बिहार के बिटोली (भोजपुर) स्थित भरत तिवारी की जन्मभूमि पर ईंटों के घेरे में उनका एनकाउंटर हुआ था। स्थानीय लोगों के अनुसार, भरत ने बाढ़ पीड़ित जवनिया गांव के लोगों को बिटोली में बसाया था, जिसके कारण जवनिया गांव के लोग उनके कर्जदार हैं। इसी कारण वे भरत के एनकाउंटर स्थल पर प्रतिदिन 5 दीप प्रज्ज्वलित करने का संकल्प ले चुके हैं। लोग भरत को गरीबों का मसीहा मानते थे और कहते हैं कि वहां का बच्चा-बच्चा उनका कर्जदार है; वे उस जमीन की मिट्टी से माथे पर तिलक लगाते हैं, जहाँ भरत का खून गिरा था, यह कहते हुए कि 'वो हमारा भगवान था'। लोग दृढ़ता से मानते हैं कि भरत के खून की यह शहादत रंग लाएगी और हमेशा के लिए बिहार या भारतवर्ष के पुलिसकर्मियों की दादागिरी ठप्प हो जाएगी। इस संदर्भ में पुलिस को मिली हालिया 'सजा' के दो उदाहरण भी प्रस्तुत किए गए हैं। पहला, 6 अप्रैल 2026 को तमिलनाडु के थुथूकुड़ी जिले के सथानकुलम थाने के 9 पुलिसकर्मियों को मदुरई हाईकोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। इन पुलिसकर्मियों ने 2020 के कोरोना लॉकडाउन के दौरान एक बाप-बेटे को थाने में बंद करके इतनी बेरहमी से पीटा था कि दोनों की मृत्यु हो गई; उनकी मोबाइल की दुकान थी और वे पुलिस सर्चिंग के दौरान दुकान खोलकर बैठे थे। पुलिस ने उन्हें 'तेरी माँ का... डाल गाड़ी में...' कहकर उठाया और दो दिन तक पीटा, जिससे उनके शरीर से खून निकलने लगा और उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले में उसी थाने की कांस्टेबल रेवती ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ गवाही दी थी, जिसके बाद जज ने उन्हें 'तुम पब्लिक के सरवेंट हो मालिक नहीं' कहकर सबक सिखाया। दूसरा उदाहरण यह है कि डेढ़ महीने पहले विजय थलापति ने तमिलनाडु के तीन पुलिसकर्मियों (जिनमें एक महिला भी शामिल थी) को निलंबित करने की धमकी देकर फटकार लगाई थी, क्योंकि वे एक 9 साल की बालिका के दुष्कर्म-हत्या पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस मीटिंग में हंसकर अभद्रता दर्शा रहे थे। प्रयागराज से एक युवक ने इस घटना को महाभारत के अभिमन्यु की कहानी से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह अभिमन्यु निशस्त्र था और उसे घेरकर मारा गया था, बिहार पुलिस ने भरत तिवारी के साथ भी वैसा ही किया है।
बिहार के बिटोली (भोजपुर) स्थित भरत तिवारी की जन्मभूमि पर ईंटों के घेरे में उनका एनकाउंटर हुआ था। स्थानीय लोगों के अनुसार, भरत ने बाढ़ पीड़ित जवनिया गांव के लोगों को बिटोली में बसाया था, जिसके कारण जवनिया गांव के लोग उनके कर्जदार हैं। इसी कारण वे भरत के एनकाउंटर स्थल पर प्रतिदिन 5 दीप प्रज्ज्वलित करने का संकल्प ले चुके हैं। लोग भरत को गरीबों का मसीहा मानते थे और कहते हैं कि वहां का बच्चा-बच्चा उनका कर्जदार है; वे उस जमीन की मिट्टी से माथे पर तिलक लगाते हैं, जहाँ भरत का खून गिरा था, यह कहते हुए कि 'वो हमारा भगवान था'। लोग दृढ़ता से मानते हैं कि भरत के खून की यह शहादत रंग लाएगी और हमेशा के लिए बिहार या भारतवर्ष के पुलिसकर्मियों की दादागिरी ठप्प हो जाएगी। इस संदर्भ में पुलिस को मिली हालिया 'सजा' के दो उदाहरण भी प्रस्तुत किए गए हैं। पहला, 6 अप्रैल 2026 को तमिलनाडु के थुथूकुड़ी जिले के सथानकुलम थाने के 9 पुलिसकर्मियों को मदुरई हाईकोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। इन पुलिसकर्मियों ने 2020 के कोरोना लॉकडाउन के दौरान एक बाप-बेटे को थाने में बंद करके इतनी बेरहमी से पीटा था कि दोनों की मृत्यु हो गई; उनकी मोबाइल की दुकान थी और वे पुलिस सर्चिंग के दौरान दुकान खोलकर बैठे थे। पुलिस ने उन्हें 'तेरी माँ का... डाल गाड़ी में...' कहकर उठाया और दो दिन तक पीटा, जिससे उनके शरीर से खून निकलने लगा और उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले में उसी थाने की कांस्टेबल रेवती ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ गवाही दी थी, जिसके बाद जज ने उन्हें 'तुम पब्लिक के सरवेंट हो मालिक नहीं' कहकर सबक सिखाया। दूसरा उदाहरण यह है कि डेढ़ महीने पहले विजय थलापति ने तमिलनाडु के तीन पुलिसकर्मियों (जिनमें एक महिला भी शामिल थी) को निलंबित करने की धमकी देकर फटकार लगाई थी, क्योंकि वे एक 9 साल की बालिका के दुष्कर्म-हत्या पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस मीटिंग में हंसकर अभद्रता दर्शा रहे थे। प्रयागराज से एक युवक ने इस घटना को महाभारत के अभिमन्यु की कहानी से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह अभिमन्यु निशस्त्र था और उसे घेरकर मारा गया था, बिहार पुलिस ने भरत तिवारी के साथ भी वैसा ही किया है।
- श्री बाबूलाल जैन सेवा संस्थान मंगलवार, 8 जुलाई को स्वर्गीय बाबूलाल जैन की 30वीं पुण्यतिथि के अवसर पर राजाखेड़ा में एक विशाल निःशुल्क नेत्र एवं दंत चिकित्सा शिविर का आयोजन कर रहा है। यह शिविर राजाखेड़ा स्थित मार्केट के अंदर कुंदकुंद दिगंबर जैन संस्कृत विद्यालय परिसर में लगेगा। इसी दौरान संस्थान के नए 'सेवा अस्पताल' का भी भव्य शुभारंभ किया जाएगा। संस्थान ने बताया है कि रजत जयंती वर्ष के बाद आयोजित यह विशेष सेवा अभियान मानव सेवा के संकल्प को नई दिशा देगा। शिविर का शुभारंभ मध्य प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला करेंगे। इसमें नेत्र और दंत रोगों की जांच के साथ-साथ जरूरतमंद मरीजों के ऑपरेशन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श दिया जाएगा और उनका चयन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और राजाखेड़ा के मूल निवासी पवन कुमार जैन, साथ ही उनके छोटे भाई देवेंद्र कुमार जैन (आरएएस), उप महानिरीक्षक पंजीयन, जयपुर, विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। संस्थान के अनुसार, इसी अवसर पर शुरू होने वाला 'सेवा अस्पताल' क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात साबित होगा। इस अस्पताल में आगरा, ग्वालियर, जयपुर और भोपाल के विशेषज्ञ चिकित्सक सप्ताह में दो दिन अपनी सेवाएं देंगे। अस्पताल और चिकित्सकीय सेवाओं का संचालन पूरी तरह से श्री बाबूलाल जैन सेवा संस्थान द्वारा किया जाएगा, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। संस्थान ने आमजन से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं और इस जनसेवा अभियान में सहभागी बनें।1
- joura sahr me1
- बाड़ी के विधायक जसवंत सिंह ने जगन गुर्जर को लेकर एक बयान दिया है। इस संबंध में पूरा बयान सुनने का आग्रह किया गया है।1
- अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की हत्या के मामले पर राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। रविवार को एक बयान जारी करते हुए विधायक बोहरा ने इस घटना को सरकार की “बड़ी नाकामी और टोटल फेलियर” करार दिया और इसकी सीबीआई जांच की मांग की है। विधायक रोहित बोहरा ने इस घटना को अत्यंत निंदनीय बताया, खासकर यह देखते हुए कि अजमेर की इस जेल में हाई रिस्क कैदियों को रखा जाता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जवाहर सिंह बेढम द्वारा परिवार की मानी गई मांगों को तुरंत लागू किया जाए। बोहरा ने इस मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान को लेकर सवाल उठाए, पूछा कि क्या कोई मंत्री इस्तीफा देने को तैयार है या नहीं, और यह भी कहा कि अब तक किसी जेलर या अधिकारी को निलंबित नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के बावजूद केवल इवेंट मैनेजमेंट और होर्डिंग लगाने में व्यस्त है। विधायक ने यह भी कहा कि सरकार छोटी-छोटी बातों पर चालान काटने पर जोर देती है, लेकिन हत्याओं जैसे गंभीर मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही है। इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए बोहरा ने कहा कि आम आदमी त्रस्त है और सरकार इस गंभीर त्रासदी पर संज्ञान नहीं ले रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पूरी घटना राजस्थान की जेल व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।1
- धौलपुर जिले के बसेड़ी क्षेत्र से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जहां सड़क पर अचानक आए गायों के झुंड को बचाने के प्रयास में एक कार अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हृदयविदारक घटना में कार चला रहे 30 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात करीब 1 बजे बसेड़ी थाना क्षेत्र के गांव जौरा का पुरा के पास यह हादसा हुआ। पिपरौन निवासी 30 वर्षीय योगेश पाराशर अपनी कार से बसेड़ी से घर लौट रहे थे। जौरापुरा मोड़ के पास अचानक सड़क पर गायों का झुंड आ गया। गायों को बचाने की कोशिश में योगेश पाराशर की कार का संतुलन बिगड़ गया और वह अनियंत्रित होकर पलटते हुए सड़क किनारे एक दीवार से जा टकराई। हादसे में योगेश पाराशर गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसेड़ी ले गए, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक के पिता माताप्रसाद शर्मा द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। बसेड़ी थाना अधिकारी बालकृष्ण चौधरी ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया है और हादसे के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है।1
- Global TV Bharat नामक चैनल ने एक बड़ा दावा किया है कि तीन तस्वीरें बिहार पुलिस को उम्रभर के लिए जेल पहुंचा सकती हैं। यह दावा एक ऐसे 'केस' को लेकर है, जिसमें चैनल का मानना है कि यदि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एंट्री हो जाती है, तो संबंधित एनकाउंटर टीम को आजीवन कारावास की सज़ा हो सकती है।1
- बाड़ी विधायक जसवंत सिंह गुर्जर ने पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की जेल में हुई हत्या के मामले में सरकार की जांच पर कड़ी नजर रखने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच निष्पक्ष नहीं हुई और यह खुलासा नहीं हुआ कि हत्या किसने और किन लोगों की साजिश से की, तो वे समाज के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे। विधायक जसवंत सिंह ने अपनी पत्नी के हाल ही में हुए निधन का जिक्र करते हुए बताया कि उनकी पत्नी लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं, और चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि इसी गहन पारिवारिक शोक के बीच उन्हें जयपुर जेल में जगन गुर्जर की हत्या की सूचना मिली, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा। विधायक ने उम्मीद जताई कि सरकार की जांच से न्याय मिलेगा, लेकिन साथ ही दोहराया कि यदि दोषियों की पहचान नहीं होती और सच्चाई सामने नहीं आती, तो लोकतांत्रिक ढंग से न्याय के लिए आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने समाज से शांति बनाए रखने और किसी के बहकावे में न आने की अपील करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर न्याय सुनिश्चित करेगी। हालांकि, उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कुछ राजनीतिक लोगों पर आरोप लगाया कि वे इस संवेदनशील मामले में राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक ने कहा कि ऐसे लोग पहले समाज के विरोधियों के साथ खड़े थे और अब समाज हितैषी बनने का नाटक कर रहे हैं। उन्होंने समाज से ऐसे लोगों के बहकावे में न आने और एकजुटता बनाए रखने का आग्रह किया। विधायक जसवंत सिंह ने वर्तमान में अपनी पत्नी के निधन के कारण व्यक्तिगत परिस्थितियों से घिरे होने की बात कही। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पत्नी की तेरहवीं के कार्यक्रम के बाद वे स्वयं जगन गुर्जर के गांव जाकर उनके परिजनों से मुलाकात करेंगे और समाज के साथ पूरी तरह खड़े रहेंगे।1
- रूपबास उपखण्ड क्षेत्र के रामनगर गांव में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय इन दिनों बेहद खराब स्थिति का सामना कर रहा है। स्कूल के मुख्य गेट और रास्ते में चारों ओर कीचड़ और गंदा पानी फैला हुआ है, वहीं स्कूल के कई कमरों में बड़ी दरारें पड़ गई हैं और कुछ कमरे पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। इस गंभीर स्थिति के कारण स्कूल के बच्चों और स्टाफ दोनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों को प्रतिदिन कीचड़ और गंदे पानी के बीच से होकर स्कूल आना-जाना पड़ता है, जबकि दरार वाले और जर्जर कमरे किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ ने शिक्षा विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन से अपील की है कि वे इस समस्या पर तुरंत ध्यान दें। उनकी मांग है कि स्कूल के रास्ते से कीचड़ और पानी की तत्काल निकासी करवाई जाए और जर्जर कमरों की अविलंब मरम्मत की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सके और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।1
- मध्य प्रदेश के अम्बाह विधानसभा क्षेत्र में एक स्कूल के भीतर नल का पानी भर गया है, जिससे वहां पहले से ही जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इस मौजूदा हालात को देखते हुए अब यह गंभीर चिंता जताई जा रही है कि आगामी बारिश के मौसम में स्कूल की स्थिति और भी बदतर हो जाएगी, और तब इसका क्या हाल होगा।1