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Harish Ninama
- Harish Ninamaघाटोल, बांसवाड़ा, राजस्थान🤝9 hrs ago
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- 800 साल पुराने ओबलेश्वर मंदिर में छिपा है इतिहास, 11वीं-12वीं शताब्दी की शिलाखंड व प्रतिमाएं आनंदपुरी। कस्बे से करीब 5 किमी दूर और जिला मुख्यालय बांसवाड़ा से लगभग 70 किमी दूर ओबला गांव में स्थित प्राचीन ओबलेश्वर महादेव मंदिर अपने भीतर इतिहास और स्थापत्य कला की अनमोल विरासत समेटे हुए है। मंदिर परिसर में 11वीं-12वीं शताब्दी के दौर के शिलाखंड, प्रतिमाएं और अन्य प्राचीन अवशेष आज भी दिखाई देते हैं। मंदिर की ऐतिहासिक विरासत इसके आसपास बिखरे पत्थरों और शिलाखंडों में साफ नजर आती है। कई शिलाखंडों पर देवी-देवताओं की मूर्तियां व नक्काशीदार आकृतियां बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां प्राचीन मंदिरों के निर्माण में प्रयुक्त शिल्प अवशेष आज भी मौजूद हैं, जो क्षेत्र की समृद्ध प्राचीन कला एवं संस्कृति की कहानी कहते हैं। मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग स्थापित है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां दर्शन-पूजन करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। सावन के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है और आसपास के गांवों सहित दूर-दराज से लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में मौजूद प्राचीन शिलाखंडों पर लगातार प्राकृतिक क्षरण का असर दिखाई दे रहा है। कई अवशेष इधर-उधर बिखरे हुए हैं और कुछ झाड़ियों के बीच पड़े हैं। स्थानीय पुजारी एवं सेवक शांतिलाल पारगी ने बताया कि क्षेत्र में कई प्राचीन मंदिरों के अवशेष मौजूद हैं, जिनके संरक्षण की आवश्यकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन प्राचीन अवशेषों का पुरातात्विक सर्वेक्षण कर संरक्षण किया जाए तो ओबलेश्वर मंदिर को क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण पहचान मिल सकती है।1
- यह तस्वीर केवल जर्जर भवनों की नहीं, बल्कि राजस्थान की बदहाल शिक्षा व्यवस्था और सरकार की उदासीनता की भी तस्वीर है। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर जब देश के विद्यार्थी तिरंगे को सलामी दे रहे थे, तब ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो वे आज़ाद भारत में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन की भेंट चढ़कर खंडहर में तब्दील हो चुकी दीवारों से निकले पत्थरों को सलामी दे रहे हों। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की शिक्षा के प्रति उदासीनता का दुष्परिणाम यह है कि आज राजस्थान में हजारों विद्यालय जर्जर और खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। राज्य की जनता और विद्यार्थियों को इन्हीं जर्जर भवनों एवं कच्छी रोड में राष्ट्रध्वज फहराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यह तस्वीर केवल जर्जर भवनों की नहीं, बल्कि राजस्थान की बदहाल शिक्षा व्यवस्था और सरकार की उदासीनता की भी तस्वीर है।1
- लोकेशन डूंगरपुर सवाद दाता महेश्वर चोबीसा Mo 7976727929 हेड लाइन नियमित नर्सिंग भर्ती एवं अनुभवी नर्सिंग कार्मिकों के अनुभव व बोनस अंकों की मांग को लेकर संभाग मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन लोकेशन डूंगरपुर सवाद दाता महेश्वर चोबीसा Mo 7976727929 हेड लाइन नियमित नर्सिंग भर्ती एवं अनुभवी नर्सिंग कार्मिकों के अनुभव व बोनस अंकों की मांग को लेकर संभाग मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन एंकर इंट्रो राजस्थान नर्सेज भर्ती संघर्ष समिति (टी.एस.पी. क्षेत्र) के आह्वान पर आज संभाग मुख्यालय पर नर्सिंग कार्मिकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार रैली एवं प्रदर्शन किया। रैली टाउन हॉल से संभागीय आयुक्त, उदयपुर संभाग के कार्यालय तक निकाली गई, जिसमें नर्सिंग कार्मिकों ने एकजुट होकर सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शन के पश्चात राजस्थान सरकार के नाम ज्ञापन संभागीय आयुक्त महोदय के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। समिति की प्रमुख मांग है कि राजस्थान में नर्सिंग ऑफिसर एवं ए.एन.एम. के नियमित पदों पर शीघ्र भर्ती की जाए तथा अनुभवी नर्सिंग कार्मिकों के वर्षों के अनुभव को भर्ती प्रक्रिया में उचित महत्व दिया जाए। समिति ने मांग की कि राजस्थान चिकित्सा सेवा नियम, 1965 के अंतर्गत पूर्व की भर्तियों की भांति आगामी भर्ती में भी अनुभव आधारित मेरिट एवं 10, 20 और 30 बोनस अंकों की व्यवस्था को यथावत रखा जाए, ताकि वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत अनुभवी नर्सिंग कार्मिकों के अनुभव के साथ न्याय हो सके। इसके साथ ही प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता को देखते हुए कम से कम 12,000 नर्सिंग ऑफिसर एवं 7,000 ए.एन.एम. के नियमित पदों पर शीघ्र भर्ती करने तथा टी.एस.पी. क्षेत्र के लिए 4,000 नर्सिंग ऑफिसर एवं 2,000 ए.एन.एम. के अतिरिक्त पद स्वीकृत करने की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से रखी गई। समिति ने कहा कि प्रदेश के हजारों अनुभवी नर्सिंग कार्मिक लंबे समय से संविदा, निविदा, आउटसोर्सिंग, एनएचएम एवं विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन कार्मिकों ने कोविड सहित अनेक विषम परिस्थितियों में प्रदेश की जनता को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की हैं। ऐसे अनुभवी कार्मिकों के अनुभव को नजरअंदाज करना उनके साथ अन्याय होगा। राजस्थान नर्सेज भर्ती संघर्ष समिति ने सरकार से मांग की कि नर्सिंग भर्ती के नियमों में किसी प्रकार का संशोधन न करते हुए अनुभवी नर्सिंग कार्मिकों के अनुभव एवं बोनस अंकों को सुरक्षित रखा जाए तथा नियमित भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ किया जाए। समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि राजस्थान सरकार प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने तथा वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी नर्सिंग कार्मिकों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय करेगी। “4
- चित्रकूट धाम में पथराव से आक्रोश, संगठनों ने किया प्रदर्शन अज्ञात बदमाशों की गिरफ्तारी और घटना का खुलासा करने की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन सीमलवाड़ा। ग्राम गेलन स्थित चित्रकूट धाम परियोजना भवन पर अज्ञात लोगों द्वारा देर रात पथराव किए जाने की घटना के विरोध में सोमवार को क्षेत्र में आक्रोश देखने को मिला। घटना के विरोध में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े विभिन्न संगठनों सहित क्षेत्र के सामाजिक एवं अन्य संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक तहसील कार्यालय के पास मातुश्री वाटिका में आयोजित हुई। बैठक में घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की गई। बैठक के बाद पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचे। यहां उपखंड अधिकारी संजय चरपोटा को चित्रकूट परियोजना अध्यक्ष किरीट पंड्या के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपकर चित्रकूट धाम में हुई पथराव की घटना की निष्पक्ष जांच करवाने, अज्ञात बदमाशों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने तथा घटना का जल्द खुलासा करने की मांग की गई। साथ ही परियोजना परिसर की सुरक्षा के लिए पुलिस गश्त एवं आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। रात में दो बार हुआ पथराव ज्ञापन में बताया गया कि विद्या भारती जनजाति समिति द्वारा संचालित चित्रकूट परियोजना, ग्राम गेलन में 12 अगस्त की रात करीब 11.15 बजे 5-6 अज्ञात व्यक्तियों ने परियोजना भवन के पीछे से अचानक पथराव किया। आरोप है कि बिना किसी कारण भवन एवं परिसर की ओर पत्थर फेंके गए। इस दौरान कुछ पत्थर भवन की खिड़कियों तथा ऊपर लगे टीन शेड से टकराए। करीब 10-10 मिनट के अंतराल में दो बार पथराव किए जाने की बात ज्ञापन में कही गई है। घटना के दौरान परियोजना में रहने वाले कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं अन्य लोगों में भय का माहौल बन गया। संस्था ने आशंका जताई कि यदि समय रहते आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती है। 'सनातन संस्कृति पर प्रहार' का लगाया आरोप प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि चित्रकूट धाम में संचालित परियोजना केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां जरूरतमंद एवं गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। वक्ताओं के अनुसार क्षेत्र में आगे विशाल छात्रावास और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि इन सामाजिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से असामाजिक तत्वों द्वारा पथराव की घटना को अंजाम दिया गया है। उन्होंने इसे सनातन संस्कृति और समाजसेवा की गतिविधियों पर प्रहार बताते हुए प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने की मांग की। सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग ज्ञापन में प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच कर पथराव करने वाले आरोपियों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई करने, परियोजना परिसर में पुलिस गश्त बढ़ाने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि सामाजिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों में किसी प्रकार का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ कल्पेश मेहता,विहिप विश्वास भोई,विधा भारती अनिल मिश्रा, वनवासी कल्याण परिषद राजेश प्रजापत, सरपंच विजयपाल डोडियार , विरेन्द्र सिंह, नानुराम भगोरा, विधार्थी परिषद पुष्पेन्द्र डामोर , व्यापार मण्डल देवेन्द्र दर्जी, किरीट पंड्या , दिनेश पंड्या, खण्ड कार्यवाह नानुराम कटारा, राजेन्द्र पाटीदार , दीनदयाल सिंह चौहान, अंबालाल गमेती, देवीलाल मनात,थावर लाल पारगी सहित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े विभिन्न संगठनों सहित क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनों ओर विभिन्न समाजों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- कानूनी कार्रवाई न हो रही है 2 अगस्त को गलत इंजेक्शन लगाया 9 अगस्त को सुगना जटिया की मौत मौत हुई अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं पारिवारिक रिपोर्ट दर्ज हुई है 5 अगस्त को जो भी कोई कार्रवाई नहीं अब इस परिवार का कौन सहारा है और और उनके पिताजी जगदीश जटिया माता का नाम शना देवी उनका सपना था कि हमारी बच्ची आगे पढ़कर अपना नाम रोशन करें जो की उन्होंने मेहनत मजदूरी करके पढ़ाई जो की अभी तक कोई न्याय नहीं मिला हे न्यायलय जिले में कोई कार्रवाई नहीं है की नाबालिक 17 वर्षी सुगना जटिया का गलत इंजेक्शन लगाने के कारण शरीर में जहर फैलने के कारण उनकी मौत हुई है परिवार वाले सभी ने कानूनी कार्रवाई कराई है लेकिन डूंगला थाना अधिकारियों ने सब परिवार को गुमराह कर रहे हैं कि हम इस मुकदमा की जानकारी ले रहे हैं जो कि जगदीश जटिया पिता हंसराज जटिया जगदीश जटिया की पत्नी शना देवी से बयान ले रहे हैं कि आपकी बच्ची को क्या हुआ था बार-बार यह पूछा जा रहा है लेकिन अभी तक इतने दिन हो गए 2 अगस्त की बात है आरोपी को कुछ भी नहीं पूछा पुलिस वालों ने की आपके पास में कौन सी डिग्री है आपने कौन सा इंजेक्शन लगाया लाइसेंस है कि नहीं है कितने साल से आपको मेडिकल लाइन से या डॉक्टर लाइन में कितने साल हो गए और उनकी वाइफ ने कौन सा डोज लगाया था4
- डूंगरपुर संवाददाता भरत पंड्या 9829264909 आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं डूंगरपुर विधायक गणेश घोगरा ने ग्राम पंचायत भटवाड़ा में नव निर्मित उप स्वास्थ्य केंद्र का किया लोकार्पण । डूंगरपुर संवाददाता भरत पंड्या 9829264909 आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं डूंगरपुर विधायक गणेश घोगरा ने ग्राम पंचायत भटवाड़ा में नव निर्मित उप स्वास्थ्य केंद्र का किया लोकार्पण । डूंगरपुर आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं डूंगरपुर विधायक गणेश घोगरा ने ग्राम पंचायत भटवाड़ा में नव निर्मित उप स्वास्थ्य केंद्र का किया लोकार्पण ।इस अवसर पर उप जिला प्रमुख सुरता परमार, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रेखा कलासुआ,जिला परिषद सदस्य गुलशन मनात, मंडल अध्यक्ष ईश्वर कलासुआ, भटवाड़ा सरपंच एवं आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष देवशंकर ननोमा, पगारा सरपंच मुकेश अहारी,खेड़ा सरपंच बसंत खराड़ी, पालवड़ा सरपंच रमेश डामोर,पूर्व जिला परिषद सदस्य बालकृष्ण परमार, आदिवासी कांग्रेस के जिला महासचिव लालशंकर कटारा, बिछीवाड़ा ब्लॉक महासचिव राजेंद्र कलासुआ, कांग्रेस कार्यकर्ता रामा भाई, रमेश भाई,हीरालाल खुमानपुरा,कृष्णलाल जी, खातरा भाई, शंकरलाल जी, अंबालाल,धनजी, लक्ष्मण, शंभु जी,लीलाराम, पन्नालाल,मणिलाल,रोहित कलासुआ, शिक्षाविद नागेन्द्र सिंह जी,एवं भटवाड़ा, खेमारू एवं गडा मोरिया के कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।1
- ऐसे गांव के लोगों को लगा बेचारे परेशान होते हैं बारिश के टाइम में देश ले जाना बकरी ले जाना सब कुछ तकलीफ सी पड़ती है विचार लोगों को गांव में सरकार तो कुछ करती नहीं है1
- दिशा समिति की बैठक में सांसद श्री राजकुमार रोत ने विभागवार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की बांसवाड़ा, 16 अगस्त। बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद श्री राजकुमार रोत की अध्यक्षता में रविवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा समिति) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सांसद ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं की विभागवार प्रगति की जानकारी ली तथा योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में एजेण्डा अनुसार एक-एक कर विभिन्न विभागों से संबंधित गत बैठक की अनुपालन रिपोर्ट और विभागीय योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। सांसद ने बैठक में विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए और आमजन से जुड़े कार्यों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए। बैठक के दौरान सांसद ने विभागवार अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने तथा विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम छोर तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग की योजनाओं एवं प्रगति की जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की। बैठक में बागीदौरा विधायक श्री जयकृष्ण पटेल, जिला कलक्टर डॉ इंद्रजीत यादव सहित समिति सदस्य और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।1
- 9 अगस्त के दिन मदन राठौड़ ने आदिवासियों को भैडचाल बोला था उसके विरोध में आदिवासी समाज के द्वारा व भारत आदिवासी पार्टी के द्वारा डुंगरपुर ज़िला मुख्यालय पर ग्यापान दिया गया साथ ही आज दिनांक 17/08/2026 के दिन मदन राठौड़ व गजेन्द्र सिंह शेखावत का पुतला दहन किया जिसमें भारी संख्या बल में लोग उपस्थित रहें समय रहते हुए गजेन्द्र सिंह शेखावत व मदन राठौड़ अपना ब्यान वापीस लेवें व आदिवासी समाज से माफी मांगे नहीं तो आदिवासी समाज में आक्रोश है जल्द ही बड़ी तैनात से लोग जुड़ कर जन आंदोलन करने पर मजबूत होंगे उसमें ज़बाब दारी उनकी रहेगी हमारी न्यूज़ को शैयर करें साथ ही सब्सक्राइबर करना ना भूलें 👇👇1