मुज़फ्फरनगर! स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय (सरकारी अस्पताल) के बाहर एंट्री मार्ग के सौंदर्यीकरण कार्य को आखिरकार हरी झंडी मिल गई है। लंबे समय से लंबित पड़े इस कार्य को लेकर मरीजों और तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब शासन के निर्देशों के बाद सौंदर्यीकरण का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर अव्यवस्था, जाम और अवैध पार्किंग जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई थीं। सौंदर्यीकरण कार्य के पूर्ण होने के बाद न सिर्फ अस्पताल की बाहरी छवि बेहतर होगी, बल्कि मरीजों, एंबुलेंस और आम नागरिकों की आवाजाही भी सुगम हो सकेगी। स्थानीय लोगों और अस्पताल आने वाले मरीजों ने इस पहल को राहतभरी बताते हुए शासन और प्रशासन के निर्णय का स्वागत किया है। उम्मीद की जा रही है कि कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा होगा और वर्षों से चली आ रही अव्यवस्थाओं से स्थायी निजात मिलेगी।
मुज़फ्फरनगर! स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय (सरकारी अस्पताल) के बाहर एंट्री मार्ग के सौंदर्यीकरण कार्य को आखिरकार हरी झंडी मिल गई है। लंबे समय से लंबित पड़े इस कार्य को लेकर मरीजों और तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब शासन के निर्देशों के बाद सौंदर्यीकरण का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर अव्यवस्था, जाम और अवैध पार्किंग जैसी समस्याएं लगातार बनी हुई थीं। सौंदर्यीकरण कार्य के पूर्ण होने के बाद न सिर्फ अस्पताल की बाहरी छवि बेहतर होगी, बल्कि मरीजों, एंबुलेंस और आम नागरिकों की आवाजाही भी सुगम हो सकेगी। स्थानीय लोगों और अस्पताल आने वाले मरीजों ने इस पहल को राहतभरी बताते हुए शासन और प्रशासन के निर्णय का स्वागत किया है। उम्मीद की जा रही है कि कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा होगा और वर्षों से चली आ रही अव्यवस्थाओं से स्थायी निजात मिलेगी।
- राष्ट्रीय महिला एकता संगठन1
- मुज़फ्फरनगर | बड़ी दुर्घटना को दे रहा न्योता जर्जर बिजली का खंभा जनपद मुज़फ्फरनगर के शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत शहाबुद्दीनपुर रोड पर विद्युत विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य के बीचों-बीच एक बिजली का खंभा जर्जर अवस्था में खड़ा है, जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार उक्त खंभा काफी समय से टूट-फूट की हालत में है, बावजूद इसके विद्युत विभाग ने इसकी सुध लेना जरूरी नहीं समझा। इसी खंभे से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन गुजर रही है, जिससे राहगीरों और आसपास के निवासियों में भय का माहौल बना हुआ है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विद्युत विभाग ने आंखें मूंद रखी हैं। यदि समय रहते इस जर्जर खंभे को नहीं हटाया गया या स्थानांतरित नहीं किया गया, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि तत्काल मौके का निरीक्षण कर खतरनाक स्थिति को दूर किया जाए, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।1
- मीरापुर पुलिस ने एक किसान के नलकूप से सोलर प्लेट चोरी के मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा, एसपी देहात आदित्य बंसल और सीओ जानसठ रूपाली राय के निर्देश पर मीरापुर थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव शर्मा के नेतृत्व में की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव शर्मा ने बताया कि यह घटना क्षेत्र के गांव चुड़ियाला, कुतुबपुर के जंगल में हुई थी। अज्ञात चोरों ने किसान सुखबीर पुत्र फत्तू को बंधक बनाकर उनके नलकूप से सरकारी सोलर पैनल प्लेट चोरी कर ली थी। किसान की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कुतुबपुर-सोहजनी मार्ग पर चेकिंग के दौरान इन चारों चोरों को गिरफ्तार किया। उनके पास से चोरी की गई सोलर प्लेट, एक तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। यह सोलर प्लेट पास के गन्ने के खेत में छिपाई गई थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजा पुत्र मदनपाल (ग्राम मवई, थाना बलेनी, जनपद बागपत), रमनदीप पुत्र यशपाल (ग्राम कुतुबपुर, थाना मीरापुर), मोनू पुत्र मंसाराम (ग्राम मीरपुर, थाना बहसूमा, जनपद मेरठ) और कपिल पुत्र जयभगवान (ग्राम डांडूपुर, थाना फलावदा, मेरठ) के रूप में हुई है3
- रतनपुरी क्षेत्र के सड़कों की दुर्दशा जनप्रतिनिधि लापता रियावली नंगला नसीरपुर क्षेत्र के पिछले लगभग 10 12 साल से पहले एक पल का निर्माण हुआ था जहां पर एक सड़क भी बनी हुई थी इस वक्त सड़क की जो हालात है बहुत ज्यादा खराब है क्षेत्र वालों को आना-जाना है यह सड़क दो जिलों की सीमा पर है दो जनपदों को जोड़ती है मेरठ वाया मुजफ्फरनगर जिस पर हजारों राहगीरों का आना जाना है क्षेत्र वासियों का कहना है कि जनप्रतिनिधि बार-बार कहने के बावजूद भी कोई संज्ञान नहीं लेते ग्राम प्रधान रेवाली नगला गुलजार अली हुसैनाबाद भनबाडा प्रधान पति उस्मान अली पितलोकर प्रधान पति मुजम्मिल आदि का कहना है कि हमने कई बार अवगत कराया लेकिन कोई आश्वासन नहीं थे जल्द से जल्द समाधान की मांग करते हैं अगर समाधान नहीं हुआ तो हम क्षेत्रवासियों को लेकर उच्च अधिकारियों का घेराव करेंगे1
- Post by Meerhasan Rana1
- YG किंग गैंग का सरगना गिरफ्तार इंस्टाग्राम पर चलाते थे अवैध हथियारों का कारोबार1
- मुज़फ्फरनगर | कांग्रेस पदाधिकारियों ने शुरू की एकदिवसीय भूख हड़ताल! मुज़फ्फरनगर में कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा रविवार को कचेहरी गेट स्थित बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर प्रांगण मे एकदिवसीय भूख हड़ताल की शुरुआत की गई। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मजदूरों के हित में चलाई जा रही महत्त्वाकांक्षी योजना मनरेगा का नाम बदला जाना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रति अशोभनीय है। कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना है कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के विचारों और ग्रामीण भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। योजना के नाम में परिवर्तन से गांधीजी के योगदान का अपमान हुआ है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। भूख हड़ताल के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की कि मनरेगा योजना को पुनः उसी नाम से लागू किया जाए और मजदूरों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- सड़क घोटाला प्रकरण में आरटीआई कार्यकर्ता सुमित मलिक की बड़ी जीत। सिंचाई विभाग ने नए सिरे से तारकोल की सड़क बनाने का काम किया शुरु।1
- मारपीट के बाद धक्का देकर घायल करने का आरोप जनपद मुजफ्फरनगर के मीरापुर क़स्बा के मौहल्ला सरफपुरा निवासी बंटी ने बताया कि वह मुजफ्फरनगर मीरापुर लाइन पर एक प्राइवेट बस पर हेल्परी का काम करता है रोज की भाती वह बस में सवारी लेकर मुजफ्फरनगर की और जा रहा था गाड़ी में किराया मागने पर बस में बैठे गुड्डू निवासी गांव कुतुबपुर ने किराया देने से मना करने मारपीट कर दी और गाड़ी में खड़े बंटी को धक्का देकर नीचे गिरा दिया जिसमे वह गंभीर रूप से घायल हो गया है ख़बर लिखें जानें तक थाने में कोई तहरीर नहीं दी गई थी1