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फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ अपने टाइटल को लेकर विवादों में घिर गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए फिल्ममेकर नीरज पांडे, केंद्र सरकार और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को नोटिस जारी किया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या किसी समाज के वर्ग को इस तरह के शब्दों से चित्रित करना नैतिकता और सार्वजनिक व्यवस्था के अनुरूप है? कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जब तक फिल्म का नाम बदले जाने की जानकारी नहीं दी जाती, तब तक रिलीज की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही मेकर से हलफनामा दाखिल करने को कहा गया है, जिसमें यह स्पष्ट हो कि फिल्म किसी वर्ग का अपमान नहीं करती। अब अगली सुनवाई में तय होगा कि टाइटल बदलेगा या फिल्म की रिलीज पर रोक लगेगी। #SupremeCourt #FilmControversy #GhoosKhorPandat #CBFC #NeerajPandey #BollywoodNews
Tikar se desh duniya ki khabar
फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ अपने टाइटल को लेकर विवादों में घिर गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए फिल्ममेकर नीरज पांडे, केंद्र सरकार और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को नोटिस जारी किया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या किसी समाज के वर्ग को इस तरह के शब्दों से चित्रित करना नैतिकता और सार्वजनिक व्यवस्था के अनुरूप है? कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जब तक फिल्म का नाम बदले जाने की जानकारी नहीं दी जाती, तब तक रिलीज की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही मेकर से हलफनामा दाखिल करने को कहा गया है, जिसमें यह स्पष्ट हो कि फिल्म किसी वर्ग का अपमान नहीं करती। अब अगली सुनवाई में तय होगा कि टाइटल बदलेगा या फिल्म की रिलीज पर रोक लगेगी। #SupremeCourt #FilmControversy #GhoosKhorPandat #CBFC #NeerajPandey #BollywoodNews
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- रीवा में बीच ओवरब्रिज गाड़ियां लगाकर लेट गए बदमाश, VIDEO: गैंगस्टर रील मेकर गैंग ने फैलाई दहशत, लोगों को धमकाया रीवा शहर के सिरमौर चौराहा ओवर ब्रिज पर एक खतरनाक घटना ने लोगों की रफ्तार रोक दी। जानकारी के मुताबिक, 7 से 8 युवकों की एक गैंग ने ओवर ब्रिज के बीच सड़क पर गाड़ियां खड़ी कर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया और खुद गाड़ियों में लेटकर आराम फरमाया। इस दौरान उन्होंने अपने आप को 'गैंगस्टर' साबित करने के लिए वीडियो भी बनाया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। गैंगस्टर रील की इस करतूत ने राहगीरों में दहशत फैला दी। कुछ लोगों ने बताया कि जब उन्होंने सड़क रोकने का विरोध किया, तो युवकों ने अभद्रता की और धमकी भरे शब्दों का प्रयोग किया। इस पूरी घटना से आम लोग भयभीत नजर आए और वहां मौजूद वाहन चालक फंस गए। पुलिस ने मामले की जानकारी मिलने के बाद चालानी कार्यवाही की। थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने बताया कि युवकों को वीडियो के सामने आने के बाद थाने लाया गया और उनकी बाइक जब्त कर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। हालांकि, पुलिस की यह कार्रवाई आम लोगों के लिए राहत का कारण रही, लेकिन गैंगस्टर रील की इस निडर हरकत ने शहर में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि कुछ युवा खुद को कानून से ऊपर समझते हैं और सड़क को अपनी 'गैंगस्टर' स्टाइल की रील शूटिंग के लिए इस्तेमाल करते हैं। शहरवासियों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।1
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- रीवा (मध्य प्रदेश), 18 फरवरी 2026 – मध्य प्रदेश के रीवा जिले में जुलाई 2024 में हुई एक सनसनीखेज घटना का वीडियो एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। हिनौता कोठार गांव में जमीन विवाद के चलते दो महिलाओं को डंपर से मुरम (बजरी) डालकर जिंदा दफनाने की कोशिश की गई थी। पीड़ित महिलाओं ने चमत्कारिक रूप से जान बचाई, लेकिन यह घटना अब भी ग्रामीणों के दिलों में डर पैदा कर रही है। घटना 21 जुलाई 2024 को मनगवां थाना क्षेत्र के गगेव चौकी अंतर्गत हिनौता जोरौट गांव में घटी। पीड़ित ममता पांडेय और उनकी जेठानी आशा पांडेय परिवारिक जमीन पर सड़क बनाने के प्रयास का विरोध कर रही थीं। आरोप है कि विपक्षी पक्ष के दबंगों ने डंपर चालक को निर्देश देकर मुरम महिलाओं पर उंडेल दिया। ममता पांडेय कमर तक दब गईं, जबकि आशा पांडेय का गला तक मुरम से भर गया। स्थानीय ग्रामीणों ने फावड़ों से मुरम हटाकर दोनों को बचाया। दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। ममता पांडेय ने बाद में बताया, "5 मिनट की और देरी होती तो हम मर जाते।" पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110 के तहत हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया। आरोपी ट्रक ड्राइवर प्रदीप कोल को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य आरोपी गोकरण पांडेय और विपिन पांडेय फरार हैं। रीवा एसपी विवेक सिंह ने बताया कि यह दो परिवारों के बीच निजी जमीन का विवाद था, और दोनों पक्ष एक ही समुदाय से हैं। कुछ सोशल मीडिया पोस्टों में इसे दलित अत्याचार बताया गया, लेकिन फैक्ट-चेक में यह गलत पाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने भी जांच के आदेश दिए। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वत: संज्ञान लेते हुए 3 दिनों में रिपोर्ट मांगी। घटना के बाद आरोपी पक्ष द्वारा पीड़ित परिवार को धमकियां मिलने की शिकायतें भी सामने आईं। यह वीडियो फरवरी 2026 में फिर वायरल होने से सोशल मीडिया पर #RewaMuramKand जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन विवादों में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठते रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ग्रामीण स्तर पर त्वरित न्याय व्यवस्था जरूरी है। पुलिस ने वर्तमान में कोई नया अपडेट जारी नहीं किया है, लेकिन वायरल वीडियो के मद्देनजर निगरानी बढ़ा दी गई है।1
- खबर मध्यप्रदेश के रीवा से है जहा आज अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने यूजीसी रोल बैक के नारे लगाते हुए रैली निकाली तथा यह जन आंदोलन एक विशाल जन आंदोलन है जो एक क्रांति के रूप में रीवा में ही नहीं बल्कि पूरे भारत में देखने को मिलेगा1
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