*बेला-केमार में कम्पोजिट मदिरा दुकान को लेकर टकराव, दोनों पंचायतें बोलीं—नियमों का उल्लंघन हो रहा* *रामपुर बाघेलान* क्षेत्र में कम्पोजिट मदिरा दुकान के स्थान और संचालन को लेकर विवाद गहरा गया है। बेला और केमार, दोनों ग्राम पंचायतों ने जिला प्रशासन एवं आबकारी विभाग को अलग-अलग पत्र भेजकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। बेला सरपंच ने उठाए सवाल बेला ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती बेला मानेंद्र सिंह ने 1 जून 2026 को जिला आबकारी अधिकारी, सतना को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि बेला के नाम से संचालित कम्पोजिट मदिरा दुकान ग्राम सभा की एनओसी लिए बिना संचालित की जा रही है। पत्र के अनुसार, बेला के नाम पर दो दुकानें संचालित हो रही हैं, जबकि दुकान क्रमांक 01 कथित तौर पर केमार पंचायत क्षेत्र में संचालित हो रही है। सरपंच ने आरोप लगाया कि दुकान के संचालन से क्षेत्र में अवैध शराब पैकारी बढ़ रही है तथा चोरी, मारपीट और आपसी विवाद जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने दुकान क्रमांक 01 और 02 के स्थान एवं संचालन की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। *केमार पंचायत ने भी जताई आपत्ति* वहीं, केमार ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती शीला सेन ने कलेक्टर और जिला आबकारी अधिकारी, सतना को भेजे पत्र में कहा है कि शासन द्वारा मदिरा दुकान बेला में खोले जाने के लिए प्रस्तावित की गई थी, लेकिन उसे कथित रूप से केमार ग्राम पंचायत क्षेत्र में संचालित किया जा रहा है। केमार ग्राम सभा ने प्रस्ताव पारित कर मांग की है कि दुकान को केमार से हटाकर उसके प्रस्तावित स्थान बेला में संचालित कराया जाए। पंचायत का कहना है कि दुकान के कारण शराबियों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे गांव में आए दिन विवाद और झगड़े की स्थिति बन रही है। अब प्रशासन के सामने बड़ा सवाल एक ही मदिरा दुकान को लेकर दोनों पंचायतों के अलग-अलग लेकिन गंभीर सवाल सामने आए हैं। बेला पंचायत का कहना है कि उसके नाम की दुकान केमार क्षेत्र में चल रही है, जबकि केमार पंचायत का आरोप है कि दुकान का प्रस्तावित स्थान बेला था, इसलिए उसे केमार से हटाया जाना चाहिए। ऐसे में अब जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की जांच से ही स्पष्ट होगा कि दुकान के आवंटन, स्थान निर्धारण, ग्राम सभा की अनुमति और संचालन में नियमों *का कितना पालन हुआ है।* कलेक्टर साहब ध्यान दें—दो पंचायतों के सवालों का जवाब जांच के बाद मिलना जरूरी है। *बेला-केमार में कम्पोजिट मदिरा दुकान को लेकर टकराव, दोनों पंचायतें बोलीं—नियमों का उल्लंघन हो रहा* *रामपुर बाघेलान* क्षेत्र में कम्पोजिट मदिरा दुकान के स्थान और संचालन को लेकर विवाद गहरा गया है। बेला और केमार, दोनों ग्राम पंचायतों ने जिला प्रशासन एवं आबकारी विभाग को अलग-अलग पत्र भेजकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। बेला सरपंच ने उठाए सवाल बेला ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती बेला मानेंद्र सिंह ने 1 जून 2026 को जिला आबकारी अधिकारी, सतना को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि बेला के नाम से संचालित कम्पोजिट मदिरा दुकान ग्राम सभा की एनओसी लिए बिना संचालित की जा रही है। पत्र के अनुसार, बेला के नाम पर दो दुकानें संचालित हो रही हैं, जबकि दुकान क्रमांक 01 कथित तौर पर केमार पंचायत क्षेत्र में संचालित हो रही है। सरपंच ने आरोप लगाया कि दुकान के संचालन से क्षेत्र में अवैध शराब पैकारी बढ़ रही है तथा चोरी, मारपीट और आपसी विवाद जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने दुकान क्रमांक 01 और 02 के स्थान एवं संचालन की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। *केमार पंचायत ने भी जताई आपत्ति* वहीं, केमार ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती शीला सेन ने कलेक्टर और जिला आबकारी अधिकारी, सतना को भेजे पत्र में कहा है कि शासन द्वारा मदिरा दुकान बेला में खोले जाने के लिए प्रस्तावित की गई थी, लेकिन उसे कथित रूप से केमार ग्राम पंचायत क्षेत्र में संचालित किया जा रहा है। केमार ग्राम सभा ने प्रस्ताव पारित कर मांग की है कि दुकान को केमार से हटाकर उसके प्रस्तावित स्थान बेला में संचालित कराया जाए। पंचायत का कहना है कि दुकान के कारण शराबियों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे गांव में आए दिन विवाद और झगड़े की स्थिति बन रही है। अब प्रशासन के सामने बड़ा सवाल एक ही मदिरा दुकान को लेकर दोनों पंचायतों के अलग-अलग लेकिन गंभीर सवाल सामने आए हैं। बेला पंचायत का कहना है कि उसके नाम की दुकान केमार क्षेत्र में चल रही है, जबकि केमार पंचायत का आरोप है कि दुकान का प्रस्तावित स्थान बेला था, इसलिए उसे केमार से हटाया जाना चाहिए। ऐसे में अब जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की जांच से ही स्पष्ट होगा कि दुकान के आवंटन, स्थान निर्धारण, ग्राम सभा की अनुमति और संचालन में नियमों *का कितना पालन हुआ है।* कलेक्टर साहब ध्यान दें—दो पंचायतों के सवालों का जवाब जांच के बाद मिलना जरूरी है।
*बेला-केमार में कम्पोजिट मदिरा दुकान को लेकर टकराव, दोनों पंचायतें बोलीं—नियमों का उल्लंघन हो रहा* *रामपुर बाघेलान* क्षेत्र में कम्पोजिट मदिरा दुकान के स्थान और संचालन को लेकर विवाद गहरा गया है। बेला और केमार, दोनों ग्राम पंचायतों ने जिला प्रशासन एवं आबकारी विभाग को अलग-अलग पत्र भेजकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। बेला सरपंच ने उठाए सवाल बेला ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती बेला मानेंद्र सिंह ने 1 जून 2026 को जिला आबकारी अधिकारी, सतना को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि बेला के नाम से संचालित कम्पोजिट मदिरा दुकान ग्राम सभा की एनओसी लिए बिना संचालित की जा रही है। पत्र के अनुसार, बेला के नाम पर दो दुकानें संचालित हो रही हैं, जबकि दुकान क्रमांक 01 कथित तौर पर केमार पंचायत क्षेत्र में संचालित हो रही है। सरपंच ने आरोप लगाया कि दुकान के संचालन से क्षेत्र में अवैध शराब पैकारी बढ़ रही है तथा चोरी, मारपीट और आपसी विवाद जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने दुकान क्रमांक 01 और 02 के स्थान एवं संचालन की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। *केमार पंचायत ने भी जताई आपत्ति* वहीं, केमार ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती शीला सेन ने कलेक्टर और जिला आबकारी अधिकारी, सतना को भेजे पत्र में कहा है कि शासन द्वारा मदिरा दुकान बेला में खोले जाने के लिए प्रस्तावित की गई थी, लेकिन उसे कथित रूप से केमार ग्राम पंचायत क्षेत्र में संचालित किया जा रहा है। केमार ग्राम सभा ने प्रस्ताव पारित कर मांग की है कि दुकान को केमार से हटाकर उसके प्रस्तावित स्थान बेला में संचालित कराया जाए। पंचायत का कहना है कि दुकान के कारण शराबियों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे गांव में आए दिन विवाद और झगड़े की स्थिति बन रही है। अब प्रशासन के सामने बड़ा सवाल एक ही मदिरा दुकान को लेकर दोनों पंचायतों के अलग-अलग लेकिन गंभीर सवाल सामने आए हैं। बेला पंचायत का कहना है कि उसके नाम की दुकान केमार क्षेत्र में चल रही है, जबकि केमार पंचायत का आरोप है कि दुकान का प्रस्तावित स्थान बेला था, इसलिए उसे केमार से हटाया जाना चाहिए। ऐसे में अब जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की जांच से ही स्पष्ट होगा कि दुकान के आवंटन, स्थान निर्धारण, ग्राम सभा की अनुमति और संचालन में नियमों *का कितना पालन हुआ है।* कलेक्टर साहब ध्यान दें—दो पंचायतों के सवालों का जवाब जांच के बाद मिलना जरूरी है। *बेला-केमार में कम्पोजिट मदिरा दुकान को लेकर टकराव, दोनों पंचायतें बोलीं—नियमों का उल्लंघन हो रहा* *रामपुर बाघेलान* क्षेत्र में कम्पोजिट मदिरा दुकान के स्थान और संचालन को लेकर विवाद गहरा गया है। बेला और केमार, दोनों ग्राम पंचायतों ने जिला प्रशासन एवं आबकारी विभाग को अलग-अलग पत्र भेजकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। बेला सरपंच ने उठाए सवाल बेला ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती बेला मानेंद्र सिंह ने 1 जून 2026 को जिला आबकारी अधिकारी, सतना को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि बेला के नाम से संचालित कम्पोजिट मदिरा दुकान ग्राम सभा की एनओसी लिए बिना संचालित की जा रही है। पत्र के अनुसार, बेला के नाम पर दो दुकानें संचालित हो रही हैं, जबकि दुकान क्रमांक 01 कथित तौर पर केमार पंचायत क्षेत्र में संचालित हो रही है। सरपंच ने आरोप लगाया कि दुकान के संचालन से क्षेत्र में अवैध शराब पैकारी बढ़ रही है तथा चोरी, मारपीट और आपसी विवाद जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने दुकान क्रमांक 01 और 02 के स्थान एवं संचालन की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। *केमार पंचायत ने भी जताई आपत्ति* वहीं, केमार ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती शीला सेन ने कलेक्टर और जिला आबकारी अधिकारी, सतना को भेजे पत्र में कहा है कि शासन द्वारा मदिरा दुकान बेला में खोले जाने के लिए प्रस्तावित की गई थी, लेकिन उसे कथित रूप से केमार ग्राम पंचायत क्षेत्र में संचालित किया जा रहा है। केमार ग्राम सभा ने प्रस्ताव पारित कर मांग की है कि दुकान को केमार से हटाकर उसके प्रस्तावित स्थान बेला में संचालित कराया जाए। पंचायत का कहना है कि दुकान के कारण शराबियों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे गांव में आए दिन विवाद और झगड़े की स्थिति बन रही है। अब प्रशासन के सामने बड़ा सवाल एक ही मदिरा दुकान को लेकर दोनों पंचायतों के अलग-अलग लेकिन गंभीर सवाल सामने आए हैं। बेला पंचायत का कहना है कि उसके नाम की दुकान केमार क्षेत्र में चल रही है, जबकि केमार पंचायत का आरोप है कि दुकान का प्रस्तावित स्थान बेला था, इसलिए उसे केमार से हटाया जाना चाहिए। ऐसे में अब जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की जांच से ही स्पष्ट होगा कि दुकान के आवंटन, स्थान निर्धारण, ग्राम सभा की अनुमति और संचालन में नियमों *का कितना पालन हुआ है।* कलेक्टर साहब ध्यान दें—दो पंचायतों के सवालों का जवाब जांच के बाद मिलना जरूरी है।
- मैहर में यातायात व्यवस्था ध्वस्त, फ्लाईओवर पर घंटों से जाम मैहर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। फ्लाईओवर पर घंटों से वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जिससे आमजन और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिम्मेदार विभागों की यातायात व्यवस्था पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर कब मिलेगा मैहरवासियों को जाम से निजात? मैहर में यातायात व्यवस्था ध्वस्त, फ्लाईओवर पर घंटों से जाम मैहर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। फ्लाईओवर पर घंटों से वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जिससे आमजन और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिम्मेदार विभागों की यातायात व्यवस्था पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर कब मिलेगा मैहरवासियों को जाम से निजात?1
- मुकुंदपुर में भ्रष्टचार का पर्दाफाश ग्राम पंचायत में लाखों के बिल और बह गई पहली बरसात में pcc रोड मुकुंदपुर में भ्रष्टचार का पर्दाफाश ग्राम पंचायत में लाखों के बिल और बह गई पहली बरसात में pcc रोड1
- खबर मैहर/अमरपाटन आरक्षण के मुद्दे में पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी का बड़ा बयान कहा आरक्षण जातिगत नहीं *आरक्षण के मुद्दे में पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी का बड़ा बयान कहा आरक्षण जातिगत नहीं बल्कि बल्कि आर्थिक आधार पर तय होना चाहिए यही बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूल सोच फलीभूत होगी,सर्व समाज संभाव की परिकल्पना साकार होगी। श्री त्रिपाठी ने कहा कि जिन दिनों ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा में आए थे तब ग्वालियर चंबल क्षेत्र में तामम उपचुनाव हुए थे। इस दौरान पार्टी ने मुझे भी जिम्मेवारी सौंपी थी तब स्थानीय लोगों की मांग पर मैने तत्कालिक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष सवर्ण आयोग की मांग रखी थी जिस पर उन्होंने सवर्ण आयोग के गठन की घोषणा की थी। लेकिन आजतक पता यह नहीं चला कि वह आयोग गया कहा और आज अस्तित्व में क्यों नहीं। क्या क्या कहा नारायण त्रिपाठी ने सुने वीडियो।*1
- सड़क नहीं तो पढ़ाई ठप: न्यूज़ का असर! प्रशासन ने लिया संज्ञान, शुरू हुआ सड़क निर्माण रामपुर बाघेलान विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करमऊ के पाल मोहल्ले में सड़क निर्माण कार्य शुरू हो गया है। लंबे समय से सड़क की समस्या से परेशान स्कूल जाने वाले बच्चों और ग्रामीणों को अब बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।कुछ दिन पहले सड़क की मांग को लेकर बच्चे स्कूल ड्रेस में जनसुनवाई में पहुंचे थे। बच्चों ने प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखी थी।2
- मैहर मे कांग्रेसियों ने एसडीएम मुर्दाबाद के लगाए नारे,। मैहर - जिला कांग्रेस द्वारा रैली निकालकर ज्ञापन सोपने ज़ब एसडीएम कार्यालय पहुंचे, मगर SDM के मौके पर न पहुंचने से नाराज कांग्रेसियों ने मैहर प्रशासन के मुर्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया, ईस बीच पुलिस ने मोर्चा संभाल रखा है। फिलहाल सभी कांग्रेस के पदाधिकारी एसडीएम कार्यालय गेट के सामने धरने पर बैठ गए।1
- *बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और बिजली-खाद संकट को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी मैहर जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन* *बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और बिजली-खाद संकट को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी मैहर जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन* मैहर - जिला कांग्रेस कमेटी मैहर के नेतृत्व में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की खाद एवं बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर महामहिम राज्यपाल के नाम जिला कांग्रेस कमेटी मैहर जिला अध्यक्ष धर्मेश घई (रोमी भैया) के नेतृत्व में अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार की नीतियों के विरोध में अपनी मांगें रखते हुए आम जनता और किसानों की समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि लगातार बढ़ रही महंगाई से आम नागरिक, मजदूर, किसान और मध्यम वर्ग प्रभावित हो रहा है। खाद्यान्न सामग्री, पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर सहित रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के दामों में वृद्धि से लोगों का जीवन कठिन होता जा रहा है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है और बिजली की समस्या से खेती प्रभावित हो रही है। बिजली बिलों में अनियमितता, अधिक बिल आने एवं खराब ट्रांसफार्मरों जैसी समस्याओं से ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता परेशान हैं। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण लगाया जाए, बेरोजगारी दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, किसानों को पर्याप्त खाद एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए तथा आम जनता को राहत प्रदान की जाए। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी मैहर के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनहित के मुद्दों को लेकर पार्टी लगातार आवाज उठाती रहेगी। धरना प्रदर्शन में यह रहें शामिल ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रमेश प्रजापति, शहर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी दद्दा, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अध्यक्ष अजिर बिहारी द्विवेदी, वरिष्ठ नेता रमापति गौतम, देवेंद्र अग्रवाल, बैजनाथ कुशवाहा, पंकज कुशवाहा,जीतेन्द्र कुशवाहा, समर्पण शुक्ला, प्रदीप कुशवाहा,शिवकरण कुशवाहा आदि सभी ब्लाकों के अध्यक्ष एवं सदस्य, पदाधिकारी उपस्थित रहे।4
- एसडीएम कार्यालय में मैहर एसडीएम मुर्दाबाद के क्यों लगे नारे?"1
- अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र के बसपा वरिष्ठ नेता जितेंद्र सिंह जीतू भैया मासिक बैठक में हुए शामिल अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र के बसपा वरिष्ठ नेता जितेंद्र सिंह “जीतू भैया” विंध्य क्षत्रिय एवं क्षत्राणी महासंघ के प्रदेश संयोजक श्री रवेंद्र सिंह बघेल (बघेला हाउस) के नेतृत्व में आयोजित मासिक बैठक में शामिल हुए। यह बैठक रीवा स्थित मानस भवन में आयोजित की गई। बैठक में समाज की एकता, संगठन की मजबूती, आपसी समन्वय एवं सामाजिक उत्थान से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा एवं विचार-विमर्श किया गया। समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने तथा युवा पीढ़ी को संगठन और सामाजिक दायित्वों से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। इस अवसर पर प्रदेश संयोजक रवेंद्र सिंह बघेल जी, मुनेंद्र प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष राजेश सिंह बघेल जी, विक्रम सिंह बघेल जी सहित समस्त जिला टीम एवं समाज के पदाधिकारी उपस्थित रहे। #Rewa #अमरपाटन #विंध्य_क्षत्रिय_एवं_क्षत्राणी_महासंघ #जितेंद्र_सिंह_जीतू_भैया #समाज_की_एकता अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र के बसपा वरिष्ठ नेता जितेंद्र सिंह जीतू भैया मासिक बैठक में हुए शामिल अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र के बसपा वरिष्ठ नेता जितेंद्र सिंह “जीतू भैया” विंध्य क्षत्रिय एवं क्षत्राणी महासंघ के प्रदेश संयोजक श्री रवेंद्र सिंह बघेल (बघेला हाउस) के नेतृत्व में आयोजित मासिक बैठक में शामिल हुए। यह बैठक रीवा स्थित मानस भवन में आयोजित की गई। बैठक में समाज की एकता, संगठन की मजबूती, आपसी समन्वय एवं सामाजिक उत्थान से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा एवं विचार-विमर्श किया गया। समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने तथा युवा पीढ़ी को संगठन और सामाजिक दायित्वों से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। इस अवसर पर प्रदेश संयोजक रवेंद्र सिंह बघेल जी, मुनेंद्र प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष राजेश सिंह बघेल जी, विक्रम सिंह बघेल जी सहित समस्त जिला टीम एवं समाज के पदाधिकारी उपस्थित रहे। #Rewa #अमरपाटन #विंध्य_क्षत्रिय_एवं_क्षत्राणी_महासंघ #जितेंद्र_सिंह_जीतू_भैया #समाज_की_एकता1