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हरदोई जिले के जगदीशपुर में स्थित सुरजीपुर गांव की सड़क कई सालों से खराब हालत में है। इस जर्जर सड़क के कारण स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस सड़क का निर्माण जल्द से जल्द कराने की मांग की है।
Manoj kumar
हरदोई जिले के जगदीशपुर में स्थित सुरजीपुर गांव की सड़क कई सालों से खराब हालत में है। इस जर्जर सड़क के कारण स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस सड़क का निर्माण जल्द से जल्द कराने की मांग की है।
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- फर्रुखाबाद जनपद में ई-रिक्शा में यात्रा कर रही एक महिला के साथ बड़ी वारदात सामने आई है, जिसमें नकाबपोश महिलाओं और ई-रिक्शा चालक की कथित मिलीभगत से उसके बैग से लाखों के जेवर चोरी कर लिए गए। इस घटना से जनपद में ई-रिक्शा सफर के दौरान जेवरात पार करने वाले गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। लुटेरे करीब 9 तोला सोने के जेवर और लगभग 730 ग्राम चांदी के जेवर लेकर फरार हो गए। राजेपुर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव की निवासी कांता देवी अपनी बहू के साथ रिश्तेदारी में शमशाबाद जाने के लिए पांचाल घाट गोल चक्कर से ई-रिक्शा में बैठी थीं। पीड़िता ने चालक से लाल दरवाजा और टाउन हॉल तहसील के पास छोड़ने को कहा था। आरोप है कि जब ई-रिक्शा लाल दरवाजा पहुंचा, तो वहां पहले से मौजूद दो नकाबपोश महिलाएं, जिनमें एक युवती भी शामिल थी, उसी रिक्शा में सवार हो गईं। सफर के दौरान इन महिलाओं ने बातचीत और चकमा देकर पीड़िता का ध्यान भटकाए रखा। दोपहर लगभग 1 बजे 15 जून 2026 को जब ई-रिक्शा टाउन हॉल क्षेत्र के पास पहुंचा और पीड़िता ने अपना बैग बहू को पकड़ाया, तो उसे उसका वजन कम महसूस हुआ। बैग की चेन खोलकर देखने पर पता चला कि उसमें रखे सोने और चांदी के सभी जेवर गायब थे। इस वारदात के बाद पीड़िता काफी देर तक ई-रिक्शा चालक को तलाशती रही, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उसने 16 जून को पांचाल घाट पहुंचकर डायल 112 पुलिस को सूचना दी और पूरी घटना से अवगत कराया। घटना के बाद क्षेत्र में सार्वजनिक वाहनों में महिलाओं को निशाना बनाने वाले गिरोह के सक्रिय होने की चर्चा है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। सार्वजनिक वाहनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को सावधानी बरतने और अपने कीमती सामान को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है, साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देने को कहा गया है।4
- फर्रुखाबाद जिला प्रशासन ने आगामी मानसून और संभावित बाढ़ आपदा से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इन तैयारियों को परखने के लिए राहत एवं बचाव कार्यों की एक मेगा मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया। प्रशासन ने गंगा और रामगंगा नदी के किनारे बसे गांवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 52 बाढ़ चौकियां और 24 बाढ़ शरणालय स्थापित करने की योजना बनाई है। जिलाधिकारी अंकुर लाठर ने बताया कि जिले में 77 अतिसंवेदनशील और 112 संवेदनशील गांवों की पहचान कर उन पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 15 जून के बाद सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया जाएगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 15 से 25 जून के बीच मानसून के फर्रुखाबाद पहुंचने की संभावना है। फर्रुखाबाद जिले में लगभग 68 किलोमीटर लंबा गंगा तटीय क्षेत्र है, जिसके कारण हर वर्ष 300 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। कई क्षेत्रों में बाढ़ के साथ-साथ कटान की समस्या भी गंभीर रूप ले लेती है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, सदर तहसील के 37, कायमगंज के 113 और अमृतपुर के 172 गांव बाढ़ प्रभावित श्रेणी में आते हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए सदर तहसील में 5, कायमगंज में 6 और अमृतपुर में 13 बाढ़ शरणालय बनाए जाएंगे, वहीं सदर में 4, कायमगंज में 15 और अमृतपुर में 33 बाढ़ चौकियां स्थापित की जाएंगी। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जिले में कुल 191 नावों और उनके नाविकों की तैनाती की जाएगी, जिनमें सदर तहसील की 30, कायमगंज की 54 और अमृतपुर की 107 नावें शामिल हैं। इसके अलावा, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सदर क्षेत्र में 5, कायमगंज में 28 और अमृतपुर में 20 गोताखोरों को भी तैनात किया जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य लक्ष्य बाढ़ के दौरान जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखना है, जिसके लिए सभी विभागों को समय रहते पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन मानसून से पहले ही अलर्ट मोड में आ गया है।1
- फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में एक पति पर अपनी पत्नी को तलाक का भय दिखाकर देवर से हलाला कराने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने पति सहित उसके दो भाइयों के खिलाफ मुस्लिम महिला विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। शहर के एक मोहल्ले की निवासी महिला का निकाह 3 मई 2015 को मऊदरवाजा के बीबीगंज निवासी एक युवक से हुआ था। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें एक पुत्री और तीन पुत्र शामिल हैं। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि शादी के शुरुआती दिनों से ही पति उस पर दबाव बनाता था कि वह उसके भाई के साथ भी पत्नी की तरह रहे। महिला के विरोध करने पर आरोपी पति ने उसे तीन तलाक का डर दिखाया और अपने देवर के साथ हलाला करने के लिए मजबूर किया। पीड़िता के अनुसार, 10 मई को पति और उसके दो देवरों ने मिलकर महिला की पिटाई की और उसे घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद 23 मई को पति ने अपने वकील के माध्यम से महिला को तीन तलाक का नोटिस भी भिजवाया। महिला ने पुलिस को दी तहरीर में यह भी आरोप लगाया है कि उसका पति बच्चों के साथ भी मारपीट और क्रूरता करता है। उसने अपने बच्चों को वापस दिलाने की मांग की है। फतेहगढ़ कोतवाली के प्रभारी तेज सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले की जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।4
- फर्रुखाबाद में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में भेदभाव बरते जाने का आरोप सामने आया है।1
- फर्रुखाबाद के गढ़िया ढिलवाल स्थित प्रभु जी पैलेस में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा एक सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।1
- फर्रुखाबाद में पति समेत तीन लोगों पर तीन तलाक और हलाला का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगा है। इस आरोप के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।1
- फर्रुखाबाद से एक अपडेटेड खबर मिली है। दर्शकों से यह भी अनुरोध किया गया है कि वे खबर देखने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें और उसे लाइक करें।1
- जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के लालबाग हमीरपुर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मैदा से भरा एक ट्रक अचानक पलट गया। यह घटना तब हुई जब ट्रक एक बेकरी पर मैदा के पैकेट उतार रहा था और इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया, जिससे वह एक ओर पलट गया। ट्रक के पलटते ही आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मैदा के पैकेट उतारते समय ही वाहन असंतुलित होकर पलट गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में ट्रक चालक और परिचालक सुरक्षित बच गए, तथा किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, लेकिन स्थानीय लोगों के मौके पर पहुंचने और हालात सामान्य कराने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली, क्योंकि कोई गंभीर घायल नहीं हुआ और एक बड़ा हादसा टल गया।1