ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का आज 31 मई 2026 को कानपुर में आगमन हुआ है, जहाँ वे 'गौ-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध यात्रा' का शंखनाद कर रहे हैं। कानपुर की धरती एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्रांति की गवाह बनने जा रही है, क्योंकि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौमाता को 'राष्ट्रमाता' का संवैधानिक दर्जा दिलाना है, जो गोवंश के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए छेड़ा गया एक राष्ट्रव्यापी निर्णायक धर्मयुद्ध है। यह विशाल यात्रा 31 मई 2026 को कानपुर की सीमा में महाराजपुर के निकट आलमपुर से भव्य स्वागत के साथ शुरू हुई है। शंकराचार्य जी महाराज का कारवां शहर के टिकेश्वर महादेव मंदिर, त्रिमूर्ति मंदिर, कृष्णा नगर गेट हनुमान मंदिर और श्री रामेश्वर धाम मंदिर जैसे कई पावन स्थलों से होते हुए किदवई नगर और श्री सिद्धेश्वर मंदिर तक पहुँचेगा। इस दौरान, धर्मप्रेमी और गौ-भक्त बड़ी संख्या में एकत्रित होकर महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। इस धर्मयुद्ध के तहत, शंकराचार्य जी महाराज कानपुर के सीसामऊ, आर्यनगर और गोविंद नगर जैसे महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों में प्रमुख जनसभाएँ संबोधित करेंगे। विशेष रूप से आर्यनगर के प्रसिद्ध आनंदेश्वर मंदिर परमत में सुबह की जनसभा और चंद्रिका देवी चौराहे पर प्रस्तावित सभा में महाराज जी सीधे जनमानस से संवाद करेंगे। यह यात्रा केवल शहरी सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह कानपुर के ग्रामीण अंचलों तक भी फैलेगी, जिसमें बिठूर क्षेत्र का विशेष महत्व होगा। आज़ाद नगर से बिठूर में प्रवेश कर, धर्म का संदेश गहरा होता जाएगा। शिवराजपुर इस महा-आंदोलन का मुख्य केंद्र बिंदु बनेगा, जहाँ ब्रह्मेश्वर मंदिर में महाराज जी की उपस्थिति और वहां होने वाली विशाल जनसभा इस अभियान को एक नई वैचारिक दिशा प्रदान करेगी। उनका रात्रि प्रवास भी शिवराजपुर क्षेत्र में ही निर्धारित है, जहाँ से वे धर्म जागृति का संदेश देते हुए कानपुर के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में एक अमिट छाप छोड़ेंगे। 2 जून 2026 तक चलने वाली यह यात्रा कानपुर के हर सनातनी के लिए गर्व और आत्म-सम्मान का विषय बन गई है। कानपुर के इस महा-आयोजन के माध्यम से, गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को संपूर्ण देश में एक नई और शक्तिशाली आवाज मिलेगी, जिससे आने वाले समय में देश की सांस्कृतिक और धार्मिक नीति पर गहरा प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। यह यात्रा गौ-रक्षण के प्रति समाज के हर वर्ग को एकजुट करने का एक अनूठा प्रयास है, जिसका लक्ष्य कानपुर से निकलकर पूरे भारत में एक नई चेतना का संचार करना है।
ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का आज 31 मई 2026 को कानपुर में आगमन हुआ है, जहाँ वे 'गौ-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध यात्रा' का शंखनाद कर रहे हैं। कानपुर की धरती एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्रांति की गवाह बनने जा रही है, क्योंकि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौमाता को 'राष्ट्रमाता' का संवैधानिक दर्जा दिलाना है, जो गोवंश के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए छेड़ा गया एक राष्ट्रव्यापी निर्णायक धर्मयुद्ध है। यह विशाल यात्रा 31 मई 2026 को कानपुर की सीमा में महाराजपुर के निकट आलमपुर से भव्य स्वागत के साथ शुरू हुई है। शंकराचार्य जी महाराज का कारवां शहर के टिकेश्वर महादेव मंदिर, त्रिमूर्ति मंदिर, कृष्णा नगर गेट हनुमान मंदिर और श्री रामेश्वर धाम मंदिर जैसे कई पावन स्थलों से होते हुए किदवई नगर और श्री सिद्धेश्वर मंदिर तक पहुँचेगा। इस दौरान, धर्मप्रेमी और गौ-भक्त बड़ी संख्या में एकत्रित होकर महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। इस धर्मयुद्ध के तहत, शंकराचार्य जी महाराज कानपुर के सीसामऊ, आर्यनगर और गोविंद नगर जैसे महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों में प्रमुख जनसभाएँ संबोधित करेंगे। विशेष रूप से आर्यनगर के प्रसिद्ध आनंदेश्वर मंदिर परमत में सुबह की जनसभा और चंद्रिका देवी चौराहे पर प्रस्तावित सभा में महाराज जी सीधे जनमानस से संवाद करेंगे। यह यात्रा केवल शहरी सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह कानपुर के ग्रामीण अंचलों तक भी फैलेगी, जिसमें बिठूर क्षेत्र का विशेष महत्व होगा। आज़ाद नगर से बिठूर में प्रवेश कर, धर्म का संदेश गहरा होता जाएगा। शिवराजपुर इस महा-आंदोलन का मुख्य केंद्र बिंदु बनेगा, जहाँ ब्रह्मेश्वर मंदिर में महाराज जी की उपस्थिति और वहां होने वाली विशाल जनसभा इस अभियान को एक नई वैचारिक दिशा प्रदान करेगी। उनका रात्रि प्रवास भी शिवराजपुर क्षेत्र में ही निर्धारित है, जहाँ से वे धर्म जागृति का संदेश देते हुए कानपुर के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में एक अमिट छाप छोड़ेंगे। 2 जून 2026 तक चलने वाली यह यात्रा कानपुर के हर सनातनी के लिए गर्व और आत्म-सम्मान का विषय बन गई है। कानपुर के इस महा-आयोजन के माध्यम से, गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को संपूर्ण देश में एक नई और शक्तिशाली आवाज मिलेगी, जिससे आने वाले समय में देश की सांस्कृतिक और धार्मिक नीति पर गहरा प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। यह यात्रा गौ-रक्षण के प्रति समाज के हर वर्ग को एकजुट करने का एक अनूठा प्रयास है, जिसका लक्ष्य कानपुर से निकलकर पूरे भारत में एक नई चेतना का संचार करना है।
- युग ऋषि पंडित श्रीराम आचार्य जी की पावन जन्मभूमि आंवलखेड़ा में अधिक मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। हालांकि, इस दौरान आगरा-जलेसर मार्ग की बदहाल स्थिति के कारण दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को काफी निराशा का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी यात्रा में बाधा उत्पन्न हुई।1
- औरैया जिले के अजीतमल क्षेत्र की ग्राम पंचायत खरके में वृक्षारोपण के लिए निर्धारित लगभग चार एकड़ जमीन पर जबरन कान्हा गौशाला का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जबकि गौशाला बनाने के लिए मात्र 57 डेसिमिल जगह का ही सीमांकन किया गया था, फिर भी चेयरमैन अटसू द्वारा बाकी जमीन पर भी जबरन कब्जा किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि जितनी जगह का सीमांकन हुआ है, गौशाला उतनी ही जगह पर बनाई जाए, और शेष जमीन वृक्षारोपण के लिए सुरक्षित रखी जाए। इस मुद्दे को लेकर किसानों ने कई बार उच्च अधिकारियों से शिकायत भी की है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। वृक्षारोपण की जमीन पर जबरन गौशाला बनने के कारण किसानों में भारी रोष व्याप्त है। मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने एक बार फिर अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।1
- बांग्लादेश की एक वहशी तस्वीर सामने आई है, जहाँ बताया जा रहा है कि पूरा देश नरक बन गया है। बारीसाल में एक हिन्दू बेटी को उसके पिता के सामने ही बदमाशों द्वारा रेप का शिकार बनाया गया। इस दर्दनाक घटना का जिक्र करते हुए, यह भी बताया गया है कि देश में इस तरह के रेप किसी भी तरह से रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं, जो बेहद अफ़सोसजनक है।1
- आगरा के ताजमहल पर बिहार से आए एक पर्यटक परिवार का 8 वर्षीय बच्चा भीड़ में अपने परिजनों से बिछड़ गया। ताज सुरक्षा पुलिस ने तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली का प्रदर्शन करते हुए बच्चे को सकुशल खोज निकाला और उसे उसके परिवार से मिला दिया। अपने बेटे को सुरक्षित पाकर बच्चे की मां भावुक हो उठीं। ताज सुरक्षा पुलिस की इस सराहनीय पहल की लोग जमकर प्रशंसा कर रहे हैं, पुलिस को 'फरिश्ता' बताया जा रहा है।1
- अभिनेता सुनील ग्रोवर ने अपनी पत्नी के साथ आगरा स्थित ताजमहल का दीदार किया, जहाँ सुबह की पहली किरणों के साथ उन्होंने इस ऐतिहासिक इमारत की खूबसूरती को करीब से महसूस किया। भले ही वे मास्क पहनकर पहुंचे थे, लेकिन उनकी मुस्कान और अंदाज़ ने उनकी पहचान को उजागर कर दिया। यह सुबह उनके लिए प्यार और सुकून से भरी रही, जिसे सच में खास बताया गया। इस दौरान सुनील ग्रोवर के साथ उनकी पत्नी भी मौजूद थीं।1
- एक लड़की पर जाटा भाइयों को अपशब्द कहने और उन्हें 'लीला कबूतर' जैसे आपत्तिजनक शब्दों से संबोधित करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में, संबंधित लड़की के खिलाफ जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई करने की पुरज़ोर मांग की गई है।1
- फिरोजाबाद के शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ डेढ़ वर्षीय एक मासूम बच्चे की हत्या कर दी गई। आरोपी, बच्चे के रिश्ते का देवर, कथित तौर पर बच्चे को टॉफी दिलाने के बहाने घर से अपने साथ ले गया और बाद में गली में उसे जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। परिजनों के अनुसार, आरोपी का बच्चे की मां से एकतरफा लगाव था। महिला द्वारा उसकी बातों को महत्व न दिए जाने और दूरी बनाए रखने से वह नाराज चल रहा था, और आरोप है कि इसी रंजिश तथा सनक में उसने मासूम को निशाना बनाया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, लेकिन जब परिजनों को घटना की जानकारी मिली, तो घर में चीख-पुकार मच गई। मासूम को उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जिससे पूरे मोहल्ले में मातम पसरा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज को भी अपनी जाँच में शामिल किया था। इस घटना ने हर किसी को झकझोर दिया था, और पूरा क्षेत्र आरोपी की गिरफ्तारी व कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा था। पुलिस अधिकारियों ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन कर संभावित ठिकानों पर दबिश देने की बात कही थी। अपडेटेड जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान आरोपी विराज उर्फ़ जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 01 अवैध तमंचा 315 बोर, 05 जिंदा कारतूस और 02 खोखा कारतूस भी बरामद किए हैं। इस गिरफ्तारी के संबंध में एएसपी नगर ने भी बाइट दी है।1
- गाजियाबाद के खोड़ा (खेड़ा) इलाके में बकरीद के दिन, यानी 28 मई को, 17 वर्षीय हिंदू छात्र सूर्या चौहान की कुछ युवकों ने चाकू गोदकर निर्मम हत्या कर दी थी। मुख्य आरोपी असद और उसके साथियों ने पुरानी रंजिश के चलते सूर्या को 'कुर्बानी देखने' के बहाने गली नंबर-2 के पास बुलाया था। जब सूर्या ने बकरा हलाल होते देखने से इनकार किया और वापस जाने लगा, तो विवाद शुरू हो गया। इसके बाद असद और उसके साथियों ने सूर्या के पेट में चाकू से कई वार किए। गंभीर रूप से घायल सूर्या लगभग 200 मीटर तक भागकर गली में गिर गया, जिसे तुरंत नोएडा के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया था। घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की थी। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर खोड़ा थाने में पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित कीं। पुलिस ने इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मुख्य आरोपी असद पर ₹50,000 का इनाम घोषित किया गया था। 31 मई को पुलिस द्वारा असद के सर्च ऑपरेशन के दौरान सूचना मिली कि वह कुछ साथियों से मिलने जा रहा है और उनसे पैसे लेकर कहीं भागने की फिराक में है। कोबिंग और बैरिकेडिंग के दौरान, असद अपने एक साथी के साथ आता दिखा। पुलिस द्वारा रुकने की चेतावनी देने पर असद ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी फायरिंग में असद को गोली लग गई, जिसके बाद उसे चिकित्सा के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस का एक जवान भी घायल हुआ है, जिसे इलाज हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना स्थल से असद के पास से एक पिस्टल और उसकी बाइक बरामद हुई, जबकि उसका दूसरा साथी मौके से फरार होने में कामयाब रहा।1