मैनपुरी जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 15 जून को यातायात पुलिस द्वारा एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक मैनपुरी के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक नगर/यातायात श्री अरुण कुमार सिंह, पुलिस उपाधीक्षक यातायात सुश्री दीपशिखा सिंह और यातायात प्रभारी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में संचालित किया गया। इस अभियान के दौरान, यातायात पुलिस की टीम ने वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया और उनसे नियमों का पालन करने की अपील की। इसके साथ ही, मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई। अभियान के तहत कुल 190 वाहनों के चालान किए गए, जबकि शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए 5 वाहनों को सीज किया गया। इस दौरान 10 हजार रुपये का नकद समन शुल्क भी वसूल किया गया और विभिन्न यातायात उल्लंघनों के लिए कुल 5 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें, तथा नशे की हालत में वाहन चलाने से बचें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और जनपद में एक सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित हो सके।
मैनपुरी जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 15 जून को यातायात पुलिस द्वारा एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक मैनपुरी के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक नगर/यातायात श्री अरुण कुमार सिंह, पुलिस उपाधीक्षक यातायात सुश्री दीपशिखा सिंह और यातायात प्रभारी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में संचालित किया गया। इस अभियान के दौरान, यातायात पुलिस की टीम ने वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया और उनसे नियमों का पालन करने की अपील की। इसके साथ ही, मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के
विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई। अभियान के तहत कुल 190 वाहनों के चालान किए गए, जबकि शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए 5 वाहनों को सीज किया गया। इस दौरान 10 हजार रुपये का नकद समन शुल्क भी वसूल किया गया और विभिन्न यातायात उल्लंघनों के लिए कुल 5 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें, तथा नशे की हालत में वाहन चलाने से बचें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और जनपद में एक सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित हो सके।
- भारतीय किसान यूनियन महिला मोर्चा और किसानों ने सोमवार को भोगांव में उपजिलाधिकारी नीरज द्विवेदी को प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक 10-सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इस ज्ञापन में नेताओं की संपत्तियों की जांच से लेकर ईवीएम हटाने तक कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं। मुख्य मांगों में ग्राम प्रधान से लेकर सांसद-विधायक तक सभी नेताओं की संपत्तियों की विस्तृत जांच कराने और उनकी पेंशन बंद करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में गरीबों और महिलाओं के लिए प्रतिमाह 11,900 रुपये पेंशन सुनिश्चित करने, किसानों के कर्ज और बकाया बिजली बिल माफ करने, तथा सिंचाई, बीज और खाद मुफ्त उपलब्ध कराने की मांग की गई। उत्तर प्रदेश में मुफ्त बिजली देने, प्रीपेड मीटर हटाने, यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) कानून लागू करने, तथा आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को 18,000 रुपये मानदेय के साथ राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग भी इसमें शामिल थी। चुनाव बैलेट पेपर से कराने और ईवीएम मशीनों को हटाने की भी जोरदार वकालत की गई। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन महिला मोर्चा के ओमप्रकाश, अतुल यादव, अखिलेश यादव, ओमप्रकाश यादव, अशोक कुमार, रहीस सिंह, अजब सिंह, संदीप कुमार, हरीशंकर शर्मा, संदीप यादव सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और किसान मौजूद रहे।2
- मैनपुरी कलेक्ट्रेट परिसर में आज पीड़ित परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। यह प्रदर्शन बीते दिनों मिट्टी डालने के विवाद को लेकर हुई एक हिंसक झड़प से जुड़ा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अंशुल यादव, शैलेंद्र यादव और भोला यादव ने उनके बेटे को घर से बुलाया और बेरहमी से उसकी पिटाई की। इतना ही नहीं, दबंगों ने पीड़ित के ऊपर ट्रैक्टर भी चढ़ा दिया। इस पूरी वारदात का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। पीड़ित परिजनों का कहना है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और न ही आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इसी सुस्ती और कार्यप्रणाली से नाराज होकर पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया, न्याय की मांग करते हुए अपनी आवाज बुलंद की।1
- उत्तर प्रदेश की सड़कों की खराब हालत पर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ लोग इन मामलों पर तुरंत सुनवाई और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- उदयवीर सिंह यादव ग्राम माचलपुर अतरंजिखेरा थाना अंग्रेजी1
- पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गलियारों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर एक बड़े सियासी भूचाल की खबरें सामने आ रही हैं। पार्टी के लगभग 20 सांसदों ने बागी तेवर अपना लिए हैं, जिससे TMC में 'महाटूट' की स्थिति पैदा हो गई है। इस बगावत में क्रिकेटर से राजनेता बने यूसुफ पठान का नाम भी प्रमुखता से चर्चा में है। उनके साथ कई अन्य बड़े नाम भी इन बागी सांसदों की सूची में शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे पश्चिम बंगाल की राजनीति में गहरा संकट पैदा हो गया है और लोकसभा चुनावों से पहले TMC के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।1
- मैनपुरी के थाना बिछवां क्षेत्र से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहाँ एक झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज के कारण एक महिला की कथित तौर पर मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, ग्राम जसराऊ निवासी प्रेमवती की अचानक तबीयत खराब होने पर परिजन उन्हें उपचार के लिए पास के ग्राम अंजनी स्थित एक निजी चिकित्सक श्यामवीर के पास लेकर पहुँचे। आरोप है कि उपचार के दौरान चिकित्सक ने महिला को गलत बोतल चढ़ा दी, जिससे उनकी हालत और गंभीर हो गई। परिजनों का कहना है कि स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर ने मरीज को घर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन महिला को तत्काल मैनपुरी के जिला अस्पताल लेकर पहुँचे, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका के परिजनों ने इस मौत के लिए झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इस घटना को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश है। यह घटना स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है कि आखिर उनकी निगरानी में ऐसे कथित झोलाछाप डॉक्टर कैसे फल-फूल रहे हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कब होगी। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं।1