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अयोध्या के बीकापुर तहसील क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब एक किसान बरगद के पेड़ पर चढ़ गया और फांसी लगाकर आत्महत्या करने की चेतावनी देने लगा। यह घटना तहसील प्रांगण में एक हाईवोल्टेज ड्रामा का रूप ले चुकी है। किसान का आरोप है कि उसकी भूमि की गलत नाप-जोख की गई है, जिससे वह काफी परेशान है। उसने इस मामले में संबंधित अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही, किसान ने नायब तहसीलदार पर भी लापरवाही और गलत कार्रवाई करने का आरोप मढ़ा है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। फिलहाल, प्रशासन किसान को समझाने-बुझाने के प्रयास में जुटा हुआ है। भूमि माप विवाद को लेकर यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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अयोध्या के बीकापुर तहसील क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब एक किसान बरगद के पेड़ पर चढ़ गया और फांसी लगाकर आत्महत्या करने की चेतावनी देने लगा। यह घटना तहसील प्रांगण में एक हाईवोल्टेज ड्रामा का रूप ले चुकी है। किसान का आरोप है कि उसकी भूमि की गलत नाप-जोख की गई है, जिससे वह काफी परेशान है। उसने इस मामले में संबंधित अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही, किसान ने नायब तहसीलदार पर भी लापरवाही और गलत कार्रवाई करने का आरोप मढ़ा है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। फिलहाल, प्रशासन किसान को समझाने-बुझाने के प्रयास में जुटा हुआ है। भूमि माप विवाद को लेकर यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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- देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी जी 20 जून 2026 को किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी करेंगे। इस कदम से किसानों के चेहरों पर जल्द ही मुस्कान दिखाई देगी।1
- Post by Sandeep Srivastava Press4
- अयोध्या के रुदौली स्थित सराय अहमद गांव में सऊदी अरब से एक व्यक्ति का पार्थिव शरीर लगभग एक महीने बाद ताबूत में घर पहुंचने पर माहौल गमगीन हो गया। परिवार और बच्चे रोज उसके लौटने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन उनका इंतजार एक दर्दनाक खबर के साथ समाप्त हुआ। गैसराम रावत, जो सऊदी के अरार शहर में बकरी चराने का काम करते थे, बीमारी के कारण कोमा में चले गए थे और 26 मई को उनका निधन हो गया था। पूर्व विधायक रुश्दी मियां के प्रयासों से लंबी प्रक्रिया के बाद उनके शव को भारत लाया जा सका। जैसे ही ताबूत गांव पहुंचा और अंतिम दर्शन के लिए खोला गया, बच्चों और परिजनों की चीख-पुकार से पूरा गांव शोक में डूब गया। पूरे गांव ने नम आंखों से गैसराम को अंतिम विदाई दी।1
- अयोध्या जनपद के बीकापुर तहसील क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब एक किसान अपनी भूमि की कथित गलत नाप-जोख को लेकर विरोध स्वरूप एक बरगद के पेड़ पर चढ़ गया। किसान ने पेड़ पर चढ़कर फांसी लगाने की चेतावनी देते हुए अपनी बात जोर-जोर से रखी। उसका आरोप है कि उसकी जमीन की पैमाइश में अनियमितता बरती गई है, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान है। किसान ने इस मामले में नायब तहसीलदार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसान को समझाने-बुझाने का प्रयास शुरू किया। इस दौरान मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। फिलहाल, प्रशासन किसान को सुरक्षित नीचे उतारने और उसकी शिकायत की जांच कराने का आश्वासन दे रहा है। एसडीएम न्यायिक रमा प्रसाद त्रिपाठी मौके पर पहुंचकर किसान को समझाने-बुझाने का कार्य कर रहे हैं। मामले की आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।1
- अयोध्या के लालबाग निवासी 74 वर्षीय वरिष्ठ समाजसेवी ओम प्रकाश सिंह नाहर का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने अपने ही बेटे पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले ने समाज और संस्कारों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में ओम प्रकाश नाहर ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे ने धोखे से उनसे मकान अपने नाम करा लिया, उनकी आय के सभी साधन समाप्त कर दिए, और उन्हें आर्थिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खिड़की खोलने के विवाद में बेटे ने घर की दीवार तक तुड़वा दी। इसके अतिरिक्त, नाहर ने बताया कि उनकी बेटी के साथ भी अभद्रता की गई और उसे सार्वजनिक रूप से सड़क पर पीटा गया, जिससे वे अंदर तक टूट गए हैं। ओम प्रकाश नाहर ने अपना अधिकांश जीवन समाज सेवा और जरूरतमंदों की मदद में बिताया है, लेकिन अब बुढ़ापे में उन्हें अपने ही परिवार से संघर्ष करना पड़ रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि एक सम्मानित समाजसेवी अपने घर में सुरक्षित नहीं है, तो आम बुजुर्गों का क्या होगा। अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस बुजुर्ग पिता की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी।1
- सुल्तानपुर के कूरेभार क्षेत्र में कथित तौर पर लव जिहाद का एक मामला सामने आया है। कटका क्लब सामाजिक संस्था के अध्यक्ष डॉ. सौरभ मिश्रा को सूचना मिलने पर वे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय पुलिस को जानकारी दी। मौके पर डॉ. मिश्रा और पुलिस ने एक युवती और शकील नामक युवक को हिरासत में लिया। कूरेभार थाना प्रभारी उपेंद्र सिंह ने बताया कि यह पूरा मामला अयोध्या जनपद के इनायत नगर थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। इसकी सूचना इनायतनगर थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह को दे दी गई है ताकि आगे की विधिक कार्यवाही की जा सके। सूचना मिलने पर इनायतनगर थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नाबालिग लड़की और मुस्लिम युवक को अपनी हिरासत में ले लिया। प्रभारी निरीक्षक श्री सिंह ने पत्रकारों को बताया कि दोनों उनके थाना क्षेत्र के ही निवासी हैं। मामले में युवती नाबालिग है और दोनों अलग-अलग समुदायों से संबंधित हैं। पुलिस ने संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित जिला अधिकारी परिसर में एक फर्जी सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया गया है। लोगों को उस व्यक्ति के बालों के स्टाइल, उसकी दाढ़ी, वर्दी पर लगे एक स्टार और ढीली वर्दी के साथ-साथ उसके बोलने के गलत अंदाज़ पर शक हुआ। इसके बाद नागरिकों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।1
- डॉ राजेश गुप्ता के अनुसार, पुरषोत्तम माह के दौरान वृंदावन में हर जगह भक्ति का माहौल दिखाई दे रहा है, जहाँ भक्तों की भारी भीड़ आस्था और विश्वास का प्रतीक है। इस समय सभी लोग सेवा कार्यों में लगे हुए हैं। भोजन की शुद्धता को लेकर डॉ राजेश गुप्ता ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि आजकल लोग भूख लगने पर भी भोजन ग्रहण नहीं करते, क्योंकि उन्हें उसकी शुद्धता पर संदेह होता है। इसलिए, हम सभी को भोजन की शुद्धता के प्रति सदैव जागरूक और सावधान रहना चाहिए। डॉ राजेश गुप्ता यह भी बताते हैं कि पारंपरिक औजार 'फबड़ा' का नामोनिशान धीरे-धीरे मिटता जा रहा है। अब हर जगह आधुनिक तकनीक का उपयोग हो रहा है, जिसके कारण 'फबड़ा' अब जल्द देखने को नहीं मिलता।1
- अयोध्या से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 74 वर्षीय वरिष्ठ समाजसेवी ओम प्रकाश सिंह नाहर का एक दर्दनाक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने अपने ही बेटे पर उत्पीड़न और संपत्ति हड़पने का गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। ओम प्रकाश नाहर का आरोप है कि उनके बेटे ने धोखे से मकान अपने नाम करा लिया, उनके आय के सभी साधन समाप्त कर दिए, और उन्हें आर्थिक तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खिड़की खोलने के विवाद में उनके बेटे ने घर की दीवार तक तुड़वा दी। इसके अतिरिक्त, नाहर ने बताया कि उनकी बेटी के साथ भी अभद्रता की गई और उसे सार्वजनिक रूप से सड़क पर पीटा गया, जिससे वे अंदर तक टूट गए हैं। एक ऐसे व्यक्ति, जिसने अपना अधिकांश जीवन समाज सेवा में और जरूरतमंदों की मदद में बिताया, उन्हें बुढ़ापे में अपने ही घर में इस तरह के संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है। यह वीडियो वायरल होने के बाद समाज में यह सवाल उठ रहा है कि यदि एक सम्मानित समाजसेवी अपने ही घर में सुरक्षित नहीं है, तो सामान्य बुजुर्गों की क्या स्थिति होगी? अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस बुजुर्ग पिता की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा, उनके आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी, या यह मामला भी अन्य पारिवारिक विवादों की तरह फाइलों में दब जाएगा।1