपसी लड़ाई-झगड़े से घटना होना प्रतीत हो रहा है। सभी मृतक आसपास कूड़ा बीनने का कार्य करते थे। मृतकों की पहचान की जा रही है। अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। उक्त के संबंध में पुलिस उपायुक्त नगर द्वारा दी गई बाइट।1
- रसोई की पोताई के दौरान सर्पदंश से महिला की मौत जारी, प्रयागराज। कौंधियारा थाना क्षेत्र के देवरी गांव में मंगलवार को रसोई की पोताई कर रही 35 वर्षीय अनारकली उर्फ धनराजी पत्नी स्व. मनोज गुप्ता को जहरीले सर्प ने डंस लिया। परिजन उन्हें पहले सीएचसी कौंधियारा और फिर जिला अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। महिला अपने पीछे दो बेटे राहुल, रोहित और एक बेटी कनक को छोड़ गई हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। घटना से परिवार और गांव में शोक का माहौल है। रसोई की पोताई के दौरान सर्पदंश से महिला की मौत जारी, प्रयागराज। कौंधियारा थाना क्षेत्र के देवरी गांव में मंगलवार को रसोई की पोताई कर रही 35 वर्षीय अनारकली उर्फ धनराजी पत्नी स्व. मनोज गुप्ता को जहरीले सर्प ने डंस लिया। परिजन उन्हें पहले सीएचसी कौंधियारा और फिर जिला अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। महिला अपने पीछे दो बेटे राहुल, रोहित और एक बेटी कनक को छोड़ गई हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। घटना से परिवार और गांव में शोक का माहौल है।2
- बारा पावर प्लांट से निकल रहे पानी से 500 बीघा खेती प्रभावित होने का किसानों का आरोप, मुआवजे की मांग *बारा पावर प्लांट से निकल रहे पानी से 500 बीघा खेती प्रभावित होने का किसानों का आरोप, मुआवजे की मांग* शंकरगढ़। प्रयागराज। बारा पावर प्लांट की बाउंड्रीवाल के समीप बेमरा रोड स्थित पनिहा सोत के पास पुलिया से निकल रहे पानी को लेकर किसानों ने गंभीर शिकायत उठाई है। किसानों का आरोप है कि पिछले लगभग दस वर्षों से प्लांट की ओर से निकल रहा पानी खेती के लिए अनुपयुक्त है। पूरे वर्ष यह पानी खेतों में भरा रहता है। कई किसानों का कहना है इस पानी की वजह से हमारे खेत बंजर हो रहे है । इसके अलावा जिससे आसपास के गांवों की कृषि भूमि प्रभावित हो रही है। किसानों के अनुसार, इस पानी से लोहगरा, यादव बस्ती, केवटान तथा जज्जी पुरवा सहित कई बस्तियों के खेत प्रभावित हुए हैं। उनका दावा है कि लगभग 500 बीघा कृषि भूमि पर इसका प्रतिकूल असर पड़ा है। किसानों का कहना है कि इस पानी से सिंचाई करने पर फसलें खराब हो जाती हैं, जिससे उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पानी की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच कराने, यदि पानी हानिकारक पाया जाए तो उसके बहाव पर तत्काल रोक लगाने तथा प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।1
- प्रयागराज में ट्रिपल मर्डर से सनसनी, एक ही परिवार के तीन मूकबधिरों की हत्या1