जनपद इटावा तहसील भरथना में हुआ संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन *सभी प्रकरणों को अनिवार्य रूप से एक सप्ताह के भीतर निस्तारित करा दिया जाये- जिलाधिकारी* इटावा। जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में तहसील भरथना में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। उन्होंने प्राप्त शिकायतों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण सम्बंधित कर्मचारियों के साथ मौके पर जाकर शिकायतकर्ता का पक्ष सुनते हुए उसका निस्तारण करना सुनिश्चित करें। सम्पूर्ण समाधान दिवस में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रकरणों की गंभीरता से जांच की जाये साथ ही जबाबदेह लोगों के विरूद्ध कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि जब भी अधिकारीगण गावों के भ्रमण पर जाये अपने विभाग से संबंधित योजनाओं का मौके पर सत्यापन करें तथा लाभार्थियों का फीडबैक भी लें। तहसील भरथना में विभिन्न संदर्भों से संबंधित कुल 52 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुये, जिसमें मौके पर 05 शिकायतों का निस्तारण किया गया शेष संबंधित अधिकारियों को प्राप्त कराकर जल्द निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में सबसे अधिक जमीन से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई। उन्होने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि एक सप्ताह से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के निस्तारण में विलम्ब के कारण का भी उल्लेख किया जाये, साथ ही सभी प्रकरणों को अनिवार्य रूप से एक सप्ताह के भीतर निस्तारित करा दिया जाये। संपूर्ण समाधान दिवस में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस विभाग से संबंधित मामलों की सुनवाई की। उन्होंने थानाध्यक्षों को निर्देश दिये कि प्रत्येक मामले में मौके पर जाकर कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस में जन सुनवाई के दौरान समस्याएं प्राप्त होती है उनका निस्तारण शासन स्तर से समस्याओं के निस्तारण के संबंध में समस्या ग्रस्त व्यक्ति से फीडबैक भी लिया जा रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए निस्तारण गुणवत्तापूर्ण कराया जाए। उक्त अवसर पर उप जिलाधिकारी काव्य सी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 ब्रजेन्द्र कुमार, आई0ए0एस0 कोमल पुनिया, क्षेत्राधिकारी भरथना, तहसीलदार सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
जनपद इटावा तहसील भरथना में हुआ संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन *सभी प्रकरणों को अनिवार्य रूप से एक सप्ताह के भीतर निस्तारित करा दिया जाये- जिलाधिकारी* इटावा। जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में तहसील भरथना में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। उन्होंने प्राप्त शिकायतों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण सम्बंधित कर्मचारियों के साथ मौके पर जाकर शिकायतकर्ता का पक्ष सुनते हुए उसका निस्तारण करना सुनिश्चित करें। सम्पूर्ण समाधान दिवस में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रकरणों की गंभीरता से जांच की जाये साथ ही जबाबदेह लोगों के विरूद्ध कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि जब भी अधिकारीगण गावों के भ्रमण पर जाये अपने विभाग से संबंधित योजनाओं का मौके पर सत्यापन करें तथा लाभार्थियों का फीडबैक भी लें। तहसील भरथना में विभिन्न संदर्भों से संबंधित कुल 52 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुये, जिसमें मौके पर 05 शिकायतों का निस्तारण किया गया शेष संबंधित अधिकारियों को प्राप्त कराकर जल्द निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में सबसे अधिक जमीन से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई। उन्होने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि एक सप्ताह से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के निस्तारण में विलम्ब के कारण का भी उल्लेख किया जाये, साथ ही सभी प्रकरणों को अनिवार्य रूप से एक सप्ताह के भीतर निस्तारित करा दिया जाये। संपूर्ण समाधान दिवस में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस विभाग से संबंधित मामलों की सुनवाई की। उन्होंने थानाध्यक्षों को निर्देश दिये कि प्रत्येक मामले में मौके पर जाकर कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस में जन सुनवाई के दौरान समस्याएं प्राप्त होती है उनका निस्तारण शासन स्तर से समस्याओं के निस्तारण के संबंध में समस्या ग्रस्त व्यक्ति से फीडबैक भी लिया जा रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए निस्तारण गुणवत्तापूर्ण कराया जाए। उक्त अवसर पर उप जिलाधिकारी काव्य सी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 ब्रजेन्द्र कुमार, आई0ए0एस0 कोमल पुनिया, क्षेत्राधिकारी भरथना, तहसीलदार सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
- मौलाना जर्जिस ने दिया विवादित बयान, शिव भक्तों में भारी रोष। इटावा: -मौलाना जरजिस का एक और वीडियो वायरल, मौलाना ने भगवान शंकर को लेकर दिया विवादित बयान, मौलाना ने कहा खतना तो शंकर जी का सबसे पहले हुआ था, ब्रह्मा जी ने भगवान शंकर का खतना किया था, मौलाना के विवादित बयान की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल, सावन के महीने में भगवान शंकर के खिलाफ विवादित बयान की वीडियो देखकर शिव भक्तों में आक्रोश।1
- तहसील दिवस पर भरथना तहसील में मौजूद रहे डीएम और एसएसपी इटावा: तहसील दिवस पर जिलाधिकारी शुभ्रांत शुक्ला और एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने भरथना तहसील में मौजूद रहकर फरियादियो की समस्याओं को सुनकर उनका निस्तारण किया।1
- शौचालय खुलने के बावजूद लगा रहता है ताला, ग्रामीणों में नाराजगी इटावा महेवा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बम्होरा हिमायूंपुर के मजरा टिलीटिला में सार्वजनिक शौचालय होने के बावजूद ग्रामीणों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शौचालय का निर्माण और उद्घाटन होने के बाद भी अधिकांश समय उसके मुख्य गेट पर ताला लगा रहता है, जिससे लोगों को मजबूरी में खुले में शौच जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि शौचालय को नियमित रूप से खुलवाया जाए तथा उसकी साफ-सफाई और रखरखाव की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकार की इस योजना का लाभ आम जनता तक पहुंच सके। यदि ग्रामीणों की शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।2
- *अजीतमल: चकरोड पर दबंगों का कब्जा* *हबिलिया में जलभराव: चकमार्ग 136 पर अवैध कब्जे का आरोप* *अजीतमल: चकरोड पर दबंगों का कब्जा* *हबिलिया में जलभराव: चकमार्ग 136 पर अवैध कब्जे का आरोप* औरैया जनपद के अजीतमल तहसील के मौजा रहमापुर के ग्राम हबिलिया में चकरोड पर अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही बृजेन्द्र सिंह पुत्र सिंह राम, उमाशंकर, रामसिंह और पंकज पुत्र साधूराम ने दबंगई से चकमार्ग संख्या 136 पर दीवार खड़ी कर दी है। आरोपियों पर आरोप है कि रास्ता जाम करने से गांव का पानी निकल नहीं पा रहा है। बरसात में जलभराव से ग्रामीण परेशान हैं। जब ग्रामीणों ने पानी निकासी के लिए नाली बनाने की बात की तो उन्हें धमकी भी दी गई। पीड़ितों ने DM से मांग की है कि चकमार्ग को कब्जा मुक्त कराया जाए, जल निकासी के लिए नाली का निर्माण कराया जाए और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।"4
- यह घटना बेहद निंदनीय है। मैं इसकी घोर निंदा करता हूँ। 16 किसी भी परिस्थिति में वाहन चालक के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं हो सकता। उत्तर प्रदेश पुलिस से मांग है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1