दिनांक: 18 फरवरी 2026 *श्री आशुतोष पंत ने बनारस रेल इंजन कारखाना के महाप्रबंधक का पदभार संभाला* बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के लिए आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण रहा, जब श्री आशुतोष पंत ने दिनांक 18 फरवरी 2026 को बरेका के महाप्रबंधक के रूप में पदभार ग्रहण किया। इससे पूर्व वे उत्तर रेलवे में प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। 23 मार्च 1968 को उत्तराखंड के खटीमा में जन्मे श्री पंत हल्द्वानी (उत्तराखंड) के निवासी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा निर्मला कॉन्वेंट, हल्द्वानी तथा बिड़ला विद्या मंदिर, नैनीताल से इंटरमीडिएट तक प्राप्त की। इसके उपरांत उन्होंने वर्ष 1988 में बिरला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (बिट्स), पिलानी से विद्युत इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। श्री आशुतोष पंत भारतीय रेलवे विद्युत इंजीनियरिंग सेवा (IRSEE) के वर्ष 1989 बैच के अनुभवी अधिकारी हैं। वर्ष 1991 में उन्होंने भारतीय रेल सेवा में प्रवेश किया। उनकी पहली नियुक्ति प्रयागराज में सहायक विद्युत इंजीनियर (रेल विद्युतीकरण) के पद पर हुई। भारतीय रेल में अपने दीर्घ एवं उल्लेखनीय सेवाकाल के दौरान श्री पंत ने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए उत्कृष्ट प्रशासनिक एवं तकनीकी दक्षता का परिचय दिया। वे मुख्य विद्युत सामान्य इंजीनियर (CEGE), उत्तर रेलवे, उप महाप्रबंधक, उत्तर रेलवे, मंडल रेल प्रबंधक इज्जतनगर (पूर्वोत्तर रेलवे) तथा जोधपुर मंडल जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए वर्ष 2016 में भारत सरकार के रेल मंत्री द्वारा उन्हें राजभाषा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। श्री आशुतोष पंत के कुशल नेतृत्व, व्यापक अनुभव एवं दूरदर्शी सोच से बरेका उत्पादन, गुणवत्ता एवं नवाचार के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा तथा भारतीय रेल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।
दिनांक: 18 फरवरी 2026 *श्री आशुतोष पंत ने बनारस रेल इंजन कारखाना के महाप्रबंधक का पदभार संभाला* बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के लिए आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण रहा, जब श्री आशुतोष पंत ने दिनांक 18 फरवरी 2026 को बरेका के महाप्रबंधक के रूप में पदभार ग्रहण किया। इससे पूर्व वे उत्तर रेलवे में प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। 23 मार्च 1968 को उत्तराखंड के खटीमा में जन्मे श्री पंत हल्द्वानी (उत्तराखंड) के निवासी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा निर्मला कॉन्वेंट, हल्द्वानी तथा बिड़ला विद्या मंदिर, नैनीताल से इंटरमीडिएट तक प्राप्त की। इसके उपरांत उन्होंने वर्ष 1988 में बिरला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (बिट्स), पिलानी से विद्युत इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। श्री आशुतोष पंत भारतीय रेलवे विद्युत इंजीनियरिंग सेवा (IRSEE) के वर्ष 1989 बैच के अनुभवी अधिकारी हैं। वर्ष 1991 में उन्होंने भारतीय रेल सेवा में प्रवेश किया। उनकी पहली नियुक्ति प्रयागराज में सहायक विद्युत इंजीनियर (रेल विद्युतीकरण) के पद पर हुई। भारतीय रेल में अपने दीर्घ एवं उल्लेखनीय सेवाकाल के दौरान श्री पंत ने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए उत्कृष्ट प्रशासनिक एवं तकनीकी दक्षता का परिचय दिया। वे मुख्य विद्युत सामान्य इंजीनियर (CEGE), उत्तर रेलवे, उप महाप्रबंधक, उत्तर रेलवे, मंडल रेल प्रबंधक इज्जतनगर (पूर्वोत्तर रेलवे) तथा जोधपुर मंडल जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए वर्ष 2016 में भारत सरकार के रेल मंत्री द्वारा उन्हें राजभाषा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। श्री आशुतोष पंत के कुशल नेतृत्व, व्यापक अनुभव एवं दूरदर्शी सोच से बरेका उत्पादन, गुणवत्ता एवं नवाचार के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा तथा भारतीय रेल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।
- अजय सामाजिक सेवा समिति ने विनीत सिंह को किया सम्मानित1
- ब्रेकिंग न्यूज़ अखंड गौरवशाली क्षत्रिय समाज फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ सतीश कुमार कसेरा ने लोगों से वार्ता करने के बाद असका का व्यक्त की किस तरह की सरकारी रखें तो 10 20 सालों में भारत का पुणे बटवारा होगा और भारत को बांटने की साजिश हो रही है हिंदू को हिंदू से लड़ाया जा रहा है हिंदू मुसलमान किया जा रहा है1
- गांव का होनहार छात्र यर्थाथ पाल अपनी मेहनत, लगन और शिक्षा के प्रति समर्पण से लगातार सफलता की नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। 🌟📚 इनकी उपलब्धियाँ न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव के लिए गर्व का विषय हैं। ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थी ही समाज और देश का उज्ज्वल भविष्य होते हैं।हम सभी की शुभकामनाएँ — यूँ ही आगे बढ़ते रहो और गांव-जिले का नाम रोशन करते रहो।संयुक्त मोर्चा हंडियाडीहडAjay Pal #highlightseveryonefollowers #गांव_का_रोशन #गांव_का_गौरव #VillagePride #RuralTalent #GaonKiShaan #DeshKaBhavishya #StudentSuccess #ShikshaHiShakti1
- अगर चन्दौली जिले के कबीरपुर ग्राम प्रधान (चन्दौली) 5 साल से विकास कार्य नहीं कर रहे हैं और हरिजन बस्ती में सड़क, नाली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ नहीं मिली हैं, तो आप नीचे दिए गए कदम उठा सकते हैं:1
- सेवा में, जिलाधिकारी महोदय जनपद __________ विषय: ग्राम माहुरपुर स्थित सरकारी विद्यालय के सामने सड़क की अत्यंत खराब एवं अस्वच्छ स्थिति के संबंध में तत्काल कार्यवाही हेतु प्रार्थना पत्र। महोदय, सविनय निवेदन है कि ग्राम माहुरपुर स्थित सरकारी विद्यालय के मुख्य द्वार के सामने की सड़क की स्थिति अत्यंत दयनीय एवं चिंताजनक है। सड़क पर गंदा पानी, कीचड़ एवं कूड़ा-कचरा लगातार जमा रहता है। जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण विद्यालय आने-जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति न केवल आवागमन में बाधा उत्पन्न कर रही है, बल्कि स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी अत्यंत खतरनाक है। संक्रामक रोग फैलने की आशंका बनी रहती है। कई बार स्थानीय स्तर पर शिकायत करने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। विद्यालय बच्चों के भविष्य का केंद्र होता है, परंतु विद्यालय के सामने ऐसी गंदगी प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है। अतः आपसे निवेदन है कि इस समस्या का तत्काल निरीक्षण कराकर सफाई, जल निकासी की समुचित व्यवस्था तथा सड़क निर्माण/मरम्मत का कार्य शीघ्र सुनिश्चित कराया जाए। कृपया इस विषय को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें।1
- वाराणसी के पिण्डरा विधायक डा अवधेश सिंह को सुनिए काशी द्वार योजना का खाका खींच रहे है सर्किल रेट मुआवजा में किसानों को 2013का दिया जा रहा है इस बोलना नही चाहते।1
- सरकार से हम यही कहते हैं बच्चों को अगर दो-चार मिनट लेट हो जाए अंदर जाने का कृपया करें1
- मुझे वाराणसी के भेलुपुर – शकुलधारा पोखरा (Varanasi, Uttar Pradesh, India) में बिजली विभाग से संबंधित किसी विशेष/आधिकारिक काम (जैसे नई लाइन बिछाना, मरम्मत, विद्युत रख-रखाव आदि) को लेकर कोई ताज़ा (2026) समाचार या सरकारी घोषणा सीधे खोज में नहीं मिली है। मैंने वेब पर विस्तृत रूप से खोजा लेकिन उस इलाके (भेलुपुर, शकुलधारा पोखरा) विशेष में बिजली विभाग का कोई स्पष्ट “कार्य चल रहा है” जैसी खबर वर्तमान में प्रकाशित नहीं मिली।संभावित स्थिति (आम कारण जो आम तौर पर बिजली विभाग कार्य बनते हैं) हाल ही में वाराणसी और आसपास बिजली विभाग से जुड़े कुछ सामान्य मुद्दे और गतिविधियाँ खबरों में सामने आई हैं, जिनका असर स्थानीय बिजली व्यवस्था पर पड़ सकता है: बिजली कर्मियों के प्रदर्शन और हड़ताल की स्थिति – उत्तर प्रदेश बिजली विभाग के कर्मचारियों ने निजीकरण और नए बिजली संशोधन बिल के विरोध में प्रदर्शन/हड़ताल की स्थिति रखी है, जिससे कुछ मरम्मत कार्य या सेवा व्यवधान हो सकते हैं। बिजली आपूर्ति संवर्धन/समस्याएँ – शहर के कई हिस्सों में मरम्मत कार्यों के कारण आपूर्ति बाधित होती रहती है (पहले भी मंडुवाडीह में ऐसा देखा गया). बिजली विभाग का सामान्य रख-रखाव – किसी भी इलाके में तार, पोल, सबस्टेशन आदि का रख-रखाव आता-जाता रहता है, जो अक्सर किसी स्थानीय शहरी या ग्राम इलाके में कार्य के रूप में दिखाई देता है।1