पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फलता इलाके में जहांगीर खान की रिहाई की मांग को लेकर भारी प्रदर्शन हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर अपना विरोध जताया, जिसके बाद पुलिस और केंद्रीय बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए कई प्रदर्शनकारी पास के एक तालाब में कूद गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जहांगीर खान को कमर में रस्सी बांधकर सड़कों पर नहीं घुमाया जा सकता, इसी बात से नाराज़ होकर स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। मल्लिकपुर के मामूदपुर, नौपुकुरिया और बोनहोगला जैसे इलाकों में भीड़ ने रास्तों को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया। जाम की खबर मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और बोनहोगला में भीड़ को हटाने का प्रयास किया। जब प्रदर्शनकारी नहीं हटे, तो सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज शुरू होते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। अपनी जान बचाने के लिए कई प्रदर्शनकारियों ने बगल के तालाब में छलांग लगा दी। फिलहाल, पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। उल्लेखनीय है कि फलता इलाके में जहांगीर खान का अच्छा दबदबा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान वे खुद को फिल्म 'पुष्पा' के किरदार की तरह पेश करते थे और कई बार फिल्म का प्रसिद्ध डायलॉग 'पुष्पा झुकेगा नहीं साला' बोलते थे। वे खुद को इलाके का एक ऐसा मज़बूत नेता बताते थे जो किसी के सामने नहीं झुकेगा। जहांगीर खान ने साल 2026 का विधानसभा चुनाव तृणमूल कांग्रेस (TMC) के टिकट पर फलता सीट से लड़ा था। इस चुनाव के दौरान उन पर मतदाताओं को डराने, ईवीएम (EVM) में गड़बड़ी करने और हिंसा फैलाने के गंभीर आरोप लगे थे। चुनाव में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद 21 मई को दोबारा वोटिंग निर्धारित की गई थी, लेकिन इस दोबारा चुनाव से ठीक 48 घंटे पहले जहांगीर ने मैदान छोड़ दिया और अपना नाम वापस ले लिया। 24 मई को आए नतीजों में जहांगीर की हार हुई, जिसके बाद से ही वे गायब हो गए थे। फलता थाने में उनके खिलाफ जबरन वसूली सहित कई एफआईआर दर्ज हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए जहांगीर ने कलकत्ता हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका भी दायर की थी, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद वे देश छोड़कर नेपाल भागने की फिराक में थे, तभी 8 जून को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने उन्हें नेपाल बॉर्डर के पास से दबोच लिया।
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फलता इलाके में जहांगीर खान की रिहाई की मांग को लेकर भारी प्रदर्शन हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर अपना विरोध जताया, जिसके बाद पुलिस और केंद्रीय बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए कई प्रदर्शनकारी पास के एक तालाब में कूद गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जहांगीर खान को कमर में रस्सी बांधकर सड़कों पर नहीं घुमाया जा सकता, इसी बात से नाराज़ होकर स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। मल्लिकपुर के मामूदपुर, नौपुकुरिया और बोनहोगला जैसे इलाकों में भीड़ ने रास्तों को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया। जाम की खबर मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और बोनहोगला में भीड़ को हटाने का प्रयास किया। जब प्रदर्शनकारी नहीं हटे, तो सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज शुरू होते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। अपनी जान बचाने के लिए कई प्रदर्शनकारियों ने बगल के तालाब में छलांग लगा दी। फिलहाल, पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। उल्लेखनीय है कि फलता इलाके में जहांगीर खान का अच्छा दबदबा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान वे खुद को फिल्म 'पुष्पा' के किरदार की तरह पेश करते थे और कई बार फिल्म का प्रसिद्ध डायलॉग 'पुष्पा झुकेगा नहीं साला' बोलते थे। वे खुद को इलाके का एक ऐसा मज़बूत नेता बताते थे जो किसी के सामने नहीं झुकेगा। जहांगीर खान ने साल 2026 का विधानसभा चुनाव तृणमूल कांग्रेस (TMC) के टिकट पर फलता सीट से लड़ा था। इस चुनाव के दौरान उन पर मतदाताओं को डराने, ईवीएम (EVM) में गड़बड़ी करने और हिंसा फैलाने के गंभीर आरोप लगे थे। चुनाव में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद 21 मई को दोबारा वोटिंग निर्धारित की गई थी, लेकिन इस दोबारा चुनाव से ठीक 48 घंटे पहले जहांगीर ने मैदान छोड़ दिया और अपना नाम वापस ले लिया। 24 मई को आए नतीजों में जहांगीर की हार हुई, जिसके बाद से ही वे गायब हो गए थे। फलता थाने में उनके खिलाफ जबरन वसूली सहित कई एफआईआर दर्ज हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए जहांगीर ने कलकत्ता हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका भी दायर की थी, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद वे देश छोड़कर नेपाल भागने की फिराक में थे, तभी 8 जून को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने उन्हें नेपाल बॉर्डर के पास से दबोच लिया।
- श्री चिराग पासवान जी का जमुई जिला में आगमन हुआ, जिस दौरान वंदे भारत एक्सप्रेस को जमुई स्टेशन पर ठहराने का काम किया गया। इस अवसर पर मंत्री श्रेयसी सिंह जी और जमुई जिला के सांसद अरुण भारती जी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। यह भी बताया गया कि आने वाले समय में जमुई जिला में और भी बहुत काम होगा।1
- चास थाना पुलिस ने अपने कार्यक्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए टाइगर मोबाइल फुट पेट्रोलिंग निकाली है। इस पहल के तहत, पुलिस ने इन इलाकों में अपनी गश्त बढ़ा दी है।4
- देवघर में लगने वाले ऐतिहासिक सावन मेले की तैयारियों के तहत संगीत कलाकारों के लिए ऑडिशन का आयोजन किया गया है। इन ऑडिशंस में कुल 125 टीमें अपनी कला का प्रदर्शन कर रही हैं, जिनमें स्थानीय कलाकार भी शामिल हैं। ऑडिशन के माध्यम से उन टीमों का चयन किया जाएगा जो सावन मेले के दौरान अपनी प्रस्तुति देंगी। यह आयोजन सुनिश्चित करेगा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और आगंतुकों को गुणवत्तापूर्ण सांस्कृतिक और संगीतमय अनुभव मिल सके।1
- Post by Khurshid Parvez1
- एक हैरान कर देने वाली घटना में, एक प्रेमिका ने 'हाई वोल्टेज ड्रामा' किया जब उसके प्रेमी ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया। इस घटना के दौरान, ग्रामीण इकट्ठे होकर यह पूरा ड्रामा देखते रहे। मामले में अधिक जानकारी सामने नहीं आई है।1
- झारखंड के धनबाद जिले के तोपचांची स्थित कोटालडीह गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस घटना में रेलवे ट्रैक के पास एक युवक मृत पाया गया है, जबकि एक युवती गंभीर हालत में मिली।1
- झारखंड के खैरा बाजार स्थित शिवाला के समीप एक पत्थर लदे हाइवा ने दसवीं कक्षा की एक छात्रा को कुचल दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतका की पहचान खैरा प्रखंड के बरियारपुर गांव निवासी जितेंद्र मंडल की 14 वर्षीय पुत्री मुस्कान कुमारी के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, मुस्कान कुमारी अपनी पढ़ाई के लिए कोचिंग जा रही थी, तभी वह इस भयानक हादसे का शिकार हो गई और गाड़ी के चक्के के नीचे दबकर दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए, जिन्होंने आक्रोशित होकर सड़क जाम कर दी और वाहन में तोड़फोड़ की। खैरा बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जहाँ पुलिस और नागरिकों के बीच कहा-सुनी भी होने लगी, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति असामान्य हो गई। हादसे के बाद चालक अपना वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और कड़ी मशक्कत के बाद शव को अपने कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण के लिए अस्पताल भेजा। मान-मनोव्वल के बाद सड़क जाम को हटाया जा सका। घटना के बाद मृतका के परिवार के लोगों में चीख-पुकार मची हुई है और पूरे इलाके में शोक का माहौल व्याप्त है। उधर, एसडीएम सौरव कुमार भी अपने दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को संभालने में सक्रियता दिखाते हुए जानकारी दी कि स्थिति नियंत्रण में है।1
- बोकारो जिले के चंद्रपुरा अंचल के पपलो मौजा, गोडायतडीह टोला में प्रस्तावित स्वास्थ्य केंद्र के लिए चुनी गई भूमि पर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों के भारी विरोध के कारण यह स्थिति बनी है। इस मामले को सुलझाने और जमीन का सीमांकन करने के लिए बुधवार को चंद्रपुरा के बीडीओ सह सीओ ईश्वर दयाल महतो अपनी राजस्व टीम और जेईई सोनू कुमार मंडल के साथ मौके पर पहुँचे।4
- Post by Khurshid Parvez1