आज बेगूसराय समाहरणालय में जिला पदाधिकारी श्री श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में समेकित स्वास्थ्य शिविर समन्वय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में प्रस्तावित समेकित स्वास्थ्य शिविरों का सफल एवं प्रभावी आयोजन सुनिश्चित करना था, जिसमें विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी और संबंधित हितधारक शामिल हुए। सिविल सर्जन ने बताया कि बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के निर्देश पर जिले में कुल 152 ऐसे शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से एचआईवी, सिफिलिस, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य जांच एवं सेवाएं प्रदान की जाएंगी। जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी ने इन शिविरों के माइक्रोप्लान और कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि इनके आयोजन की जिम्मेदारी बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति ने बिहार ग्रामीण जागरूकता अभियान समिति को सौंपी है। जिला पदाधिकारी ने प्रस्तुत योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि इन शिविरों को अधिक से अधिक जनोपयोगी बनाया जाए और उनमें विभिन्न स्वास्थ्य व जनकल्याणकारी सेवाओं को समाहित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से आदेश दिया कि प्रत्येक शिविर में आयुष्मान भारत कार्ड और यूडीआईडी (UDID) कार्ड बनाने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एचआईवी/एड्स जांच के लिए विशेष व्यवस्था करने का निर्देश दिया, जिसके तहत प्रतिदिन लगभग 300 व्यक्तियों की एचआईवी जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला पदाधिकारी ने जोर देकर कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है, और सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करके इन शिविरों को सफल बनाना चाहिए। बैठक के समापन पर, सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से आवश्यक तैयारियां पूरी करने और अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित करने के लिए कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
आज बेगूसराय समाहरणालय में जिला पदाधिकारी श्री श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में समेकित स्वास्थ्य शिविर समन्वय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में प्रस्तावित समेकित स्वास्थ्य शिविरों का सफल एवं प्रभावी आयोजन सुनिश्चित करना था, जिसमें विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी और संबंधित हितधारक शामिल हुए। सिविल सर्जन ने बताया कि बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के निर्देश पर जिले में कुल 152 ऐसे शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से एचआईवी, सिफिलिस, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य जांच एवं सेवाएं प्रदान की जाएंगी। जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी ने इन
शिविरों के माइक्रोप्लान और कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि इनके आयोजन की जिम्मेदारी बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति ने बिहार ग्रामीण जागरूकता अभियान समिति को सौंपी है। जिला पदाधिकारी ने प्रस्तुत योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि इन शिविरों को अधिक से अधिक जनोपयोगी बनाया जाए और उनमें विभिन्न स्वास्थ्य व जनकल्याणकारी सेवाओं को समाहित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से आदेश दिया कि प्रत्येक शिविर में आयुष्मान भारत कार्ड और यूडीआईडी (UDID) कार्ड बनाने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने एचआईवी/एड्स जांच के लिए विशेष व्यवस्था करने का निर्देश दिया, जिसके तहत प्रतिदिन लगभग 300 व्यक्तियों की एचआईवी जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला पदाधिकारी ने जोर देकर कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है, और सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करके इन शिविरों को सफल बनाना चाहिए। बैठक के समापन पर, सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से आवश्यक तैयारियां पूरी करने और अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित करने के लिए कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- पटना के एक निजी होटल के मैनेजर पर बेगूसराय की एक छात्रा का अपहरण करने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बेगूसराय अंचल परिषद ने कड़ा रुख अपनाते हुए विरोध प्रदर्शन किया है। पार्टी ने कामरेड कमली महतो स्मारक भवन रजौरा से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पुतले के साथ एक प्रतिरोध मार्च निकाला। यह मार्च एस एच 55 सरस्वती मंदिर चौक होते हुए रजौरा हाई स्कूल चौक तक पहुंचा, जहां जुलूस एक सभा में तब्दील हो गया।3
- खोदावंदपुर थाना की पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए 47 लीटर देसी शराब के साथ तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में मनीष कुमार, रक्षित कुमार और संयोग सहनी शामिल हैं। इस बात की जानकारी एसपी मनीष ने शुक्रवार देर रात 10:00 बजे एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी। एसपी ने बताया कि यह गिरफ्तारी बेगूसराय पुलिस द्वारा अवैध नशीले पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस इस मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई में जुट गई है।1
- बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग के निर्देश पर मॉडल स्कूल उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गौरा में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के उपलक्ष्य में एक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। उप श्रमायुक्त, पटना द्वारा 29 मई, 2026 को जारी पत्र के आलोक में यह प्रतियोगिता 5 जून, 2026 तक विद्यालय स्तर पर सम्पन्न कराई गई। इस प्रतियोगिता का विषय "वर्तमान संदर्भ में बाल श्रम का मुद्दा" रखा गया था, जिसमें कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इसी क्रम में, विद्यालय की वरीय शिक्षिका मधु कुमारी ने "बाल श्रम की स्थिति" पर आधारित एक जागरूकता सत्र भी लिया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2000 में विश्वभर में 24.6 करोड़ बच्चे मजदूरी कर रहे थे, जिनमें से विगत 17 वर्षों में 9.4 करोड़ बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया गया है। चिंताजनक तथ्य यह है कि कुल बाल मजदूरों में से लगभग 48% बच्चे 5 से 11 वर्ष की आयु के हैं। इसके अतिरिक्त, 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में आज भी 10.1 मिलियन बच्चे मजदूरी करने को विवश हैं। इस दौरान बच्चों को स्मार्ट क्लास में बाल श्रम से संबंधित आंकड़े भी दिखाए गए। विद्यालय की प्रधानाध्यापक रंजू कुमारी ने जानकारी दी कि विद्यालय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा खुशी कुमारी का नाम प्रमंडल स्तर की प्रतियोगिता के लिए 9 जून, 2026 तक उप श्रमायुक्त कार्यालय को भेजा जाएगा। राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम का आयोजन 12 जून, 2026 को दशरथ मांझी श्रम नियोजन संस्थान, पटना में किया जाएगा, जिसमें खुशी कुमारी भी शामिल होंगी। इस आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए शिक्षक अविनाश शास्त्री ने कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य बच्चों को बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीति के प्रति संवेदनशील बनाना और समाज में जागरूकता का प्रसार करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चे इस ज्वलंत मुद्दे पर तार्किक चिंतन करेंगे और समाधान के उपाय सुझाएंगे।3
- बलिया थाना क्षेत्र के पोखड़िया गांव में जमीनी विवाद को लेकर एक गंभीर मारपीट की घटना सामने आई है। इस घटना में दो व्यक्तियों पर लोहे की रॉड से प्रहार कर उन्हें जमकर पीटा गया है। घटना के बाद, पीड़ितों ने बलिया थाने में एक लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।1
- लखीसराय में जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में शनिवार को एक जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शहर सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं और शिकायतों के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे। जनसुनवाई के दौरान, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी शंभू नाथ ने कुल 29 मामलों की सुनवाई की। उन्होंने प्रत्येक मामले की गंभीरता से जांच-पड़ताल की और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन का निर्देश दिया। लोगों ने भूमि विवाद, सरकारी योजनाओं के लाभ, राजस्व संबंधी मामलों सहित अन्य कई तरह की समस्याओं को कार्यक्रम के समक्ष रखा। पदाधिकारी ने सभी मामलों के निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान का भरोसा दिलाया, साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जनसुनवाई के इस आयोजन ने आम नागरिकों को अपनी समस्याओं को सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर प्रदान किया, जिससे शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई।1
- बेगूसराय के वार्ड नंबर 18 में निवासी बरसात के पानी के घरों में घुसने से गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। इस स्थिति के मद्देनज़र, एक सीपीआई नेता ने वार्ड नंबर 18 के प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना।1
- मोकामा के बाटा मोड़ से महेन्द्रपुर तक राष्ट्रीय राजमार्ग 80 (NH-80) की सड़क की स्थिति अत्यंत बदहाल है, जिस पर बने बड़े-बड़े गड्ढे अब जानलेवा साबित हो रहे हैं। इन गड्ढों के कारण आए दिन गंभीर दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं, जिनमें वाहन पलट रहे हैं और कई लोग घायल हो रहे हैं। इसके बावजूद, इस विकट समस्या का समाधान अब तक नहीं हो पाया है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने इस गंभीर मुद्दे पर क्षेत्र के विधायक अनंत सिंह और सांसद ललन सिंह का ध्यान आकर्षित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इन जनप्रतिनिधियों को तत्काल इस दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए ताकि लोगों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर कब जनप्रतिनिधि इस अहम समस्या पर जागेंगे और समाधान की दिशा में कदम उठाएंगे।1