नरसिंहपुर के गाडरवारा में गाडरवारा-तेंदूखेड़ा स्टेट हाईवे पर तेज रफ्तार के कहर से एक बार फिर भीषण हादसा हुआ। एक अनियंत्रित डंपर ने बाइक सवार 55 वर्षीय व्यक्ति को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया है, जिससे मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर NTPC के भारी और ओवरलोड डंपर पूरी तरह बेलगाम होकर दौड़ते हैं, जिनकी रफ्तार पर कोई अंकुश नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी कारण आए दिन यहाँ भीषण एक्सीडेंट होते हैं और मासूम लोग जान गंवाते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर बार-बार ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद इस गंभीर समस्या को लेकर आँखें मूंदे रहने का आरोप लगाया है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है। चक्काजाम शुरू हुए 3 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक शासन या प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचा है। प्रशासनिक अधिकारियों की इस घोर लापरवाही और संवेदनहीनता ने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों के गुस्से को और भड़का दिया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक डंपर चालक पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, ओवरलोड वाहनों पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाता और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजे का ठोस आश्वासन नहीं मिलता।
नरसिंहपुर के गाडरवारा में गाडरवारा-तेंदूखेड़ा स्टेट हाईवे पर तेज रफ्तार के कहर से एक बार फिर भीषण हादसा हुआ। एक अनियंत्रित डंपर ने बाइक सवार 55 वर्षीय व्यक्ति को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया है, जिससे मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर NTPC के भारी और ओवरलोड डंपर पूरी तरह बेलगाम होकर दौड़ते हैं, जिनकी रफ्तार पर कोई अंकुश नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी कारण आए दिन यहाँ भीषण एक्सीडेंट होते हैं और मासूम लोग जान गंवाते
हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर बार-बार ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद इस गंभीर समस्या को लेकर आँखें मूंदे रहने का आरोप लगाया है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है। चक्काजाम शुरू हुए 3 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक शासन या प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचा है। प्रशासनिक अधिकारियों की इस घोर लापरवाही और संवेदनहीनता ने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों के गुस्से को और भड़का दिया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक डंपर चालक पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, ओवरलोड वाहनों पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाता और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजे का ठोस आश्वासन नहीं मिलता।
- नरसिंहपुर जिले के पवित्र पिपरिया घाट पर एक विशाल वृक्षारोपण महा-अभियान चलाया गया, जिसका निर्देशन नरसिंहपुर कलेक्टर ने किया। इस अभियान में प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनके मार्गदर्शन में विंध्यवासिनी कंपनी, स्थानीय ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने मिलकर काम किया। इस पहल के तहत हजारों पौधे लगाए गए, और जिला प्रशासन तथा विंध्यवासिनी कंपनी की अगुवाई में स्थानीय लोगों ने प्रत्येक पौधे के पूर्ण संरक्षण और उन्हें जीवन देने का दृढ़ संकल्प भी लिया। आज नर्मदा घाट पर रोपे गए ये हजारों वृक्ष आने वाले समय में न केवल पर्यावरण को शुद्ध करेंगे, बल्कि माँ नर्मदा के तटों को भू-कटाव से भी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रशासन, कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) और जनभागीदारी के इस त्रिवेणी संगम ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब इरादे नेक हों, तो पर्यावरण संरक्षण से संबंधित हर संकल्प को साकार किया जा सकता है। विंध्यवासिनी रेत कंपनी ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर घाट पिपरिया में वृक्षारोपण की यह सकारात्मक पहल की है।1
- देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ माँ के नाम' के पावन संकल्प को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए देशभर में प्रयास तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में, नरसिंहपुर जिले से पर्यावरण संरक्षण की एक बेहद खूबसूरत और सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। यहाँ जिला प्रशासन की पहल पर विंध्यवासिनी कंपनी ने जीवनदायिनी माँ नर्मदा के तट को हरा-भरा और सुरक्षित बनाने के लिए एक अनुकरणीय कदम उठाया है। इस पहल के तहत पिपरिया घाट के आसपास वृहद वृक्षारोपण कर प्रकृति को हरा-भरा रखने का संकल्प लिया गया। इस आयोजन में खनिज विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और विंध्यवासिनी कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।1
- नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा तेंदूखेड़ा स्टेट हाईवे रोड पर एक बाइक और डम्फर की भिड़न्त में 55 वर्षीय बाइक सवार व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क पर बेलगाम और ओवरलोड एनटीपीसी के डम्फर चलते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं और लोगों की मौतें हो रही हैं। उनका आरोप है कि शासन-प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। चक्का जाम को 3 घंटे हो गए हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है, जिससे ग्रामीणों और परिजनों में आक्रोश और बढ़ गया है।1
- बीएनटी न्यूज़ अपने दर्शकों को नरसिंहपुर जिले के करेली से संबंधित नवीनतम खबरों के लिए उनके साथ जुड़े रहने का आग्रह कर रहा है। यह समाचार आउटलेट सभी को करेली की ताजा खबरें देखने के लिए बीएनटी न्यूज़ देखने के लिए प्रोत्साहित करता है।3
- यह एक्सप्रेस MP CG न्यूज़ की सुर्खियां हैं।1
- एक मकान विक्रेता द्वारा ग्राहक से पैसे लेने के बाद भी उन्हें मकान खाली करने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना ने एक गंभीर स्थिति पैदा कर दी है, जिसकी पूरी जानकारी जानने की आवश्यकता है।1
- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे 'मेगा एग्रीकल्चर क्रेडिट आउटरीच प्रोग्राम' के तहत नरसिंहपुर जिले में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान, जिले के किसानों को कुल 40 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित किया गया, जिससे सैकड़ों किसान परिवार लाभान्वित हुए।1
- तेंदूखेड़ा के ग्राम छतरपुर में बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण एक किसान अखिलेश पटेल की जान चली गई। इस दुखद घटना के चलते उनकी एक नन्ही बेटी के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।1