छत्तीसगढ़ के रतनपुर की ऐतिहासिक जल धरोहरों को अब एक नई पहचान और नया जीवन मिलने जा रहा है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री और बिलासपुर सांसद तोखन साहू के प्रयासों से मिशन अमृत सिटी 2.0 के तहत रतनपुर और तखतपुर के चार प्रमुख तालाबों के संरक्षण, पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण के लिए करीब ₹25.90 करोड़ की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है। इस परियोजना के तहत तालाबों के अगले पांच वर्षों तक संचालन और संधारण का प्रावधान भी रखा गया है। इस योजना के तहत जल धरोहरों के पुनरुद्धार के लिए राशि का स्पष्ट आवंटन किया गया है। इसमें रतनपुर के रत्नेश्वर तालाब के लिए लगभग ₹9.50 करोड़, कृष्णार्जुनी तालाब के लिए ₹7.50 करोड़ और दनिहा तालाब के लिए ₹4.50 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही, तखतपुर के टोनही तालाब के कायाकल्प के लिए भी करीब ₹4.40 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि रतनपुर की पहचान उसके प्राचीन तालाबों, मंदिरों और समृद्ध विरासत से जुड़ी है। इन जलस्रोतों का संरक्षण केवल विकास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस धरोहर को सुरक्षित रखने का हमारा संकल्प है। इस पहल से जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन को भी नई मजबूती मिलेगी।
छत्तीसगढ़ के रतनपुर की ऐतिहासिक जल धरोहरों को अब एक नई पहचान और नया जीवन मिलने जा रहा है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री और बिलासपुर सांसद तोखन साहू के प्रयासों से मिशन अमृत सिटी 2.0 के तहत रतनपुर और तखतपुर के चार प्रमुख तालाबों के संरक्षण, पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण
के लिए करीब ₹25.90 करोड़ की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है। इस परियोजना के तहत तालाबों के अगले पांच वर्षों तक संचालन और संधारण का प्रावधान भी रखा गया है। इस योजना के तहत जल धरोहरों के पुनरुद्धार के लिए राशि का स्पष्ट आवंटन किया गया है। इसमें रतनपुर के रत्नेश्वर तालाब
के लिए लगभग ₹9.50 करोड़, कृष्णार्जुनी तालाब के लिए ₹7.50 करोड़ और दनिहा तालाब के लिए ₹4.50 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही, तखतपुर के टोनही तालाब के कायाकल्प के लिए भी करीब ₹4.40 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि रतनपुर की पहचान
उसके प्राचीन तालाबों, मंदिरों और समृद्ध विरासत से जुड़ी है। इन जलस्रोतों का संरक्षण केवल विकास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस धरोहर को सुरक्षित रखने का हमारा संकल्प है। इस पहल से जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन को भी नई मजबूती मिलेगी।
- कोरबा में हरदी बाजार से नेवसा मार्ग पर बन रहे पुल का एप्रोच रोड नहीं बनाया गया है। एप्रोच रोड का निर्माण न होने के कारण भारी बारिश होने पर इस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।1
- कोरबा के तरदा गांव में मिला संदिग्ध कचरा जांच में बायोमेडिकल वेस्ट ही साबित हुआ है। इस बात की पुष्टि तो हो गई है कि फेंका गया सामान बायोमेडिकल कचरा ही था, लेकिन इसके बावजूद इस पूरे मामले को लेकर कई सवाल अभी भी जस के तस बने हुए हैं और उनका जवाब मिलना बाकी है।1
- अमोरा गांव में एक 32 वर्षीय महिला द्वारा फांसी लगाने का मामला सामने आया है। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है।1
- सक्ति जिले के सक्ति ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंगनसरा में भारी बारिश के कारण बोराई नदी उफान पर आ गई है। नदी में उफान आने की वजह से सिंगनसरा डैम के ऊपर से पानी बह रहा है।1
- सक्ती जिले के आबकारी वृत्त डभरा की टीम ने ग्राम कुसमूल में छापेमार कार्रवाई कर 26 लीटर महुआ शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। कलेक्टर के निर्देश और जिला आबकारी अधिकारी के मार्गदर्शन में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ लगातार की जा रही कार्रवाई के तहत यह कदम उठाया गया। आबकारी विभाग की टीम ने 35 वर्षीय सारनाथ कुर्रे के मकान की तलाशी ली। जांच के दौरान मकान के आंगन और बाड़ी में बनाए गए एक चेंबर में छिपाकर रखी गई 13 प्लास्टिक की बोतलों से कुल 26 लीटर महुआ शराब बरामद की गई, जिसमें प्रत्येक बोतल में 2-2 लीटर महुआ मदिरा भरी हुई थी। बरामद अवैध शराब के आधार पर आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में वृत्त प्रभारी कोमल प्रसाद सिदार और आबकारी स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।1
- सूरजपुर जिले के प्रेमनगर क्षेत्र में आज काफी दिनों के बाद झींक नाला का रौद्र नजारा देखने को मिला है। लंबे समय के अंतराल के बाद नाले का यह रौद्र रूप और भयानक दृश्य लोगों के सामने आया है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक मामूली कहासुनी ने खूनी मोड़ ले लिया। बहस के दौरान मामला इतना बिगड़ गया कि बड़े भाई ने अपने ही छोटे भाई की हत्या कर उसे मौत के घाट उतार दिया।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर से शिक्षा के लिए चल रहे ऐतिहासिक जन आंदोलन का एक दृश्य सामने आया है, जो तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस प्रदर्शन को देखकर साफ़ समझा जा सकता है कि देश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर कितनी अराजकता फैली हुई है। हालात यह हैं कि लोगों को अपने अधिकार और शिक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है।1