कलम पर खाकी का कहर! महिला पत्रकारों से कथित मारपीट पर बरेली में फूटा आक्रोश साकेत थाने की कथित बर्बरता के खिलाफ कलेक्ट्रेट में गरजे पत्रकार, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषी पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की मांग आंवला। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आवाज को दबाने के आरोपों ने सोमवार को बरेली में पुलिस व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े कर दिए। दिल्ली के साकेत थाना क्षेत्र में स्वतंत्र महिला पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान के साथ कथित मारपीट और अभद्रता के विरोध में बरेली के पत्रकारों का आक्रोश कलेक्ट्रेट तक पहुंचा। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद (रजि.) के बैनर तले बड़ी संख्या में पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध जताया और सिटी मजिस्ट्रेट राजेश वर्मा के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। परिषद की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि दोनों महिला पत्रकार दिल्ली के साकेत थाना क्षेत्र स्थित मैक्स अस्पताल में गृहमंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यक्रम की कवरेज के लिए पहुंची थीं। आरोप है कि इसी दौरान साकेत थाना पुलिस के कुछ कर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें कथित रूप से घसीटकर पुलिस जीप में डाल दिया। इसके बाद थाने ले जाकर उनके साथ दोबारा मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि जिस पुलिस से आम नागरिक अपनी सुरक्षा की उम्मीद करता है, उसी पर महिला पत्रकारों के साथ कथित बर्बरता के आरोप लगना बेहद गंभीर और शर्मनाक है। वायरल वीडियो का हवाला देते हुए परिषद ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि यदि आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो वर्दी की आड़ में कानून को हाथ में लेने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे भविष्य में किसी पत्रकार या नागरिक के साथ इस तरह का व्यवहार करने की हिम्मत न हो। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के जिलाध्यक्ष अवनीश शर्मा ने कहा कि पत्रकारों को खबर दिखाने और सवाल पूछने की कीमत हिंसा के रूप में चुकानी पड़े, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी कानून की रक्षा करना है, न कि कानून के नाम पर किसी के साथ कथित ज्यादती करना। महिला पत्रकारों के साथ हुई घटना के आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई जरूरी है। जिला मीडिया प्रभारी आदित्य भारद्वाज ने कहा कि पत्रकारों पर हमला सिर्फ किसी व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि सवाल पूछने के अधिकार और लोकतंत्र की आवाज पर हमला है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो इससे पुलिस की जवाबदेही और पत्रकारों की सुरक्षा दोनों पर गंभीर सवाल खड़े होंगे। परिषद ने राष्ट्रपति से मांग की कि मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले थाना प्रभारी समेत संबंधित पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने के साथ कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकार संगठन राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस दौरान अरुण कुमार सिंह, आकाश शर्मा, सुमित शर्मा, सचिन वर्मा, जसवीर मौर्य, संदीप उपाध्याय, सुखवीर यादव, दीपक शर्मा, मनीष, अली पुकार, शंशाक शर्मा, नंदन शर्मा, संतोष शाक्य, मनोज शाक्य, राहुल कुमार, अनुज कुमार, प्रदीप, अजय, दिव्यांशु, शरन सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
कलम पर खाकी का कहर! महिला पत्रकारों से कथित मारपीट पर बरेली में फूटा आक्रोश साकेत थाने की कथित बर्बरता के खिलाफ कलेक्ट्रेट में गरजे पत्रकार, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषी पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की मांग आंवला। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आवाज को दबाने के आरोपों ने सोमवार को बरेली में पुलिस व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े कर दिए। दिल्ली के साकेत थाना क्षेत्र में स्वतंत्र महिला पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान के साथ कथित मारपीट और अभद्रता के विरोध में बरेली के पत्रकारों का आक्रोश कलेक्ट्रेट तक पहुंचा। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद (रजि.) के बैनर तले बड़ी संख्या में पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध जताया और सिटी मजिस्ट्रेट राजेश वर्मा के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। परिषद की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि दोनों महिला पत्रकार दिल्ली के साकेत थाना क्षेत्र स्थित मैक्स अस्पताल में गृहमंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यक्रम की कवरेज के लिए पहुंची थीं। आरोप है कि इसी दौरान साकेत थाना पुलिस के कुछ कर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें कथित रूप से घसीटकर पुलिस जीप में डाल दिया। इसके बाद थाने ले जाकर उनके साथ दोबारा मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि जिस पुलिस से आम नागरिक अपनी सुरक्षा की उम्मीद करता है, उसी पर महिला पत्रकारों के साथ कथित बर्बरता के आरोप लगना बेहद गंभीर और शर्मनाक है। वायरल वीडियो का हवाला देते हुए परिषद ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि यदि आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो वर्दी
की आड़ में कानून को हाथ में लेने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे भविष्य में किसी पत्रकार या नागरिक के साथ इस तरह का व्यवहार करने की हिम्मत न हो। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के जिलाध्यक्ष अवनीश शर्मा ने कहा कि पत्रकारों को खबर दिखाने और सवाल पूछने की कीमत हिंसा के रूप में चुकानी पड़े, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी कानून की रक्षा करना है, न कि कानून के नाम पर किसी के साथ कथित ज्यादती करना। महिला पत्रकारों के साथ हुई घटना के आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई जरूरी है। जिला मीडिया प्रभारी आदित्य भारद्वाज ने कहा कि पत्रकारों पर हमला सिर्फ किसी व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि सवाल पूछने के अधिकार और लोकतंत्र की आवाज पर हमला है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो इससे पुलिस की जवाबदेही और पत्रकारों की सुरक्षा दोनों पर गंभीर सवाल खड़े होंगे। परिषद ने राष्ट्रपति से मांग की कि मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले थाना प्रभारी समेत संबंधित पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने के साथ कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकार संगठन राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस दौरान अरुण कुमार सिंह, आकाश शर्मा, सुमित शर्मा, सचिन वर्मा, जसवीर मौर्य, संदीप उपाध्याय, सुखवीर यादव, दीपक शर्मा, मनीष, अली पुकार, शंशाक शर्मा, नंदन शर्मा, संतोष शाक्य, मनोज शाक्य, राहुल कुमार, अनुज कुमार, प्रदीप, अजय, दिव्यांशु, शरन सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
- बरेली में 4 करोड़ रुपए की निर्माणाधीन पानी की टंकी किच्छा नदी में समा गई। बरेली में 4 करोड़ रुपए की निर्माणाधीन पानी की टंकी किच्छा नदी में समा गई। मंगलवार सुबह नदी में तेज बहाव के चलते कटान तेजी से हुआ। टंकी हिलने लगी और देखते ही देखते 4 सेकेंड में नदी में ढह गई। 4 दिन पहले ही इसकी बाउंड्रीवाल बह गई थी। जानकारी मिलते ही एसडीएम निधि मौके पर पहुंचीं और अफसरों और ग्रामीणों से जानकारी ली। जल जीवन मिशन के तहत 2023 से टंकी का निर्माण चल रहा था। इसका ढांचा तैयार हो चुका था, जबकि टंकी लगाने का काम बाकी था। पाइपलाइन भी बिछाई जा चुकी थी। मामला जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर शेरगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बैरमनगर का है1
- आप देख रहें हैं खबर जकशन बरेली नयूज चैनल #पहली पत्नी को ‘मरा हुआ’ बताकर दूसरी शादी की तैयारी! मंडप सजने से पहले पहुंच गई पत्नी, बारात लेकर पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा पाए डॉक्टर साहब#1
- badayun Ka Thana alapur Ka mamla Gau Kash girftar/ kshetradhikari dwara Di Gai jankari/ police aur Gau kashon ke bich muthbhed Mein ek aaropi girftar/ badayun police ka bada action/ gaukas hue girftar/ badayun Ka Thana alapur Ka mamla Gau Kash girftar/ kshetradhikari dwara Di Gai jankari/ police aur Gau kashon ke bich muthbhed Mein ek aaropi girftar/ badayun police ka bada action/ gaukas hue girftar/1
- *बीच-बचाव के दौरान पुलिसकर्मियों से अभद्रता एवं विवाद करने के प्रकरण में थाना भोजीपुरा, #bareillypolice द्वारा 04 अभियुक्तों की गिरफ्तारी एवं की गई अग्रेतर विधिक कार्यवाही के संबंध में श्री देवेश सिंह, #COहाईवे बरेली की बाइट।* *बीच-बचाव के दौरान पुलिसकर्मियों से अभद्रता एवं विवाद करने के प्रकरण में थाना भोजीपुरा, #bareillypolice द्वारा 04 अभियुक्तों की गिरफ्तारी एवं की गई अग्रेतर विधिक कार्यवाही के संबंध में श्री देवेश सिंह, #COहाईवे बरेली की बाइट।*1
- बिसौली। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के जिला अध्यक्ष राजेंद्र उपाध्याय ने ग्राम भटपुरा निवासी आशीष शर्मा को जिला मंत्री मनोनीत किया। इस दौरान महासभा के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर हर्ष व्यक्त किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष बनवारी लाल पाठक ने कहा कि 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश के चुनाव में कुल मतदाताओं के 20% ब्राह्मण मतदाताओं को एकजुट प्रभावी और निर्णायक भूमिका के लिए तैयार करना ही ब्राह्मण महासभा के उद्देश्य हैं। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में ब्राह्मण समाज केवल उसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी का समर्थन करेगा जो उनके हितों की रक्षा और विकास की बात करेगा। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री नाथूलाल मिश्रा, हरिओम पाराशरी, सुधाकर शर्मा, आकाश मिश्रा, लखन शर्मा, नगर पालिका सभासद दीपक पाठक, उपेंद्र शर्मा सहित क्षेत्र के ब्राह्मण बंधु उपस्थित रहे।1
- बरेली में जलभराव से व्यापारियों को नुकसान, डीएम से सर्वे और राहत की मांग बरेली में जलभराव से व्यापारियों को नुकसान, डीएम से सर्वे और राहत की मांग1
- आप देख रहे हैं खबर जंक्शन बरेली न्यूज़ चैनल #13 सितंबर को परचम कुशाई से होगा उर्स-ए-सकलैनी का आगाज़, इस दिन अदा होगी कुल की रस्म, जानें कब-कब होंगे खास कार्यक्रम#1
- अलीगढ़ BIG BREAKING जर्जर स्कूल की इमारत पर जैन अल्फा का जोरदार प्रदर्शन...! भमोरी खुर्द स्कूल की हालत देख अभिभावकों में आक्रोश “बच्चों को मरवाना नहीं है”, परिजनों ने जताई हादसे की आशंका मंत्री की विधानसभा में होने के बावजूद जायजा न लेने का आरोप बच्चों को प्राइवेट स्कूल भेजने को मजबूर अभिभावक थाना दादों क्षेत्र, भमोरी खुर्द पूर्व माध्यमिक विद्यालय का मामला1
- भोजीपुरा पुलिस ने चोरी का खुलासा कर तीन आरोपियों को दबोचा, लकड़ी और पिकअप बरामद भोजीपुरा पुलिस ने चोरी का खुलासा कर तीन आरोपियों को दबोचा, लकड़ी और पिकअप बरामद बरेली। थाना भोजीपुरा पुलिस ने चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की 32 नई प्लाई, छह पुरानी प्लाई, 14 बल्ली और सात बत्ते की लकड़ी बरामद की है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई पिकअप संख्या UP 25 FT 0295 भी पुलिस ने कब्जे में ली है। पुलिस के मुताबिक, 8 सितंबर 2026 को प्रभारी निरीक्षक भोजीपुरा के निर्देशन में गठित टीम गश्त और संदिग्धों की तलाश में थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जीदर पट्टी थाना भोजीपुरा के पास से रात करीब 11:35 बजे तीन आरोपियों—फकरुद्दीन पुत्र अफसर खां निवासी लटूरी थाना सीबीगंज, जाफर खां पुत्र इंतबअली निवासी जीदर पट्टी थाना भोजीपुरा और मो. शोएब उर्फ सैबू पुत्र सफदर खां निवासी जीदर पट्टी—को गिरफ्तार किया। मामला मु0अ0सं0 712/26, धारा 303(2)/317(2) बीएनएस थाना भोजीपुरा से संबंधित है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से चोरी की लकड़ी और घटना में प्रयुक्त पिकअप बरामद होने के बाद मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई। पुलिस ने बताया कि मामले में पहले शिकायतकर्ता मोहन पुत्र राधेश्याम निवासी ग्राम दोहन पीतमराय ने घर से प्लाई और लकड़ी चोरी होने की तहरीर दी थी। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपने साथियों की मदद से सिद्दी विनायक कॉलेज और जीदर पट्टी गांव से लकड़ी चोरी की थी और इसी पिकअप से सामान ले गए थे। गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।2