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Lakhan Singh
- Madanlalहोडल, पलवल, हरियाणाकुरान में काफिरो के लिए दर्दनाक मौत 1990 कशमीर में हिन्दुओ का नरसंहार औरतो का बल्तकार तुम्हारा भी इस इस तरह होगा मुस्लमान कभी देशभक्त वफादार नहीं हो सकता वो गजवा ऐ हिन्द की तैयारी में लगे हैं अब तो वो हिन्दु मुक्त हिन्दुस्तान वनाकर ही दम लेगे तुम्हारी ये शायरी धरी रह जाएगी कशमीर ही चली जाओ तुम्हारी बोटी बोटी खा जायेगे24 min ago
- Mr 𝔏𝔞𝔵𝔪𝔞𝔫 Singhबारां, बारां, राजस्थान👏1 hr ago
- Mr 𝔏𝔞𝔵𝔪𝔞𝔫 Singhबारां, बारां, राजस्थान😤1 hr ago
- Mr 𝔏𝔞𝔵𝔪𝔞𝔫 Singhबारां, बारां, राजस्थान😡1 hr ago
- Mr 𝔏𝔞𝔵𝔪𝔞𝔫 Singhबारां, बारां, राजस्थान👏1 hr ago
- Mr 𝔏𝔞𝔵𝔪𝔞𝔫 Singhबारां, बारां, राजस्थान👏1 hr ago
- Gopal nagwanshiपिपरिया, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश👏3 hrs ago
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- साइबर फ्रॉड: गूगल पर नंबर सर्च करना पड़ा भारी, 1.20 लाख रुपये की ठगी सोहागपुर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। सोहागपुर थाना पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि फरियादी शेख शादाब पिता शेख युसूफ, निवासी इंदिरा वार्ड सोहागपुर ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार फरियादी कार इंश्योरेंस का कार्य करता है।उसने दिनांक 31 मार्च 2026 को मधुर कोरियर सोहागपुर से एक बंद लिफाफे में वाहन एग्रीमेंट से संबंधित दस्तावेज वास्तु फाइनेंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, इंदौर के लिए भेजे थे। लेकिन 6 अप्रैल 2026 तक पार्सल कंपनी तक नहीं पहुंचा। इस पर फरियादी ने गूगल पर मधुर कोरियर का नंबर सर्च कर संपर्क किया कॉल करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को कोरियर कर्मचारी बताते हुए डिलीवरी बॉय का नंबर देने के नाम पर 2 रुपये ट्रांसफर करने को कहा। फरियादी ने बताए अनुसार 2 रुपये ट्रांसफर कर दिए, जिसके कुछ देर बाद उसके खाते से लगातार रकम कटती गई। इस दौरान उसके खाते से कुल लगभग 1,20,000 रुपये निकल गए। ठगी का एहसास होने पर फरियादी ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) एवं 319(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले की केंद्रीय जेल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां पदस्थ प्रधान आरक्षक रामानंद पटेल ने जेल परिसर स्थित गौशाला में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसे महत्वपूर्ण साक्ष्य मानते हुए जब्त कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट की सामग्री के आधार पर पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके। वहीं, मृतक के परिजनों ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के पुत्र वरुण पटेल का कहना है कि उनके पिता को जेल अधीक्षक द्वारा लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे वह काफी परेशान थे। परिजनों का आरोप है कि इसी प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। इस पूरे मामले पर सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। सुसाइड नोट की जांच के साथ-साथ जेल प्रशासन से जुड़े लोगों के बयान भी लिए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना जेल प्रशासन पर कई सवाल खड़े कर रही है। #RewaNews #MPNews #CentralJail #BreakingNews #SuicideCase #PoliceInvestigation #JusticeForRamanand #RewaBreaking4
- रायसेन वालों, क्या आपके यहाँ सरकार चल रही है या शराब माफियाओं का खुला राज? क्योंकि बाड़ी और अमरावद में आबकारी नीति 2026-27 के नाम पर जो 'लूट की खुली छूट' चल रही है, उसे देखकर तो यही लगता है कि पूरा का पूरा सिस्टम ही ठेकेदारों की जेब में गिरवी रखा है! बाड़ी की शराब दुकान आबकारी विभाग नहीं, बल्कि 'सोम' कंपनी के कर्मचारियों के भरोसे चल रही है और प्रशासन कुंभकर्णी नींद सो रहा है। गरीब और मजदूर जो 75 रुपये का सफेद क्वार्टर लेने जाता है, उसकी जेब से सरेआम 100 रुपये निकाले जा रहे हैं, यानी हर क्वार्टर पर सीधे 25 रुपये की दिन-दहाड़े डकैती! युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने का इनका खतरनाक मास्टरप्लान देखिए; नई पीढ़ी को लत लगाने के लिए बीयर कैन एमआरपी पर दिए जा रहे हैं, लेकिन जो आदी हो चुके हैं उनसे बीयर की बोतल पर 60 रुपये तक ज्यादा वसूले जा रहे हैं। हर दिन 3 से 4 लाख रुपये की अवैध और दो नंबर की शराब बिना किसी रिकॉर्ड के गांवों में खपाई जा रही है। बरेली, बाड़ी और अमरावद के ठेकेदारों की इस वर्चस्व की जंग में अब ग्रामीण क्षेत्रों में शराब माफियाओं के बीच किसी भी दिन भयानक 'गैंगवार' हो सकता है, लेकिन आबकारी विभाग ने तो जैसे कानों में रुई और आंखों पर पट्टी बांध रखी है। इसलिए आज 'केके' पूछ रहा है सिस्टम से ये 5 तीखे सवाल: पहला- क्या सरकार अपनी ही आबकारी नीति पर पूरी तरह से नियंत्रण खो चुकी है? दूसरा- 75 का क्वार्टर 100 में बिकने पर आबकारी विभाग ओवररेटिंग के खिलाफ मौन क्यों है? तीसरा- गांवों में जो रोज लाखों की अवैध शराब पहुंचाई जा रही है, उसमें किस-किस साहब का कमीशन सेट है? चौथा- 'सोम' कंपनी के कर्मचारियों को सरकारी दुकान चलाने का ठेका किस नियम के तहत सौंप दिया गया? और पांचवा, सबसे कड़क सवाल- जब गांवों में इन ठेकेदारों का गैंगवार होगा और लट्ठ चलेंगे, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा... ये बिकाऊ सिस्टम या बेलगाम शराब माफिया?1
- Post by Vineet maheshwari1
- Post by शाहिद खान रिपोर्टर1
- जिला पन्ना म प्र में विस्थापित किसानों की सजाई अर्थिया1
- सोहागपुर में समिति प्रबंधकों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं एवं चना खरीदी वेयरहाउस परिसर में खुले में न करने की माँग को लेकर एसडीएम के नाम तहसीलदार रामकिशोर झरबड़े को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि गेहूं / चना उपार्जन वर्ष-2026-27 में सोहागपुर विकासखंड की जिन समितियों को सन्दर्भ पत्र अनुसार उपार्जन कार्य हेतु आदेशित किया गया है समस्त समितियों की ओर से निवेदन है कि पूर्व वर्षों में शासन के निर्देशानुसार खुले मैदानों में उपार्जन कार्य करने से आकस्मिक आपदा एवं वर्षा के कारण समितियों को अत्यधिक नुकसान का सामना करना पड़ा एवं अतिरिक्त व्यय के भुगतान का प्रावधान नहीं होने से स्कंध सुरक्षा करना संभव नहीं है। वर्तमान में मौसम की परिस्थियों में आकस्मिक वर्षाक को द्रष्टिगत रखते हुए एवं खुले में खरीदी कार्य किये जाने में विलम्ब से परिवहन होने के कारण समिति को माल में सूखत, समिति स्तर पर खर्च होता है जबकि गोदाम स्तरीय (० पॉइंट) के मान से समितियों को भुगतान किया जाता है जिसमे संस्थाओं को लोडिंग परिवहन एवं स्टेकिंग में होने वाले पर्याप्त व्यय का भुगतान नहीं किया जाता है जिससे समिति प्रबंधको व्यक्तिगत रूप से उपार्जन में हुए अधिक खर्च का नुकसान होता है और अन्य समस्याओं का सामना जैसे आवारा मवेशियों द्वारा स्कंध एवं बारदानो का नुकसान होना, माल चोरी होने की आशंका, मानव संसाधन की कमी के कारण रखवाली की समस्या एवं जिला नर्मदापुरम के आधे क्षेत्र जैसे (नर्मदापुरम, सिवनीमालवा, बनापुरा ) विकासखंडों में भी गोदाम परिसर के अन्दर समितिया खरीदी कार्य करती हैं अतः सोहागपुर विकासखंड की समितियां भी वर्ष 2026-27 में गोदाम के अन्दर ही खरीदी कार्य करेंगी अन्यथा की स्थिति में समस्त समितियां गेंहू एवं चना का उपार्जन कार्य करने में असमर्थ रहेंगी। ज्ञापन देने के दौरान ब्लॉक के सभी समिति प्रबंधक उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र के झालरिया गांव में गुरुवार रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां 3 साल का मासूम बच्चा खुले बोरवेल में गिर गया। यह घटना रात करीब 8 बजे की है, जिसके बाद से प्रशासन और SDRF की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि बच्चा अब करीब 70 फीट की गहराई में फंसा हुआ है। मासूम भागीरथ अपने परिवार के साथ गांव में भेड़ चराने आया था। खेलते समय वह बोरवेल के पास पहुंचा और पत्थर से ढक्कन हटाकर उसे बाल्टी समझकर पैर डाल दिया, जिससे वह सीधे अंदर गिर गया। मां ने उसे गिरते हुए देखा और बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रेस्क्यू टीम द्वारा बच्चे को निकालने के लिए तीन स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। शुरुआत में बच्चे को ऊपर से खींचने की कोशिश की गई, लेकिन यह प्रयास असफल रहे। अब बोरवेल के समानांतर एक गड्ढा खोदा जा रहा है, जिसमें करीब 40 फीट तक खुदाई हो चुकी है। हालांकि चट्टानें आने से काम में बाधा आ रही है। बोरवेल में कैमरा डालकर बच्चे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और उसे ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया जा रहा है। मौके पर कलेक्टर, एसपी और SDRF की टीमें मौजूद हैं। करीब 6 जेसीबी और पोकलेन मशीनों से तेजी से खुदाई जारी है। परिजनों ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि उन्हें बच्चे की स्थिति की स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही और मौके पर जाने से रोका जा रहा है। फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है और सभी को बच्चे के सुरक्षित बाहर आने की उम्मीद है। #Hashtags: #Ujjain #BorewellAccident #RescueOperation #SDRF #BreakingNews #MadhyaPradesh #ChildSafety #Emergency #SaveChild2
- रायसेन के सुल्तानगंज से 2015 में अगवा नाबालिग को पुलिस ने 11 साल बाद सागर से बरामद कर लिया। मुख्य आरोपी राकेश अहिरवार भी गिरफ्तार हुआ। थाना प्रभारी श्यामराज सिंह राजपूत की टीम की मेहनत रंग लाई, पीड़ित परिवार को एक दशक बाद मिला न्याय।1