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ग्राम पंचायत लुडावली में स्थित आंगनबाड़ी की हालत काफी बिगड़ी हुई है। बताया गया है कि स्थानीय प्रशासन द्वारा इस गंभीर स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
Patrakar वंदे भारत न्यूज़
ग्राम पंचायत लुडावली में स्थित आंगनबाड़ी की हालत काफी बिगड़ी हुई है। बताया गया है कि स्थानीय प्रशासन द्वारा इस गंभीर स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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- अम्बाह/मुरैना जिले की पोरसा तहसील के ग्राम रावतकी निवासी किसान रामसेवक सिंह तोमर पुत्र अमर सिंह तोमर ने मूंग खरीदी पंजीयन में कथित फर्जीवाड़े की शिकायत की है, संबंधित अधिकारियों से जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। किसान द्वारा प्रस्तुत आवेदन के अनुसार, उनकी भूमि खसरा क्रमांक 865, 1090, 1102/1, 1300 एवं 1303 पर लगभग 220 आरे रकबे में मूंग की फसल बोई गई थी, जिसका सत्यापन संबंधित पटवारी द्वारा किया गया था। किसान का आरोप है कि जब वह शासकीय खरीदी हेतु पंजीयन कराने पहुंचे, तो उन्हें जानकारी मिली कि उनकी भूमि पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा कथित रूप से फर्जी तरीके से अपने नाम एवं बैंक खाते के माध्यम से पंजीयन करा लिया गया है। रामसेवक सिंह तोमर का कहना है कि इस फर्जी पंजीयन के कारण वे अपनी लगभग 40 क्विंटल मूंग की उपज का पंजीयन नहीं करा सके, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। पीड़ित किसान ने तहसीलदार पोरसा को एक आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा फर्जी पंजीयन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है। किसान ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाकर उन्हें न्याय दिलाया जाए।1
- यातायात जाम के कारण लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। इस स्थिति के बीच, कुछ ऐसे 'नमूने' या 'बेवकूफ' लोगों को भी देखा गया है, जो समस्या को और जटिल बना रहे हैं। यह पूरी बात 'जय बाबा की' के उद्घोष के साथ व्यक्त की गई है।1
- अंबाह नगर के सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं और प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसके बाद स्थानीय नागरिकों और मरीजों के परिजनों ने संबंधित अधिकारियों से अस्पताल की कार्यप्रणाली की जांच की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अस्पताल में स्टाफ की कमी के बावजूद कुछ ऐसे कर्मचारी मरीजों का उपचार और दवाइयां लगाने जैसे कार्य कर रहे हैं, जिनके पास इसका अधिकार नहीं है। विशेष रूप से, एम.एस.डब्ल्यू. (मल्टी पर्पज सपोर्ट वर्कर) धर्मेंद्र शर्मा पर मरीजों को दवाइयां लगाने का आरोप है, जबकि यह कार्य केवल प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ताओं ने एक अन्य कर्मचारी सौरभ मिश्रा पर चिकित्सकों के हस्ताक्षरों से संबंधित अनियमितताएं करने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, और अस्पताल प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि वर्तमान में चल रही स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के कारण अस्पताल में स्टाफ की भारी कमी है, जिससे मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। आरोप है कि दिन के समय मरीजों की देखभाल और अन्य कार्यों में लगे कुछ कर्मचारियों द्वारा इंजेक्शन लगाने जैसे चिकित्सकीय कार्य भी किए जा रहे हैं।1
- मोरैना जिले के अंबाह में भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण सामने आया है, जहाँ ग्राम पंचायत थरा में लगभग दो दिन पहले बना पहुँच मार्ग घटिया सामग्री और मानक-अनुरूप गुणवत्ता न होने के कारण धंसने लगा है। स्थानीय ग्रामीणों ने इसे सिस्टम में दीमक की तरह फैले भ्रष्टाचार का परिणाम बताया है, जिसने कठोर से कठोर तंत्र को भी खोखला कर दिया है। यह मामला थरा मुख्य मार्ग से शमशान मार्ग तक लगभग 300 मीटर के सीसी निर्माण से जुड़ा है, जिसमें मानकों के अनुरूप कार्य नहीं किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया और जिम्मेदारों ने अपनी भूमिका ठीक से नहीं निभाई। सड़क धंसने के बाद ग्रामीणों ने इसका विरोध भी किया है और मामले में कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में जनपद पंचायत अंबाह के सीईओ उमेश अवस्थी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि, "हम दिखवाते है अगर थरा में घटिया निर्माण कार्य हुआ है तो उसकी जाँच करवाते हैं"। यह घटना जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करती है और "भ्रष्टाचार का शमशान मार्ग" होने की बात को रेखांकित करती है, क्योंकि निर्माण के दो दिन के भीतर ही सड़क की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।1
- पोरसा क्षेत्र के तरसमा गांव में, तरसमा क्वारी और आसन नदी के संगम तट पर बन रहे पुल के निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण में गुणवत्ता मानकों की घोर अनदेखी की जा रही है, और पोल भराई के कार्य में घटिया तथा मिट्टीयुक्त बजरी का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण एजेंसी निर्धारित मानकों के विपरीत सामग्री का इस्तेमाल कर रही है, जिससे इस पुल की मजबूती और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने आशंका व्यक्त की है कि यदि समय रहते इसकी निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में यह पुल आमजन की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने ठेकेदार पर रात के समय बजरी का अवैध रूप से उत्खनन और निकासी करने का भी आरोप लगाया है। इन आरोपों को साबित करने के लिए ग्रामीणों ने वीडियो बनाए हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में गहरा रोष और नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे इस पुल निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके और सरकारी धन के दुरुपयोग को रोका जा सके। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की संबंधित निर्माण एजेंसी और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।4
- फतेहाबाद थाना क्षेत्र के ककरीली गांव में रविवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब रामकेश नामक एक युवक अपनी पत्नी से हुए विवाद के बाद शराब के नशे में हाईटेंशन विद्युत लाइन के टावर पर चढ़ गया। गांव ककरीली निवासी रामकेश पुत्र शैतान सिंह के इस कदम से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई, क्योंकि उन्हें किसी बड़े हादसे की आशंका थी और उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए युवक से बातचीत शुरू की। पुलिसकर्मियों ने परिजनों के साथ मिलकर करीब एक घंटे तक चले इस 'हाई वोल्टेज ड्रामा' के दौरान युवक को लगातार समझाने का प्रयास किया। अंततः, पुलिस और परिजनों की समझाइश के बाद युवक धीरे-धीरे टावर से सुरक्षित नीचे उतर आया। युवक के नीचे उतरते ही मौके पर मौजूद सभी लोगों ने राहत की सांस ली। गनीमत रही कि इस घटना के दौरान कोई अप्रिय हादसा नहीं हुआ और एक बड़ा संभावित दुर्घटना टल गई। पुलिस ने युवक को समझा-बुझाकर उसके परिजनों को सौंप दिया, और यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही, जहाँ ग्रामीणों ने समय रहते पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की, जिससे युवक की जान बच सकी।1
- भारत सरकार के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार, 14 जून को फतेहाबाद के शमसाबाद में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। खेरिया एयरफोर्स स्टेशन पहुँचने पर जनप्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ और पटका पहनाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। शमसाबाद में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने महाराणा प्रताप को अद्वितीय संघर्ष, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताते हुए उनके व्यक्तित्व की सराहना की। उन्होंने बल दिया कि महाराणा प्रताप ने अपने मान-सम्मान और मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया, और उनका जीवन हमें यह शिक्षा देता है कि देश और आत्मसम्मान से बढ़कर कुछ भी नहीं होता। जनसभा को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने केंद्र सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का भी विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, और आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बात को पूरी दुनिया अत्यंत गंभीरता से सुनती है। उन्होंने सरकार की आतंकवाद-विरोधी नीति, नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण, किसानों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं, आधारभूत संरचना के विकास और देश में निवेश बढ़ाने के प्रयासों का भी विशेष रूप से जिक्र किया। अपने संबोधन में, उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया की वक्तृत्व कला की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि उनमें अपनी बात को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की अद्भुत क्षमता है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल, फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर, राज्यसभा सदस्य नवीन जैन, मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया सहित जनपद के अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम लोग उपस्थित रहे।2
- गुरुवार को मुरैना जिले के हेतमपुर रेलवे स्टेशन के पास एक भीषण रेल हादसा हो गया, जहां आग लगने की अफवाह के कारण उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 19665) से कूदे चार यात्रियों की पातालकोट एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20424) की चपेट में आने से मौके पर ही दुखद मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे यात्रियों के बीच अचानक आग लगने की अफवाह फैल गई। इस अफवाह से घबराकर कई यात्री ट्रेन से नीचे कूद गए और रेलवे ट्रैक पर आ गए। दुर्भाग्यवश, उसी दौरान सामने वाले ट्रैक पर आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में ये यात्री आ गए। मृतकों की पहचान 35 वर्षीय आफरीन, 4 वर्षीय अशद, 60 वर्षीय सकुंतला और 58 वर्षीय वीरमा देवी के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलने पर रेलवे और पुलिस प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घटना की गहन जांच की जा रही है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।1