जतारा में सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर छोटी देवी मंदिर में आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। इस शुभ दिन पर, मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी और पूरे दिन भक्तों का तांता लगा रहा। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने माँ छोटी देवी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के पुजारी पंडित श्री गोविंद राम तिवारी ने बताया कि धार्मिक दृष्टि से सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व है। उनके अनुसार, इस पवित्र दिन पर पूजा-पाठ, दान-पुण्य और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। पंडित तिवारी ने यह भी कहा कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति भाव से की गई आराधना से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। सोमवती अमावस्या के इस अवसर पर, मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय वातावरण छाया रहा। श्रद्धालुओं ने माँ के दरबार में अपनी गहरी आस्था प्रकट की और अपने परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस दौरान, मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए थे।
जतारा में सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर छोटी देवी मंदिर में आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। इस शुभ दिन पर, मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी और पूरे दिन भक्तों का तांता लगा रहा। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने माँ छोटी देवी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपने
परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के पुजारी पंडित श्री गोविंद राम तिवारी ने बताया कि धार्मिक दृष्टि से सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व है। उनके अनुसार, इस पवित्र दिन पर पूजा-पाठ, दान-पुण्य और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। पंडित तिवारी ने यह भी कहा कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति भाव से की गई आराधना से मन
को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। सोमवती अमावस्या के इस अवसर पर, मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय वातावरण छाया रहा। श्रद्धालुओं ने माँ के दरबार में अपनी गहरी आस्था प्रकट की और अपने परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस दौरान, मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए थे।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में 'समृद्ध एमएसएमई-विकसित मध्यप्रदेश' कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया है। इस कार्यक्रम के साथ ही मध्य प्रदेश में MSME क्षेत्र को बढ़ावा देने और राज्य के विकास को गति देने के प्रयासों को एक नई दिशा मिली है।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। जानकारी के मुताबिक, विभाग के कर्मचारियों ने एक बिना नंबर के ओवरलोड डंपर को रास्ते में रोका था। चौंकाने वाली बात यह है कि नियमों के उल्लंघन के बावजूद, कथित तौर पर अधिकारियों ने उस डंपर को 'मुस्कुराकर' छोड़ दिया, जिसे खनिज विभाग की 'मेहरबानी' बताया जा रहा है।1
- राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों के संबंध में एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। दोनों नेताओं ने यह बयान दिया है कि उत्तर प्रदेश का यह आगामी चुनाव देश का आखिरी चुनाव होगा, और उनका यह कथन एक अनिर्दिष्ट शर्त पर निर्भर करेगा।1
- सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो लोगों को मजदूरों की असाधारण मेहनत, हिम्मत और रोजी-रोटी के लिए उनके संघर्ष की याद दिला रहा है। इस वीडियो में तीन मजदूर सैकड़ों फीट की अविश्वसनीय ऊंचाई पर एक लोहे के ढांचे पर बैठे हुए, बेहद आराम से अपना भोजन करते नजर आ रहे हैं। अनुमान है कि वे किसी टावर, पुल या किसी ऊंची इमारत के निर्माण कार्य में लगे हैं। उनके चारों ओर दूर-दूर तक पहाड़ी इलाका और नीचे गहरी खाई स्पष्ट दिखाई देती है, ऐसी ऊंचाई जिसे देखकर किसी भी आम व्यक्ति के हाथ-पैर कांप सकते हैं। इसके बावजूद, ये मजदूर पूरी सामान्यता के साथ वहां भोजन करते दिख रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तीनों मजदूर अपने-अपने टिफिन खोलकर खाना खा रहे हैं और पास रखी प्लास्टिक की बोतलों से पानी पीते दिख रहे हैं। उनके चेहरे पर न तो डर का कोई निशान है और न ही किसी तरह की बेचैनी। ऐसा लगता है मानो यह जोखिम भरा माहौल उनके रोजमर्रा के जीवन का एक सामान्य हिस्सा हो। यही बात देखने वालों को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रही है, क्योंकि जहां अधिकांश लोग इतनी ऊंचाई पर कुछ मिनट भी खड़े रहने की कल्पना नहीं कर सकते, वहीं ये मजदूर वहां बैठकर आराम से भोजन कर रहे हैं। यह वीडियो लोगों को उन मेहनतकश मजदूरों की जिंदगी के बारे में सोचने पर मजबूर कर रहा है, जो हर दिन ऐसे जोखिम भरे माहौल में काम करते हैं। लोग अक्सर बड़ी-बड़ी इमारतें, टावर और पुल देखकर तो प्रभावित होते हैं, लेकिन उन्हें बनाने वाले इन मजदूरों की कठिनाइयों और संघर्षों पर कम ही ध्यान देते हैं। यह वीडियो उन अनदेखे नायकों की मेहनत को सामने लाने का काम कर रहा है, जो पेट के लिए मौत को मात देते हैं। इस वीडियो को देखकर कई लोगों की सांसें थम गईं, क्योंकि यह दिखाता है कि जहां डर खत्म होता है, वहीं से मजदूरों की जिंदगी शुरू होती है।1
- टीकमगढ़ जिले के लुहरगुवां गांव में बिजली का ट्रांसफार्मर कई महीनों से खराब पड़ा है, जिससे ग्रामीण गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, गांव के इस मुख्य ट्रांसफार्मर के खराब होने के बावजूद बिजली विभाग के कर्मचारी और अधिकारी इस समस्या पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस अनदेखी के कारण पूरे गांव के लोग बिजली कटौती और अन्य संबंधित परेशानियों से त्रस्त हैं और उन्हें भारी असुविधा हो रही है।1
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा विकास खंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टांनगा में श्री राम महायज्ञ के उपलक्ष्य में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।1
- भारत में एक ऐसे भूतिया गाँव की चर्चा है, जिसे देश का सबसे बड़ा भूतिया गाँव माना जाता है। इस रहस्यमयी गाँव की पहचान इस बात से जुड़ी है कि यहाँ एक ही पल में 5000 लोग अचानक गायब हो गए थे।1
- लिधौरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 63 लीटर अवैध शराब जब्त की है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।1
- टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ क्षेत्र स्थित लुहर्रा गांव के ऐतिहासिक चंदेलकालीन तालाब में जहर मिलाने की घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इस घटना के बाद तालाब की छोटी-बड़ी सभी मछलियां मरकर किनारे पर तैरती मिलीं। तालाब में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा विषैला पदार्थ डाले जाने की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण इतनी बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हुई। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर तालाब के ठेकेदार पर जानबूझकर यह विषैला पदार्थ डालने का गंभीर आरोप लगाया है। यह चंदेलकालीन तालाब इलाके के खेती-किसानी और पशुओं के लिए एक महत्वपूर्ण जलस्रोत है, और ग्रामीणों का कहना है कि इस जहरीले पानी को पीने से मवेशियों की हालत भी खराब हो सकती है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तालाब के पानी की जांच कराने और दोषी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस ऐतिहासिक धरोहर और महत्वपूर्ण जलस्रोत को नुकसान पहुँचाने की इस घटना से पूरे क्षेत्र में गहरा आक्रोश है।1