रांची में समाजसेवी और वार्ड संख्या 23 के पार्षद प्रतिनिधि खालिद उमर के समर्थन में शहर के कई जिम्मेदार नागरिक और सामाजिक प्रतिनिधि एकजुट हुए हैं, जिन्होंने अपनी आवाज बुलंद की है। समर्थकों का आरोप है कि शिलान्यास के एक शिलापट पर खालिद उमर का नाम देखकर कुछ विरोधी बौखला गए और उन्होंने बेवजह एक विवाद खड़ा कर दिया। समर्थकों का कहना है कि यदि किसी साजिश के तहत खालिद उमर का नाम शिलापट से हटाया गया है, तो रांची नगर निगम को निष्पक्षता दिखाते हुए उन सभी शिलापटों पर समान कार्रवाई करनी चाहिए, जहां जनप्रतिनिधियों या अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने पर विचार किया जाएगा। सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि पत्थरों से नाम मिटाने वाले यह याद रखें कि जनता के दिलों में बनी पहचान कभी नहीं मिटाई जा सकती; शिलापट से नाम हट सकता है, लेकिन लोगों के विश्वास से नहीं। समर्थकों ने दावा किया कि खालिद उमर अब केवल एक नाम नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और सेवा की पहचान बन चुके हैं, और विरोध से उनकी पहचान कमजोर नहीं होगी, बल्कि और मजबूत होगी। रांची के जिम्मेदार नागरिकों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, समान नियमों के पालन और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि कानून और प्रशासन का रवैया सभी के लिए एक समान होना चाहिए।
रांची में समाजसेवी और वार्ड संख्या 23 के पार्षद प्रतिनिधि खालिद उमर के समर्थन में शहर के कई जिम्मेदार नागरिक और सामाजिक प्रतिनिधि एकजुट हुए हैं, जिन्होंने अपनी आवाज बुलंद की है। समर्थकों का आरोप है कि शिलान्यास के एक शिलापट पर खालिद उमर का नाम देखकर कुछ विरोधी बौखला गए और उन्होंने बेवजह एक विवाद खड़ा कर दिया। समर्थकों का कहना है कि यदि किसी साजिश के तहत खालिद उमर का नाम शिलापट से हटाया गया है, तो रांची नगर निगम को निष्पक्षता दिखाते हुए उन सभी शिलापटों पर समान कार्रवाई करनी चाहिए, जहां जनप्रतिनिधियों या अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने पर विचार किया जाएगा। सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि पत्थरों से नाम मिटाने वाले यह याद रखें कि जनता के दिलों में बनी पहचान कभी नहीं मिटाई जा सकती; शिलापट से नाम हट सकता है, लेकिन लोगों के विश्वास से नहीं। समर्थकों ने दावा किया कि खालिद उमर अब केवल एक नाम नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और सेवा की पहचान बन चुके हैं, और विरोध से उनकी पहचान कमजोर नहीं होगी, बल्कि और मजबूत होगी। रांची के जिम्मेदार नागरिकों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, समान नियमों के पालन और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि कानून और प्रशासन का रवैया सभी के लिए एक समान होना चाहिए।
- मगध अम्रपाली क्षेत्र और सेंट्रल हॉल फील्ड लिमिटेड में खनन और कोयला उत्पादन सीमित मात्रा में हो रहा है।1
- रामगढ़ जिले में पिछले एक महीने से जलापूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की इस परेशानी को देखते हुए JLKM संगठन उनके समर्थन में आगे आया है। इस मुद्दे पर ग्रामीणों द्वारा विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है।1
- झारखंड के रामगढ़ जिले के भुरकुंडा में युवाओं के लिए एक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।1
- गुरुवार को खूंटी जिले के मुरहू स्थित मेन रोड के शिव कॉम्प्लेक्स में एक नए जूता-चप्पल शोरूम 'खुशी शू पैलेस' का शुभ उद्घाटन किया गया। इस प्रतिष्ठान का उद्घाटन संचालक सुधीर भगत की माता मालती देवी और मुखिया ज्योति डोडराय ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने नए व्यवसाय की सफलता की कामना करते हुए ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद एवं बेहतर सेवा प्रदान करने की शुभकामनाएं दीं। संचालक सुधीर भगत ने जानकारी दी कि शोरूम में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के लिए विभिन्न ब्रांडों के जूते-चप्पलों की एक विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है। ग्राहकों के लिए उद्घाटन के अवसर पर विशेष छूट और आकर्षक उपहार की भी व्यवस्था की गई है। इस समारोह में स्थानीय गणमान्य नागरिक, परिजन और शुभचिंतक उपस्थित रहे।1
- झारखंड के रांची में दशम फॉल क्षेत्र से एक कथित वायरल वीडियो सामने आया है, जिसमें कार में सवार युवतियां डरी और सहमी हुई दिखाई देती हैं। वीडियो में कार चालक को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वे किसी सुरक्षित स्थान की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि रास्ता बदलने के बावजूद स्कॉर्पियो सवार युवकों ने उनकी गाड़ी का पीछा किया और आगे जाकर उनके वाहन को रोक दिया। पुलिस ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए संबंधित वाहन को जब्त कर लिया है और कथित आरोपियों की पहचान भी कर ली गई है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में जांच अभी जारी है। इस वीडियो का उद्देश्य उपलब्ध जानकारी को सार्वजनिक जागरूकता के लिए प्रस्तुत करना है, और जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएंगे।1
- झारखंड के रांची जिले में लोग टूटी सड़कों, बदहाल व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की कमी से त्रस्त हैं और अपनी पीड़ा खुलकर व्यक्त कर रहे हैं। एक ओर जहां आम जनता बुनियादी अभावों से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर सत्ता और व्यवस्था से जुड़े व्यक्तियों के आलीशान बंगले विकास की एक बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करते हैं, जो इस विषमता को और भी उजागर करती है। इस गंभीर विरोधाभास को देखते हुए जनता अब यह सवाल उठा रही है कि आखिर विकास का वास्तविक लाभ कब आम लोगों तक पहुंचेगा। इसी निराशा और दर्द को व्यक्त करते हुए वे अब गीतों के माध्यम से अपनी शिकायतें और प्रश्न सामने ला रहे हैं।1
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