जयपुर के बगरू रीको औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़ा हादसा होने से टल गया, जहाँ अल सुबह एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उच्च क्षमता वाली विद्युत लाइन के पोल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पोल टूटकर दूसरी विद्युत लाइन पर जा गिरा। यह घटना रीको एरिया में स्थित कमल सरिया फैक्ट्री के बाहर हुई, जिसके बाद टक्कर मारने वाला वाहन चालक मौके से फरार हो गया। गनीमत रही कि विद्युत तारों में शॉर्ट सर्किट या आग नहीं लगी, वरना नीचे संचालित होने वाली गरीबों की दुकानें और ठेले इसकी चपेट में आ सकते थे। घटना के बाद क्षेत्र में काफी देर तक दहशत का माहौल बना रहा और लोग हादसे की आशंका से सहमे रहे। स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए गहरी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि घटना के करीब दो घंटे बीत जाने के बाद भी विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके का जायजा लेने नहीं पहुंचा। विभाग के इस रवैये से नाराज स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग से क्षतिग्रस्त पोल को जल्द से जल्द बदलने और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
जयपुर के बगरू रीको औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़ा हादसा होने से टल गया, जहाँ अल सुबह एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उच्च क्षमता वाली विद्युत लाइन के पोल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पोल टूटकर दूसरी विद्युत लाइन पर जा गिरा। यह घटना रीको एरिया में स्थित कमल सरिया फैक्ट्री के बाहर हुई, जिसके बाद टक्कर मारने वाला वाहन चालक मौके से फरार हो गया। गनीमत रही कि विद्युत तारों में शॉर्ट सर्किट या आग नहीं लगी, वरना नीचे संचालित होने वाली गरीबों की दुकानें और ठेले इसकी चपेट में आ सकते थे। घटना के बाद क्षेत्र में काफी देर तक दहशत का माहौल बना रहा और लोग हादसे की आशंका से सहमे रहे। स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए गहरी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि घटना के करीब दो घंटे बीत जाने के बाद भी विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके का जायजा लेने नहीं पहुंचा। विभाग के इस रवैये से नाराज स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग से क्षतिग्रस्त पोल को जल्द से जल्द बदलने और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
- राजस्थान की राजधानी जयपुर में रिश्तों को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां सरकारी नौकरी और प्रॉपर्टी हासिल करने की चाहत में एक बेटी ने अपने ही ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर अपनी मां की हत्या की साजिश रची। आरोपियों ने 7 लाख रुपये की सुपारी देकर 45 वर्षीय मां नीरज शर्मा को स्कॉर्पियो गाड़ी से कुचलवाकर मार डाला। पुलिस के अनुसार, यह दर्दनाक वारदात 3 जुलाई की शाम करीब 4 बजकर 45 मिनट पर जयपुर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र में हुई, जब कोर्ट में एलडीसी के पद पर कार्यरत नीरज शर्मा अपने बेटे को कोचिंग छोड़कर वापस घर लौट रही थीं। इसी दौरान लगभग 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही एक स्कॉर्पियो ने उन्हें ऐसी भीषण टक्कर मारी कि उनका शरीर करीब 100 फीट दूर जाकर गिरा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद चालक मौके से फरार हो गया था। शुरुआत में यह मामला एक साधारण सड़क हादसा लग रहा था, लेकिन पुलिस की गहराई से की गई जांच और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद हत्या की इस बड़ी साजिश का खुलासा हुआ। डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा के मुताबिक, नीरज शर्मा के पति के निधन के बाद उन्हें अनुकंपा नियुक्ति के तहत एलडीसी की नौकरी मिली थी। उनकी बेटी आयुषी शर्मा की नजर मां की इसी सरकारी नौकरी और संपत्ति पर थी, जिसे लेकर पिछले दो-तीन वर्षों से मां-बेटी में लगातार विवाद चल रहा था। आयुषी चाहती थी कि पिता की जगह उसे नौकरी मिले, लेकिन मां ने खुद नौकरी जॉइन कर ली, जिसके बाद उसने मां को रास्ते से हटाने की साजिश रची। जांच में सामने आया कि आयुषी ने अपने ताऊ मोहन स्वरूप और चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ मिलकर भरतपुर के हेमंत शर्मा को 7 लाख रुपये की सुपारी दी थी। आरोपियों ने पहले एक थार गाड़ी किराए पर लेकर कई दिनों तक रेकी की, लेकिन तब वारदात को अंजाम नहीं दे पाए। इसके बाद करीब एक महीने तक निगरानी रखने के बाद पूरी योजना के तहत स्कॉर्पियो से टक्कर मारी गई। वारदात के दिन मोहित शर्मा लगातार नीरज शर्मा की लोकेशन दे रहा था, जबकि रोहित जाटव बाइक से निगरानी कर रहा था। वारदात के वक्त आकाश शर्मा स्कॉर्पियो चला रहा था और अरविंद शर्मा उसके साथ गाड़ी में बैठा था। वारदात के बाद ये आरोपी गाड़ी छोड़कर बाइक से फरार हो गए। मृतका के भाई राकेश कुमार शर्मा ने शिकायत में बताया कि उनकी बहन पहले भी बेटी, ससुराल पक्ष और जेठ के बेटे द्वारा प्रॉपर्टी विवाद में प्रताड़ित किए जाने और जान से मारने की धमकियां मिलने की बात कह चुकी थीं। पुलिस की पूछताछ में आरोपी बेटी आयुषी शर्मा ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह पिता की जगह नौकरी और संपत्ति पाना चाहती थी, इसीलिए उसने अपनी मां की हत्या करवाई। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में आयुषी शर्मा, मोहन स्वरूप, मोहित शर्मा, आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, हेमंत शर्मा और रोहित जाटव सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मुख्य आरोपी बलराम उर्फ रवि फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार तलाश कर रही है।1
- जयपुर के चाकसू क्षेत्र में एक स्कूल के भीतर ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई, जिसके कारण ग्रामीणों को मौके पर पहुंचना पड़ा। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने कड़ा कदम उठाते हुए स्कूल को ही बंद करवा दिया। फिलहाल इस मामले में स्कूल के भीतर घटित हुई उन परिस्थितियों का खुलासा होना बाकी है, जिनकी वजह से ग्रामीणों को स्कूल को बंद करने जैसा कड़ा फैसला लेने पर मजबूर होना पड़ा।1
- जयपुर के एक रेस्टोरेंट में उस समय भारी हंगामा मच गया, जब एक पति ने अपनी पत्नी को किसी अन्य व्यक्ति के साथ देखा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि, केवल वायरल वीडियो के आधार पर इस मामले में शामिल लोगों के आपसी रिश्तों या लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से कोई पुष्टि नहीं की जा सकती है। इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई संबंधित पक्षों के बयानों और मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।1
- जयपुर के चौमूं में SDM आशीष शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में SDM एक बुजुर्ग की समस्या को बेहद गंभीरता से सुनते हुए नजर आ रहे हैं और उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर उस समस्या का तत्काल समाधान भी कर दिया। SDM के इस त्वरित और संवेदनशील कार्यशैली की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स उन्हें युवा, कार्यशील और जनहित के प्रति समर्पित अधिकारी बताते हुए यह कह रहे हैं कि देश को ऐसे ही जिम्मेदार अफसरों की जरूरत है जो आमजन की समस्याओं का समय पर निस्तारण करें। हालांकि, वायरल हो रहे इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके बावजूद इसे लेकर लोगों के बीच काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।1
- राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अजमेर RIICO के सीनियर डिप्टी जनरल मैनेजर अंजय विश्वकर्मा और ब्यावर RIICO उप इकाई के कनिष्ठ सहायक कमलेश गुर्जर को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इन अधिकारियों को क्रमश: ₹50,000 और ₹35,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया, जो कुल मिलाकर ₹85,000 है। दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने परिवादी से काम करने की एवज में यह रिश्वत मांगी थी। शिकायत प्राप्त होने और उसके सत्यापन के बाद ACB ने ट्रैप कार्रवाई की, जिसमें ये दोनों आरोपी रिश्वत लेते हुए पकड़े गए। फिलहाल ACB द्वारा आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।1
- भारत में मस्जिदों और मदरसों के अनावश्यक विध्वंस को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसे 1947 के पूजा स्थल अधिनियम और संविधान के विरुद्ध बताते हुए तत्काल प्रभाव से विध्वंस रोकने की मांग की गई है। नमाज पढ़ने के स्थानों और इस्लामिक मदरसों को शिक्षा विकास के लिए जरूरी बताते हुए इन्हें बचाए रखने पर जोर दिया गया है। आरोप है कि बीजेपी सरकार की प्रणाली और तानाशाही के चलते भारत में मुस्लिम समुदाय के लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। इसके साथ ही, भारत में सामाजिक कल्याण गतिविधियों और विकास क्रांति के लिए दान की अपील की गई है।3
- बाड़मेर रोडवेज बस स्टैंड पर 2nd Grade परीक्षा देने जा रहे एक छात्र और बस कंडक्टर के बीच झड़प हो गई है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा रोष और नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का मानना है कि परीक्षा देने आए छात्रों के साथ हमेशा सहयोग और संवेदनशील व्यवहार किया जाना चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि परीक्षा के समय आने-जाने वाले अभ्यर्थियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए पूरी परिवहन व्यवस्था और रोडवेज स्टाफ का व्यवहार जिम्मेदार होना चाहिए।1