किशनगंज जिले में जीविका से जुड़ी पशु सखी दीदियों को डेयरी और पशु प्रबंधन के महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण जीविका और बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लि. (CONFED) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया है। सोमवार, 22 जून को जीविका जिला कार्यालय स्थित प्रशिक्षण एवं शिक्षण केंद्र (टी.एल.सी.) में इस कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जो 30 जून तक चलेगा। जीविका की डीपीएम अनुराधा चंद्रा ने बताया कि यह गैर-आवासीय प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से किशनगंज जिले के सभी सात प्रखंडों की कुल 208 पशु सखी दीदियों को कवर करेगा। भविष्य में, ये प्रशिक्षित पशु सखी दीदियाँ कंफेड डेयरी सोसायटी के माध्यम से पशुपालकों को दुग्ध कलेक्शन सेंटर से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। प्रशिक्षण के दौरान जीविका के युवा पेशेवर ऋषब प्रसाद, प्रेम रंजन और CONFED से आए डॉ. उज्ज्वल कुमार, वेद प्रकाश ने प्रशिक्षुओं को वैज्ञानिक डेयरी एवं पशुपालन प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य एवं प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, कृमिनाशन, पशु पोषण एवं चारा प्रबंधन, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की तकनीक, तथा पशुधन प्रबंधन एवं रोग नियंत्रण जैसी विस्तृत जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, पशुपालकों को तकनीकी परामर्श कैसे देना है, इस पर भी दीदियों को प्रशिक्षित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशनगंज जिले में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से जुड़े पशुपालकों, विशेषकर महिलाओं को लाभ पहुँचाना है। इन पशुपालक महिलाओं को दुग्ध कलेक्शन सेंटर से जोड़कर आर्थिक लाभ सुनिश्चित किया जाएगा और उनके लिए निश्चित आय का साधन विकसित होगा। प्रशिक्षित पशु सखी दीदियों के माध्यम से पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन और पोषण संबंधी जानकारी प्रदान कर उनकी आय के साधनों को और अधिक विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
किशनगंज जिले में जीविका से जुड़ी पशु सखी दीदियों को डेयरी और पशु प्रबंधन के महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण जीविका और बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लि. (CONFED) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया है। सोमवार, 22 जून को जीविका जिला कार्यालय स्थित प्रशिक्षण एवं शिक्षण केंद्र (टी.एल.सी.) में इस कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जो 30 जून तक चलेगा। जीविका की डीपीएम अनुराधा चंद्रा ने बताया कि यह गैर-आवासीय प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से किशनगंज जिले के सभी सात प्रखंडों की कुल 208 पशु सखी दीदियों को कवर करेगा। भविष्य में, ये प्रशिक्षित पशु सखी दीदियाँ कंफेड डेयरी सोसायटी के माध्यम से पशुपालकों को दुग्ध कलेक्शन सेंटर से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। प्रशिक्षण के दौरान जीविका के युवा पेशेवर ऋषब प्रसाद, प्रेम रंजन और CONFED से आए डॉ. उज्ज्वल कुमार, वेद प्रकाश ने प्रशिक्षुओं को वैज्ञानिक डेयरी एवं पशुपालन प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य एवं प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, कृमिनाशन, पशु पोषण एवं चारा प्रबंधन, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की तकनीक, तथा पशुधन प्रबंधन एवं रोग नियंत्रण जैसी विस्तृत जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, पशुपालकों को तकनीकी परामर्श कैसे देना है, इस पर भी दीदियों को प्रशिक्षित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशनगंज जिले में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से जुड़े पशुपालकों, विशेषकर महिलाओं को लाभ पहुँचाना है। इन पशुपालक महिलाओं को दुग्ध कलेक्शन सेंटर से जोड़कर आर्थिक लाभ सुनिश्चित किया जाएगा और उनके लिए निश्चित आय का साधन विकसित होगा। प्रशिक्षित पशु सखी दीदियों के माध्यम से पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन और पोषण संबंधी जानकारी प्रदान कर उनकी आय के साधनों को और अधिक विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
- RealNewsRN द्वारा प्रकाशित खबर का प्रभाव मात्र 48 घंटों के भीतर देखने को मिला है। इस खबर के बाद फुलवरिया ब्रिज का एप्रोच मार्ग पूरी तरह से दुरुस्त कर दिया गया, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है।1
- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत चिल्हनियां पंचायत के वार्ड संख्या-9 स्थित मुस्लिम टोला गांव दशकों बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यहां गांव तक जाने वाली कच्ची सड़क की हालत बेहद खराब है, जो बरसात के मौसम में पूरी तरह जलमग्न हो जाती है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन ठप पड़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष समस्या उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है, जिसके चलते गांव एक टापू में तब्दील हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, मुस्लिम टोला गांव पूर्वी एवं दक्षिणी दिशा में गोरिया नदी तथा पश्चिमी दिशा में रेतुआ नदी से घिरा हुआ है, जिसके कारण बरसात में यह चारों ओर से पानी से घिर जाता है। मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए लोगों को पानी और कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को अत्यधिक परेशानी होती है। पिछले साल, सड़क की बदहाल स्थिति और जलजमाव के कारण गांव के निवासी हकमो उद्दीन को समय पर वाहन नहीं मिल सका। ग्रामीणों ने चारपाई के सहारे करीब डेढ़ किलोमीटर पानी और कीचड़ भरे रास्ते से उन्हें मुख्य सड़क तक पहुँचाने की कोशिश की, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, टेढ़ागाछ ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना ने गांव में सड़क और पुल की आवश्यकता को और भी गंभीर रूप से उजागर कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़क और आवागमन की समस्या गांव के सामाजिक जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रही है, जिससे लोग शादी-ब्याह और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए इस गांव में आने से कतराते हैं, और कई परिवारों को बच्चों के विवाह संबंध स्थापित करने में कठिनाई हो रही है। ग्रामीणों, जिनमें बादल आलम, इस्लामुद्दीन, नईम अख्तर, राहिल आलम, असलम आलम, हकीमुद्दीन, शिवकुमार मंडल, शंकर मंडल, अनवर आलम, नईम आलम, दिलशाद आलम, अबू नसर, अरशद आलम, नासिर आलम, शाहनवाज आलम, साहिल आलम, तबरेज आलम, फिरोज आलम, मुख्तार आलम, राशिद आलम और मजेबुल आलम शामिल हैं, ने कई बार सांसद, विधायक और जिला प्रशासन को आवेदन देकर समस्या के समाधान की मांग की है, लेकिन उनकी मांगों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी से तत्काल पक्की सड़क और गोरिया नदी पर आरसीसी पुल के निर्माण की मांग की है। उनका मानना है कि सड़क और पुल बनने से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक विकास के नए अवसर भी खुलेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्हें उम्मीद है कि जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि उनकी वर्षों पुरानी पीड़ा को समझते हुए जल्द ही ठोस कदम उठाएंगे, ताकि मुस्लिम टोला के लोग भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।1
- पुलिसकर्मियों ने भरत तिवारी के आत्मसमर्पण करने के बाद उन पर पाँच-पाँच गोलियाँ दाग दीं। इस कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाते हुए पूछा जा रहा है कि आखिर यह कहाँ का न्याय है।1
- डोमचांच प्रखंड के ढोढाकोला गांव में तीन हाथियों का झुंड पहुँचने से ग्रामीणों में गहरा दहशत का माहौल है। सोमवार सुबह 6 बजे स्थानीय लोगों ने हाथियों की मौजूदगी की जानकारी दी, जिसके बाद आसपास के सभी निवासी सतर्क हो गए हैं। ग्रामीणों को अपनी फसलों और अन्य संपत्ति को संभावित नुकसान पहुँचने की चिंता सता रही है। इस मामले की सूचना मिलने पर वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्षेत्र के लोगों से सावधानी बरतने, रात में अकेले बाहर न निकलने और हाथियों के करीब न जाने की अपील की है। वन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है।4
- सुपौल में एक श्राद्ध भोज खाने के बाद बच्चों समेत करीब 150 लोग बीमार पड़ गए। दूषित भोजन के कारण हुई इस घटना के बाद सभी बीमार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1
- अररिया जिले में चार शातिरों को छह करोड़ रुपये के मोबाइल फोन के साथ दबोचा गया है। इस कार्रवाई की जानकारी एसपी जितेन्द्र कुमार ने दी।1
- बिहार की राजधानी पटना में गहना ज्वैलर्स अररिया को सम्मानित किया गया है। इस सम्मान के ज़रिए उन्होंने अपने ज़िले का नाम रोशन किया है।1
- तिलैया थाना क्षेत्र के गांधी स्कूल रोड पर सोमवार सुबह एक बड़ी घटना होते-होते बची, जब गैस सिलेंडर से लदे एक ट्रक का चालक शराब के नशे में धुत होकर ट्रक को लापरवाही से लहराते हुए चला रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक की इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत के कारण कई लोग ट्रक की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। चालक की लापरवाही से नाराज स्थानीय लोगों ने ट्रक को तुरंत रोका और इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलने पर तिलैया पुलिस मौके पर पहुंची और नशे में धुत चालक को हिरासत में ले लिया। बताया गया कि चालक इतनी बुरी तरह नशे में था कि वह अपना नाम तक ठीक से नहीं बता पा रहा था। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1