भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने स्थानीय ग्रामीणों से सीधे संवाद कर जिलाधिकारी ने कनकई नदी पार सिंघीमारी पंचायत के सुदूरवर्ती क्षेत्रों का किया भ्रमण; कटाव, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य एवं पेयजल से जुड़ी समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश आज दिनांक 15 सितम्बर 2026 को श्री नवीन कुमार, जिला पदाधिकारी, किशनगंज द्वारा भ्रमण कार्यक्रम के दौरान दिघलबैंक प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंघीमारी के कनकई नदी के पार अवस्थित सुदूरवर्ती क्षेत्रों वार्ड संख्या 01 से 04, डाकूपाड़ा, पलसा एवं बैजनाथ पलसा का स्थलीय निरीक्षण किया गया। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने स्थानीय ग्रामीणों से सीधे संवाद कर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा मौके पर उपस्थित संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा मुख्य रूप से कनकई नदी से हो रहे कटाव, आवागमन की समस्या, ग्रामीण सड़कों एवं पुल-पुलियों की आवश्यकता, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधा, शुद्ध पेयजल, जनवितरण प्रणाली तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी गईं। विशेष रूप से वार्ड संख्या 01, 03 एवं 04 में कनकई नदी से हो रहे कटाव की गंभीर समस्या ग्रामीणों द्वारा प्रमुखता से उठाई गई। जिलाधिकारी महोदय ने इसे गंभीरता से लेते हुए मौके पर उपस्थित FCD के पदाधिकारियों को प्रभावित स्थलों का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कर आवश्यक कटावरोधी कार्य यथाशीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदी कटाव से आबादी, कृषि भूमि एवं सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि नदी पार के चारों वार्डों में आवागमन एवं आधारभूत सुविधाओं की अभी भी आवश्यकता है। डाकूपाड़ा में RWD सड़क की मरम्मत, बलुवाडांगी टोला वार्ड संख्या-04 में ग्रामीण सड़क, बैजनाथ पलसा प्राथमिक विद्यालय तक पहुंच पथ एवं तीन कलवर्ट, इंडो-नेपाल सीमा क्षेत्र में सड़क निर्माण तथा पलसा ताल टोला (आदिवासी टोला) तक पहुंच पथ में मिट्टी भराई, कलवर्ट/ह्यूम पाइप की आवश्यकता से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। जिलाधिकारी महोदय द्वारा संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को स्थलीय जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया। विद्युत व्यवस्था के संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि कुछ स्थानों पर विद्युत पोल के स्थान पर बांस के सहारे तार ले जाए गए हैं तथा कई परिवार अभी भी नियमित विद्युत सुविधा से वंचित हैं। बाढ़ के दौरान विद्युत पोल गिरने अथवा क्षतिग्रस्त होने की समस्या भी सामने आई। जिलाधिकारी महोदय ने विद्युत विभाग के अभियंताओं को पूरे क्षेत्र का सर्वे कर सुरक्षित एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा असुरक्षित विद्युत तार एवं पोल संबंधी समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने का निर्देश दिया। ग्रामीणों द्वारा नदी पार के चारों वार्डों में जनवितरण प्रणाली की दुकान नहीं होने, बाढ़ एवं वर्षा के समय राशन प्राप्त करने में कठिनाई, स्वास्थ्य सुविधा की कमी तथा शुद्ध पेयजल की समस्या भी बताई गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को इन विषयों पर व्यावहारिक एवं नियमानुकूल समाधान सुनिश्चित करने को कहा। पलसा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में आर्सेनिक मुक्त पेयजल हेतु RO व्यवस्था, बच्चों के लिए कंप्यूटर लैब तथा पलसा ताल टोला में PHED के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने से संबंधित मांगों पर भी आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित पदाधिकारियों को उन्होंने निर्देश गया। जिलाधिकारी महोदय द्वारा भ्रमण के क्रम में प्राथमिक विद्यालय डाकूपाड़ा एवं उत्क्रमित मध्य विद्यालय (UMS), पलसा का औचक निरीक्षण भी किया गया। उन्होंने विद्यालयों में पठन-पाठन, बच्चों की उपस्थिति एवं उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं की जानकारी ली तथा शिक्षकों और बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना। प्राथमिक विद्यालय डाकूपाड़ा में उन्होंने कक्षा 01 एवं 02 के बच्चों से पहाड़ा सुना। बच्चों द्वारा उत्साहपूर्वक एवं सही ढंग से पहाड़ा सुनाए जाने पर जिलाधिकारी महोदय काफी संतुष्ट दिखे तथा बच्चों एवं शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया। विद्यालय में चहारदीवारी की आवश्यकता सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं के संबंध में भी संबंधित पदाधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया गया। बैजनाथ पलसा स्थित प्राथमिक विद्यालय तक समुचित पहुंच पथ नहीं होने तथा पहुंच मार्ग पर पुलिया/कलवर्ट की आवश्यकता का मामला भी सामने आया। जिलाधिकारी महोदय ने संबंधित विभाग को स्थल निरीक्षण कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि बच्चों को विद्यालय आने-जाने में कठिनाई का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों द्वारा दुर्गीपुर स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र में चिकित्सक की नियमित उपलब्धता, वार्ड संख्या 01 से 04 के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधा, कनकई नदी पार PDS व्यवस्था, आंगनबाड़ी केंद्र में विद्युत आपूर्ति तथा भूमिहीन परिवारों को सर्वेक्षण के उपरांत नियमानुसार वासगीत पर्चा उपलब्ध कराने जैसी मांगें भी रखी गईं। जिलाधिकारी महोदय ने सभी संबंधित विभागों को प्राप्त शिकायतों एवं मांगों की जांच कर समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं नियमसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य सुदूरवर्ती एवं सीमावर्ती क्षेत्रों तक भी सरकार की योजनाओं एवं बुनियादी सुविधाओं का लाभ समान रूप से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि स्थल भ्रमण का उद्देश्य समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से समझना और संबंधित विभागों के साथ मौके पर ही उनके समाधान की प्रक्रिया को गति देना है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि भ्रमण के दौरान सामने आए विषयों को विभागवार सूचीबद्ध कर उन पर की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा की जाए तथा जनहित से जुड़े अत्यावश्यक मामलों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं हो। निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी, किशनगंज, अपर समाहर्ता (आपदा), प्रखंड विकास पदाधिकारी, दिघलबैंक, अंचलाधिकारी, दिघलबैंक सहित बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण विभाग (FCD), ग्रामीण कार्य विभाग (RWD), लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED), विद्युत विभाग के सहायक अभियंता/कनीय अभियंता तथा अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी आदि उपस्थित रहे।
भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने स्थानीय ग्रामीणों से सीधे संवाद कर जिलाधिकारी ने कनकई नदी पार सिंघीमारी पंचायत के सुदूरवर्ती क्षेत्रों का किया भ्रमण; कटाव, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य एवं पेयजल से जुड़ी समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश आज दिनांक 15 सितम्बर 2026 को श्री नवीन कुमार, जिला पदाधिकारी, किशनगंज द्वारा भ्रमण कार्यक्रम के दौरान दिघलबैंक प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंघीमारी के कनकई नदी के पार अवस्थित सुदूरवर्ती क्षेत्रों वार्ड संख्या 01 से 04, डाकूपाड़ा, पलसा एवं बैजनाथ पलसा का स्थलीय निरीक्षण किया गया। भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने स्थानीय ग्रामीणों से सीधे संवाद कर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा मौके पर उपस्थित संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा मुख्य रूप से कनकई नदी से हो रहे कटाव, आवागमन की समस्या, ग्रामीण सड़कों एवं पुल-पुलियों की आवश्यकता, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधा, शुद्ध पेयजल, जनवितरण प्रणाली तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी गईं। विशेष रूप से वार्ड संख्या 01, 03 एवं 04 में कनकई नदी से हो रहे कटाव की गंभीर समस्या ग्रामीणों द्वारा प्रमुखता से उठाई गई। जिलाधिकारी महोदय ने इसे गंभीरता से लेते हुए मौके पर उपस्थित FCD के पदाधिकारियों को प्रभावित स्थलों का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कर आवश्यक कटावरोधी कार्य यथाशीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदी कटाव से आबादी, कृषि भूमि एवं सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि नदी पार के चारों वार्डों में आवागमन एवं आधारभूत सुविधाओं की अभी भी आवश्यकता है। डाकूपाड़ा में RWD सड़क की मरम्मत, बलुवाडांगी टोला वार्ड संख्या-04 में ग्रामीण सड़क, बैजनाथ पलसा प्राथमिक विद्यालय तक पहुंच पथ एवं तीन कलवर्ट, इंडो-नेपाल सीमा क्षेत्र में सड़क निर्माण तथा पलसा ताल टोला (आदिवासी टोला) तक पहुंच पथ में मिट्टी भराई, कलवर्ट/ह्यूम पाइप की आवश्यकता से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। जिलाधिकारी महोदय द्वारा संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को स्थलीय जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया। विद्युत व्यवस्था के संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि कुछ स्थानों पर विद्युत पोल के स्थान पर बांस के सहारे तार ले जाए गए हैं तथा कई परिवार अभी भी नियमित विद्युत सुविधा से वंचित हैं। बाढ़ के दौरान विद्युत पोल गिरने अथवा क्षतिग्रस्त होने की समस्या भी सामने आई। जिलाधिकारी महोदय ने विद्युत विभाग के अभियंताओं को पूरे क्षेत्र का सर्वे कर सुरक्षित एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा असुरक्षित विद्युत तार एवं पोल संबंधी समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने का निर्देश दिया। ग्रामीणों द्वारा नदी पार के चारों वार्डों में जनवितरण प्रणाली की दुकान नहीं होने, बाढ़ एवं वर्षा के समय राशन प्राप्त करने में कठिनाई, स्वास्थ्य सुविधा की कमी तथा शुद्ध पेयजल की समस्या भी बताई गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को इन विषयों पर व्यावहारिक एवं नियमानुकूल समाधान सुनिश्चित करने को कहा। पलसा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में आर्सेनिक मुक्त पेयजल हेतु RO व्यवस्था, बच्चों के लिए कंप्यूटर लैब तथा पलसा ताल टोला में PHED के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने से संबंधित मांगों पर भी आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित पदाधिकारियों को उन्होंने निर्देश गया। जिलाधिकारी महोदय द्वारा भ्रमण के क्रम में प्राथमिक विद्यालय डाकूपाड़ा एवं उत्क्रमित मध्य विद्यालय (UMS), पलसा का औचक निरीक्षण भी किया गया। उन्होंने विद्यालयों में पठन-पाठन, बच्चों की उपस्थिति एवं उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं की जानकारी ली तथा शिक्षकों और बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना। प्राथमिक विद्यालय डाकूपाड़ा में उन्होंने कक्षा 01 एवं 02 के बच्चों से पहाड़ा सुना। बच्चों द्वारा उत्साहपूर्वक एवं सही ढंग से पहाड़ा सुनाए जाने पर जिलाधिकारी महोदय काफी संतुष्ट दिखे तथा बच्चों एवं शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया। विद्यालय में चहारदीवारी की आवश्यकता सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं के संबंध में भी संबंधित पदाधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया गया। बैजनाथ पलसा स्थित प्राथमिक विद्यालय तक समुचित पहुंच पथ नहीं होने तथा पहुंच मार्ग पर पुलिया/कलवर्ट की आवश्यकता का मामला भी सामने आया। जिलाधिकारी महोदय ने संबंधित विभाग को स्थल निरीक्षण कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि बच्चों को विद्यालय आने-जाने में कठिनाई का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों द्वारा दुर्गीपुर स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र में चिकित्सक की नियमित उपलब्धता, वार्ड संख्या 01 से 04 के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधा, कनकई नदी पार PDS व्यवस्था, आंगनबाड़ी केंद्र में विद्युत आपूर्ति तथा भूमिहीन परिवारों को सर्वेक्षण के उपरांत नियमानुसार वासगीत पर्चा उपलब्ध कराने जैसी मांगें भी रखी गईं। जिलाधिकारी महोदय ने सभी संबंधित विभागों को प्राप्त शिकायतों एवं मांगों की जांच कर समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं नियमसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य सुदूरवर्ती एवं सीमावर्ती क्षेत्रों तक भी सरकार की योजनाओं एवं बुनियादी सुविधाओं का लाभ समान रूप से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि स्थल भ्रमण का उद्देश्य समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से समझना और संबंधित विभागों के साथ मौके पर ही उनके समाधान की प्रक्रिया को गति देना है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि भ्रमण के दौरान सामने आए विषयों को विभागवार सूचीबद्ध कर उन पर की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा की जाए तथा जनहित से 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- इंज्यूरी रिपोर्ट पर सवाल, मेडिकल बोर्ड से दोबारा जांच की मांग जोकीहाट/अररिया जोकीहाट रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आदित्य कुमार पर घायल व्यक्ति की कथित रूप से गलत इंज्यूरी रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगाया गया है। दभड़ा पंचायत निवासी मंदन मंडल ने इस संबंध में अररिया एसपी और सिविल सर्जन को आवेदन देकर मामले की जांच कराने तथा मेडिकल बोर्ड गठित कर दोबारा जख्मों की जांच कराने की मांग की है।आवेदन में मंदन मंडल ने आरोप लगाया है कि उस पर धारदार दबिया से हमला किया गया था। हमले में शरीर के करीब छह स्थानों पर कटने के जख्म आए थे और वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उनका आरोप है कि इलाज के दौरान चोटों की गंभीरता के अनुरूप इंज्यूरी रिपोर्ट तैयार नहीं की गई और चोटों को साधारण (सिंपल) इंज्यूरी के रूप में दर्ज कर दिया गया।मंदन मंडल का कहना है कि आपराधिक मामलों में इंज्यूरी रिपोर्ट महत्वपूर्ण साक्ष्य होती है। इसलिए चोटों की वास्तविक स्थिति का सही तरीके से मेडिकल रिकॉर्ड में दर्ज होना जरूरी है। उन्होंने सिविल सर्जन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मेडिकल बोर्ड गठित कर जख्मों की दोबारा जांच कराने की मांग की है।इधर, जोकीहाट रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आदित्य कुमार ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि घायल की मेडिकल जांच नियमानुसार की गई थी और जांच के आधार पर ही इंज्यूरी रिपोर्ट तैयार की गई है। उन्होंने रिपोर्ट तैयार करने में किसी तरह की लापरवाही या अनियमितता के आरोप से इनकार किया।अब पीड़ित के आवेदन पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच कराई जाती है या मेडिकल बोर्ड गठित कर दोबारा मेडिकल जांच की जाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। दोबारा मेडिकल जांच होने पर चोटों की प्रकृति और पूर्व में तैयार इंज्यूरी रिपोर्ट को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।1
- kuchh Musalman Bhai aapas mein mashvara karte hue koi bhi kam Karen mashvara ke sath acche log mashvara karte hue1
- santosh Kalki Shiv Baba suandaranath dham sarakar 🏴☠️🧿🦴🦁🐯🏹🪈🔱🪓🇮🇳🪡🌺🌹🌿🐁☕🐒🐕🦺🚨🚔🕋🚓✝️🪯🕉️🐉🐢🐊🎡🪔🎠 (me santosh kumar sah. me ak antim kalki avatar. me badal chuka hu.?) panchayat. sankarpur1
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- अररिया मुफस्सिल पत्रकार मंच की बैठक में संगठन का किया गया विस्तार! | जानिए क्या है इस मंच का उद्देश्य1
- छात्रों की आवाज़ अब दबने वाली नहीं है 🔥📢 जिस मुद्दे पर छात्र एकजुट हों, उस आवाज़ को सुनना ही पड़ेगा। ✊ आवाज़ उठाओ • सच के साथ खड़े रहो ❤️ Like | 🔄 Share | ➕ Follow1