भारत में रेलवे के एक नए युग की शुरुआत करते हुए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन शुरू हो गया है। हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच करीब 90 किलोमीटर (89 किमी) के रूट पर चलने वाली यह ट्रेन 120 की रफ्तार से दौड़ेगी और इसमें पानी ईंधन बनेगा। 3,200 हॉर्सपावर की क्षमता वाली इस ट्रेन को दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक बताया जा रहा है। वर्तमान में भारत के अलावा दुनिया के केवल 3-4 देशों के पास ही ऐसी हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की क्षमता मौजूद है। दशकों तक अंधेरे में रहने वाले लोग अब इस तेज विकास की रोशनी से आंखें चौंधिया जाने की शिकायत कर रहे हैं और कुछ लोग तो पुराने अंधेरे के दिनों को ही बेहतर बताने लगे हैं। लेकिन यह नया भारत है जहां दशकों का काम कुछ ही वर्षों में पूरा हो रहा है। साल 1925 में बॉम्बे वीटी और कुर्ला के बीच देश की पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने के बाद अगले 89 वर्षों (1925 से 2014) में ब्रॉड-गेज रेलवे नेटवर्क का केवल 30% विद्युतीकरण हो सका था। वहीं, साल 2014 के बाद रेलवे के विद्युतीकरण में अभूतपूर्व तेजी आई है और आज देश का लगभग 99% ब्रॉड-गेज नेटवर्क पूरी तरह विद्युतीकृत हो चुका है। इससे डीजल पर निर्भरता और प्रदूषण कम हुआ है, जिससे देश अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बना है। इस तकनीकी प्रगति के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने स्वच्छता को लेकर देशवासियों को एक बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि स्वच्छता के लिए हर बार प्रधानमंत्री का आना जरूरी नहीं है। यदि लोग खुद तय कर लें कि वे गंदगी नहीं करेंगे, तो सभी शहर और राज्य स्वच्छ रह सकते हैं। उन्होंने स्वच्छता को अपनी आदत, संस्कार और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने की अपील की है। जहां हाइड्रोजन ट्रेन भारत की तकनीकी प्रगति का प्रतीक है, वहीं स्वच्छता अभियान नागरिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का संदेश देता है।
भारत में रेलवे के एक नए युग की शुरुआत करते हुए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन शुरू हो गया है। हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच करीब 90 किलोमीटर (89 किमी) के रूट पर चलने वाली यह ट्रेन 120 की रफ्तार से दौड़ेगी और इसमें पानी ईंधन बनेगा। 3,200 हॉर्सपावर की क्षमता वाली इस ट्रेन को दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक बताया जा रहा है। वर्तमान में भारत के अलावा दुनिया के केवल 3-4 देशों के पास ही ऐसी हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की क्षमता मौजूद है। दशकों तक अंधेरे में रहने वाले लोग अब इस तेज विकास की रोशनी से आंखें चौंधिया जाने की शिकायत कर रहे हैं और कुछ लोग तो पुराने अंधेरे के दिनों को ही बेहतर बताने लगे हैं। लेकिन यह नया भारत है जहां दशकों का काम कुछ ही वर्षों में पूरा हो रहा है। साल 1925 में बॉम्बे वीटी और कुर्ला के बीच देश की पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने के बाद अगले 89 वर्षों (1925 से 2014) में ब्रॉड-गेज रेलवे नेटवर्क का केवल 30% विद्युतीकरण हो सका था। वहीं, साल 2014 के बाद रेलवे के विद्युतीकरण में अभूतपूर्व तेजी आई है और आज देश का लगभग 99% ब्रॉड-गेज नेटवर्क पूरी तरह विद्युतीकृत हो चुका है। इससे डीजल पर निर्भरता और प्रदूषण कम हुआ है, जिससे देश अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बना है। इस तकनीकी प्रगति के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने स्वच्छता को लेकर देशवासियों को एक बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि स्वच्छता के लिए हर बार प्रधानमंत्री का आना जरूरी नहीं है। यदि लोग खुद तय कर लें कि वे गंदगी नहीं करेंगे, तो सभी शहर और राज्य स्वच्छ रह सकते हैं। उन्होंने स्वच्छता को अपनी आदत, संस्कार और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने की अपील की है। जहां हाइड्रोजन ट्रेन भारत की तकनीकी प्रगति का प्रतीक है, वहीं स्वच्छता अभियान नागरिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का संदेश देता है।
- चित्रकूट के कर्वी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गढ़िवा गाँव में पिता की जगह सरकारी नौकरी पाने के लालच में एक सौतेले बेटे द्वारा अपने पिता की पीट-पीटकर हत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक राम लखन, जो बाल किसुन के पुत्र थे, नगर पालिका में सरकारी कर्मचारी थे। 11 जुलाई की रात को राम लखन की दूसरी पत्नी का बेटा स्वतंत्र उन्हें जिला अस्पताल लेकर आया था, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहली पत्नी रमूसा देवी और उनके बड़े बेटे गुलाब दास ने सौतेले बेटे स्वतंत्र उर्फ कल्लू पर पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। कार्रवाई की माँग को लेकर मृतक की पहली पत्नी और बेटा ग्रामीणों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। मृतक के बड़े बेटे गुलाब ने बताया कि जानकारी मिलने पर जब वे मौके पर पहुँचे, तो मृतक का सिर फटा हुआ था और उनके शरीर पर चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मृतक के सीने की पसलियाँ टूटी होने की पुष्टि हुई है। मृतक राम लखन ने पहले भी कई बार अपनी दूसरी पत्नी के बेटे स्वतंत्र द्वारा जान से मारने और संपत्ति अपने नाम करवाने की धमकी देने की ऑनलाइन शिकायत पुलिस से की थी, जिसकी कॉपी लेकर परिजनों ने पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह से न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने भी बताया कि मृतक राम लखन ने कई बार चर्चा की थी कि स्वतंत्र पूरी संपत्ति अपने नाम कराने के लिए उन्हें जान से मारने की धमकी देता है। इस पूरे मामले को लेकर चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य पहलुओं के आधार पर मामले की जाँच की जा रही है। जाँच में आपराधिक तथ्य सामने आने पर पुलिस द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- चित्रकूट के कर्वी कोतवाली क्षेत्र के गढ़िवा गाँव में पिता की सरकारी नौकरी और संपत्ति पाने के लिए सौतेले बेटे द्वारा पीट-पीटकर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नगर पालिका के सरकारी कर्मचारी राम लखन को 11 जुलाई की रात को उनकी दूसरी पत्नी का बेटा स्वतंत्र उर्फ कल्लू जिला अस्पताल लेकर आया था, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक राम लखन की पहली पत्नी रामूसा देवी और बड़े बेटे गुलाब दास ने सौतेले बेटे स्वतंत्र पर पीट-पीटकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में कार्यवाही की माँग को लेकर मृतक की पहली पत्नी और बेटा ग्रामीणों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। मृतक के बड़े बेटे गुलाब दास ने बताया कि जब उन्हें घटना की जानकारी हुई तो वे मौके पर पहुंचे, जहाँ उन्होंने देखा कि मृतक का सिर फटा हुआ था और शरीर पर चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मृतक के सीने की पसलियां टूटी हुई पाई गई हैं। राम लखन ने पहले भी कई बार सौतेले बेटे स्वतंत्र द्वारा जान से मारने और संपत्ति अपने नाम कराने की धमकी देने की पुलिस में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। ग्रामीणों का भी कहना है कि राम लखन ने उनसे कई बार चर्चा की थी कि उनका बेटा स्वतंत्र पूरी संपत्ति अपने नाम न करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी देता है। नगर पालिका कर्मी राम लखन गढ़िवा गाँव में अपनी दूसरी पत्नी के साथ रहते थे। इस पूरे मामले को लेकर चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य पहलुओं के आधार पर जाँच की जा रही है, और जाँच में आपराधिक तथ्य सामने आने पर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।1
- सतना के बिरसिंहपुर नगर के पुरानी बाजार क्षेत्र में एक युवती के कथित अपहरण के प्रयास का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक अज्ञात बाइक सवार ने युवती के चेहरे पर कथित रूप से बेहोश करने वाला पदार्थ डालकर उसे अगवा करने की कोशिश की, लेकिन उसका यह प्रयास नाकाम रहा। इस पूरी वारदात की घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद होने की बात सामने आई है। इस घटना के बाद सभापुर पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। हालांकि, युवती पर इस्तेमाल किए गए बेहोश करने वाले पदार्थ और अन्य तथ्यों की वास्तविक पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।1
- मध्य प्रदेश के रीवा में थाना अमहिया पुलिस द्वारा "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत मानस भवन के पास एक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने वहां मौजूद सभी लोगों को शपथ दिलाई।1
- सतना में हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से तो राहत दी है, लेकिन इसके साथ ही शहर के 'ओवर स्मार्ट सिटी' होने के दावों की भी पोल खोल दी है। मौसम विभाग ने पहले ही बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई थी। बारिश शुरू होते ही शहर के कई इलाकों में नालियां ओवरफ्लो हो गईं और सड़कों पर जगह-जगह पानी भर गया, जिससे आम नागरिकों, दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का आक्रोश है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए स्मार्ट सिटी के दावे पहली ही तेज बारिश में धराशायी हो गए हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया और यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस बदहाली पर एन.डी. न्यूज़ चैनल सतना ने सीधा सवाल उठाया है कि जब पहली ही बारिश में शहर की सड़कें तालाब बन जाएं, तो आखिर 'स्मार्ट सिटी' का सपना कब पूरा होगा?2
- सतना के अमरपाटन में रामनगर रोड चौराहे पर संदीपनी विद्यालय के सामने छात्र-छात्राओं और नवयुवकों ने सोनम वांगचुक को अपना समर्थन देने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक चले इस विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के संबंध में तहसीलदार आर डी साकेत को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मौके पर भारी संख्या में छात्र-छात्राएं और नवयुवक मौजूद रहे।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले में अमरपाटन के पड़हा के पास रीवा-नागपुर मार्ग पर विजयंत ट्रेवल्स की बस को पीछे से एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में बस में सवार कई यात्री घायल हो गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही अमरपाटन पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सभी घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया है।1