बर्दी छात्रावास में बच्चों की थाली पर नहीं रहता भोजन! जांच के आश्वासन के बाद भी कार्रवाई का इंतजार सिंगरौली - चितरंगी तहसील के ग्राम बर्दी स्थित राजा शंकर शाह रघुनाथ शाह शासकीय बालक छात्रावास में भोजन व्यवस्था को लेकर छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद अब विभागीय कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। छात्रों ने छात्रावास अधीक्षक संजय गुप्ता पर निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन एवं सामग्री उपलब्ध नहीं कराने तथा शिकायत करने पर कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज करने के आरोप लगाए थे। शिकायत सामने आने के बाद सहायक आयुक्त एवं जिला संयोजक, जनजातीय कार्य विभाग रेखा पांचाल ने जांच कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन करीब 10 दिन बाद भी जांच का निष्कर्ष सामने नहीं आया है। मामला सीधे छात्रावास में रहने वाले बच्चों के भोजन, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ा होने के कारण विभागीय स्तर पर कार्रवाई में हो रही देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री मध्यप्रदेश शासन -श्रीमती राधा सिंह के चितरंगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले इस छात्रावास के छात्रों का आरोप है कि छात्रावास में दाल, सब्जी, चावल और रोटी तो उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन दाल और सब्जी में पानी की मात्रा अधिक रहती है। इसके अलावा मीनू में निर्धारित भुना चना, तला चना, मुरमुरे और विशेष डाइट जैसी सामग्री नियमित रूप से नहीं दिए जाने की बात भी छात्रों ने कही है। छात्रों के इन आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में विभागीय जांच के दौरान मीनू के अनुसार निर्धारित सामग्री, वास्तविक वितरण और उपलब्ध स्टॉक का मिलान किया जाना जरूरी है। छात्रों ने अधीक्षक संजय गुप्ता पर भोजन व्यवस्था को लेकर सवाल करने और शिकायत करने पर कथित तौर पर गाली-गलौज एवं अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया है। आरोप गंभीर हैं, इसलिए छात्रों के बयान स्वतंत्र रूप से दर्ज कर पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच किए जाने की जरूरत है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार व्यक्ति पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए और यदि आरोप गलत पाए जाते हैं तो जांच के माध्यम से स्थिति भी स्पष्ट की जानी चाहिए। छात्रों के अनुसार, भोजन व्यवस्था को लेकर सवाल किए जाने पर कथित तौर पर यह कहा गया कि ‘पैसा नहीं आता, अपनी जेब से खर्च कर बच्चों को खाना खिलाते हैं।’ इस दावे की भी जांच जरूरी है। विभाग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रावास के भोजन के लिए कितनी राशि स्वीकृत और जारी हुई, कितना खाद्यान्न खरीदा गया, किस मद में कितना भुगतान हुआ और स्टॉक में वर्तमान में कितनी सामग्री उपलब्ध है। स्टॉक रजिस्टर, खरीद बिल, भुगतान रिकॉर्ड और मीनू का मिलान कर वास्तविक स्थिति आसानी से सामने लाई जा सकती है। सहायक आयुक्त द्वारा जांच का आश्वासन दिए जाने के बावजूद करीब 10 दिन बीतने के बाद भी कार्रवाई का स्पष्ट परिणाम सामने नहीं आने से छात्रों और अभिभावकों के बीच सवाल उठना स्वाभाविक है। मामले में किसी अधिकारी या कर्मचारी को दोषी ठहराने से पहले निष्पक्ष जांच जरूरी है, लेकिन जांच शुरू होने में ही लंबा समय लगना भी चिंता का विषय है। खासकर तब, जब शिकायत छात्रावास में रहने वाले बच्चों की भोजन व्यवस्था से जुड़ी हो। मामले की हकीकत जानने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा छात्रावास का औचक निरीक्षण कराया जाना सबसे प्रभावी कदम हो सकता है। निरीक्षण के दौरान छात्रों को परोसे जा रहे भोजन, मीनू, स्टॉक रजिस्टर, खाद्यान्न की उपलब्धता, खरीद बिल और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच की जानी चाहिए। इसके साथ ही छात्रों से अलग-अलग बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए जाएं, ताकि बिना किसी दबाव के वास्तविक स्थिति सामने आ सके। .......
बर्दी छात्रावास में बच्चों की थाली पर नहीं रहता भोजन! जांच के आश्वासन के बाद भी कार्रवाई का इंतजार सिंगरौली - चितरंगी तहसील के ग्राम बर्दी स्थित राजा शंकर शाह रघुनाथ शाह शासकीय बालक छात्रावास में भोजन व्यवस्था को लेकर छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद अब विभागीय कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। छात्रों ने छात्रावास अधीक्षक संजय गुप्ता पर निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन एवं सामग्री उपलब्ध नहीं कराने तथा शिकायत करने पर कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज करने के आरोप लगाए थे। शिकायत सामने आने के बाद सहायक आयुक्त एवं जिला संयोजक, जनजातीय कार्य विभाग रेखा पांचाल ने जांच कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन करीब 10 दिन बाद भी जांच का निष्कर्ष सामने नहीं आया है। मामला सीधे छात्रावास में रहने वाले बच्चों के भोजन, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ा होने के कारण विभागीय स्तर पर कार्रवाई में हो रही देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री मध्यप्रदेश शासन -श्रीमती राधा सिंह के चितरंगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले इस छात्रावास के छात्रों का आरोप है कि छात्रावास में दाल, सब्जी, चावल और रोटी तो उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन दाल और सब्जी में पानी की मात्रा अधिक रहती है। इसके अलावा मीनू में निर्धारित भुना चना, तला चना, मुरमुरे और विशेष डाइट जैसी सामग्री नियमित रूप से नहीं दिए जाने की बात भी छात्रों ने कही है। छात्रों के इन आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में विभागीय जांच के दौरान मीनू के अनुसार निर्धारित सामग्री, वास्तविक वितरण और उपलब्ध स्टॉक का मिलान किया जाना जरूरी है। छात्रों ने अधीक्षक संजय गुप्ता पर भोजन व्यवस्था को लेकर सवाल करने और शिकायत करने पर कथित तौर पर गाली-गलौज एवं अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया है। आरोप गंभीर
हैं, इसलिए छात्रों के बयान स्वतंत्र रूप से दर्ज कर पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच किए जाने की जरूरत है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार व्यक्ति पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए और यदि आरोप गलत पाए जाते हैं तो जांच के माध्यम से स्थिति भी स्पष्ट की जानी चाहिए। छात्रों के अनुसार, भोजन व्यवस्था को लेकर सवाल किए जाने पर कथित तौर पर यह कहा गया कि ‘पैसा नहीं आता, अपनी जेब से खर्च कर बच्चों को खाना खिलाते हैं।’ इस दावे की भी जांच जरूरी है। विभाग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रावास के भोजन के लिए कितनी राशि स्वीकृत और जारी हुई, कितना खाद्यान्न खरीदा गया, किस मद में कितना भुगतान हुआ और स्टॉक में वर्तमान में कितनी सामग्री उपलब्ध है। स्टॉक रजिस्टर, खरीद बिल, भुगतान रिकॉर्ड और मीनू का मिलान कर वास्तविक स्थिति आसानी से सामने लाई जा सकती है। सहायक आयुक्त द्वारा जांच का आश्वासन दिए जाने के बावजूद करीब 10 दिन बीतने के बाद भी कार्रवाई का स्पष्ट परिणाम सामने नहीं आने से छात्रों और अभिभावकों के बीच सवाल उठना स्वाभाविक है। मामले में किसी अधिकारी या कर्मचारी को दोषी ठहराने से पहले निष्पक्ष जांच जरूरी है, लेकिन जांच शुरू होने में ही लंबा समय लगना भी चिंता का विषय है। खासकर तब, जब शिकायत छात्रावास में रहने वाले बच्चों की भोजन व्यवस्था से जुड़ी हो। मामले की हकीकत जानने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा छात्रावास का औचक निरीक्षण कराया जाना सबसे प्रभावी कदम हो सकता है। निरीक्षण के दौरान छात्रों को परोसे जा रहे भोजन, मीनू, स्टॉक रजिस्टर, खाद्यान्न की उपलब्धता, खरीद बिल और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच की जानी चाहिए। इसके साथ ही छात्रों से अलग-अलग बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए जाएं, ताकि बिना किसी दबाव के वास्तविक स्थिति सामने आ सके। .......
- राखी के पवित्र धागे में जुड़ा स्नेह और विश्वास, छात्राओं ने एसपी षियाज के.एम. को बांधी राखी सिंगरौली। रक्षाबंधन के अवसर पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने पुलिस अधीक्षक षियाज के.एम. को राखी बांधकर पर्व मनाया। छात्राओं ने तिलक लगाकर उनके स्वस्थ एवं सफल जीवन की कामना की। पुलिस अधीक्षक ने छात्राओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन स्नेह के साथ विश्वास, सम्मान और सुरक्षा की भावना को मजबूत करता है। इस अवसर पर यातायात थाना प्रभारी सूबेदार आशीष तिवारी सहित पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।4
- बच्चों के बीच पहुंचकर अपनापन महसूस किया, पुस्तक, फल और जरूरत की सामग्री की भेंट सिंगरौली। समृद्धि सोशल एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट फाउंडेशन सिंगरौली की टीम ने खुला बालिका आश्रय गृह पहुंचकर वहां निवासरत बच्चों से मुलाकात की और उनके साथ समय बिताया। इस दौरान संस्था की ओर से बच्चों को पुस्तकें, फल एवं जरूरत की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। समृद्धि सोशल एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट फाउंडेशन की टीम के आश्रय गृह पहुंचने पर बच्चों ने उत्साह के साथ सभी का स्वागत किया। टीम के सदस्यों ने बच्चों से बातचीत कर उनकी दिनचर्या, पढ़ाई तथा रहन-सहन की जानकारी ली। बच्चों के बीच पहुंचकर टीम के सदस्यों ने उनके रहने और आपसी व्यवहार को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की तथा कहा कि यहां बच्चों के बीच उन्हें अपनापन महसूस हुआ। टीम के सदस्यों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बच्चे देश और समाज का भविष्य हैं। इनके बेहतर भविष्य के लिए सहयोग करना हम सभी का सामाजिक दायित्व है। बच्चों को शिक्षा और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने से उनके सपनों को नई दिशा मिल सकती है। संस्था की टीम ने कहा कि यह उनका पहला प्रयास नहीं बल्कि बच्चों के साथ निरंतर जुड़ाव बनाए रखने की पहल है। भविष्य में भी आश्रय गृह में आकर बच्चों से मुलाकात की जाएगी और उनकी जरूरत के अनुसार हर संभव सहयोग प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा। टीम ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर, जिला भिंड में आयोजित गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड की नवीन विनिर्माण इकाई का शुभारंभ कार्यक्रम .1
- 🚨 ब्रेकिंग: सोनभद्र महंगाई के विरोध में सपा का अनोखा प्रदर्शन! 🧅🍬 स्वर्ण जयंती चौक पर सपा नेता प्रमोद यादव के नेतृत्व में प्याज-चीनी की आरती उतारकर उन्हें दूल्हा-दुल्हन बनाकर बारात निकाली गई। प्रदर्शनकारियों ने बढ़ती कीमतों पर सवाल उठाते हुए कहा—“बहुत हुई महंगाई की मार, नहीं चाहिए भाजपा सरकार। Brajesh Pathak Yogi Adityanath Akhilesh Yadav #Sonbhadra #SamajwadiParty #महंगाई1
- ओबरा डैम का खोला गया गेट नंबर 8: क्षेत्राधिकारी व थाना प्रभारी ने रात में खुद कमान संभालकर ग्रामीणों को कराया सतर्क ओबरा (सोनभद्र)। लगातार हो रही वर्षा और कैचमेंट एरिया से पानी की भारी आवक के कारण ओबरा बांध का जलस्तर निर्धारित मानक से ऊपर पहुंच गया। बांध की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन द्वारा देर रात 2:20 बजे गेट नंबर 8 को 3 फीट खोल दिया गया, जो 12 घंटे बाद भी लगातार खुला हुआ है। बांध से पानी छोड़े जाने के कारण रेणु और सोन नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। पुलिस अधिकारियों ने देर रात धरातल पर संभाली कमान जिलाधिकारी श्री चंद्रचित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा के सख्त अलर्ट और निर्देशों के अनुपालन में पुलिस की टीम धरातल पर उतर आई। क्षेत्राधिकारी (सीओ) प्रभात राय और थाना प्रभारी सदानंद राय ने पुलिस बल के साथ देर रात ही तटीय ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर खुद कमान संभाली। पुलिस की गाड़ियों के सायरन, ह्यूटर और लाउडस्पीकर के जरिए गांव-गांव मुनादी कराई गई। क्षेत्राधिकारी प्रभात राय व थाना प्रभारी सदानंद राय ने ग्रामीणों को सख्त निर्देश दिए कि नदी किनारे स्थित अपने पशुओं, मवेशियों और कीमती सामान को समय रहते तत्काल सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर पहुंचा दें, ताकि जलस्तर बढ़ने पर किसी प्रकार की जन-धन की हानि न हो। इन इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की हिदायत रेणु नदी के माध्यम से पानी सोन नदी में प्रवाहित होने के कारण तटवर्ती क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। प्रभावित होने वाले प्रमुख गांव: चंचलिया पनारी (गुडूर टोला व चकाड़ी टोला), खेवंधा, बिल्ली मारकुण्डी (खैरटिया), बर्दीया, महलपुर, गोठानी और सिंदुरिया। संवेदनशील थाना क्षेत्र: ओबरा, चोपन और जुगैल थाना अंतर्गत आने वाले सभी तटीय आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन की आमजन से अपील नदी, जलाशय के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटों, घाटों व निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से न जाएं। बच्चों और बुजुर्गों को नदी-नालों और जलाशयों के पास बिल्कुल न जाने दें। अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करें। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ धरातल पर तैनात है।2
- ओबरा बाँध के जलस्तर पर अलर्ट, तटवर्ती गांवों में सतर्कता गेट खोले जाने की स्थिति में सोन नदी तक पहुंचेगा पानी, प्रशासन ने ग्रामीणों से नदी से दूर रहने की अपील की सोनभद्र, 26 अगस्त। वर्षा ऋतु में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने ओबरा बाँध के जलस्तर पर निगरानी और बढ़ा दी है। बाँध का पूर्ण जलस्तर (FRL) 193.24 मीटर निर्धारित है। अधिक वर्षा होने पर बाँध की सुरक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर गेट खोले जा सकते हैं। प्रशासन के अनुसार, गेट खोले जाने की स्थिति में पानी रेणु नदी के रास्ते करीब 11 किलोमीटर की दूरी तय कर सोन नदी में प्रवाहित होगा। इसे देखते हुए तटवर्ती इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने चकाड़ी, गुरुच, महलपुर, गोठानी, खैरटीया, वर्दिया और सिन्दुरिया गांवों के नागरिकों से अपील की है कि वे नदी, नालों और जलप्रवाह वाले क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और किसी भी स्थिति में जोखिम न उठाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपदवासियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाँध के जलस्तर और संभावित स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन की अपील के बाद तटवर्ती गांवों में भी सतर्कता बढ़ गई है।1
- ओबरा में गूंजा बारावफात का जश्न, हजारों की भीड़ के साथ निकला भव्य जुलूस ओबरा/सोनभद्र। बारावफात के अवसर पर बुधवार को ओबरा आदर्श नगर पंचायत क्षेत्र में इन्तजामिया कमेटी के नेतृत्व में मुस्लिम समुदाय द्वारा भव्य जुलूस निकाला गया। भलुआ टोला, मिल्लत नगर एवं नूरी मस्जिद से शुरू हुआ जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बाजार पहुंचा। डीजे की धुन पर लोग झूमते-थिरकते नजर आए। जुलूस में बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने उत्साह के साथ भाग लिया। आयोजकों के अनुसार जुलूस में करीब दो हजार लोगों के शामिल होने की बात बताई गई। बारावफात के मौके पर निकले इस जुलूस को लेकर पूरे नगर में उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोग बड़ी संख्या में जुलूस में शामिल होकर आगे बढ़ते रहे। जुलूस के दौरान लोगों में खासा उत्साह नजर आया तथा नगर की सड़कों पर बारावफात के जुलूस की रौनक देखने को मिली। इस दौरान आयोजन को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए इन्तजामिया कमेटी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार सक्रिय रहे। जुलूस में ओबरा अध्यक्ष प्रतिनिधि, इन्तजामिया कमेटी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। जुलूस के दौरान नगर में लोगों की भारी भीड़ के चलते पुलिस-प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ओबरा थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ जुलूस के मार्ग पर मौजूद रहे और पूरी स्थिति पर नजर बनाए रखी। इसके अलावा एलआईयू टीम भी सक्रिय रही तथा जुलूस से जुड़ी गतिविधियों की लगातार निगरानी करती रही। पुलिस टीम द्वारा जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात व्यवस्था एवं शांति बनाए रखने को लेकर लगातार निगरानी की गई। पुलिस अधिकारियों ने जुलूस के मार्ग पर मौजूद रहकर स्थिति का जायजा लिया और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए आवश्यक सतर्कता बरती। वहीं कमेटी के पदाधिकारियों ने भी लोगों से शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से जुलूस में शामिल होने की अपील की। बारावफात के अवसर पर निकला यह भव्य जुलूस शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता देखने को मिली। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस-प्रशासन और इन्तजामिया कमेटी के बीच समन्वय नजर आया। ओबरा नगर में निकले इस जुलूस ने आपसी भाईचारे, सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश दिया।1
- सिंगरौली: नगर निगम की फायर ब्रिगेड से विधायक रामनिवास शाह की इनोवा कार धुलवाने का मामला सामने आने के बाद विधायक रामनिवास शाह ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। सिंगरौली: नगर निगम की फायर ब्रिगेड से विधायक रामनिवास शाह की इनोवा कार धुलवाने का मामला सामने आने के बाद विधायक रामनिवास शाह ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है।1