अहमदाबाद के व्यापारियों-दलाल गिरोह ने सूरत के कपड़ा कारोबारियों को लगाया 74 लाख का चूना पहले समय पर पेमेंट देकर बनाया भरोसा, बड़ी सप्लाई उठाने के बाद भुगतान बंद; आर्थिक अपराध शाखा जांच में जुटी सूरत : सूरत के कपड़ा बाजार में संगठित तरीके से की गई बड़ी व्यावसायिक ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें अहमदाबाद के कपड़ा व्यापारियों और एक दलाल ने मिलकर शहर के दो कपड़ा व्यापारियों से कुल 74.31 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। मामले में वराछा पुलिस थाने में अपराध दर्ज किया गया है तथा आर्थिक अपराध निरोधक शाखा पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार रिंग रोड स्थित ग्लोबल टेक्सटाइल मार्केट में “संभव फैशन” नाम से साड़ी का व्यापार करने वाले अमृतलाल कैवलचंद जैन (उम्र 36) ने शिकायत दर्ज कराई है कि वे अपने भाई मोतीभाई जैन के साथ पिछले दो वर्षों से कपड़े के व्यवसाय से जुड़े हैं। व्यापार विस्तार के उद्देश्य से उनके सेल्समैन मुकेशसिंह द्वारा विभिन्न शहरों के व्यापारियों एवं कपड़ा दलालों से संपर्क किया जाता था। इसी दौरान अहमदाबाद निवासी कपड़ा दलाल धनंजय उर्फ नितिन पांडे संपर्क में आया। उसने बड़े व्यापारिक ऑर्डर दिलाने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का भरोसा देकर अहमदाबाद के कई व्यापारियों से परिचय कराया। इसके बाद कमल इम्पेक्स के भागीदार सुशील शर्मा, कृष्णा कॉरपोरेशन के मनीष प्रजापति, पूजा टेक्सटाइल के छगन, मीता रानी ट्रेडर्स के जगदीश तथा जयश्री ट्रेडर्स के हसमुख सहित अन्य व्यापारियों द्वारा संभव फैशन से कपड़े के ऑर्डर दिए जाने लगे। शुरुआती चरण में आरोपियों ने छोटे-छोटे ऑर्डरों का भुगतान समय पर कर व्यापारियों का विश्वास जीत लिया। विश्वास मजबूत होने के बाद आरोपियों ने बड़ी मात्रा में कपड़े की सप्लाई मंगवाई, लेकिन बाद में कुल 74,31,359 रुपये की रकम बकाया छोड़कर भुगतान करना बंद कर दिया। लगातार संपर्क करने पर भी आरोपियों द्वारा टालमटोल और झूठे आश्वासन दिए जाते रहे। फरियाद के अनुसार इसी गिरोह ने संभव फैशन के मालिक के अलावा उनके परिचित कपड़ा व्यापारी वंश आनंद शर्मा के साथ भी करीब 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है, जिससे यह मामला संगठित ठगी का रूप लेता दिखाई दे रहा है। आर्थिक अपराध निरोधक शाखा में सीधे मामला दर्ज न होने के कारण प्राथमिक जांच के बाद वराछा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका, आपसी साठगांठ, वित्तीय लेन-देन तथा अन्य संभावित पीड़ित व्यापारियों की जानकारी जुटाने में लगी है।
अहमदाबाद के व्यापारियों-दलाल गिरोह ने सूरत के कपड़ा कारोबारियों को लगाया 74 लाख का चूना पहले समय पर पेमेंट देकर बनाया भरोसा, बड़ी सप्लाई उठाने के बाद भुगतान बंद; आर्थिक अपराध शाखा जांच में जुटी सूरत : सूरत के कपड़ा बाजार में संगठित तरीके से की गई बड़ी व्यावसायिक ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें अहमदाबाद के कपड़ा व्यापारियों और एक दलाल ने मिलकर शहर के दो कपड़ा व्यापारियों से कुल 74.31 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। मामले में वराछा पुलिस थाने में अपराध दर्ज किया गया है तथा आर्थिक अपराध निरोधक शाखा पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार रिंग रोड स्थित ग्लोबल टेक्सटाइल मार्केट में “संभव फैशन” नाम से साड़ी का व्यापार करने वाले अमृतलाल कैवलचंद जैन (उम्र 36) ने शिकायत दर्ज कराई है कि वे अपने भाई मोतीभाई जैन के साथ पिछले दो वर्षों से कपड़े के व्यवसाय से जुड़े हैं। व्यापार विस्तार के उद्देश्य से उनके सेल्समैन मुकेशसिंह द्वारा विभिन्न शहरों के व्यापारियों एवं कपड़ा दलालों से संपर्क किया जाता था। इसी दौरान अहमदाबाद निवासी कपड़ा दलाल धनंजय उर्फ नितिन पांडे संपर्क में आया। उसने बड़े व्यापारिक ऑर्डर दिलाने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का भरोसा देकर अहमदाबाद के कई व्यापारियों से परिचय कराया। इसके बाद कमल इम्पेक्स के भागीदार सुशील शर्मा, कृष्णा कॉरपोरेशन के मनीष प्रजापति, पूजा टेक्सटाइल के छगन, मीता रानी ट्रेडर्स के जगदीश तथा जयश्री ट्रेडर्स के हसमुख सहित अन्य व्यापारियों द्वारा संभव फैशन से कपड़े के ऑर्डर दिए जाने लगे। शुरुआती चरण में आरोपियों ने छोटे-छोटे ऑर्डरों का भुगतान समय पर कर व्यापारियों का विश्वास जीत लिया। विश्वास मजबूत होने के बाद आरोपियों ने बड़ी मात्रा में कपड़े की सप्लाई मंगवाई, लेकिन बाद में कुल 74,31,359 रुपये की रकम बकाया छोड़कर भुगतान करना बंद कर दिया। लगातार संपर्क करने पर भी आरोपियों द्वारा टालमटोल और झूठे आश्वासन दिए जाते रहे। फरियाद के अनुसार इसी गिरोह ने संभव फैशन के मालिक के अलावा उनके परिचित कपड़ा व्यापारी वंश आनंद शर्मा के साथ भी करीब 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है, जिससे यह मामला संगठित ठगी का रूप लेता दिखाई दे रहा है। आर्थिक अपराध निरोधक शाखा में सीधे मामला दर्ज न होने के कारण प्राथमिक जांच के बाद वराछा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका, आपसी साठगांठ, वित्तीय लेन-देन तथा अन्य संभावित पीड़ित व्यापारियों की जानकारी जुटाने में लगी है।
- प्रयागराज मे राम लक्ष्मण और माता सीता का आगमन पे भक्तों की भीड़ देखने लायक1
- SRT _SOG FLOATING GOLD AROPI FEED:TVU FORMAT :CRIME PACKAGE સુરત બ્રેકિંગ.... સુરતમાંથી ઝડપાઈ "સ્પર્મ વ્હેલ માછલીની ઉલટી ની તસ્કરી ત્રણ આરોપીઓની શહેર sog એ કરી ધરપકડ Sog એ 1.71 કિલોગ્રામ ફ્લોટિંગ ગોલ્ડ કબ્જે કર્યું Sog એ અમબ્રીશ મિશ્રા,સોનુ ઉપાધ્યાય અને સંદીપ ઉપાધ્યાય ની કરી ધરપકડ આરોપીઓ પાસેથી 1.7 કરોડનો મુદ્દામાલ કર્યો જપ્ત ફરાર આરોપીએ વેચાણ અર્થે આપી હોવાનું પૂછપરછ માં આવ્યું સામે ફરાર આરોપી કાવી કંબોઈ ખાતે માછીમારી કરવા જતો, જ્યાંથી તેને તરતું ફ્લોટિંગ ગોલ્ડ મળી આવ્યું હતું જે ગોલ્ડ આરોપીઓને વેચાણ અર્થે આપ્યું હતું જે વેચાણ અર્થે આરોપીઓ સુરત આવ્યા હતા ફ્લોટિંગ ગોલ્ડ નો આંતરરાષ્ટ્રીય બજારમાં કરોડોની કિંમત જે ફ્લોટિંગ ગોલ્ડના વેચાણ પર ભારતમાં પ્રતિબંધ ફ્લોટિંગ ગોલ્ડ નો ઉપયોગ પરફ્યુમ ઉદ્યોગમાં થાય છે જેનો ઉપયોગ ફ્લેક્સ્ટિવ તરીકે થાય છે ફ્લોટિંગ ગોલ્ડ શરૂવાત માં દુર્ગંધ મારે છે,જે બાદ મીઠી સુગંધ માં પરિવર્તિત થઈ જાય છે *બાઈટ :રાજદીપસિંહ નકુમ (ડીસીપી સુરત sog )*4
- सूरत शहर में लोकल इलेक्शन को लेकर आईजी के आदेश पर एसपी साहब ने पूरी टीम को अलर्ट होने के लिए आदेश दिए गए हैं छापी छापी पर नजर रखने के लिए कई टुकड़ियों में टीम में बनाई गई है जो की शांतिपुरी बनाने के आदेश भी दिए गए हैं1
- पलसाना पुलिस ने पलसाना और काडोदरा जीआईडीसी पुलिस थाना क्षेत्रों में अपराधों और अवैध गतिविधियों में शामिल कुख्यात आरोपी निखिल सिंह रमेश सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर वडोदरा पासा में केंद्रीय जेल भेज दिया गया पलसाना पुलिस स्टेशन क्षेत्र में आरोपी निखिल सिंह रमेश सिंह राजपूत के खिलाफ शारीरिक अपराधों का मामला दर्ज किया है, जिसे "अड़ियल व्यक्ति" होने के कारण गिरफ्तार किया गया है। जिसके आधार पर अवैध गतिविधियों में शामिल तत्वों को "अड़ियल लोगों" के रूप में गिरफ्तार किया है - गुजरात असामाजिक गतिविधियां निवारण अधिनियम- 1985 के तहत। वारंट जारी करते समय, पलसाना पुलिस स्टेशन के अलग-अलग टीमें बनाकर आरोपी की तलाश शुरू की। इसी दौरान, सहायक पुलिस अधिकारी निकेतकुमार खुमनसांगभाई, पुलिस अधिकारी नीलेशभाई जगदीशभाई और पुलिस अधिकारी संजयभाई हेमतभाई को निजी तौर पर एक संयुक्त खुफिया रिपोर्ट मिली कि, “निखिलसिंह रमेशसिंह राजपूत बागुमरा गांव के साई दर्शन सोसाइटी स्थित अपने घर में मौजूद है।” इसी सूचना के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया, वारंट के तहत हिरासत में लिया और पासा करके बड़ोदरा जेल भेज दिया गया सूरत के पलसाना विस्तार से नरेंद्र पटेल की रिपोर्ट1
- कड़ोदरा वार्ड नंबर 5 बना चुनावी रणक्षेत्र। शाम होते ही साईं रेसिडेंसी और रामकबीर सोसायटी में बढ़ता जोश। नारे, भीड़ और सियासी गर्मी चरम पर। कांग्रेस उम्मीदवार तेजस मिस्त्री का जोरदार प्रचार। कांताबेन जैन और भावना बेन भी मैदान में सक्रिय। युवा प्रभारी प्रमोद शर्मा की रणनीति से मुकाबला हाई-वोल्टेज। घर-घर संपर्क और जनसंपर्क अभियान तेज। हर गली में गूंज रहा है तेजस मिस्त्री का नाम। हर वर्ग में दिख रही समर्थन की लहर। अब नजर आखिरी पल के बड़े उलटफेर पर! 🔥1
- सुरक्षा के कड़े इंतजाम: पुलिस अधीक्षक ने खाका किया तैयार, चप्पे-चप्पे पर होगी नजर1
- સુરત સચીન પોલીસની મોટી સફળતા સચીન હોજીવાલા રોડ પર મજૂરને ચપ્પુ મારી લૂંટ કરનાર બે રીઢા આરોપીઓ અને એક કિશોર ગણતરીના કલાકોમાં પકડાયા. પોલીસે આરોપીઓ પાસેથી લૂંટના રોકડા રૂપિયા ગુનામાં વપરાયેલ છરી અને એક્સેસ મોપેડ કબજે કર્યું પકડાયેલ આરોપી રૂપેશ મરાઠે વિરુદ્ધ અગાઉ હત્યા (૩૦૨) અને હત્યાના પ્રયાસ (૩૦૭) જેવા ગંભીર ૭ ગુનાઓ નોંધાયેલા છે સીસીટીવી અને ટેકનિકલ સોર્સની મદદથી સચીન પોલીસે ગુનાહિત ટોળકીને દબોચી *વાઈટ એન પી ગોહિલ એસીપી સુરત શહેર પોલીસ*3
- सूरत जिला के जोलवा गाम जोलवा पाटीया पर एक दुकानदार के साथ दो लोग मिलकर बारकोड स्कैन करके ₹20000 लेकर उड़ गए दुकानदार को जब तक अकाउंट चेक करके पता लगता तब तक ऑनलाइन लुटेरे लुटेरी दुल्हन की तरह ले उड़े दुकानदार का कहना है कि दो लोग हमारी दुकान पर आए और बोले हमारे पापा हॉस्पिटल में एडमिट है उनको अर्जेंट ₹20000 रोकड़ा जमा करना है और मेरे अकाउंट से 10000 से ज्यादा नहीं निकाल सकता इसलिए आप मुझे ₹20000 रोकड़ा दो और मैं आपको ऑनलाइन ट्रांसफर करता हूं दुकानदार इनकी बातों में आकर स्कैन करने को बोला उन लोगों ने मैसेज भी दिखाया कि आपके अकाउंट में स्कैन हो चुका और बड़ी बात तो यह है कि स्कैमर अपने मोबाइल से ऐसा सिस्टम बनाया की स्कैन करते ही आवाज आया कि आपका पेमेंट प्राप्त हो चुका है इतनी देर में पैसा मिलते ही दोनों स्कैमर रफु चक्कर हो गया इसके बाद तुरंत दुकानदार ने साइबर क्राइम में फोन किया जहां से जवाब आया कि स्केमर आपके सामने था इसके लिए आपको स्थानी पुलिस थाने में अर्जी लिखवानी चाहिए इसके बाद दुकानदार पुलिस थाने गया पर पुलिस का कहना है कि आप बैंक में जाकर पता लगाओ वैसे मैं सिस्टम के ऊपर कहीं ना कहीं कई सवाल उठते हैं कि आखिर जनता जाए तो जाए कहां क्या इस स्कैमर के ऊपर उचित कार्रवाई नहीं करनी चाहिए ? जिससे और किसी व्यक्ति के साथ ऐसा स्कैम ना हो यह गंभीर चर्चा का विषय है सूरत के ग्रामीण विस्तार से नरेंद्र पटेल की रिपोर्ट1
- Post by INDIAnews241