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झारखंड सरकार ने नशा तस्करों पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाने के लिए एक नई रिवॉर्ड पॉलिसी लागू की है। इस नीति के तहत, ड्रग्स के अवैध धंधे से संबंधित पुख्ता जानकारी देने वाले व्यक्तियों को ₹3,000 से लेकर ₹2 लाख तक का इनाम प्रदान किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, यदि सूचनादाता पर किसी कारणवश हमला होता है और दुर्भाग्यवश उनकी मौत हो जाती है, तो उनके परिवार को ₹20 लाख तक की आर्थिक मदद भी दी जाएगी।
Thakur Chandan Kumar
झारखंड सरकार ने नशा तस्करों पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाने के लिए एक नई रिवॉर्ड पॉलिसी लागू की है। इस नीति के तहत, ड्रग्स के अवैध धंधे से संबंधित पुख्ता जानकारी देने वाले व्यक्तियों को ₹3,000 से लेकर ₹2 लाख तक का इनाम प्रदान किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, यदि सूचनादाता पर किसी कारणवश हमला होता है और दुर्भाग्यवश उनकी मौत हो जाती है, तो उनके परिवार को ₹20 लाख तक की आर्थिक मदद भी दी जाएगी।
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- बिहार के दरभंगा ज़िले के मनिगाछी स्थित एक गाँव में इन दिनों ज़मीन सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है। हालांकि, कई ग्रामीणों ने इस प्रक्रिया पर गंभीर शिकायतें दर्ज की हैं। उनकी प्रमुख शिकायत यह है कि सर्वेक्षण का कार्य ज़मीन के प्लॉट पर जाकर मौके पर नहीं किया जा रहा है, बल्कि लोगों को एक ही जगह पर बुलाकर औपचारिकता पूरी की जा रही है। इस मामले को लेकर, एक सामाजिक कार्यकर्ता ने सर्वे टीम से कई महत्वपूर्ण और सीधे सवाल पूछे, लेकिन टीम उन सवालों का कोई स्पष्ट या संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। ग्रामीणों और कार्यकर्ता का मुख्य सरोकार यह है कि यदि ज़मीन की मौके पर जाकर सही ढंग से जांच-पड़ताल ही नहीं की जाएगी, तो आख़िर भूमि का सटीक और सही सर्वेक्षण कैसे संभव होगा? यह सवाल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। इस पूरी ज़मीनी हकीकत और उठाए गए सवालों को एक वीडियो के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इस वीडियो को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करने की अपील की जा रही है, ताकि सच्चाई सभी के सामने आ सके और इस कथित अनियमितता पर ध्यान दिया जा सके।1
- सागरपुर की रहने वाली चंदा कुमारी जी और उनके शिशु से जुड़ी एक कहानी को नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के मंचों पर साझा किया गया है। यह कहानी विशेष रूप से उन सभी लोगों के लिए है जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, जिनके परिवार में कोई बीमार है और इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। इस प्रस्तुति के माध्यम से ऐसे लोगों को यह बताया गया है कि वे कैसे निशुल्क ऑपरेशन या उपचार प्राप्त कर सकते हैं।1
- बिहार के वार्ड नंबर 12, वर्मा जी टोल, सुरियाही में आज मौसम बेहद खराब है, जहाँ तेज़ बारिश हो रही है। इस स्थिति में, सभी से मिलकर काम करने का आह्वान किया गया है।1
- विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर मधुबनी समाहरणालय परिसर में बाल श्रम उन्मूलन और बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए एक शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान अपर समाहर्ता (आपदा) संतोष कुमार के नेतृत्व में सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को बाल श्रम के विरुद्ध जागरूकता और प्रतिबद्धता की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और कर्मियों ने संकल्प लिया कि वे किसी भी रूप में बाल श्रम का समर्थन या उसे बढ़ावा नहीं देंगे। उन्होंने यह सुनिश्चित करने की शपथ भी ली कि 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से श्रम कार्य नहीं कराया जाएगा। सभी ने अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर, जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने अपने संदेश में कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानपूर्ण बचपन का अधिकार है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि समाज में कोई भी बच्चा श्रम के लिए विवश न हो और हर बच्चा विद्यालय जाकर अपना उज्ज्वल भविष्य बना सके। जिलाधिकारी ने बाल श्रम उन्मूलन को एक सामाजिक दायित्व बताते हुए इसके विरुद्ध व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। शपथ ग्रहण के बाद, सभी अधिकारियों और कर्मियों ने शपथ पत्र भरकर जमा किया, जिससे बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका की प्रतिबद्धता सशक्त हुई। इस कार्यक्रम में उप निदेशक-सह-जिला जनसंपर्क पदाधिकारी परिमल कुमार, सहायक निदेशक, एडीसी सौंपा सिम्पा ठाकुर, सामाजिक सुरक्षा नितेश पाठक, सहायक आपदा पदाधिकारी रजनीश कुमार सहित अन्य पदाधिकारी, कर्मी एवं संबंधित व्यक्ति उपस्थित रहे।4
- मधुबनी जिले के जयनगर प्रखंड में पड़ने वाली उत्तरी पंचायत देवधा की मौजूदा स्थिति पर ध्यान देने का आग्रह किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे इस क्षेत्र का अवलोकन करें और वहाँ के हालात को समझें।1
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