उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद द्वारा बिजली बिलों पर 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार लगाए जाने के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने बस्ती में शुक्रवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग की गई है कि इस बढ़ोतरी को तत्काल वापस लिया जाए। व्यापारियों का कहना है कि बीच सत्र में इस तरह की वृद्धि से उद्योग जगत और आम जनता पर महंगाई का बोझ पड़ेगा, जिसका प्रतिकूल प्रभाव आम उपभोक्ताओं के साथ ही व्यापार पर भी पड़ेगा। प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बस्ती मंडल अध्यक्ष डॉ. हरिमूर्ति सिंह ‘मनोज’ ने आरोप लगाया कि जून माह से लागू किए गए इस अधिभार को लगाने से पहले विद्युत नियामक आयोग से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई। प्रदेश उपाध्यक्ष परमात्मा प्रसाद मद्धेशिया ने इस बढ़ोतरी को उपभोक्ताओं पर 'दोहरी मार' बताया, क्योंकि औद्योगिक और घरेलू बिलों में पहले से ही फिक्स चार्ज वसूला जा रहा है। प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीत पांडेय ने वाणिज्यिक (एलएमवी-2) श्रेणी के बिलों में फिक्स चार्ज और मिनिमम चार्ज दोनों के पहले से लागू होने की बात कही, जबकि जिला महामंत्री आलोक दुबे ने घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक बिलों में 7.5 प्रतिशत इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी भी जोड़े जाने की जानकारी दी। जिला संगठन महामंत्री भरत राम गुप्ता ‘बबलू’ ने तर्क दिया कि विद्युत नियामक आयोग हर साल उत्पादन और खर्चों की समीक्षा के बाद सुनवाई कर दरों का निर्धारण करता है, ऐसे में बीच सत्र में अचानक दरों में वृद्धि करना अनुचित है। जिला कोषाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने इस अचानक बढ़ोतरी को गलत परंपरा की शुरुआत बताते हुए आगाह किया कि इसका सीधा असर महंगाई के रूप में आम जनता को भुगतना पड़ेगा। नगर अध्यक्ष राणा महेंद्र प्रताप और महामंत्री धीरेंद्र चौधरी ने कहा कि बिजली की लागत बढ़ने से उत्तर प्रदेश का उद्योग और व्यापार प्रभावित होगा, जिससे व्यापारियों की लागत बढ़ेगी और अंततः बाजार पर भी असर पड़ेगा। जिला महामंत्री आलोक दुबे और जिला संगठन महामंत्री भरत राम गुप्ता ‘बबलू’ ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उद्योग मंच के जिला अध्यक्ष कमलेश चौधरी और जिला युवा संगठन महामंत्री सत्य प्रकाश दुबे सहित अन्य पदाधिकारियों ने ईंधन अधिभार के नाम पर की गई 10 प्रतिशत बढ़ोतरी को तुरंत समाप्त करने के आदेश जारी करने की मांग की। इस अवसर पर विकास शर्मा, पवन गुप्ता, ओम प्रकाश चौधरी, प्रवीण सिंह, अजय कनौजिया सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद द्वारा बिजली बिलों पर 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार लगाए जाने के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने बस्ती में शुक्रवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग की गई है कि इस बढ़ोतरी को तत्काल वापस लिया जाए। व्यापारियों का कहना है कि बीच सत्र में इस तरह की वृद्धि से उद्योग जगत और आम जनता पर महंगाई का बोझ पड़ेगा, जिसका प्रतिकूल प्रभाव आम उपभोक्ताओं के साथ ही व्यापार पर भी पड़ेगा। प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बस्ती मंडल अध्यक्ष डॉ. हरिमूर्ति सिंह ‘मनोज’ ने आरोप लगाया कि जून माह से लागू किए गए इस अधिभार को लगाने से पहले विद्युत नियामक आयोग से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई। प्रदेश उपाध्यक्ष परमात्मा प्रसाद
मद्धेशिया ने इस बढ़ोतरी को उपभोक्ताओं पर 'दोहरी मार' बताया, क्योंकि औद्योगिक और घरेलू बिलों में पहले से ही फिक्स चार्ज वसूला जा रहा है। प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीत पांडेय ने वाणिज्यिक (एलएमवी-2) श्रेणी के बिलों में फिक्स चार्ज और मिनिमम चार्ज दोनों के पहले से लागू होने की बात कही, जबकि जिला महामंत्री आलोक दुबे ने घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक बिलों में 7.5 प्रतिशत इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी भी जोड़े जाने की जानकारी दी। जिला संगठन महामंत्री भरत राम गुप्ता ‘बबलू’ ने तर्क दिया कि विद्युत नियामक आयोग हर साल उत्पादन और खर्चों की समीक्षा के बाद सुनवाई कर दरों का निर्धारण करता है, ऐसे में बीच सत्र में अचानक दरों में वृद्धि करना अनुचित है। जिला कोषाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने इस अचानक बढ़ोतरी को गलत परंपरा की शुरुआत बताते हुए आगाह
किया कि इसका सीधा असर महंगाई के रूप में आम जनता को भुगतना पड़ेगा। नगर अध्यक्ष राणा महेंद्र प्रताप और महामंत्री धीरेंद्र चौधरी ने कहा कि बिजली की लागत बढ़ने से उत्तर प्रदेश का उद्योग और व्यापार प्रभावित होगा, जिससे व्यापारियों की लागत बढ़ेगी और अंततः बाजार पर भी असर पड़ेगा। जिला महामंत्री आलोक दुबे और जिला संगठन महामंत्री भरत राम गुप्ता ‘बबलू’ ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उद्योग मंच के जिला अध्यक्ष कमलेश चौधरी और जिला युवा संगठन महामंत्री सत्य प्रकाश दुबे सहित अन्य पदाधिकारियों ने ईंधन अधिभार के नाम पर की गई 10 प्रतिशत बढ़ोतरी को तुरंत समाप्त करने के आदेश जारी करने की मांग की। इस अवसर पर विकास शर्मा, पवन गुप्ता, ओम प्रकाश चौधरी, प्रवीण सिंह, अजय कनौजिया सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
- संतकबीरनगर के नाथनगर स्थित महुली थाने की पुलिस टीम ने, थानाध्यक्ष के नेतृत्व में, थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर न्यायालय द्वारा जारी गैर जमानती वारंट से संबंधित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लंबित क्रिमिनल अपील नंबर 947/1985, हरनरायण अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य प्रकरण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संतकबीरनगर के आदेश के अनुपालन में की गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में दादर हरदो निवासी अखिलानंद (पुत्र हरनरायण) और गौराखुर्द निवासी सीताराम (पुत्र रामविलास) शामिल हैं, जिन्हें नियमानुसार न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संतकबीरनगर भेजा गया। इस गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक अजय कुमार भारती, हेड कांस्टेबल आनंद दुबे और कांस्टेबल सुनील सिंह की टीम शामिल थी। महुली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधों और अपराधियों के विरुद्ध उनकी प्रभावी कार्यवाही आगे भी लगातार जारी रहेगी।3
- संतकबीरनगर जिला कारागार में शुक्रवार को 'बंदी समस्या समाधान दिवस' के तहत एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह के निर्देशन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार सिंह की पहल पर संपन्न हुआ। शिविर में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अन्जय कुमार श्रीवास्तव ने जेल में बंद कैदियों की समस्याओं को सुना। इस दौरान, धनघटा थाना क्षेत्र के रामपुर मध्य गांव निवासी रामानंद ने गांजा रखने के आरोप में कानूनी सहायता मांगी, जबकि बेलहर कला थाना क्षेत्र के लोहरसन गांव निवासी अहमद अली ने चोरी के मामले में अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, बनौली गांव निवासी छोटू राजभर ने बताया कि जमानत मंजूर होने के बावजूद जमानतदार न मिलने के कारण वे जेल से रिहा नहीं हो पा रहे हैं। अन्य बंदियों ने भी अपनी कानूनी और व्यक्तिगत समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिस पर उन्हें समाधान का भरोसा दिलाया गया। इस दौरान बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता एवं उनके अधिकारों की जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में डिप्टी जेलर हरिकेश और जेल पीएलवी सुनील कुमार सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1
- संतकबीरनगर के मेंहदावल में खलीलाबाद कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक गुमशुदा बालक को मात्र 12 घंटे के भीतर सकुशल ढूंढ निकाला और उसके परिजनों को सौंप दिया। यह घटना तब सामने आई जब शैलेंद्र कुमार यादव, जो हेडिल कॉलोनी, थाना कोतवाली खलीलाबाद के निवासी हैं, ने अपने लगभग 11 वर्षीय पुत्र रघुराज यादव के लापता होने की सूचना पुलिस को दी। रघुराज यादव 11 जून, 2026, बृहस्पतिवार को दोपहर करीब 12:00 बजे घर से बिना बताए कहीं चला गया था। सूचना मिलते ही थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने तुरंत खोजबीन शुरू कर दी। चौकी प्रभारी तितौवा, हरिकेश बहादुर सिंह, ने अपनी पुलिस टीम के साथ सीसीटीवी फुटेज की जाँच की और प्राप्त मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर लगातार प्रयास किए। पुलिस टीम ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए सूचनाकर्ता के साथ जनपद गोरखपुर के रामगढ़ताल क्षेत्र में पहुँचकर लापता रघुराज यादव को घटना के लगभग 12 घंटे के अंदर सकुशल बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद बालक को उसके पिता को सौंप दिया गया। जाँच के दौरान यह पाया गया कि उसके साथ किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय या आपराधिक घटना नहीं हुई थी। परिजनों ने पुलिस की इस तत्परता, संवेदनशीलता और प्रभावी कार्यवाही की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।1
- नगर पंचायत बेलहर के वार्ड नंबर-1 में लंबे समय से नाला निर्माण न होने से नाराज वार्डवासियों ने गुरुवार को प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि बरसात शुरू होने से पहले नाले का निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो नगर पंचायत कार्यालय पर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राजेश यादव ने बताया कि वार्ड में वर्षों से जल निकासी की गंभीर समस्या बनी हुई है। नाले के अभाव में बरसात के दिनों में गलियों और सड़कों पर पानी भर जाता है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर नगर पंचायत प्रशासन और अधिशासी अधिकारी (ईओ) को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। वार्डवासियों ने यह भी बताया कि नाले की कमी के कारण घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे महिलाओं और परिवारों को नहाने-धोने में भी परेशानी होती है। उन्हें गड्ढे खोदकर पानी जमा करना पड़ता है और फिर उसे बाहर फेंकना पड़ता है, जो उनकी दिन-रात की मजबूरी बन गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत बनने के बाद मूलभूत समस्याओं के समाधान की उम्मीद थी, लेकिन वे आज भी "नारकीय जीवन" जीने को विवश हैं और जनप्रतिनिधियों व जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समस्या के समाधान के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। राजेश यादव ने यह भी जानकारी दी कि इस मामले को लेकर संपूर्ण समाधान दिवस (तहसील दिवस) में भी प्रार्थना पत्र दिया गया था। शिकायत के बाद लेखपाल और कानूनगो ने मौके पर पहुंचकर जांच भी की, लेकिन उस जांच के बाद भी नाला निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया, जिससे क्षेत्र के लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शन में राहुल यादव, संजीव देवी, अनीता देवी, शारदा देवी, उर्मिला देवी, जगदीश गौड़ और इंद्रजीत गौड़ सहित अन्य कई लोग शामिल थे, जिन्होंने यह भी कहा कि नगर पंचायत प्रशासन इस समस्या के समाधान को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। उनका मानना है कि बरसात का मौसम नजदीक है और यदि समय रहते नाला निर्माण नहीं कराया गया तो जलभराव की समस्या और अधिक विकराल रूप ले लेगी। नगरवासियों ने प्रशासन से तत्काल नाला निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो एक व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस संबंध में पूछे जाने पर ईओ अमित कुमार सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और इसे जल्द से जल्द निस्तारित किया जाएगा।2
- अंबेडकर नगर के अकबरपुर थाना कोतवाली क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक साली ने अपने जीजा पर छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना ने रिश्तेदारी में पंचायत करने वाले लोगों को सावधान और सचेत कर दिया है, क्योंकि अब ऐसी 'सरपंचई' करना महंगा पड़ सकता है। साली द्वारा जीजा पर लगाए गए इन आरोपों ने सभी को अचंभित कर दिया है और सबके होश उड़ गए हैं।1
- अंबेडकरनगर के आलापुर स्थित बहिंगवा जोगीपुर गाँव में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है, जहाँ 11000 वोल्ट के तार को काटकर गिरा दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जानबूझकर बिजली की सप्लाई चालू नहीं की जा रही है। इस संबंध में लाइनमैन से बात करने पर उसने शाम तक आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि तार खंभे से नीचे काट कर गिरा दिया गया है, जिससे तत्काल बहाली की संभावना कम दिख रही है। यह स्थिति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बिजली विभाग (UPPCL) से हस्तक्षेप की मांग करती है।1
- संतकबीरनगर जनपद के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के मुंडेरा उर्फ दलेलगंज से एक किशोरी के 12 दिन से लापता होने के बाद उसके पिता मोहम्मद तौफीक शाह ने पुलिस अधीक्षक से न्याय और बेटी की सकुशल वापसी की गुहार लगाई है। पीड़ित पिता के अनुसार, उनकी पुत्री जनतुन निशा बीते 31 मई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे अपने घर से कहीं चली गई थी। इस मामले की सूचना तत्काल खलीलाबाद कोतवाली में दी गई थी, जहाँ गुमशुदगी दर्ज की गई, लेकिन 12 दिन बीत जाने के बावजूद किशोरी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि लापता बेटी के मोबाइल फोन से एक नंबर पर संपर्क साधा गया था। इस पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को संजय बताया और यह भी कहा कि लड़की ने उससे दो हजार रुपये मांगे थे। पूछताछ के दौरान संजय कभी खुद को गोरखपुर में तो कभी लखनऊ में होने की बात बताता रहा, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। किशोरी के पिता ने अपनी बेटी के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई है और पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर जल्द से जल्द उनकी बेटी को सकुशल बरामद करने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।1
- अंबेडकर नगर के अकबरपुर थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे 'घोर कलयुग' की संज्ञा दी जा रही है। यहाँ चार शादीशुदा बहनों ने अपने मायके की संपत्ति पर दावेदारी की है, जिसके चलते परिवारों के बीच एक 'जंग' छिड़ गई है। इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।1
- अम्बेडकरनगर जिले के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के उकरा गांव में संपत्ति विवाद को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच गंभीर मारपीट हुई। इस हिंसक झड़प में ननद पार्वती सहित कई लोग आपस में भिड़ गए। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले की सूचना मिलने के बाद, पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।1