सुल्तानपुर शहर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान विजय प्रधान और अभिषेक बरनवाल ने भाजपा की स्थानीय पदाधिकारी पूजा कसौधन पर भूमि कब्जाने, सत्ता के प्रभाव का दुरुपयोग करने और पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित विजय प्रधान ने दावा किया है कि वह संबंधित संपत्ति के प्रथम बैनामेदार हैं, लेकिन उनके साथ लगातार प्रताड़ना और दबाव का खेल खेला जा रहा है। विजय प्रधान का आरोप है कि उनके द्वारा खरीदे गए मकान के ताले में कथित रूप से फेवीक्विक और अन्य रसायन डलवा दिए गए। इसके साथ ही, नगर कोतवाली पुलिस के माध्यम से उनके द्वारा वहां लगवाए गए सुरक्षा कैमरे को भी हटवा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि विवादित भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किया जा सके। पत्रकार वार्ता में यह भी आरोप लगाया गया कि संबंधित भाजपा नेत्री अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से मनचाहा कार्य करवा रही हैं। विजय प्रधान ने सुल्तानपुर की कानून-व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और इस संबंध में भाजपा नेत्री या पुलिस-प्रशासन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
सुल्तानपुर शहर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान विजय प्रधान और अभिषेक बरनवाल ने भाजपा की स्थानीय पदाधिकारी पूजा कसौधन पर भूमि कब्जाने, सत्ता के प्रभाव का दुरुपयोग करने और पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित विजय प्रधान ने दावा किया है कि वह संबंधित संपत्ति के प्रथम बैनामेदार हैं, लेकिन उनके साथ लगातार प्रताड़ना और दबाव का खेल खेला जा रहा है। विजय प्रधान का आरोप है कि उनके द्वारा खरीदे गए मकान के ताले में कथित रूप से फेवीक्विक और अन्य रसायन डलवा दिए गए। इसके साथ ही, नगर कोतवाली पुलिस के माध्यम से उनके द्वारा वहां लगवाए गए सुरक्षा कैमरे को भी हटवा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि विवादित भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किया जा सके। पत्रकार वार्ता में यह भी आरोप लगाया गया कि संबंधित भाजपा नेत्री अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से मनचाहा कार्य करवा रही हैं। विजय प्रधान ने सुल्तानपुर की कानून-व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और इस संबंध में भाजपा नेत्री या पुलिस-प्रशासन का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
- कौशाम्बी के किसान विद्यालय नर्सरी में हाथों से ही कलमी आंवला और कलमी बेल के पौधे तैयार किए जाते हैं।1
- इंडोनेशिया के योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर के दौरे के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वहां के आम लोगों ने सड़कों पर खड़े होकर स्वागत किया। सड़कों पर दिखाई दिया यह दृश्य भारत की बेमिसाल लोकप्रियता की एक और अनोखी झलक पेश करता है, जो वाकई में एक बेहद दिल को छू लेने वाला पल था।1
- सुल्तानपुर जनपद के गोसाईगंज थाने में शनिवार को दिन में 2:00 बजे उप जिलाधिकारी जयसिंहपुर के नेतृत्व में थाना समाधान दिवस संपन्न हुआ। इस समाधान दिवस के दौरान राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की टीमें मौके पर मौजूद रहीं। कार्यक्रम में फरियादियों द्वारा कुल 13 शिकायती पत्र प्राप्त हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए इनमें से दो शिकायती पत्रों का मौके पर ही तत्काल निस्तारण कर दिया गया। इसके साथ ही, शेष बचे हुए शिकायती पत्रों को संबंधित विभागों को सौंपकर उनका तुरंत निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए, ताकि फरियादियों को बार-बार चक्कर न लगाना पड़े।1
- अमेठी के संग्रामपुर विकासखंड क्षेत्र के गोरखापुर खाद वितरण केंद्र पर यूरिया खाद वितरण में भारी अनियमितता और पक्षपात के गंभीर आरोप लगे हैं। किसानों का आरोप है कि केंद्र पर तैनात सचिव कतार में लगे आम किसानों को नजरअंदाज कर रहे हैं और अपने परिचित लोगों को बिना लाइन के ही खाद बांट रहे हैं, जिससे वितरण व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। किसानों ने बताया कि केंद्र पर सुभाष सिंह नामक एक व्यक्ति, जो किसी भी अधिकृत पद पर नहीं हैं, खाद वितरण की प्रक्रिया में लगातार हस्तक्षेप कर रहे हैं। इस अव्यवस्था के कारण सुबह से अपनी ट्राई साइकिल पर बैठकर खाद मिलने का इंतजार कर रहे कई विकलांग किसानों को घंटों बाद भी खाद उपलब्ध नहीं कराई गई। किसानों के अनुसार, उन्हें बार-बार "अभी खाद देंगे" कहकर टाल दिया गया, जिससे जरूरतमंद और विकलांग किसानों के साथ हुए इस कथित दुर्व्यवहार को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। समय पर यूरिया खाद न मिलने से किसानों की खरीफ फसलों की बोआई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, किसानों ने मांग उठाई है कि खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए और विकलांग व वरिष्ठ नागरिक किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद उपलब्ध कराई जाए।4
- जीवन में हंसी को सबसे सस्ती, सरल और सबसे असरदार दवा माना गया है। खुलकर हंसने वाले व्यक्ति में मुश्किलों का सामना करने के लिए अधिक आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का संचार होता है। हंसी केवल चेहरे की मुस्कान नहीं है, बल्कि यह मन और शरीर दोनों के लिए ऊर्जा का एक बड़ा स्रोत है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां तनाव, चिंता और व्यस्तता के कारण लोगों की मुस्कान खो गई है, वहीं स्वयं हंसना और दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाना आपसी रिश्तों में मधुरता घोलता है और मानसिक तनाव को कम करता है। वैज्ञानिक शोध भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि हंसने से शरीर में सकारात्मक हार्मोन बढ़ते हैं, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और हृदय भी स्वस्थ रहता है। अपने परिवार, मित्रों और समाज में खुशी, अपनेपन और सकारात्मकता का माहौल बनाना बेहद जरूरी है। छोटी-छोटी बातों पर मुस्कुराना, दूसरों की खुशियों में शामिल होना और किसी निराश व्यक्ति का हौसला बढ़ाना भी समाज की एक बहुत बड़ी सेवा है। ऐसे में, हर दिन खुलकर हंसने, दूसरों को हंसाने और एक स्वस्थ, प्रसन्न व सकारात्मक जीवन की ओर कदम बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए, क्योंकि मुस्कान बांटने से ही जीवन खुशहाल बनता है।1
- वियतनाम में भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक नाव अचानक पलट कर हादसे का शिकार हो गई है। इस बेहद दर्दनाक हादसे में अब तक 15 भारतीय पर्यटकों की मौत होने की पुष्टि हो चुकी है। हादसे के बाद चलाए गए त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अब तक 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि कई अन्य पर्यटक अब भी लापता बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश लगातार की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, तटरक्षक बल और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर तत्काल युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। इस पूरी स्थिति पर भारतीय दूतावास भी लगातार अपनी नजर बनाए हुए है और स्थानीय प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क में है। फिलहाल मृतकों की पहचान करने और लापता लोगों को ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पर्यटकों के परिजनों के बीच शोक और चिंता का गहरा माहौल बना हुआ है। पूरे बचाव अभियान के समाप्त होने के बाद ही मृतकों और लापता लोगों की अंतिम संख्या स्पष्ट हो सकेगी।1