बांका जिले के चांदन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार 9 जुलाई को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत एक विशेष प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) शिविर का आयोजन किया गया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रजनीश कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में प्रखंड के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 382 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। इसमें चांदन सीएचसी में 160, सुइया अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 136 और भैरोगंज हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में 86 महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। चिकित्सकों ने महिलाओं का वजन, रक्तचाप और हीमोग्लोबिन जांचकर हाई रिस्क वाली गर्भवतियों की पहचान की और उन्हें नियमित चिकित्सकीय निगरानी की सलाह दी। डॉ. मेघना कुमारी, डॉ. शशिकांत कुमार और डॉ. रजनीश कुमार ने सुरक्षित प्रसव के लिए संतुलित आहार, आयरन-कैल्शियम की गोलियों के सेवन और संस्थागत प्रसव के महत्व पर जोर दिया। इस अभियान के सफल आयोजन में स्वास्थ्य प्रबंधक परशुराम सिंह, बीसीएम संजय कुमार, लैब टेक्नीशियन ममता कुमारी और शंभू कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वास्थ्य प्रबंधक ने इस उपलब्धि के लिए आशा कार्यकर्ताओं और आशा फैसिलिटेटरों के योगदान की सराहना की। शिविर के दौरान ही आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। आशा कर्मियों ने बताया कि सीयूजी सिम रिचार्ज के लिए मिलने वाली राशि 200 रुपये से घटाकर 150 रुपये कर दी गई है, जबकि डेटा और नेटवर्क सुविधा के लिए 339 रुपये का रिचार्ज आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनसे एम-आशा पोर्टल अपडेट, टीकाकरण, आयुष्मान और आभा कार्ड बनाने जैसे व्यापक कार्य करवा रही है, लेकिन पारिश्रमिक दिहाड़ी मजदूरों से भी कम है। आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे वर्ष 2018 की तर्ज पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगी।
बांका जिले के चांदन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार 9 जुलाई को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत एक विशेष प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) शिविर का आयोजन किया गया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रजनीश कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में प्रखंड के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 382 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। इसमें चांदन सीएचसी में 160, सुइया अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 136 और भैरोगंज हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में 86 महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। चिकित्सकों ने महिलाओं का वजन, रक्तचाप और हीमोग्लोबिन जांचकर हाई रिस्क वाली गर्भवतियों की पहचान की और उन्हें नियमित चिकित्सकीय निगरानी की सलाह दी। डॉ. मेघना कुमारी, डॉ. शशिकांत कुमार और डॉ. रजनीश कुमार ने सुरक्षित प्रसव के लिए संतुलित आहार, आयरन-कैल्शियम की गोलियों के सेवन और संस्थागत प्रसव के महत्व पर जोर दिया। इस अभियान के सफल आयोजन में स्वास्थ्य प्रबंधक परशुराम सिंह, बीसीएम संजय कुमार, लैब टेक्नीशियन ममता कुमारी और शंभू कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वास्थ्य प्रबंधक ने इस उपलब्धि के लिए आशा कार्यकर्ताओं और आशा फैसिलिटेटरों के योगदान की सराहना की। शिविर के दौरान ही आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। आशा कर्मियों ने बताया कि सीयूजी सिम रिचार्ज के लिए मिलने वाली राशि 200 रुपये से घटाकर 150 रुपये कर दी गई है, जबकि डेटा और नेटवर्क सुविधा के लिए 339 रुपये का रिचार्ज आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनसे एम-आशा पोर्टल अपडेट, टीकाकरण, आयुष्मान और आभा कार्ड बनाने जैसे व्यापक कार्य करवा रही है, लेकिन पारिश्रमिक दिहाड़ी मजदूरों से भी कम है। आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे वर्ष 2018 की तर्ज पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगी।
- तारापुर शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए प्रस्तावित दो रिंग रोड के निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणिकर ने गुरुवार को रनगांव–धौनी और बंशीपुर–देवगांव कर्बला तक प्रस्तावित बाईपास मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में आ रही सभी प्रकार की बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान धौनी स्थित चौरा नदी पुल पर रेलिंग का अभाव पाए जाने पर जिलाधिकारी ने दस दिनों के भीतर इसे लगाने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त राज्य पथ-22 को मोटरेबल बनाने, सड़क चौड़ीकरण में बाधक अतिक्रमण को हटाने और मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत करने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है और लंबित मापी तथा तकनीकी समस्याओं का समाधान दस दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। इन रिंग रोड के निर्माण से भारी वाहनों का दबाव शहर से बाहर हो सकेगा और लोगों को वर्षों पुरानी जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।1
- बिहार के औरंगाबाद स्थित सबसे बड़े और मॉडल मान्यता प्राप्त अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था ने सरकार के दावों की पोल खोल दी है। अस्पताल प्रबंधक प्रफुल्ल कुमार ने स्वीकार किया कि यह स्वास्थ्य केंद्र लंबे समय से दलालों के चंगुल में फंसा था, जहाँ जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर बड़े पैमाने पर धांधली की जा रही थी। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि संज्ञान लेने के बाद प्रक्रिया में बदलाव किए गए हैं, जिससे 99% दलालों पर शिकंजा कसा गया है। प्रबंधक प्रफुल्ल कुमार ने अस्पताल की बुनियादी कमियों को भी उजागर किया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में किसी भी विषय के स्पेशलिस्ट डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं, जिस कारण मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। डॉक्टरों के भारी अभाव के कारण बिहार सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए महंगे उपकरण भी संचालित नहीं हो पा रहे हैं; उदाहरण के तौर पर, अल्ट्रासाउंड की सुविधा मौजूद होने के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टर न होने की वजह से मरीजों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा निजी क्लिनिक चलाने के गंभीर आरोपों पर भी प्रबंधक ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने पुष्टि की कि उन्हें निजी क्लिनिक न चलाने और अन्यत्र योगदान न देने संबंधी बिहार सरकार का निर्देश पत्र प्राप्त हुआ है, लेकिन उन्होंने इस मामले में चुप्पी साधते हुए कहा कि इस पर बड़े अधिकारी ही कुछ बता सकते हैं। प्रबंधक के इस बयान से यह साफ जाहिर होता है कि डॉक्टर खुलेआम नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए अपनी निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारी कुंभकर्णी निद्रा में सोए हुए हैं।1
- मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर स्थित हरि सिंह विद्यालय में जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे विद्यालय परिसर किसी छोटी झील में तब्दील हो गया है। जलभराव के कारण यहाँ अध्ययनरत विद्यार्थियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के मद्देनजर सम्राट चौधरी से सवाल किया जा रहा है कि विद्यालय में विकास कार्य कब तक पूरे होंगे और इस जलजमाव से मुक्ति कब मिलेगी?1
- फारूक अब्दुल्ला की यात्रा को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह किसी आगामी बड़े राजनीतिक कदम का संकेत है। उनकी इस गतिविधि ने चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है कि भविष्य में किस तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं।1
- भागलपुर जिले के महगामा प्रखंड स्थित असोता मदरसे में आज जुमे की नमाज़ दोपहर 2:00 बजे अदा की गई। इस विशेष अवसर पर मदीना शरीफ़ से तशरीफ़ लाए इमाम साहब ने नमाज़ की इमामत की। नमाज़ के दौरान हज़ारों की संख्या में लोगों ने शिरकत की और यह धार्मिक आयोजन पूरी तरह से अमन, सुकून और ख़ुशू-ओ-ख़ुज़ू के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन को पूरे इलाके के लिए एक बेहद खास और यादगार पल बताया गया है।1
- बिहार के बांका जिले के बाराहाट प्रखंड सभागार में एक विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बाराहाट के सीओ विकास कुमार को भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) समेत प्रखंड और अंचल के विभिन्न अधिकारियों और कर्मियों ने उन्हें अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। स्थानांतरण के चलते अब विकास कुमार का नया पदस्थापन सुपौल जिले में हुआ है। अपनी विदाई के दौरान उन्होंने बाराहाट से जुड़ी अपनी यादों और लोगों से मिले स्नेह को सदैव याद रखने की बात कही।1
- बिहार में श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने कामकाज तेज कर दिया है। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणिकर ने गुरुवार को गोगाचक धर्मशाला और कांवरिया पथ का निरीक्षण किया, जिसके बाद उन्होंने सभी संबंधित कार्यों को 20 जुलाई तक अनिवार्य रूप से पूरा करने का निर्देश दिया है। इस वर्ष कांवरियों की सुविधाओं में इजाफा करते हुए कांवरिया पथ पर एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिनके माध्यम से बाबाधाम की आरती और पूजन का लाइव प्रसारण दिखाया जाएगा। साथ ही, बाबा मंदिर में दर्शन के लिए लगने वाले प्रतीक्षा समय की जानकारी भी तीर्थयात्रियों को उपलब्ध कराई जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों की तैनाती की जा रही है। पथ निर्माण और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। कांवरिया पथ पर चार मीटर चौड़ा कच्चा मार्ग तैयार कर उस पर महीन बालू बिछाई जा रही है। पेयजल व्यवस्था के तहत अब तक 127 में से 90 चापाकलों की मरम्मत पूरी कर ली गई है और नौ स्थानों पर आरओ प्लांट लगाए जाएंगे। इसके अलावा, यात्रियों के ठहरने के लिए इस बार तीन के बजाय पांच टेंट सिटी बनाई जा रही हैं। निरीक्षण के दौरान एडीएम मनोज कुमार, एसडीओ राकेश रंजन कुमार और एसडीपीओ कुमार देवेंद्र समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।1
- बांका के बेलहर–बांका मुख्य मार्ग पर स्थित साहेबगंज बाजार में सड़क की जर्जर स्थिति ने लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। बारिश के बाद सड़क पर हुए गहरे जलजमाव और बड़े गड्ढों की वजह से यहां आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। सड़क की इसी खराब स्थिति के चलते एक मालवाहक ई-रिक्शा असंतुलित होकर पलट गया, जिसमें लदा सामान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद वाहन को सीधा किया। लंबे समय से मरम्मत कार्य नहीं होने के कारण यहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों में भारी रोष है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क की तत्काल मरम्मत करवाने और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। प्रशासन से अपील की जा रही है कि जनहित को प्राथमिकता देते हुए इस समस्या का जल्द समाधान निकाला जाए ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।1