विद्यार्थी विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का भविष्य हैं : मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार शहडोल : 24 अगस्त, 2026 भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने आज लखनऊ में "चुनावी साक्षरता क्लब (ईएलसी 2.0) और ईसीआईएनईटी" पर दूसरा क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन का उद्देश्य युवा नागरिकों के बीच चुनावी साक्षरता और लोकतांत्रिक जागरूकता को मजबूत करना है। उत्तर प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों और शिक्षकों सहित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, विद्यार्थियों को राष्ट्र का भविष्य बताते हुए, मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनावी प्रक्रियाओं के ज्ञान और समझ को आगे बढ़ाने और लोकतंत्र को समृद्ध करने के लिए चुनावी परिषदें अनिवार्य हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने बताया कि भारत में चुनाव संविधान, कानून और चुनाव आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार ही कराए जाते हैं और राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों की समवर्ती लेखापरीक्षा के तहत सभी चरणों में पारदर्शिता के साथ संचालित होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों और युवा मतदाताओं को भारत की चुनावी प्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना प्रक्रियाओं तथा भारतीय चुनाव आयोग की भूमिका और कार्यप्रणाली से परिचित कराने की आवश्यकता पर बल दिया। युवा नागरिकों की भागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए, मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में उनका विश्वास और सूचित भागीदारी लोकतंत्र के भविष्य में एक निवेश है। ईएलसी 2.0, जिसका ताना "लोकतंत्र सीखें। लोकतंत्र का नेतृत्व करें।" है, युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को न केवल लोकतंत्र को समझने के लिए बल्कि सार्थक रूप से भाग लेने और इसकी प्रगति में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य को सुदृढ़ करता है। श्री ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को अपने पुराने विद्यालय, कोल्विन तालुकदार कॉलेज का दौरा किया और वहां के शिक्षकों और छात्रों से बातचीत की। कल, दौरे के दूसरे दिन मुख्य आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार उत्तर प्रदेश के बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के साथ बातचीत करेंगे। ईएलसी 2.0 चुनावी साक्षरता क्लबों को स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में संरचित, दृश्यमान और डिजिटल रूप से सक्षम प्लेटफार्मों के रूप में पुनर्परिभाषित करता है। इस पहल में युवा नागरिकों के बीच चुनावी साक्षरता और उनके परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों और समुदायों में चुनावी जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर, वर्ष भर चलने वाली गतिविधियों की परिकल्पना की गई है। ईएलसी 2.0 व्यापक ईसीआईएनईटी डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ उठाएगा, जो एक बटन के क्लिक पर नामांकन से लेकर मतदान तक सभी चुनाव संबंधी सेवाएं प्रदान करता है। ईसीआईएनईटी पर एक समर्पित ईएलसी पोर्टल का उपयोग करके ईएलसी का एक सुव्यवस्थित अखिल भारतीय नेटवर्क विकसित किया जाएगा। भारत के विशाल शैक्षिक तंत्र को देखते हुए यह पहल महत्वपूर्ण है, जिसमें लगभग 15 लाख स्कूल, लगभग 25 करोड़ विद्यार्थी और एक करोड़ से अधिक शिक्षक शामिल हैं। उच्च शिक्षा क्षेत्र में लगभग 1,500 विश्वविद्यालय और लगभग 70,000 शिक्षण संस्थान हैं, जिनमें अनुमानित 4.33 करोड़ छात्र नामांकित हैं। इस व्यापक संस्थागत नेटवर्क के माध्यम से, ईएलसी 2.0 तथ्यात्मक और अनुभवात्मक चुनावी शिक्षा को बढ़ावा देना चाहता है, भारत की चुनावी प्रणाली की पारदर्शिता, अखंडता और विश्वसनीयता के बारे में जागरूकता बढ़ाना चाहता है, और युवा नागरिकों को सूचित लोकतांत्रिक भागीदारी के राजदूत बनने के लिए प्रोत्साहित करना चाहता है। ईएलसी (इलेक्ट्रॉनिक लीगल सेंटर) चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न चरणों, जिनमें चुनावी पंजीकरण, मतदान और मतगणना शामिल हैं, के बारे में जानकारी प्रसारित करने के लिए मंच के रूप में भी काम करेंगे, साथ ही ईसीआईएनईटी ऐप और भारत निर्वाचन आयोग की अन्य प्रमुख पहलों के माध्यम से भी जानकारी प्रसारित करेंगे।
विद्यार्थी विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का भविष्य हैं : मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार शहडोल : 24 अगस्त, 2026 भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने आज लखनऊ में "चुनावी साक्षरता क्लब (ईएलसी 2.0) और ईसीआईएनईटी" पर दूसरा क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन का उद्देश्य युवा नागरिकों के बीच चुनावी साक्षरता और लोकतांत्रिक जागरूकता को मजबूत करना है। उत्तर प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों और शिक्षकों सहित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, विद्यार्थियों को राष्ट्र का भविष्य बताते हुए, मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनावी प्रक्रियाओं के ज्ञान और समझ को आगे बढ़ाने और लोकतंत्र को समृद्ध करने के लिए चुनावी परिषदें अनिवार्य हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने बताया कि भारत में चुनाव संविधान, कानून और चुनाव आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार ही कराए जाते हैं और राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों की समवर्ती लेखापरीक्षा के तहत सभी चरणों में पारदर्शिता के साथ संचालित होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों और युवा मतदाताओं को भारत की चुनावी प्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना प्रक्रियाओं तथा भारतीय चुनाव आयोग की भूमिका और कार्यप्रणाली से परिचित कराने की आवश्यकता पर बल दिया। युवा नागरिकों की भागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए, मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में उनका विश्वास और सूचित भागीदारी लोकतंत्र के भविष्य में एक निवेश है। ईएलसी 2.0, जिसका ताना "लोकतंत्र सीखें। लोकतंत्र का नेतृत्व करें।" है, युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को न केवल लोकतंत्र को समझने के लिए बल्कि सार्थक रूप से भाग लेने और इसकी प्रगति में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य को सुदृढ़ करता है। श्री ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को अपने पुराने विद्यालय, कोल्विन तालुकदार कॉलेज का दौरा किया और वहां के शिक्षकों और छात्रों से बातचीत की। कल, दौरे के दूसरे दिन मुख्य आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार उत्तर प्रदेश के बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के साथ बातचीत करेंगे। ईएलसी 2.0 चुनावी साक्षरता क्लबों को स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में संरचित, दृश्यमान और डिजिटल रूप से सक्षम प्लेटफार्मों के रूप में पुनर्परिभाषित करता है। इस पहल में युवा नागरिकों के बीच चुनावी साक्षरता और उनके परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों और समुदायों में चुनावी जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर, वर्ष भर चलने वाली गतिविधियों की परिकल्पना की गई है। ईएलसी 2.0 व्यापक ईसीआईएनईटी डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ उठाएगा, जो एक बटन के क्लिक पर नामांकन से लेकर मतदान तक सभी चुनाव संबंधी सेवाएं प्रदान करता है। ईसीआईएनईटी पर एक समर्पित ईएलसी पोर्टल का उपयोग करके ईएलसी का एक सुव्यवस्थित अखिल भारतीय नेटवर्क विकसित किया जाएगा। भारत के विशाल शैक्षिक तंत्र को देखते हुए यह पहल महत्वपूर्ण है, जिसमें लगभग 15 लाख स्कूल, लगभग 25 करोड़ विद्यार्थी और एक करोड़ से अधिक शिक्षक शामिल हैं। उच्च शिक्षा क्षेत्र में लगभग 1,500 विश्वविद्यालय और लगभग 70,000 शिक्षण संस्थान हैं, जिनमें अनुमानित 4.33 करोड़ छात्र नामांकित हैं। इस व्यापक संस्थागत नेटवर्क के माध्यम से, ईएलसी 2.0 तथ्यात्मक और अनुभवात्मक चुनावी शिक्षा को बढ़ावा देना चाहता है, भारत की चुनावी प्रणाली की पारदर्शिता, अखंडता और विश्वसनीयता के बारे में जागरूकता बढ़ाना चाहता है, और युवा नागरिकों को सूचित लोकतांत्रिक भागीदारी के राजदूत बनने के लिए प्रोत्साहित करना चाहता है। ईएलसी (इलेक्ट्रॉनिक लीगल सेंटर) चुनावी प्रक्रिया के विभिन्न चरणों, जिनमें चुनावी पंजीकरण, मतदान और मतगणना शामिल हैं, के बारे में जानकारी प्रसारित करने के लिए मंच के रूप में भी काम करेंगे, साथ ही ईसीआईएनईटी ऐप और भारत निर्वाचन आयोग की अन्य प्रमुख पहलों के माध्यम से भी जानकारी प्रसारित करेंगे।
- 💥 *बड़ी खबर* 💥 *अवैध रेत परिवहन में सलग्न डग्गी द्वारा दो गौवंश को रौँदकर सड़क के किनारे फंसा प्रशाशनिक संरक्षण में चल रहा रेत का अवैध काला कारोबार* 📢📢📢📢📢📢📢📢 *जिला मुख्यालय शहडोल से लगभग दस किमी. दूर शहडोल रीवा मार्ग पर ग्राम निपनिया में वन रक्षक नाका के पास 26/08/2026के भोर में सूत्रों ने बताया कि नरवार कुवंरसेजा से रेत का अवैध कारोबार करने वाली डग्गी लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क के किनारे बैठे गौवंश को जोरदार टक्कर मारकर खुद सड़क के किनारे फ़स गई l* *रेत का अवैध परिवहन करने वाले लोंगो के द्वारा तुरंत डग्गी को निकाल कर चलता बने गौवंश सड़क के किनारे अभी भी पड़े हैं* *सूत्रों ने यह बताया कि वन विभाग और खनिज विभाग के संरक्षण में ये रेत का कारोबार चल रहा है यदि ग्रामीण कोई इस अवैध रेत के परिवहन के बारे में बोलते हैं तो उन्हें तरह तरह की धमकियाँ दी जाती हैं* एक तरफ जिला प्रशासन भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का दम भरता है दूसरी ओर जिला मुख्यालय के नाक के नीचे खनिज सम्पदा का इस तरह प्रशासनिक संरक्षण में दोहन होना प्रशासन के मुहं में करारा तमाचा है जिससे लाखों रूपये प्रतिदिन के राजस्व की हानि हो रही है l 💥💥💥💥💥💥💥 💥 *बड़ी खबर* 💥 *अवैध रेत परिवहन में सलग्न डग्गी द्वारा दो गौवंश को रौँदकर सड़क के किनारे फंसा प्रशाशनिक संरक्षण में चल रहा रेत का अवैध काला कारोबार* 📢📢📢📢📢📢📢📢 *जिला मुख्यालय शहडोल से लगभग दस किमी. दूर शहडोल रीवा मार्ग पर ग्राम निपनिया में वन रक्षक नाका के पास 26/08/2026के भोर में सूत्रों ने बताया कि नरवार कुवंरसेजा से रेत का अवैध कारोबार करने वाली डग्गी लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क के किनारे बैठे गौवंश को जोरदार टक्कर मारकर खुद सड़क के किनारे फ़स गई l* *रेत का अवैध परिवहन करने वाले लोंगो के द्वारा तुरंत डग्गी को निकाल कर चलता बने गौवंश सड़क के किनारे अभी भी पड़े हैं* *सूत्रों ने यह बताया कि वन विभाग और खनिज विभाग के संरक्षण में ये रेत का कारोबार चल रहा है यदि ग्रामीण कोई इस अवैध रेत के परिवहन के बारे में बोलते हैं तो उन्हें तरह तरह की धमकियाँ दी जाती हैं* एक तरफ जिला प्रशासन भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का दम भरता है दूसरी ओर जिला मुख्यालय के नाक के नीचे खनिज सम्पदा का इस तरह प्रशासनिक संरक्षण में दोहन होना प्रशासन के मुहं में करारा तमाचा है जिससे लाखों रूपये प्रतिदिन के राजस्व की हानि हो रही है l 💥💥💥💥💥💥💥1
- अनूपपुर: रामनगर में चोरी का पर्दाफाश, आमाडांड के दो युवक गिरफ्तार, बाइक सहित चोरी का सामान जप्त अनूपपुर / रामनगर। पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मरकाम एवं एसडीओपी कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के मार्गदर्शन में थाना रामनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने घर की बाड़ी में हुई चोरी का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गया पूरा माल बरामद कर लिया है। मामला इस प्रकार है - फरियादी श्याम कुमार चौहान, निवासी ग्राम आमाडांड ने थाना रामनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 13 अगस्त 2026 की दरमियानी रात अज्ञात चोरों द्वारा उसके घर के पीछे बाड़ी में लगा सबमर्सिबल पम्प, स्टार्टर, बिजली का तार एवं पाइप चोरी कर लिया गया है। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 25,000 रुपये आंकी गई थी। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना रामनगर में अपराध क्रमांक 246/26 धारा 302(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। गिरफ्तार आरोपी - चरण प्रसाद केवट पिता रामनाथ केवट, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम आमाडांड ललित केवट पिता लोकनाथ केवट, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम आमाडांड आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी गया सबमर्सिबल पम्प, स्टार्टर, बिजली का तार, पाइप एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक MP 65 MA 9026 को बरामद कर जप्त किया है। उक्त कार्रवाई थाना प्रभारी श्री सुमित कौशिक के नेतृत्व में गठित टीम के स.उ.नि. विनोद नाहर एवं आरक्षक मुमताज द्वारा की गई।2
- नगर पालिका की सफाई व्यवस्था पर फावड़े की चोट, पार्षद बोले- जब अमला नहीं जागा तो खुद संभाला मोर्चा पाली। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 2 में सफाई व्यवस्था को लेकर अब सियासत गरमाने लगी है। इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। वीडियो में वार्ड के पार्षद एवं नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश पटेल युवाओं और वार्डवासियों के साथ हाथों में फावड़ा लेकर खुद सफाई करते नजर आ रहे हैं। शिकायतों के बाद भी नहीं हुई सफाई बताया जा रहा है कि वार्ड क्रमांक 2 में कई दिनों से नियमित साफ-सफाई नहीं हुई थी। गंदगी और कचरे से परेशान वार्डवासियों ने नगर पालिका के जिम्मेदारों को कई बार इसकी जानकारी दी। इसके बावजूद जब सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो लोगों का धैर्य जवाब दे गया। इसके बाद वार्डवासियों ने खुद सफाई का जिम्मा उठाया। उनके साथ नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश पटेल भी फावड़ा लेकर मैदान में उतर गए। वीडियो में कई युवा भी उनके साथ सफाई करते दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। उपाध्यक्ष ने नगर पालिका पर साधा निशाना नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश पटेल ने कहा कि वार्ड में सफाई को लेकर कई बार नगर पालिका से आग्रह किया गया, लेकिन जिम्मेदारों ने इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई। जब शिकायतों के बाद भी सफाई नहीं हुई तो वार्डवासियों के साथ खुद सफाई करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और आम लोगों को सफाई के लिए फावड़ा उठाना पड़े, यह नगर पालिका की व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर पालिका की जिम्मेदारी है। कांग्रेस ने भी खोला मोर्चा मामले में पाली ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रवि मिश्रा ने भी नगर पालिका पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वार्ड क्रमांक 2 नगर पालिका क्षेत्र का हिस्सा है और वहां सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका की है। इसके लिए किसी राजनीतिक खींचतान की जरूरत नहीं होनी चाहिए। रवि मिश्रा ने कहा कि यदि नगर पालिका अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाती है तो कांग्रेस कार्यकर्ता खुद वार्ड में जाकर सफाई करेंगे और इसकी जिम्मेदारी उठाएंगे। वायरल वीडियो ने अब सफाई व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सवाल यह है कि जब सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका की है, तो आखिर जनप्रतिनिधियों और वार्डवासियों को खुद फावड़ा क्यों उठाना पड़ा?4
- जिले करकेली ब्लॉक के बड़ागाव विद्यालय की बढ़ी सस्मया"बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े इन सवालों पर प्रशासन की कार्रवाई अब सबसे बड़ा इंतजार है। मध्यप्रदेश उमरिया जिले में इन दिनों सरकार के सिस्ट्म का पोल खोलता नजर आ रहा है बता दे कि जिले के करकेली ब्लॉक के ग्राम पंचायत बड़ागांव में बदहाल सड़क स्कूल की टपकती छत और शिक्षकों की कथित लापरवाही के खिलाफ छात्र छात्राओं व ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। छात्र छात्राओं अभिभावकों सहित ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय में जोरदार रैली निकाली। हाथों में तख्तियां और जुबां पर नारे लेकर छात्र छात्राओं का हुजूम कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में स्कूल तक पहुंचने वाला रास्ता कीचड़ के दलदल में बदल जाता है। बच्चों को इसी जोखिम भरे रास्ते से होकर स्कूल पहुंचने की मजबूरी बनी हुई है। वहीं स्कूल की छत से पानी टपकने के कारण कक्षाओं में पढ़ाई भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। शिक्षकों की कार्यप्रणाली को लेकर भी छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने गंभीर सवाल उठाए। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से समस्याएं बताने के बावजूद जिम्मेदारों ने अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। आक्रोशित छात्रों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण स्कूल भवन की मरम्मत और शिक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग की। छात्र छात्राओं सहित ग्रामीणों ने दो टूक कहा अब आश्वासन नहीं समस्याओं का धरातल पर समाधान चाहिए। बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े इन सवालों पर प्रशासन की कार्रवाई अब सबसे बड़ा इंतजार है।2
- कबाड़ की झूठी शिकायत कर खाकी को बदनाम करने की साजिश कपड़ा व्यापारी गुलाम लेमन का षड्यंत्र जल्द होगा उजागर1
- **उमरिया जिले में किसानों महाआंदोलन की तैयारी** **9 सितंबर से घेरा डालो डेरा डालो महाआंदोलन** भारतीय किसान संघ उमरिया द्वारा 21 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन को विभिन्न समस्याओं को लेकर खासकर पाली क्षेत्र में खुलने वाली नई 9 प्राइवेट कॉलरी खदान खनिज खदानों की अनुमित्ताओं को लेकर जिला प्रशासन को कोयले की पोटली के साथ ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था जिसमें 30 दोनों का समय किया गया था लेकिन 30 दिन पूर्व होने के उपरांत भी किसानों की समस्याओं की तरफ कोई पहल नहीं किया गया । **खनिज क्षेत्र बैठक की सूचना नहीं** विगत 25 अगस्त 2026 को कमिश्नर एवं कलेक्टर उमरिया में कई खदानों के साथ बैठक की किंतु दुर्भाग्यवश किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया और ना ही किसानों को सम्मिलित किया गया **9 सितंबर से घेरा डालो डेरा डालो महाआंदोलन** किसानों के द्वारा प्रशासन को 30 दोनों का समय दिया गया था जो की समाप्त हो चुका है और उसके उपरांत किसान संगठन ने 9 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है, जिस क्रम में 9 सितंबर को घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन के तहत शहडोल घुनघुटी नेशनल हाईवे राजमार्ग को पूर्णता बंद किया जाएगा, आंदोलन अनिश्चितकालीन बढ़ाने पर उमरिया जिले की सातों तहसील राजमार्गों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा एवं उमरिया जिले के आने जाने वाले समस्त रास्ते रेल मार्ग में प्रदर्शन किया जाएगा, इसकी पूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी ।3
- लोकेशन जिला उमरिया*जिले के समस्त महाविद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था ठप* *कॉलेज बस संचालन की मांग बढ़े बस किराए से छात्र-छात्राएं परेशान* *भारी छात्र-छात्राओं के साथ NSUI ने सौंपा ज्ञापन, जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा—शिक्षकों की कमी से लेकर भवन और मूलभूत सुविधाओं तक बदहाल व्यवस्था से हो रहे परेशान*3
- सीएम हेल्पलाइन में सभी विभाग ए ग्रेड में आना सुनिश्चित करें- कलेक्टर === आवेदनों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करें तथा गलत जवाब नहीं भरें === कलेक्टर ने की सीएम हेल्पलाइन एवं समय-सीमा पत्रों की समीक्षा ==== 50 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश ==== सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा कार्यपालन यंत्री विद्युत मण्डल का वेतन रोकने एवं भवन निर्माण मण्डल के प्रबंधक को एक दिन अवैतनिक करने के दिए निर्देश शहडोल 24 अगस्त 2026- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में आयोजित बैठक में सीएम हेल्पलाइन एवं समय-सीमा के लंबित पत्रों की विभागवार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 100 दिवस या उससे अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बी, सी एवं डी ग्रेड में आने वाले विभाग प्रकरणों के निराकरण करने में तेजी लाएं तथा ए गेड में आना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने वाणिज्यककर विभाग, लोक निर्माण विभाग, जनजातीय कार्य विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने कहा कि जिन विभागों में 50 दिवस से अधिक समय से शिकायतें लंबित हैं, उनके विभाग प्रमुख स्वयं नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें तथा शिकायतों के निराकरण संबंधी जवाब एल-1 अधिकारी के माध्यम से अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी शिकायत अनअटेंडेड नहीं रहनी चाहिए तथा प्रत्येक शिकायत का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा कार्यपालन यंत्री विद्युत मण्डल का वेतन रोकने एवं भवन निर्माण मण्डल के प्रबंधक को एक दिन अवैतनिक करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने समय-सीमा के पत्रों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारी आकांक्षा पोर्टल में एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से जवाब दर्ज कराएं। इसी तरह सीएम हाउस मॉनिट, सीएम मॉनिट तथा विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों का जवाब समय-सीमा में प्रस्तुत किया जाए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, श्रीमती मिनिषा पाण्डेय, एसडीएम जयसिंहनगर सुश्री काजोल सिंह, एसडीएम श्रीमती अमृता गर्ग, एसडीएम ब्योहारी सुश्री अर्चना मिश्रा, एसडीएम जैतपुर श्री दीपक मंडावी, डिप्टी कलेक्टर श्री भागीरथी लहरे, श्रीमती अन्तोनिआ एक्का, श्री अंकित ऊके सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। सीएम हेल्पलाइन में सभी विभाग ए ग्रेड में आना सुनिश्चित करें- कलेक्टर === आवेदनों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करें तथा गलत जवाब नहीं भरें === कलेक्टर ने की सीएम हेल्पलाइन एवं समय-सीमा पत्रों की समीक्षा ==== 50 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश ==== सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा कार्यपालन यंत्री विद्युत मण्डल का वेतन रोकने एवं भवन निर्माण मण्डल के प्रबंधक को एक दिन अवैतनिक करने के दिए निर्देश शहडोल 24 अगस्त 2026- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में आयोजित बैठक में सीएम हेल्पलाइन एवं समय-सीमा के लंबित पत्रों की विभागवार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 100 दिवस या उससे अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बी, सी एवं डी ग्रेड में आने वाले विभाग प्रकरणों के निराकरण करने में तेजी लाएं तथा ए गेड में आना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने वाणिज्यककर विभाग, लोक निर्माण विभाग, जनजातीय कार्य विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने कहा कि जिन विभागों में 50 दिवस से अधिक समय से शिकायतें लंबित हैं, उनके विभाग प्रमुख स्वयं नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें तथा शिकायतों के निराकरण संबंधी जवाब एल-1 अधिकारी के माध्यम से अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी शिकायत अनअटेंडेड नहीं रहनी चाहिए तथा प्रत्येक शिकायत का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा कार्यपालन यंत्री विद्युत मण्डल का वेतन रोकने एवं भवन निर्माण मण्डल के प्रबंधक को एक दिन अवैतनिक करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने समय-सीमा के पत्रों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारी आकांक्षा पोर्टल में एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से जवाब दर्ज कराएं। इसी तरह सीएम हाउस मॉनिट, सीएम मॉनिट तथा विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों का जवाब समय-सीमा में प्रस्तुत किया जाए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, श्रीमती मिनिषा पाण्डेय, एसडीएम जयसिंहनगर सुश्री काजोल सिंह, एसडीएम श्रीमती अमृता गर्ग, एसडीएम ब्योहारी सुश्री अर्चना मिश्रा, एसडीएम जैतपुर श्री दीपक मंडावी, डिप्टी कलेक्टर श्री भागीरथी लहरे, श्रीमती अन्तोनिआ एक्का, श्री अंकित ऊके सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।1