Shuru
Apke Nagar Ki App…
मोदी जी का एक नया संदेश सामने आया है, जो विशेष रूप से gen Z के लिए जारी किया गया है।
Awaaz -e-Bharat
मोदी जी का एक नया संदेश सामने आया है, जो विशेष रूप से gen Z के लिए जारी किया गया है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपने हक और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही युवा पीढ़ी की लड़ाई की जीत हुई है। न्याय, अधिकार, लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ दमनकारी रवैये का विरोध करते हुए यह क्रांति जन्मी थी। इस जीत को संविधान के जीवंत मूल्यों का एक ऐतिहासिक क्षण, न्याय की विजय और अत्याचार की पराजय बताया गया है। इस सफलता पर उस तमाम युवा शक्ति और देशवासियों को बधाई दी गई है, जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से युवाओं का सहयोग किया और उनका हौसला बढ़ाया।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आते ही छात्रों के बीच खुशी की लहर उमड़ पड़ी है। उत्तर प्रदेश के चकिया स्थित गांधी पार्क में शैलेश कुमार ने कहा कि यह सबसे बड़ी जीत उन शहीद छात्रों की है और उन लोगों की जीत है जो लगातार धरने पर बैठे हुए थे। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी 3 मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो छात्रों का यह आंदोलन आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद चकिया में छात्रों ने ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ अपनी खुशी जताई है। छात्रों ने चकिया के गांधी पार्क में एकत्र होकर ढोल-नगाड़े बजाए और जमकर उत्सव मनाया।4
- चंदौली जिले के अमिलाई में विवाद के दौरान प्रधान की लाइसेंसी पिस्टल गिर गई, जिसे उठाकर उनके बेटे ने धमकी दे डाली। इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- चंदौली जिले के चकिया ब्लॉक में स्थित पथरहवां कैनाल में पानी न होने के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। यहाँ राइट पथरहवां कैनाल पर लगभग 500 बीघे खेत और पथरहवां लेफ्ट कैनाल के कमांड क्षेत्र में पानी लगभग न के बराबर है।1
- बिहार सरकार के निर्देशानुसार कैमूर जिले के कुदरा थाना परिसर में आयोजित जनता दरबार के दौरान प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 33 असामाजिक एवं विवादित प्रवृत्ति के व्यक्तियों को लाल कार्ड जारी किया है। भूमि विवादों में शांति व्यवस्था बनाए रखने और संभावित तनाव को रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को आयोजित इस जनता दरबार में अंचल अधिकारी विवेक कुमार, थाना अध्यक्ष प्रियेश प्रियदर्शी तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी की संयुक्त उपस्थिति में विभिन्न पंचायतों से आए जमीनी विवादों की सुनवाई की गई। इस दौरान भूमि विवाद से जुड़े 2 नए आवेदन प्राप्त हुए, जबकि पूर्व से लंबित 5 मामलों पर विस्तृत सुनवाई हुई। अधिकारियों ने मौके पर ही कुल 7 मामलों का निष्पादन कर संबंधित पक्षों को राहत प्रदान की। अंचल अधिकारी विवेक कुमार ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक शनिवार को थाना परिसर में जनता दरबार का आयोजन किया जाता है, ताकि राजस्व एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त पहल से भूमि विवादों का त्वरित एवं निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों ने सभी पक्षों से आपसी सौहार्द बनाए रखने, कानून का पालन करने तथा किसी भी विवाद की स्थिति में स्वयं कानून हाथ में लेने के बजाय प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।3
- उत्तराखंड में 4,369 पेड़ों की प्रस्तावित कटाई के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है। इस विरोध के प्रतीक के रूप में एक महिला पर्यावरण कार्यकर्ता ने अपना सिर मुंडवा लिया है। स्थानीय लोगों के विरोध और बढ़ते जनाक्रोश के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी है।1
- चंदौली के चकिया स्थित गांधी पार्क में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आते ही छात्रों ने जीत का जश्न मनाया। छात्रों ने ढोल-नगाड़े बजाकर, पटाखे फोड़कर और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां व्यक्त कीं। इस दौरान छात्रों द्वारा 'जय भीम' और 'इंकलाब' के जोरदार नारे भी लगाए गए। गांधी पार्क में आयोजित इस जश्न के दौरान शैलेश कुमार, एस सोनकर और लिपट सोनकर सहित अन्य छात्र शामिल रहे।4
- चंदौली जिले के चकिया नगर स्थित गांधी पार्क में छात्र-छात्राओं और युवाओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ उत्सव मनाया और मिठाइयां बांटीं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के दावों के बाद एकत्रित हुए युवाओं ने विजय जुलूस निकाला। छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अपने अधिकारों के लिए चलाए गए लंबे संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उनकी लोकतांत्रिक आवाज ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। इस कार्यक्रम के आयोजन में शैलेश कुमार और यश सोनकर ने मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी व्यक्ति के पद छोड़ने का विषय नहीं है, बल्कि यह छात्रों की उठाई गई मांगों को महत्व मिलने का प्रतीक है। मौके पर उपस्थित स्थानीय लोगों ने भी युवाओं द्वारा शांतिपूर्ण और संवैधानिक ढंग से अपनी बात रखने की सराहना की। आयोजकों ने ऐलान किया कि निष्पक्ष भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता के लिए उनका यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।4