मजदूर युनियनों ने निरस्त किए गए श्रम कानूनों को बहाल करने को लेकर आवाज बुलंद की मजदूर युनियनों ने निरस्त किए गए श्रम कानूनों को बहाल करने को लेकर आवाज बुलंद की है। इन युनियनों का कहना है कि श्रम कानूनों को बहाल करने को करने को लेकर कई बार मांग उठाई गई है, लेकिन केंद्र सरकार गंभीर नहीं है। जिसके चलते मजदूर वर्ग में केंद्र सरकार के खिलाफ रोष पनप रहा है। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) से संबद्ध यूनियन ने रेलवे टनल साइट महावाली में एनसीआर नोएडा, फरीदाबाद, पलवल, गंगुवाल के संघर्षरत मजदूरों के समर्थन में जोरदार रौष रैली निकाली। रैली के दौरान मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। रैली में मुख्य रूप से मांग उठाई गई कि निरस्त किए गए 29 श्रम कानूनों को बहाल कर उन्हें सख्ती से लागू किया जाए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए श्रम कोड मजदूरों के हित में नहीं हैं, बल्कि बड़ी-बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इससे मजदूर वर्ग की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। इसके अलावा रैली में यह भी मांग की गई कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकारें तुरंत हस्तक्षेप करें और मजदूरों का न्यूनतम वेतन 26000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया जाए, ताकि उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मिल सके। रैली को कांग्रेस नेता विजय शर्मा, सीटू के जिला सचिव बलबीर सिंह, पॉल, प्रधान अमृतलाल, सचिव प्रदीप ठाकुर सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने एकजुट होकर मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का आह्वान किया।
मजदूर युनियनों ने निरस्त किए गए श्रम कानूनों को बहाल करने को लेकर आवाज बुलंद की मजदूर युनियनों ने निरस्त किए गए श्रम कानूनों को बहाल करने को लेकर आवाज बुलंद की है। इन युनियनों का कहना है कि श्रम कानूनों को बहाल करने को करने को लेकर कई बार मांग उठाई गई है, लेकिन केंद्र सरकार गंभीर नहीं है। जिसके चलते मजदूर वर्ग में केंद्र सरकार के खिलाफ रोष पनप रहा है। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) से संबद्ध यूनियन ने रेलवे टनल साइट महावाली में एनसीआर नोएडा, फरीदाबाद, पलवल, गंगुवाल के संघर्षरत मजदूरों के समर्थन में जोरदार रौष रैली निकाली। रैली के दौरान मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। रैली में मुख्य रूप से मांग उठाई गई कि निरस्त किए गए 29 श्रम कानूनों को बहाल कर उन्हें सख्ती से लागू किया जाए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए श्रम कोड मजदूरों के हित में नहीं हैं, बल्कि बड़ी-बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इससे मजदूर वर्ग की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। इसके अलावा रैली में यह भी मांग की गई कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकारें तुरंत हस्तक्षेप करें और मजदूरों का न्यूनतम वेतन 26000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया जाए, ताकि उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मिल सके। रैली को कांग्रेस नेता विजय शर्मा, सीटू के जिला सचिव बलबीर सिंह, पॉल, प्रधान अमृतलाल, सचिव प्रदीप ठाकुर सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने एकजुट होकर मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का आह्वान किया।
- • मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह की घोषणा पर जनता को नहीं विश्वास- जयराम ठाकुर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम की सराहना करते हुए इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह अधिनियम देश की माताओं, बहनों और बेटियों को राजनीतिक भागीदारी में सशक्त बनाएगा और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण स्थान दिलाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिनमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक मील का पत्थर साबित होगा। VO— जयराम ठाकुर ने कहा कि इस कानून के लागू होने से लोकतंत्र और मजबूत होगा और महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से नीतियों में संतुलन और संवेदनशीलता आएगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह कदम आने वाले समय में देश की सामाजिक और राजनीतिक दिशा को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा। इसके साथ ही जयराम ठाकुर ने जिला मंडी के सरकाघाट में 19 वर्षीय युवती के मर्डर को क़ानून व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मामले पर राजनीति नहीं कर रहा। विपक्ष को सरकार से पूछकर मुद्दे नहीं उठाने हैं। प्रदेश में क़ानून व्यवस्था तारतार हो चुकी है। पुलिस क़ानून व्यवस्था की बजाय दूसरे कामों में व्यस्त है। बाइट—- जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश VO—-2—- वहीं, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कि हिमाचल दिवस पर की गई घोषणाओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने निशाना साधा।जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर न तो विपक्ष को विश्वास है और न ही राज्य की जनता को। उन्होंने कहा कि सदन में भी मुख्यमंत्री ने जो घोषणा की, उन पर आज तक कोई काम नहीं किया गया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह को हर फ़ैसला जल्दबाज़ी में लेते हैं। इसके बाद उन्हें अपने फैसलों को वापस लेना पड़ता है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने जिला किन्नौर की महिलाओं के लिए 1500 रूपए प्रतिमाह देने की घोषणा की। इसमें भी पात्रता के अलग-अलग मापदंड तय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले हर महीने महिलाओं को 1500 रुपए देने की घोषणा की थी, तो उसमें ऐसे मापदंडों की कोई बात नहीं थी। मुख्यमंत्री ने पहले भी जिन इलाकों में महिलाओं को 1500 रुपए देने की घोषणा की,वह सिर्फ़ लोकसभा चुनाव के आसपास ही दी गई। इसके बाद वहां भी महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए की निधि नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह केवल झूठ बोलने का काम करते हैं। Byte—- जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश3
- जोगिंदर नगर में गैस सिलेंडर की भारी किल्लत 🔥 | 2 दिन में सप्लाई नहीं तो 18 अप्रैल को विशाल प्रदर्शन | Kushal Bhardwaj1
- सुजानपुर उप मंडल सुजानपुर में इन दोनों गैस की किल्लत चल रही है जिसके चलते सुजानपुर गैस एजेंसी के कर्मचारी गैस एजेंसी के बाहर ताला लगाकर अंदर कार्य कर रहे थे जिसके चलते लोगों ने इसका विरोध जताया है। लोगों ने बताया कि फरवरी माह से उनके यहां पर गाड़ी नहीं पहुंची है जिसके चलते आज मैं सुजानपुर गैस एजेंसी पहुंचे थे लेकिन गैस एजेंसी के बाहर ताला लगाकर कर्मचारी अंदर कार्य कर रहे हैं लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं जिसके चलते उन्होंने गैस एजेंसी में कार्यरत कर्मचारियों के कार्य पर विरोध जिताया है1
- Post by Munishkoundal1
- ब्यास नदी पर पिरडी पुल का होगा शीघ्र निर्माण यही जानकारी कुल्लू के विधायक सुन्दर ठाकुर ने एक जनसभा में दी.1
- Post by Himachal Update 24 News1
- धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने आज जारी एक बयान में कहा कि विधायक आशीष शर्मा के भाई एवं चाचा के खिलाफ फर्जी मामले दर्ज कर उन्हें फँसाने की साजिश अब पूरी तरह से उजागर हो चुकी है। यह घटनाक्रम प्रदेश में सत्ता के दुरुपयोग और राजनीतिक द्वेष की पराकाष्ठा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में सबसे गंभीर और चिंताजनक तथ्य यह है कि पुलिस स्वयं ही शिकायतकर्ता भी है और वही पुलिस गवाह की भूमिका में भी सामने आ रही है। ऐसी स्थिति में निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद करना बेहद कठिन हो जाता है। यह न केवल न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी कमजोर करता है। श्री शर्मा ने आरोप लगाया कि वर्तमान सुक्खू सरकार प्रदेश हितों को दरकिनार कर अपने व्यक्तिगत और राजनीतिक हितों को साधने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान विकास, रोजगार और जनकल्याण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से भटककर विरोधियों को दबाने और उन्हें झूठे मामलों में उलझाने पर केंद्रित हो गया है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश की जनता सब कुछ देख और समझ रही है। सत्ता के नशे में चूर यह सरकार यह भूल रही है कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता के हाथ में होता है। समय का पहिया निरंतर घूम रहा है और जो लोग आज सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं, उन्हें कल जनता के सामने जवाब देना पड़ेगा। सुधीर शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश की जागरूक जनता इस अन्याय और दमनकारी नीतियों का करारा जवाब देगी और ऐसी सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी, ताकि प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी शासन स्थापित हो सके।1
- रिवालसर बैसाखी मेला 2026 | अंतिम दिन विशाल दंगल | दिल्ली के मोंटी बने विजेता | तहसीलदार सुभाष ठाकुर ने किया समापन1
- सुजानपुर होली मेला संपन्न होने के बाद मेला ग्राउंड को साफ नहीं किया गया जिसके चलते प्रशासन ने संबंधित ठेकेदार के ऊपर कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया है इसके साथ-साथ मैदान के भीतर गंदगी फैलाने इसकी सुंदरता को नष्ट करने को लेकर भी एक व्यक्ति पर कार्रवाई की गई है यह जानकारी मेला एवं उपमंडल अधिकारी विकास शुक्ला ने गुरुवार को कार्यालय में मेला ग्राउंड की सफाई को लेकर उनसे मिलने आए विशेष प्रतिनिधि मंडल के सामने दी है अधिकारी ने बताया कि मेला संपन्न होने के बाद मेला ग्राउंड की सफाई हो जानी चाहिए थी लेकिन ऐसा क्यों नहीं किया किया इसको लेकर नोटिस जारी किया गया है इसके साथ-साथ 19 अप्रैल तक मेला ग्राउंड पूरी तरह साफ होगा उसके बाद में गड्ढा भरपाई का कार्य शुरू किया जाएगा अधिकारी से मिलने आए विशेष प्रतिनिधिमंडल की ओर से कविंदर गुप्ता ने जानकारी देते हैं बताएं कि हम तमाम लोगों से सुजानपुर शहर के रहने वाले हैं और मैदान की दुर्दशा को लेकर बेहद चिंतित है मैदान जो सुजानपुर और उसके साथ-साथ पूरे प्रदेश का आकर्षण का केंद्र था आज पूरी तरह खून के आंसू हो रहा है मैदान की सफाई हो गड्ढा भरपाई का कार्य हो मैदान के भीतर फिर से मखमली खास लहराती नजर आए तमाम बातों को लेकर उप मंडल अधिकारी से बातचीत की है जिस पर उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल तक मेला ग्राउंड को साफ कर दिया जाएगा लेकिन हम लोगों ने प्रशासन को 2 दिन और दिए हैं कि 19 अप्रैल तक मेला ग्राउंड साफ कर दिया जाए इसके बाद अगर ऐसा नहीं होता है तो सुजानपुर के लोग संबंधित विषय पर आक्रोशित होकर प्रशासन का घेराव करेगे,1