आज राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा के तत्वावधान में तामिया में किसानों का एक विशाल 'किसान महाआंदोलन' आयोजित किया गया, जहाँ क्षेत्र की समस्याओं और किसानों की लंबित मांगों को लेकर भारी संख्या में किसानों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलन के उपरांत मोर्चा के पदाधिकारियों और किसानों ने तहसील मुख्यालय पहुँचकर तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा। सुबह से ही तामिया बस स्टैंड पर सैकड़ों किसान एकत्रित होना शुरू हो गए थे, जहाँ जनसभा को संबोधित करते हुए मोर्चा के मुख्य पदाधिकारियों ने कहा कि अन्नदाता कर्ज, खाद की किल्लत और फसलों के उचित दाम न मिलने के कारण बदहाली के कगार पर है, लेकिन प्रशासन मौन है। सभा के बाद किसानों ने तहसील मुख्यालय तक विशाल पैदल मार्च निकाला, जिसके दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। ज्ञापन में फसलों के उचित मुआवजे (बेमौसम बारिश और कीटों से बर्बाद हुई फसलों के त्वरित सर्वे के बाद), सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी, आगामी सीजन के लिए समितियों में यूरिया और डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर कालाबाजारी रोकने, तथा छोटे और सीमांत किसानों के कृषि ऋण की पूर्ण माफी जैसी मुख्य माँगें उठाई गईं। ज्ञापन स्वीकार करने के बाद तहसीलदार ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी माँगें तत्काल उच्च अधिकारियों और सरकार तक पहुँचाई जाएंगी। वहीं, राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर इन मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो मोर्चा पूरे प्रदेश में उग्र चक्का जाम और अनिश्चितकालीन धरने के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस महाआंदोलन में राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देव रावेन भलावी जी, महा सचिव प्रवीण धुर्वे जी, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष संदीप इनवती, आजाद अनवर कुरेशी, नोमान खान कादरी, सत्यम सोनी, सावन धुर्वे सहित सैकड़ों स्थानीय किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।
आज राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा के तत्वावधान में तामिया में किसानों का एक विशाल 'किसान महाआंदोलन' आयोजित किया गया, जहाँ क्षेत्र की समस्याओं और किसानों की लंबित मांगों को लेकर भारी संख्या में किसानों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलन के उपरांत मोर्चा के पदाधिकारियों और किसानों ने तहसील मुख्यालय पहुँचकर तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा। सुबह से ही तामिया बस स्टैंड पर सैकड़ों किसान एकत्रित होना शुरू हो गए थे, जहाँ जनसभा को संबोधित करते हुए मोर्चा के मुख्य पदाधिकारियों ने कहा कि अन्नदाता कर्ज, खाद की किल्लत और फसलों के उचित दाम न मिलने के कारण बदहाली के कगार पर है, लेकिन प्रशासन मौन है। सभा के बाद किसानों ने तहसील मुख्यालय तक विशाल पैदल मार्च निकाला, जिसके दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। ज्ञापन में फसलों के उचित मुआवजे (बेमौसम बारिश और कीटों से बर्बाद हुई फसलों के त्वरित सर्वे के बाद), सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी, आगामी सीजन के लिए समितियों में यूरिया और डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर कालाबाजारी रोकने, तथा छोटे और सीमांत किसानों के कृषि ऋण की पूर्ण माफी जैसी मुख्य माँगें उठाई गईं। ज्ञापन स्वीकार करने के बाद तहसीलदार ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी माँगें तत्काल उच्च अधिकारियों और सरकार तक पहुँचाई जाएंगी। वहीं, राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर इन मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो मोर्चा पूरे प्रदेश में उग्र चक्का जाम और अनिश्चितकालीन धरने के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस महाआंदोलन में राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देव रावेन भलावी जी, महा सचिव प्रवीण धुर्वे जी, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष संदीप इनवती, आजाद अनवर कुरेशी, नोमान खान कादरी, सत्यम सोनी, सावन धुर्वे सहित सैकड़ों स्थानीय किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।
- दिड़बा में ठेका कर्मचारी संघर्ष मोर्चा द्वारा लगातार धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। मोर्चे के सदस्यों ने अपने परिवारों के साथ मिलकर शहर में एक रोष मार्च भी निकाला है।1
- ग्वालियर कलेक्ट्रेट में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने वहां के तहसीलदार और पटवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला कर्मचारी के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया, अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। कलेक्ट्रेट में चपरासी के पद पर कार्यरत पीड़ित महिला नेहा शर्मा अब न्याय पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।1
- तेंदूखेड़ा में एक टायर की दुकान में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। इस अग्निकांड के कारण दुकान में रखा हुआ सारा सामान जलकर राख हो गया।1
- मध्य प्रदेश शासन के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित तीसरी बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई।1
- मध्य प्रदेश के सारनी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के एक बयान पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। अपनी इसी नाराजगी के चलते कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया।1
- बोरदेही रेलवे स्टेशन पर एक युवक की चलती पेंचवली एक्सप्रेस ट्रेन से खींचकर हत्या कर दी गई है। इस सनसनीखेज वारदात ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।2
- नरसिंहपुर के गाडरवारा में अल्प प्रवास पर आए पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के 'दो कौड़ी के बयान' पर तीखा पलटवार किया है। अजय सिंह ने मुख्यमंत्री के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर रहते हुए मोहन यादव के लिए इस तरह के बयान देना शोभा नहीं देता। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस कथन को गैर जिम्मेदाराना बयान करार दिया।1
- प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए एक बयान को लेकर कांग्रेस ने आमला के जनपद चौक पर गांधीवादी तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के बयान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया।1
- नरसिंहपुर जिले के करेली नगर में सेवादल जिला अध्यक्ष अतुल चौरसिया का उनके प्रथम नगर आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर नगर कांग्रेस ने अतुल चौरसिया का गर्मजोशी से स्वागत किया।1