पाली में शनिवार, 13 जून 2026 को शिव सेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ताओं ने मिल गेट पुलिस चौकी के पास स्थित एक अति प्राचीन हनुमान मंदिर के निकट बने पेशाबघर (मूत्रालय) के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ और धार्मिक स्थलों की पवित्रता भंग होने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के दौरान शिव सेना ने विरोध का एक अनोखा और गांधीवादी तरीका अपनाया, जिसमें पेशाबघर का उपयोग करने आए लोगों को माला पहनाकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने कंटीली झाड़ियाँ लगाकर उस पेशाबघर के रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पदाधिकारियों ने पाली नगर निगम को साफ चेतावनी दी कि शिव सेना शिंदे हिंदू आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस अति प्राचीन मंदिर के नजदीक बने पेशाबघर को जल्द से जल्द नहीं हटाया गया, तो आने वाले दिनों में एक उग्र और बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस विरोध प्रदर्शन में शिव सेना शिंदे के जिला प्रमुख तख्तसिंह सोलंकी, जिला प्रवक्ता राजू देवासी, जिला महासचिव मनोज कुमार गर्ग, जिला विभाग प्रमुख शिवदत्त सिंह lखावत, नगर प्रमुख उदय शेट्टी, उप नगर प्रमुख प्रवीण सिंह इंदा, कामगार सेना उप जिला प्रमुख केवल जी विरास, नगर संगठन प्रमुख राजू सिंह रावत, पाली तहसील प्रमुख नरपत सिंह भाटी, संयोजक जगदीश शर्मा और सह संयोजक आनन्द जी लखारा सहित अनेक प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनके अलावा तेजराज मांगलिया, मगराज पादरली, जितेन्द्र राव, रामलाल बंजारा, विशाल सिंह, ताराचन्द त्रिवेदी, किशोर भाई, चोथाराम भाटी, सरवण कुमार, हेमलता सोलंकी, बाली कंवर, सन्तोष माली, प्रियंका लखारा, लीलावती राव समेत भारी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता और आमजन भी उपस्थित थे।
पाली में शनिवार, 13 जून 2026 को शिव सेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ताओं ने मिल गेट पुलिस चौकी के पास स्थित एक अति प्राचीन हनुमान मंदिर के निकट बने पेशाबघर (मूत्रालय) के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ और धार्मिक स्थलों की पवित्रता भंग होने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के दौरान शिव सेना ने विरोध का एक अनोखा और गांधीवादी तरीका अपनाया, जिसमें पेशाबघर का उपयोग करने आए लोगों को माला पहनाकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने कंटीली झाड़ियाँ लगाकर उस पेशाबघर के रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पदाधिकारियों ने पाली नगर निगम को साफ चेतावनी दी कि शिव सेना शिंदे हिंदू आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस अति प्राचीन मंदिर के नजदीक बने पेशाबघर को जल्द से जल्द नहीं हटाया गया, तो आने वाले दिनों में एक उग्र और बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस विरोध प्रदर्शन में शिव सेना शिंदे के जिला प्रमुख तख्तसिंह सोलंकी, जिला प्रवक्ता राजू देवासी, जिला महासचिव मनोज कुमार गर्ग, जिला विभाग प्रमुख शिवदत्त सिंह lखावत, नगर प्रमुख उदय शेट्टी, उप नगर प्रमुख प्रवीण सिंह इंदा, कामगार सेना उप जिला प्रमुख केवल जी विरास, नगर संगठन प्रमुख राजू सिंह रावत, पाली तहसील प्रमुख नरपत सिंह भाटी, संयोजक जगदीश शर्मा और सह संयोजक आनन्द जी लखारा सहित अनेक प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनके अलावा तेजराज मांगलिया, मगराज पादरली, जितेन्द्र राव, रामलाल बंजारा, विशाल सिंह, ताराचन्द त्रिवेदी, किशोर भाई, चोथाराम भाटी, सरवण कुमार, हेमलता सोलंकी, बाली कंवर, सन्तोष माली, प्रियंका लखारा, लीलावती राव समेत भारी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता और आमजन भी उपस्थित थे।
- पाली रेलवे स्टेशन के पास मिलगेट पुलिस चौकी क्षेत्र में मंदिर परिसर के ठीक निकट एक पेशाब घर के निर्माण को लेकर स्थानीय निवासियों और राजनीतिक संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। शिव सेना (शिंदे गुट) - पाली ने इस निर्माण को हिंदू आस्था पर एक गहरा आघात बताते हुए इसका कड़ा विरोध दर्ज कराया है। स्थानीय नागरिकों और शिव सेना (शिंदे गुट) का कहना है कि पवित्र मंदिर परिसर के पास पेशाब घर का निर्माण धार्मिक भावनाओं और मर्यादा के पूरी तरह खिलाफ है। उनका तर्क है कि मिलगेट पुलिस चौकी और रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके में ऐसे निर्माण से आम जनता में काफी नाराजगी है। इस विरोध के चलते, शिव सेना (शिंदे गुट) और समस्त पाली निवासियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है, "मंदिर परिसर के पास पेशाब घर का निर्माण क्यों? हिंदू आस्था पर गहरी चोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन इस पेशाब घर को तत्काल यहाँ से हटाए।" स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस मामले पर ध्यान नहीं दिया और इस पेशाब घर को यहाँ से स्थानांतरित नहीं किया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जा सकता है। फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और सभी प्रशासन के अगले कदम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।1
- राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने शनिवार को भीम विधानसभा क्षेत्र के लगेतखेड़ा गांव पहुंचकर जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए शहीद अग्निवीर युवराज सिंह रावत के परिजनों से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने शहीद युवराज सिंह रावत के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि युवराज सिंह ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर पूरे राजसमंद, राजस्थान और देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति के लिए प्रेरित करता रहेगा, और मात्र 23 वर्ष की आयु में युवराज सिंह रावत ने जिस अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया, वह युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। सांसद ने परिजनों को आश्वासन दिया कि शहीद का परिवार अकेला नहीं है, बल्कि पूरा देश और समाज उनके साथ खड़ा है। उल्लेखनीय है कि लगेतखेड़ा निवासी अग्निवीर युवराज सिंह रावत ने 6 मई 2026 को जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में आतंकवादियों के विरुद्ध अभियान के दौरान वीरगति प्राप्त की थी। सैन्य परंपरा वाले परिवार से संबंध रखने वाले युवराज राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी भी रहे थे तथा उन्होंने वर्ष 2022 में भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में अपनी सेवाएँ शुरू की थीं।3
- राजसमंद सांसद श्रीमती महिमा कुमारी मेवाड़ ने 13 जून को भीम विधानसभा क्षेत्र के लगेतखेड़ा गाँव पहुंचकर शहीद अग्निवीर युवराज सिंह रावत के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। अग्निवीर युवराज सिंह रावत जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए थे। सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने शहीद के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि युवराज सिंह ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर पूरे राजसमंद, राजस्थान और देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका बलिदान देशवासियों को सदैव राष्ट्रसेवा और देशभक्ति के लिए प्रेरित करता रहेगा। सांसद ने मात्र 23 वर्ष की आयु में युवराज सिंह रावत द्वारा दिखाए गए अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया। गौरतलब है कि लगेतखेड़ा निवासी अग्निवीर युवराज सिंह रावत ने 6 मई 2026 को जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में आतंकवादियों के विरुद्ध अभियान के दौरान शहादत प्राप्त की थी। सैन्य परंपरा वाले परिवार से आने वाले युवराज राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी भी रहे थे और वर्ष 2022 में भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे। सांसद ने परिवार को यह विश्वास दिलाया कि वे अकेले नहीं हैं, बल्कि पूरा देश और समाज उनके साथ खड़ा है।1
- ब्यावर में जिला स्पेशल टीम और ब्यावर सदर थाना पुलिस ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए नकली पान मसाला बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मेडिया बस्ती में संचालित एक फैक्ट्री पर छापा मारकर लाखों रुपये का नकली माल, पैकिंग मशीनें और दो वाहन जब्त किए हैं, साथ ही चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रसिद्ध ब्रांडों के नाम पर नकली रजनीगंधा, तनसेन पान मसाला और तुलसी 00 जर्दा तैयार कर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। सूचना की पुष्टि के बाद, पुलिस ने खरीदार बनकर जांच की और फिर फैक्ट्री पर दबिश देकर पूरे अवैध कारोबार का खुलासा कर दिया। छापेमारी के दौरान, 24 हजार से अधिक नकली पाउच, भारी मात्रा में पैकिंग रोल, खाली पाउच, चार मशीनें और सप्लाई में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन बरामद किए गए। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और पूरे सप्लाई नेटवर्क की भी जांच जारी है। यह कार्रवाई इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि नकली पान मसाला और जर्दा सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे थे।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर 13 जून को सुमेरपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय विवादों में घिर गई, जब पत्रकारों ने पाली शहर की बदहाल व्यवस्थाओं पर सवाल उठा दिए। पत्रकारों ने शहर की गंदगी, सीवरेज व्यवस्था, डेंगू-मलेरिया के बढ़ते मामलों और अन्य मूलभूत समस्याओं पर सवाल पूछे, जिससे यूडीएच मंत्री और पाली जिला प्रभारी मंत्री झाबर सिंह खर्रा नाराज़ हो गए। प्रेस वार्ता का माहौल तनावपूर्ण हो गया और चर्चा के दौरान मंत्री खर्रा ने पाली को "नकारात्मक सोच" वाला जिला तक बता दिया। इस बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंत्री पत्रकारों के सवालों पर नाराज़ होते दिख रहे हैं। मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस केंद्र सरकार की 12 साल की उपलब्धियों को बताने के लिए बुलाई गई थी, और स्थानीय मुद्दों पर अलग से बात की जा सकती है। वहीं, पत्रकारों का कहना था कि जब प्रभारी मंत्री जिले में ही मौजूद हों, तो शहर की समस्याओं पर सवाल पूछना लाज़मी है। पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या मंत्री सवालों से बच रहे थे या मीडिया ने ऐसे सवाल पूछ लिए जिनका जवाब देना मुश्किल था। पाली को "नकारात्मक सोच" वाला जिला बताने पर भी स्थानीय लोगों में काफ़ी नाराज़गी है। फ़िलहाल, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- ब्यावर स्थित जिला कलेक्ट्रेट परिसर में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। "12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के" शीर्षक वाली इस प्रदर्शनी के दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहुंचकर विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। प्रदर्शनी में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, उपलब्धियों, नवाचारों तथा विकास कार्यों को आकर्षक एवं जानकारीपूर्ण ढंग से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में जलदाय विभाग, ऊर्जा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, नगर परिषद, पशुपालन विभाग, खेल विभाग, आयुर्वेद विभाग तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सहित कई विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं। आमजन ने इन स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं के बारे में जानकारी ली, जहां विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने आगंतुकों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और उनसे मिलने वाले लाभों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रदर्शनी में प्रदर्शित फोटो पैनलों, विकास कार्यों के विवरण तथा जनहितकारी कार्यक्रमों से संबंधित सामग्री ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य सरकार द्वारा पिछले 12 वर्षों में किए गए विकास कार्यों, सुशासन की पहल तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना है, ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्ति इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। प्रदर्शनी में पहुंचने वाले नागरिकों ने इसे उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए इसकी सराहना की है।1
- सुमेरपुर के तखतगढ़ कस्बे में स्थित खेडावास उद्यान लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है, जिससे यहाँ आने वाले नगरवासियों को विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से रात के समय अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के कारण उद्यान में अंधेरा छाया रहता है, जिससे सुबह-शाम टहलने और व्यायाम करने वालों को परेशानी होती है। इसके अलावा, उद्यान में लगे झूले, व्यायाम उपकरण और गमले भी क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं। स्थानीय लोगों ने उद्यान में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मगराज चौधरी, निवर्तमान उपाध्यक्ष मनोज नामा और समाजसेवी रामसिंह कांबावत ने खेडावास उद्यान का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, उद्यान परिसर में भवन के रंग-रोगन, विद्युत व्यवस्था में सुधार, क्षतिग्रस्त झूलों और व्यायाम उपकरणों की मरम्मत, तथा अन्य आवश्यक विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर चर्चा हुई। अधिशासी अधिकारी मगराज चौधरी ने बताया कि उद्यान में भवन का रंग-रोगन किया जाएगा, बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा और बीच में स्थित फव्वारे को भी जल्द शुरू कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगरवासियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर करवाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि पूर्व अधिशासी अधिकारी योगेश आचार्य के कार्यकाल में इस उद्यान का विकास कर इसे हराभरा बनाया गया था और झूले तथा व्यायाम उपकरण स्थापित किए गए थे। हाल ही में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत को भी उद्यान की समस्याओं से अवगत कराया गया था, जिसके बाद अब सुधार कार्यों में गति आने की उम्मीद बढ़ गई है।4
- Post by तारा राम तारा राम1
- जालोर शहर की इंदिरा नगर राव कॉलोनी में सीवरेज के लिए खोदे गए एक गड्ढे में शुक्रवार रात्रि को एक कार गिर गई। इस दुर्घटना में कॉलोनी निवासी डॉक्टर नितिन व्यास चोटग्रस्त हो गए। घटना की सूचना मिलने पर रात्रि में ही मोहल्लेवासी एकत्रित हो गए और उन्होंने ठेकेदार के साथ-साथ नगर परिषद के प्रति भी तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। मोहल्लेवासी भगवती देवी का कहना है कि पूरी गली को खोदकर बर्बाद कर दिया गया है, जिससे छोटे बच्चों के खड्डे में गिरने का डर हमेशा बना रहता है।4