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सहिया गाँव में भीषण चोरी सहिया गाँव में श्रीकांत सिंह के घर देर रात भीषण चोरी, वज़ीरगंज पुलिस की सुस्ती पर फिर उठे सवाल,सदमे में परिवार! सहिया गाँव के जिस घर में देर रात चोरी हुई उस घर का नाम था शांति निकेतन,जहाँ सुकून बसता था, जहाँ दिन भर की थकान के बाद चैन की नींद आती थी। लेकिन किसे पता था कि इसी शांति निकेतन में एक रात ऐसी आएगी, जो घर की शांति ही चुरा ले जाएगी। आइए अब आपको पुरी खबर को विस्तार से बताते हैँ! वज़ीरगंज प्रखंड अन्तर्गत सहिया गाँव में बीती देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गांव के ही प्रतिष्ठित नागरिक श्रीकांत सिंह उर्फ़ लिंटू सिंह के घर अज्ञात चोरों ने भीषण चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बताया जाता है कि चोरों ने सुनसान रात का फायदा उठाते हुए घर के ताले तोड़े और नगद राशि,क़ीमती जेवरात, समेत सामान पर हाथ साफ कर दिया। आपको बता दे की घर के मालिक दो दिन से किसी निजी काम से झारखण्ड गए हुए हैँ! गाँव के ही अपने जानकर या, कहे तो निजी आदमी के भरोसे देख भाल को घर छोड़ा था! सुबह जब उसकी नींद खुली, तो घर का नजारा देख सभी के होश उड़ गए,अलमारियाँ खुली थीं, सामान बिखरा पड़ा था और वर्षों की मेहनत एक पल में लुट चुकी थी। इस घटना से श्रीकांत सिंह का परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। घर की महिलाओं और बच्चों में भय का माहौल है! रात की खामोशी अब डर बनकर लौट आई है।सहिया गाँव वालो का कहना हैँ की ऐसी घटना हमने जीवन में पहली बार देखी हैँ! इलाके में पहले भी चोरी की घटनाएँ हुईं, लेकिन प्रशासन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए, न गश्ती बढ़ी, न सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की गई। प्रशासन की निष्क्रियता पर लानत हैँ! घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पुलिस गश्ती कहाँ थी! बार,बार चेतावनी के बावजूद सुरक्षा इंतज़ाम क्यों नहीं बढ़ाए गए! यदि समय रहते प्रशासन सक्रिय होता, तो शायद आज एक परिवार इस दर्द से नहीं गुजरता। यह सिर्फ चोरी नहीं,यह सुरक्षा और विस्वास की चोरी है ! लोग अपने ही घर छत के नीचे अब असुरछित महसूस कर रहे हैँ! ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और रात्री गश्ती बढ़ाने की मांग की है। सामूहिक जागरूकता और प्रशासनिक सख्ती ही ऐसे अपराधों पर लगाम लगा सकती है। यह घटना चेतावनी है! अगर अब भी सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया, तो अगला शिकार कोई और परिवार हो सकता है। प्रशासन को नींद से जागकर जिम्मेदारी निभानी होगी, ताकि सहिया गाँव फिर से चैन की सांस ले सके। पीड़ित श्रीकांत सिंह ने फोन पर बताया की मेरे पत्नी का दस से बारह भर सोना, मेरी माँ का दो, तीन भर सोना तथा कुछ चांदी के साथ बीस से पचीस हज़ार रुपया नगद रखा था! हम आते हैँ तब आकलन कर बताएँगे की आखिर कितना लाख का नुकसान हुआ हैँ! वही पीड़ित के परिवार सहित सहिया गाँववालो ने घटना देख कर बताया की जिस हिसाब से गोदरेज, ड्रेसिंग, आलमारी के ताले टूटे पड़े हैँ!उस हिसाब से पीड़ित का कुछ भी नहीं बचा होगा! ईस भीष्ण चोरी की घटना में अनुमानतह पंद्रह लाख की चोरी होने की बात बताई जा रही हैँ! ईस संबंध में वज़ीरगंज थानाध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया की चोरी की सूचना पीड़ित परिवार के परिजनों द्वारा दी गई थी! मैंने घटना स्थल पर स्वयं जा कर देखा, चोरी हुई हैँ! सभी बिन्दुओ पर जाँच की जा रही हैँ! पीड़ित द्वारा आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जायेगी! वही पीड़ित श्रीकांत सिंह उर्फ़ लिंटू सिंह ने बताया की हम झारखण्ड से लौट रहे हैँ, आने पर प्रशासन को लिखित आवेदन देंगे!वज़ीरगंज से अभिषेक सिंह की रिपोर्ट!!

12 hrs ago
user_हेमन्त कुमार  सिंह
हेमन्त कुमार सिंह
जनहित मे समर्पित Wazirganj•
12 hrs ago

सहिया गाँव में भीषण चोरी सहिया गाँव में श्रीकांत सिंह के घर देर रात भीषण चोरी, वज़ीरगंज पुलिस की सुस्ती पर फिर उठे सवाल,सदमे में परिवार! सहिया गाँव के जिस घर में देर रात चोरी हुई उस घर का नाम था शांति निकेतन,जहाँ सुकून बसता था, जहाँ दिन भर की थकान के बाद चैन की नींद आती थी। लेकिन किसे पता था कि इसी शांति निकेतन में एक रात ऐसी आएगी, जो घर की शांति ही चुरा ले जाएगी। आइए अब आपको पुरी खबर को विस्तार से बताते हैँ! वज़ीरगंज प्रखंड अन्तर्गत सहिया गाँव में बीती देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गांव के ही प्रतिष्ठित नागरिक श्रीकांत सिंह उर्फ़ लिंटू सिंह के घर अज्ञात चोरों ने भीषण चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बताया जाता है कि चोरों ने सुनसान रात का फायदा उठाते हुए घर के ताले तोड़े और नगद राशि,क़ीमती जेवरात, समेत सामान पर हाथ साफ कर दिया। आपको बता दे की घर के मालिक दो दिन से किसी निजी काम से झारखण्ड गए हुए हैँ! गाँव के ही अपने जानकर या, कहे तो निजी आदमी के भरोसे देख भाल को घर छोड़ा था! सुबह जब उसकी नींद खुली, तो घर का नजारा देख सभी के होश उड़ गए,अलमारियाँ खुली थीं, सामान बिखरा पड़ा था और वर्षों की मेहनत एक पल में लुट चुकी थी। इस घटना से श्रीकांत सिंह का परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। घर की महिलाओं और बच्चों में भय का माहौल है! रात की खामोशी अब डर बनकर लौट आई है।सहिया गाँव वालो का कहना हैँ की ऐसी घटना हमने जीवन में पहली बार देखी हैँ! इलाके में पहले भी चोरी की घटनाएँ हुईं, लेकिन प्रशासन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए, न गश्ती बढ़ी, न सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की गई। प्रशासन की निष्क्रियता पर लानत हैँ! घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पुलिस गश्ती कहाँ थी! बार,बार चेतावनी के बावजूद सुरक्षा इंतज़ाम क्यों नहीं बढ़ाए गए! यदि समय रहते प्रशासन सक्रिय होता, तो शायद आज एक परिवार इस दर्द से नहीं गुजरता। यह सिर्फ चोरी नहीं,यह सुरक्षा और विस्वास की चोरी है ! लोग अपने ही घर छत के नीचे अब असुरछित महसूस कर रहे हैँ! ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और रात्री गश्ती बढ़ाने की मांग की है। सामूहिक जागरूकता और प्रशासनिक सख्ती ही ऐसे अपराधों पर लगाम लगा सकती है। यह घटना चेतावनी है! अगर अब भी सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया, तो अगला शिकार कोई और परिवार हो सकता है। प्रशासन को नींद से जागकर जिम्मेदारी निभानी होगी, ताकि सहिया गाँव फिर से चैन की सांस ले सके। पीड़ित श्रीकांत सिंह ने फोन पर बताया की मेरे पत्नी का दस से बारह भर सोना, मेरी माँ का दो, तीन भर सोना तथा कुछ चांदी के साथ बीस से पचीस हज़ार रुपया नगद रखा था! हम आते हैँ तब आकलन कर बताएँगे की आखिर कितना लाख का नुकसान हुआ हैँ! वही पीड़ित के परिवार सहित सहिया गाँववालो ने घटना देख कर बताया की जिस हिसाब से गोदरेज, ड्रेसिंग, आलमारी के ताले टूटे पड़े हैँ!उस हिसाब से पीड़ित का कुछ भी नहीं बचा होगा! ईस भीष्ण चोरी की घटना में अनुमानतह पंद्रह लाख की चोरी होने की बात बताई जा रही हैँ! ईस संबंध में वज़ीरगंज थानाध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया की चोरी की सूचना पीड़ित परिवार के परिजनों द्वारा दी गई थी! मैंने घटना स्थल पर स्वयं जा कर देखा, चोरी हुई हैँ! सभी बिन्दुओ पर जाँच की जा रही हैँ! पीड़ित द्वारा आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जायेगी! वही पीड़ित श्रीकांत सिंह उर्फ़ लिंटू सिंह ने बताया की हम झारखण्ड से लौट रहे हैँ, आने पर प्रशासन को लिखित आवेदन देंगे!वज़ीरगंज से अभिषेक सिंह की रिपोर्ट!!

More news from Nawada and nearby areas
  • नवादा जिला अंतर्गत थाली बाजार में एक किराए का मकान में नकली दवाइयां का व्यापार हो रहा था गुप्त सूचना के आधार पर दावा कम्पनी एवं पुलिस प्रशासन के ने मारा छापा नकली दवाइयां बरामद
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    नवादा जिला अंतर्गत थाली बाजार में एक किराए का मकान में नकली दवाइयां का व्यापार हो रहा था गुप्त सूचना के आधार पर दावा कम्पनी एवं पुलिस प्रशासन के ने मारा छापा नकली दवाइयां बरामद
    user_S RAJ news chainal
    S RAJ news chainal
    Rajauli, Nawada•
    9 hrs ago
  • भागलपुर में बड़ी साज़िश! पार्षद पति की हत्या की प्लानिंग, हथियार के साथ दो गिरफ्तार | Viral Video #viral #viralvideo #viralnews #breakingnews
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    भागलपुर में बड़ी साज़िश! पार्षद पति की हत्या की प्लानिंग, हथियार के साथ दो गिरफ्तार | Viral Video
#viral #viralvideo #viralnews #breakingnews
    user_Mohammad Sohrab Ansari
    Mohammad Sohrab Ansari
    Voice of people नवादा, नवादा, बिहार•
    14 hrs ago
  • Post by Prafull Kumar Suman
    1
    Post by Prafull Kumar Suman
    user_Prafull Kumar Suman
    Prafull Kumar Suman
    रजौली, नवादा, बिहार•
    19 hrs ago
  • Post by Kanhai chaudhary
    1
    Post by Kanhai chaudhary
    user_Kanhai chaudhary
    Kanhai chaudhary
    गोविंदपुर, नवादा, बिहार•
    8 hrs ago
  • डी डी सी नालन्दा द्वारा VB-G RAM-G  से संबंधित विषय को लेकर प्रेस वार्ता… आज दिनांक 10 फरवरी 2026 को शुभम कुमार, उप विकास आयुक्त, नालन्दा की अध्यक्षता में विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 (VB-G RAM-G ) से संबंधित विषय को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त महोदय ने विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को स्थायी रोजगार, स्वरोज़गार एवं आजीविका के सशक्त अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना, पलायन को रोकना तथा आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करना है। विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में भारत सरकार द्वारा विकसित भारत गारंटी रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM-G) अधिनियम, 2025 लागू किया गया है। यह अधिनियम ग्रामीण भारत में रोजगार सृजन को केवल मज़दूरी आधारित राहत के रूप में न देखकर, उसे टिकाऊ आजीविकां, उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण और दीर्घकालिक आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने का एक व्यापक एवं संरचनात्मक सुधार है। इस मिशन का मूल उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सम्मानजनक और सुनिश्चित रोजगार प्रदान करना है। इसके अंतर्गत गारंटीकृत मज़दूरी रोजगार की अवधि को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय सुरक्षा और स्थिरता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही, यह सुनिश्चित किया गया है कि रोजगार ऐसे कार्यों के माध्यम से प्रदान हो जो जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका सहायक परिसंपत्तियों तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में सहायक हों। सभी विकास कार्य ग्राम पंचायतों द्वारा तैयार की गई विकसित ग्राम पंचायत विकास योजनाओं के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप क्रियान्वित किए जाएंगे। VB-G RAM-G को मनरेगा से आगे बढ़ते हुए एक अधिक एकीकृत और भविष्य उन्मुख ढांचे के रूप में विकसित किया गया है। इसमें परिसंपत्ति निर्माण को राष्ट्रीय स्तर पर विकसित भारत ग्रामीण अवसंरचना स्टैक से जोड़ा गया है, ताकि पीएम गति-शक्ति जैसे राष्ट्रीय प्लेटफार्मों के साथ समन्वय स्थापित हो सके और ग्रामीण विकास को एक समग्र दृष्टिकोण प्राप्त हो। यह व्यवस्था न केवल बेहतर योजना निर्माण सुनिश्चित करती है, बल्कि संसाधनों के कुशल उपयोग और विकास कार्यों की गुणवत्ता में भी सुधार लाती है। इस मिशन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे। जल संरक्षण एवं अमृत सरोवर जैसी परियोजनाओं से सिंचाई सुविधा, भू-जल पुनर्भरण और कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी। ग्रामीण सड़कों, संपर्क, भंडारण और बाजार अवसंरचना के विकास से किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को बेहतर बाजार पहुँच मिलेगी, जिससे आय विविधीकरण और मूल्य संवर्धन संभव होगा। रोजगार की बेहतर उपलब्धता से ग्रामीण आय और उपभोग बढ़ेगा तथा स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर सुदृढ़ होने से मजबूरी में होने वाला पलायन भी कम होगा। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मिशन में विशेष प्रावधान किए गए हैं। बुआई और कटाई के व्यस्त मौसम में राज्यों को योजना के कार्य अस्थायी रूप से रोकने की अनुमति दी गई है, जिससे कृषि कार्यों के लिए आवश्यक श्रम की उपलब्धता बनी रहे। बेहतर सिंचाई ढांचे, जलवायु अनुकूल अवसंरचना और पोस्ट हार्वेस्टिंग नुकसान में कमी के माध्यम से किसानों की उत्पादकता और आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, आधार आधारित पंजीकरण और इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली से मजदूरी का समय पर, पारदर्शी और सुरक्षित भुगतान संभव होगा। ग्रामीण मज़दूरों के लिए यह मिशन आय और सम्मान दोनों की गारंटी प्रदान करता है। 125 दिनों की रोजगार गारंटी से उनकी संभावित आय में लगभग 25 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। ग्राम पंचायत योजनाओं के माध्यम से रोजगार तक मजदूरों की पहुँच और अधिक सुनिश्चित होगी। पूर्णतः डिजिटल, आधार-सत्यापित भुगतान प्रणाली से मजदूरी भुगतान में देरी, गवन और फर्जीवाड़े की समस्याओं का प्रभावी समाधान किया गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर रोजगार उपलब्ध नहोने की स्थिति में बेरोज़गारी भत्ते का वैधानिक प्रावधान भी श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करता है। VB-G RAM-G के अंतर्गत वित्तपोषण व्यवस्था को मांग-आधारित मॉडल से हटाकर मानक वित्तपोषण प्रणाली में परिवर्तित किया गया है। इससे राज्यों को पूर्वानुमेय वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे, बजटीय अनुशासन सुदृढ़ होगा और योजना निर्माण अधिक प्रभावी बन सकेगा। केंद्र और राज्यों के बीच संतुलित लागत-साझेदारी व्यवस्था साझा उत्तरदायित्व और निगरानी को मजबूत करती है, साथ ही यह सुनिश्चित करती है कि राज्यों पर असंगत वित्तीय बोझ न पड़े। पूर्ववर्ती व्यवस्थाओं में सामने आई अनियमितताओं, जैसे अपूर्ण कार्य, मशीनों का अनधिकृत उपयोग, उपस्थिति प्रणाली की अनदेखी और वित्तीय गबन, ने व्यापक प्रणालीगत सुधार की आवश्यकता को स्पष्ट किया था। इसी पृष्ठभूमि में VB-G RAM-G को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाया गया है। एआई आधारित निगरानी प्रणालियाँ, रियल टाइम एमआईएस डैशबोर्ड, जीपीएस एवं मोबाइल आधारित सत्यापन, साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण तथा ग्राम पंचायत स्तर पर अनिवार्य सामाजिक अंकेक्षण इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। कुल मिलाकर, विकसित भारत गारंटी रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक संतुलित और दूरदर्शी पहल है, जो मज़दूरों की आय सुरक्षा, किसानों की उत्पादकता, पंचायतों की योजना क्षमता और ग्रामीण भारत के टिकाऊ विकास को एक साथ आगे बढ़ाती है। यह मिशन ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाते हुए विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में एक निर्णायक और परिवर्तनकारी कदम है। VB-G RAM-G के क्रियान्वयन से नालंदा जिला में मजदूरों, किसानों, जीविका समूहों के सदस्यों तथा अन्य सभी ग्रामीण जनों के सर्वांगीण विकास हेतु सतत प्रयास किया जायेगा। इस अवसर पर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, निर्देशक डीआरडीए , कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा सहित प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं पीओ आदि उपस्थित थे ।
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    डी डी सी नालन्दा द्वारा VB-G RAM-G  से संबंधित विषय को लेकर प्रेस वार्ता…
आज दिनांक 10 फरवरी 2026 को शुभम कुमार, उप विकास आयुक्त, नालन्दा की अध्यक्षता में विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 (VB-G RAM-G ) से संबंधित विषय को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
प्रेस  को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त महोदय ने विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि  भारत सरकार एवं राज्य सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को स्थायी रोजगार, स्वरोज़गार एवं आजीविका के सशक्त अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना, पलायन को रोकना तथा आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करना है।
विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में भारत सरकार द्वारा विकसित भारत गारंटी रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM-G) अधिनियम, 2025 लागू किया गया है। यह अधिनियम ग्रामीण भारत में रोजगार सृजन को केवल मज़दूरी आधारित राहत के रूप में न देखकर, उसे टिकाऊ आजीविकां, उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण और दीर्घकालिक आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने का एक व्यापक एवं संरचनात्मक सुधार है।
इस मिशन का मूल उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सम्मानजनक और सुनिश्चित रोजगार प्रदान करना है। इसके अंतर्गत गारंटीकृत मज़दूरी रोजगार की अवधि को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय सुरक्षा और स्थिरता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही, यह सुनिश्चित किया गया है कि रोजगार ऐसे कार्यों के माध्यम से प्रदान हो जो जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका सहायक परिसंपत्तियों तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में सहायक हों। सभी विकास कार्य ग्राम पंचायतों द्वारा तैयार की गई विकसित ग्राम पंचायत विकास योजनाओं के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप क्रियान्वित किए जाएंगे।
VB-G RAM-G को मनरेगा से आगे बढ़ते हुए एक अधिक एकीकृत और भविष्य उन्मुख ढांचे के रूप में विकसित किया गया है। इसमें परिसंपत्ति निर्माण को राष्ट्रीय स्तर पर विकसित भारत ग्रामीण अवसंरचना स्टैक से जोड़ा गया है, ताकि पीएम गति-शक्ति जैसे राष्ट्रीय प्लेटफार्मों के साथ समन्वय स्थापित हो सके और ग्रामीण विकास को एक समग्र दृष्टिकोण प्राप्त हो। यह व्यवस्था न केवल बेहतर योजना निर्माण सुनिश्चित करती है, बल्कि संसाधनों के कुशल उपयोग और विकास कार्यों की गुणवत्ता में भी सुधार लाती है।
इस मिशन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे। जल संरक्षण एवं अमृत सरोवर जैसी परियोजनाओं से सिंचाई सुविधा, भू-जल पुनर्भरण और कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी। ग्रामीण सड़कों, संपर्क, भंडारण और बाजार अवसंरचना के विकास से किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को बेहतर बाजार पहुँच मिलेगी, जिससे आय विविधीकरण और मूल्य संवर्धन संभव होगा। रोजगार की बेहतर उपलब्धता से ग्रामीण आय और उपभोग बढ़ेगा तथा स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर सुदृढ़ होने से मजबूरी में होने वाला पलायन भी कम होगा।
किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मिशन में विशेष प्रावधान किए गए हैं। बुआई और कटाई के व्यस्त मौसम में राज्यों को योजना के कार्य अस्थायी रूप से रोकने की अनुमति दी गई है, जिससे कृषि कार्यों के लिए आवश्यक श्रम की उपलब्धता बनी रहे। बेहतर सिंचाई ढांचे, जलवायु अनुकूल अवसंरचना और पोस्ट हार्वेस्टिंग नुकसान में कमी के माध्यम से किसानों की उत्पादकता और आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, आधार आधारित पंजीकरण और इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली से मजदूरी का समय पर, पारदर्शी और सुरक्षित भुगतान संभव होगा।
ग्रामीण मज़दूरों के लिए यह मिशन आय और सम्मान दोनों की गारंटी प्रदान करता है। 125 दिनों की रोजगार गारंटी से उनकी संभावित आय में लगभग 25 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। ग्राम पंचायत योजनाओं के माध्यम से रोजगार तक मजदूरों की पहुँच और अधिक सुनिश्चित होगी। पूर्णतः डिजिटल, आधार-सत्यापित भुगतान प्रणाली से मजदूरी भुगतान में देरी, गवन और फर्जीवाड़े की समस्याओं का प्रभावी समाधान किया गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर रोजगार उपलब्ध नहोने की स्थिति में बेरोज़गारी भत्ते का वैधानिक प्रावधान भी श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करता है।
VB-G RAM-G के अंतर्गत वित्तपोषण व्यवस्था को मांग-आधारित मॉडल से हटाकर मानक वित्तपोषण प्रणाली में परिवर्तित किया गया है। इससे राज्यों को पूर्वानुमेय वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे, बजटीय अनुशासन सुदृढ़ होगा और योजना निर्माण अधिक प्रभावी बन सकेगा। केंद्र और राज्यों के बीच संतुलित लागत-साझेदारी व्यवस्था साझा उत्तरदायित्व और निगरानी को मजबूत करती है, साथ ही यह सुनिश्चित करती है कि राज्यों पर असंगत वित्तीय बोझ न पड़े।
पूर्ववर्ती व्यवस्थाओं में सामने आई अनियमितताओं, जैसे अपूर्ण कार्य, मशीनों का अनधिकृत उपयोग, उपस्थिति प्रणाली की अनदेखी और वित्तीय गबन, ने व्यापक प्रणालीगत सुधार की आवश्यकता को स्पष्ट किया था। इसी पृष्ठभूमि में VB-G RAM-G को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाया गया है। एआई आधारित निगरानी प्रणालियाँ, रियल टाइम एमआईएस डैशबोर्ड, जीपीएस एवं मोबाइल आधारित सत्यापन, साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण तथा ग्राम पंचायत स्तर पर अनिवार्य सामाजिक अंकेक्षण इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
कुल मिलाकर, विकसित भारत गारंटी रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक संतुलित और दूरदर्शी पहल है, जो मज़दूरों की आय सुरक्षा, किसानों की उत्पादकता, पंचायतों की योजना क्षमता और ग्रामीण भारत के टिकाऊ विकास को एक साथ आगे बढ़ाती है। यह मिशन ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाते हुए विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में एक निर्णायक और परिवर्तनकारी कदम है।
VB-G RAM-G के क्रियान्वयन से नालंदा जिला में मजदूरों, किसानों, जीविका समूहों के सदस्यों तथा अन्य सभी ग्रामीण जनों के सर्वांगीण विकास हेतु सतत प्रयास किया जायेगा।
इस अवसर पर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, निर्देशक डीआरडीए , कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा सहित प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं पीओ  आदि उपस्थित थे ।
    user_ख़बरें टी वी
    ख़बरें टी वी
    Journalist Nalanda, Bihar•
    9 hrs ago
  • Post by Rahul bullet
    1
    Post by Rahul bullet
    user_Rahul bullet
    Rahul bullet
    गोविंदपुर, नवादा, बिहार•
    11 hrs ago
  • नालंदा में कांग्रेस का जोरदार धरना: मनरेगा का पुराना नाम वापस करने की मांग, जिला अध्यक्ष नरेश प्रसाद अकेला के नेतृत्व में प्रदर्शन
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    नालंदा में कांग्रेस का जोरदार धरना: मनरेगा का पुराना नाम वापस करने की मांग, जिला अध्यक्ष नरेश प्रसाद अकेला के नेतृत्व में प्रदर्शन
    user_National TV Bihar  🗞️ 📰
    National TV Bihar 🗞️ 📰
    पत्रकार बेन, नालंदा, बिहार•
    13 hrs ago
  • Post by महेंद्र शर्मा
    1
    Post by महेंद्र शर्मा
    user_महेंद्र शर्मा
    महेंद्र शर्मा
    पत्रकार, # डोभी, गया, बिहार•
    14 hrs ago
  • नालंदा में दहेज के लिए की ह'त्या कर खेत में गाड़ा था श'व..: नूरुल हक, एएसपी
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    नालंदा में दहेज के लिए की ह'त्या कर खेत में गाड़ा था श'व..: नूरुल हक, एएसपी
    user_ख़बरें टी वी
    ख़बरें टी वी
    Journalist Nalanda, Bihar•
    15 hrs ago
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