पलामू स्थित धनबाद रेल मंडल में 21 से 30 जून 2026 तक मेंटेनेंस और नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्यों के कारण रेल परिचालन प्रभावित रहेगा। इस अवधि में कुल 15 ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि 7 जोड़ी ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है और 6 ट्रेनों का बरवाडीह (BRWD) स्टेशन पर अस्थायी ठहराव समाप्त कर दिया गया है। रद्द की गई ट्रेनों में 53357 बरकाकाना–डेहरी ऑन सोन, 53611 बरवाडीह–डेहरी ऑन सोन, 53351 बरवाडीह–चोपन, 53347 गोमो–बरवाडीह, 53349 बरवाडीह–डेहरी ऑन सोन, 63557 बरकाकाना–बांसजोड़ा/बीएसएच, 53358 डेहरी ऑन सोन–बरकाकाना, 53352 चोपन–बरवाडीह, 53348 बरवाडीह–गोमो, 53350 डेहरी ऑन सोन–बरवाडीह, 63358 वाराणसी/बनारस–बरकाकाना, 53612 डेहरी ऑन सोन–बरवाडीह, 18635 रांची–सासाराम, 18636 सासाराम–रांची और 18523 विशाखापत्तनम–बनारस एक्सप्रेस शामिल हैं। वहीं, 7 जोड़ी ट्रेनें, जिनमें 11631/11632 धनबाद–भोपाल–धनबाद एक्सप्रेस, 12873/12874 हटिया–नई दिल्ली आनंद विहार–हटिया एक्सप्रेस, 12877/12878 रांची–नई दिल्ली–रांची गरीब रथ एक्सप्रेस, 18101/18102 टाटानगर–जम्मू तवी–टाटानगर एक्सप्रेस, 18309/18310 संबलपुर–जम्मू तवी–संबलपुर एक्सप्रेस, 11447/11448 हावड़ा–जबलपुर–हावड़ा शक्तिपुंज/एक्सप्रेस और 18611/18612 रांची–बनारस–रांची एक्सप्रेस शामिल हैं, परिवर्तित मार्ग से चलेंगी। बरवाडीह (BRWD) स्टेशन पर अस्थायी रूप से जिन ट्रेनों का ठहराव समाप्त किया गया है, वे हैं 13347 बरकाकाना–पटना एक्सप्रेस, 18613 रांची–चोपन एक्सप्रेस, 18631 रांची–चोपन एक्सप्रेस, 08611 सांतरागाछी–अजमेर स्पेशल, 18009 सांतरागाछी–अजमेर एक्सप्रेस और 14021 पुरुलिया–आनंद विहार एक्सप्रेस। रेलवे ने बरवाडीह के यात्रियों से इस अवधि में डाल्टनगंज (DTO) और महुआमिलान (MAZ) स्टेशन को वैकल्पिक बोर्डिंग एवं डीबोर्डिंग स्टेशन के रूप में उपयोग करने की अपील की है, साथ ही यह भी सलाह दी है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें।
पलामू स्थित धनबाद रेल मंडल में 21 से 30 जून 2026 तक मेंटेनेंस और नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्यों के कारण रेल परिचालन प्रभावित रहेगा। इस अवधि में कुल 15 ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि 7 जोड़ी ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है और 6 ट्रेनों का बरवाडीह (BRWD) स्टेशन पर अस्थायी ठहराव समाप्त कर दिया गया है। रद्द की गई ट्रेनों में 53357 बरकाकाना–डेहरी ऑन सोन, 53611 बरवाडीह–डेहरी ऑन सोन, 53351 बरवाडीह–चोपन, 53347 गोमो–बरवाडीह, 53349 बरवाडीह–डेहरी ऑन सोन, 63557 बरकाकाना–बांसजोड़ा/बीएसएच, 53358 डेहरी ऑन सोन–बरकाकाना, 53352 चोपन–बरवाडीह, 53348 बरवाडीह–गोमो, 53350 डेहरी ऑन सोन–बरवाडीह, 63358 वाराणसी/बनारस–बरकाकाना, 53612 डेहरी ऑन सोन–बरवाडीह, 18635 रांची–सासाराम, 18636 सासाराम–रांची और 18523 विशाखापत्तनम–बनारस एक्सप्रेस शामिल हैं। वहीं, 7 जोड़ी ट्रेनें, जिनमें 11631/11632 धनबाद–भोपाल–धनबाद एक्सप्रेस, 12873/12874 हटिया–नई दिल्ली आनंद विहार–हटिया एक्सप्रेस, 12877/12878 रांची–नई दिल्ली–रांची गरीब रथ एक्सप्रेस, 18101/18102 टाटानगर–जम्मू तवी–टाटानगर एक्सप्रेस, 18309/18310 संबलपुर–जम्मू तवी–संबलपुर एक्सप्रेस, 11447/11448 हावड़ा–जबलपुर–हावड़ा शक्तिपुंज/एक्सप्रेस और 18611/18612 रांची–बनारस–रांची एक्सप्रेस शामिल हैं, परिवर्तित मार्ग से चलेंगी। बरवाडीह (BRWD) स्टेशन पर अस्थायी रूप से जिन ट्रेनों का ठहराव समाप्त किया गया है, वे हैं 13347 बरकाकाना–पटना एक्सप्रेस, 18613 रांची–चोपन एक्सप्रेस, 18631 रांची–चोपन एक्सप्रेस, 08611 सांतरागाछी–अजमेर स्पेशल, 18009 सांतरागाछी–अजमेर एक्सप्रेस और 14021 पुरुलिया–आनंद विहार एक्सप्रेस। रेलवे ने बरवाडीह के यात्रियों से इस अवधि में डाल्टनगंज (DTO) और महुआमिलान (MAZ) स्टेशन को वैकल्पिक बोर्डिंग एवं डीबोर्डिंग स्टेशन के रूप में उपयोग करने की अपील की है, साथ ही यह भी सलाह दी है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें।
- Post by Yuva team jharkhand1
- लातेहार समाहरणालय सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की एक बैठक आयोजित की गई।1
- झारखंड के गढ़वा जिले की सोनदाग पंचायत के पावा गांव में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी योजना के तहत निर्मित एक सार्वजनिक हैंडपंप और सिंचाई कूप को मिट्टी से भर दिया गया है। इस घटना के कारण ग्रामीणों को पीने के पानी और खेतों की सिंचाई के लिए भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे पूरे गांव में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने सोमवार को लगभग 1:30 बजे बताया कि गांव के ही साउद खान नामक व्यक्ति ने अपनी जमीन का दावा करते हुए रात के समय सरकारी हैंडपंप और सिंचाई कूप में मिट्टी भरवा दी। ग्रामीणों के अनुसार, इस हैंडपंप से गांव के कई परिवार वर्षों से शुद्ध पीने का पानी प्राप्त करते थे, जबकि सिंचाई कूप से किसान अपने खेतों की सिंचाई करते थे। अब हैंडपंप बंद हो जाने से उन्हें पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है, और सिंचाई कूप के मिट्टी से भर जाने के कारण किसानों को खेती करने में भी बड़ी परेशानी आ रही है। ग्रामीणों ने इसे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला बताते हुए दोषी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के विरोध में, ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को एक लिखित आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन में तत्काल हैंडपंप और सिंचाई कूप से मिट्टी हटवाकर उन्हें पहले की तरह चालू कराने और दोषी व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। इस संबंध में, सोनदाग पंचायत के मुखिया ने भी पुष्टि की है कि इन सुविधाओं का निर्माण सरकारी राशि से पूरे गांव के उपयोग के लिए किया गया था, और उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्ति को कई बार समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह नहीं माना।1
- अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्त्री कषगम (TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में अपनी पहली चुनावी भागीदारी में ही 'बहुत बड़ा बहुमत' हासिल करते हुए कुल 108 सीटों पर जीत दर्ज की है। पार्टी प्रमुख थलपति विजय ने स्वयं पेरंबूर और त्रिची ईस्ट विधानसभा क्षेत्रों से जीत हासिल कर विधायक बने हैं। तमिलागा वेट्री कज़गम (TVK) के अन्य विधायकों में पूनमल्ली विधानसभा क्षेत्र से प्रकाशम.आर और तिरुवल्लूर निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. टी. अरुणकुमार शामिल हैं। वहीं, पटाभिराम के लिए कोई अलग से स्वतंत्र विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र नहीं है, क्योंकि यह अवाडी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जिसके वर्तमान विधायक थिरु एस. एम. नासर हैं।4
- झारखंड में शराब की बिक्री ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जिससे सरकार के राजस्व में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, इसके साथ ही यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि क्या शराब की बढ़ती खपत राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए चिंता का विषय नहीं है। एक तरफ जहाँ सरकार को इस बिक्री से करोड़ों की आय हो रही है, वहीं दूसरी ओर परिवारों पर इसका नकारात्मक प्रभाव भी स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। यह मुद्दा बहस का विषय बन गया है कि क्या शराब बिक्री का यह रिकॉर्ड विकास का संकेत है या समाज के लिए एक खतरे की घंटी, जिस पर बड़ी चर्चा और जनता की राय जानने की आवश्यकता है।1
- लकड़ी से संबंधित कोई भी कार्य करवाने के इच्छुक लोगों से तुरंत संपर्क करने का आग्रह किया गया है। अपनी जरूरत के अनुसार लकड़ी का सामान बनवाने हेतु लोग वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।1
- गढ़वा में पानी टंकी और पाइपलाइन योजना को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस योजना पर पहले ही करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद कई इलाकों में अब तक पानी की सुविधा नहीं पहुंच पाई है। इन आरोपों के बीच, अब उसी कार्य के लिए दोबारा पाइपलाइन टेंडर जारी होने से परियोजना की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। जनता जानना चाहती है कि आखिर पहले खर्च हुए करोड़ों रुपये का हिसाब कौन देगा और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब की जाएगी। लोग इसे विकास मानने के बजाय सरकारी धन की खुली बंदरबांट बता रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर गढ़वा में पानी टंकी योजना में बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है, जहां कथित तौर पर पूरा पैसा डकार लिया गया है।1
- एक व्यक्ति ने जानकारी दी है कि उनके इलाके में बहुत जबरदस्त बारिश हुई है। इस अनुभव को साझा करते हुए, उन्होंने दूसरों से उनके क्षेत्र में बारिश की स्थिति के बारे में पूछा है।1