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मां और पत्नी की हत्या कर खाया उनका ही मांस ?
Preety panchal
मां और पत्नी की हत्या कर खाया उनका ही मांस ?
- Krishna MurariRahui, NalandaKoi Koi man use layak hoti hain2 hrs ago
- Narendra kumarAgra, Uttar Pradesh💣6 hrs ago
- HarishDungarpur, Rajasthan💣8 hrs ago
- AvtarsinghUna, Himachal Pradesh🙏9 hrs ago
- User7692Lohardaga, Jharkhand😤9 hrs ago
- Malti.debiBarun, Aurangabad🙏9 hrs ago
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- सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद क्षेत्र के मुख्य बाजार के समीप स्थित विवादित जलजमाव स्थल को लेकर जारी विवाद के बीच सोमवार को अंचलाधिकारी शुभम वर्मा मौके पर पहुंचे और स्थल का निरीक्षण किया.निरीक्षण के दौरान सीओ ने पूरे क्षेत्र का बारीकी से जायजा लिया तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित भूमि की मापी कराने का निर्देश दिया. सीओ ने जमीन पर दांवा कर रहे लोगों से जमीन के कागजात की मांग किया.इस दौरान बड़ी संख्या में बाजारवासी भी मौके पर मौजूद रहे.1
- छातापुर: राघोपुर के सीतापुर में खेलते-खेलते बुझ गईं दो जिंदगियां, खेलने के दौरान पोखर में डूबने से हुई मौत,घर के सामने खेल रही दो मासूम बच्चियां पोखर में डूब गई,सीतापुर गांव की इस घटना से पूरे इलाके में मातम है1
- बंशी साह एण्ड सन्स के द्वारा बिस्फी में गरीब व असहाय लोगों के बीच कंबल वितरण किया। देखिए आए हुए अतिथियों ने क्या कुछ कहा।1
- यह मंजॏरा बाजार रहा है यहां पर रोज जाम लगता है यहां पर जाम लगने का कारण रोड पर दुकान लगता है इसलिए रोज जब लगता है1
- हीना खातून आरोपी चंदन ओर कुंदन कुमार यादव को मधेपुरा पुलिस किया गिरफ्तार (बेटी क्या बोली देखिए)1
- Amhara se BM ka la bhaluaTak abhi tak road nahin banaa hai Sarkar se road banane ki mang karte Hain1
- सौर बाजार के जीरो माइल चौक पर ई रिक्सा और टेम्पो चालक द्वारा जहां तहां अपना वाहन खड़ा कर दिया जाता है जिससे लोगों को हमेशा हादसे की भय बना रहता है1
- सिमरी बख्तियारपुर समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने और फिजूलखर्ची पर लगाम लगाने के उद्देश्य से नप क्षेत्र के सैनी टोला में यदुवंशी समाज ने सोमवार को एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है. जनार्दन यादव के दरवाजे पर आयोजित एक आम सभा में समाज के लोगों ने सर्वसम्मति से मृत्यु भोज (श्राद्ध भोज) की पुरानी परंपरा को बदलने का फैसला किया. आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाने की कवायद बैठक के दौरान समाज के प्रबुद्ध जनों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी परिजन की बीमारी के इलाज में परिवार पहले ही आर्थिक रूप से टूट जाता है.इसके बावजूद, सामाजिक दबाव में मृत्यु भोज के नाम पर तीन दिनों तक चलने वाले आयोजन के लिए लोगों को अपनी जमीन तक बेचनी पड़ जाती है.इस आर्थिक बर्बादी को रोकने के लिए समाज ने कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है. अब केवल 'संपिंडन' के दिन होगा भोज बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि अब से मृत्यु भोज अनिवार्य नहीं होगा.यदि कोई व्यक्ति अपनी स्वेच्छा और सामर्थ्य के अनुसार भोज करना चाहता है, तो उसे केवल एक दिन (संपिंडन के दिन) ही भोज आयोजित करने की अनुमति होगी.तीन दिनों तक चलने वाले भोज की प्रथा को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है.1
- छातापुर: व्यापारी से कहा हुई लूटपाट देखे, बाईक सवार अपराधियों ने दिया घटनाओं को अंजाम, पुलिस छानबीन में जुटी1