पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के ढेलवा गांव से शनिवार शाम लापता हुए 11 वर्षीय अनुष्का कुमारी और 10 वर्षीय आरुश कुमार नामक भाई-बहन आखिरकार सकुशल बरामद कर लिए गए हैं। शनिवार की शाम को दोनों बच्चे अपने घर से स्कूल बैग, कॉपी और किताबों के साथ निकले थे, जिसके बाद वे लापता हो गए। बच्चों के अचानक गायब होने से उनकी मां खुशबू देवी का रो-रोकर बुरा हाल था और उन्होंने रामकृष्ण नगर थाना में इसकी सूचना देकर बच्चों की बरामदगी की गुहार लगाई थी। बताया गया कि दोनों बच्चे घर से काफी दूर भूपतिपुर इलाके में पहुँच गए थे, जहाँ एक महिला ने उन्हें रोता-बिलखता देखकर अपने पास रख लिया और उनकी देखभाल की। सोमवार की सुबह Shuru News App सहित अन्य न्यूज पोर्टलों और सोशल मीडिया पर बच्चों के लापता होने की खबर प्रसारित होने के बाद स्थानीय लोगों की नजर उन पर पड़ी। तत्काल परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद परिवार के सदस्य मौके पर पहुँचे और दोनों बच्चों को सुरक्षित अपने साथ घर ले आए। बच्चों के घर लौटने के बाद उनकी मां खुशबू देवी ने राहत की सांस ली। परिजनों ने बच्चों के सुरक्षित मिल जाने पर स्थानीय लोगों, मीडिया और सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि समय पर प्रसारित की गई खबरें और आम लोगों की सतर्कता कई परिवारों को बड़ी परेशानी से बचा सकती है।
पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के ढेलवा गांव से शनिवार शाम लापता हुए 11 वर्षीय अनुष्का कुमारी और 10 वर्षीय आरुश कुमार नामक भाई-बहन आखिरकार सकुशल बरामद कर लिए गए हैं। शनिवार की शाम को दोनों बच्चे अपने घर से स्कूल बैग, कॉपी और किताबों के साथ निकले थे, जिसके बाद वे लापता हो गए। बच्चों के अचानक गायब होने से उनकी मां खुशबू देवी का रो-रोकर बुरा हाल था और उन्होंने रामकृष्ण नगर थाना में इसकी सूचना देकर बच्चों की बरामदगी की गुहार लगाई थी। बताया गया कि दोनों बच्चे घर से काफी दूर भूपतिपुर इलाके में पहुँच गए थे, जहाँ एक महिला ने उन्हें रोता-बिलखता देखकर अपने पास रख लिया और उनकी देखभाल की। सोमवार की सुबह Shuru News App सहित अन्य न्यूज पोर्टलों और सोशल मीडिया पर बच्चों के लापता होने की खबर प्रसारित होने के बाद स्थानीय लोगों की नजर उन पर पड़ी। तत्काल परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद परिवार के सदस्य मौके पर पहुँचे और दोनों बच्चों को सुरक्षित अपने साथ घर ले आए। बच्चों के घर लौटने के बाद उनकी मां खुशबू देवी ने राहत की सांस ली। परिजनों ने बच्चों के सुरक्षित मिल जाने पर स्थानीय लोगों, मीडिया और सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि समय पर प्रसारित की गई खबरें और आम लोगों की सतर्कता कई परिवारों को बड़ी परेशानी से बचा सकती है।
- पटना जंक्शन से सामने आए एक वायरल वीडियो में इंक्वायरी काउंटर पर तैनात एक रेलवे कर्मचारी अपनी कुर्सी पर आराम करता हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि कई यात्री जानकारी प्राप्त करने के लिए उसके सामने खड़े नजर आ रहे थे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने रेलवे सेवाओं की गुणवत्ता और कर्मचारियों की जवाबदेही के संबंध में एक नई बहस छेड़ दी है।1
- सोनहर स्थित शाक्य मुनि बुद्ध बिहार में BLCP ITS टीम का आगमन हुआ। इस दौरान टीम के सदस्य ITS अशोक सम्राट के साथ वहाँ मौजूद थे।1
- री-NEET 2026 परीक्षा के दौरान बिहार के लखीसराय में एक बड़े कथित सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह असली अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा में बैठाने के लिए ₹30 लाख से ₹40 लाख तक की मोटी रकम की डील करता था। इस मामले में अब तक कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 5 मेडिकल छात्र भी शामिल हैं। इन गिरफ्तार मेडिकल छात्रों में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) का एक छात्र भी बताया जा रहा है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और इस फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पटना जिले के दनियावां स्थित भाजपा मंडल कार्यालय में एक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंडल अध्यक्ष रवि प्रकाश की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन किए और नियमित रूप से योग का अभ्यास करने का संकल्प लिया। इस दौरान, समाजसेवी दिलीप कुमार ने योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है। दिलीप कुमार ने उपस्थित लोगों से एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करने की अपील की। कार्यक्रम में भाजपा महामंत्री श्योराम शर्मा, दिनेश कुमार, संजय कुमार, रणधीर कुमार, मनोज कुमार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी उपस्थित लोगों ने समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया।4
- मुखियाजी रिपोर्टर ने मीडिया टीवी नाइन भारतवर्ष के एक वीडियो न्यूज की सराहना करते हुए उसे 'अच्छा' बताया है, और Shuru App के पाठकों को इसे देखने की सलाह दी है। इस वीडियो न्यूज के माध्यम से यह सवाल उठाया गया है कि धरती पर संभावित संकट कहां आ सकता है, और NASA इस आफत को टालने के लिए क्या करेगा।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में योग किया।1
- बिहार में पीएमसीएच को राज्य सरकार की सबसे बड़ी नाकामी बताया गया है, जहाँ अंदर प्रेस को जाने की अनुमति नहीं है। पोस्ट के अनुसार, मरीज अस्पताल के भीतर की नाकामियों को वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर उजागर कर रहे हैं, जबकि सरकार केवल दावे करती है। यह आरोप लगाया गया है कि पीएमसीएच में इलाज ऐसे ही होता है, जिसका एक उदाहरण यह है कि मरीजों को कैसे पानी चढ़ाया जाता है।1
- पटना के नौबतपुर में दो सगी बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें एक तिलक समारोह में डांस कार्यक्रम के बहाने गांव बुलाया गया था, जहां आरोपियों ने उनके साथ रात भर दुष्कर्म किया। घटना के बाद, नौबतपुर थाने में मुन्ना कुमार, सूरज कुमार और भानु कुमार सहित कुल 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिनमें तीन नामजद हैं, और पुलिस गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। पीड़िताएं झारखंड के लातेहार जिले की रहने वाली हैं और वर्तमान में पटना के मीठापुर इलाके में किराए के मकान में रहती थीं। पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार, यह घटना 18 जून की है। कार्यक्रम की बुकिंग भेलुरा रामपुर निवासी मुन्ना कुमार ने 8 हजार रुपए में की थी। आरोप है कि मुन्ना कुमार दोनों बहनों को मीठापुर से स्कूटी पर बैठाकर अपने गांव ले गया। कार्यक्रम स्थल पर ले जाने के बजाय, उसने अपने चचेरे भाई सूरज, भानु कुमार और अन्य युवकों के साथ मिलकर उन्हें जबरन एक सुनसान जगह पर ले जाकर बंधक बना लिया। पीड़िताओं का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर बारी-बारी से पूरी रात दुष्कर्म किया। जब उन्होंने भागने की कोशिश की, तो उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। अगली सुबह, 19 जून को, आरोपी दोनों बहनों को एक गाड़ी से वापस छोड़ने ले जा रहे थे। जब वाहन फुलवारीशरीफ इलाके में पहुंचा, तो युवतियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसे सुनकर स्थानीय लोग जुट गए और डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। डायल-112 की पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर युवतियों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और उन्हें फुलवारीशरीफ थाने ले गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए नौबतपुर पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद नौबतपुर थाना की टीम पीड़िताओं को अपने साथ लेकर नौबतपुर थाने चली गई। फुलवारीशरीफ के एसडीपीओ-2 दीपक कुमार ने घटनास्थल का मुआयना किया, और एफएसएल की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। नौबतपुर थानाध्यक्ष मंजीत कुमार ठाकुर ने बताया कि कुल 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।1