गाजियाबाद के मोदीनगर में जमीनी विवाद और पैमाइश की उलझनों को खत्म करने के लिए डिजिटल क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर शनिवार को अमराला और फरीदनगर की सीमा पर आधुनिक GNSS रोवर तकनीक से जमीनों की पैमाइश की गई। पारंपरिक फीते या मीटर टेप को छोड़कर अब राजस्व टीम ने सैटेलाइट आधारित इस आधुनिक डिवाइस से सीमांकन किया, जिसके तहत मौके पर ही राजस्व कर्मियों को ऑन-साइट ट्रेनिंग भी दी गई। अधिकारियों के मुताबिक, यह तकनीक मल्टीपल सैटेलाइट्स से डेटा लेकर रियल-टाइम में सटीक नतीजे देती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि जोहड़, तालाब और टेढ़े-मेढ़े भू-भाग, जिनका क्षेत्रफल नापने में पहले घंटों लगते थे, अब उनका सटीक एरिया चंद मिनटों में निकल जाता है। इस हाईटेक तकनीक से मानवीय चूक की गुंजाइश खत्म होगी और राजस्व कार्यों में पारदर्शिता के साथ-साथ अभूतपूर्व तेजी आएगी।
गाजियाबाद के मोदीनगर में जमीनी विवाद और पैमाइश की उलझनों को खत्म करने के लिए डिजिटल क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर शनिवार को अमराला और फरीदनगर की सीमा पर आधुनिक GNSS रोवर तकनीक से जमीनों की पैमाइश की गई। पारंपरिक फीते या मीटर टेप को छोड़कर अब राजस्व टीम ने सैटेलाइट आधारित इस आधुनिक डिवाइस से सीमांकन किया, जिसके तहत मौके पर ही राजस्व कर्मियों को ऑन-साइट ट्रेनिंग भी दी गई। अधिकारियों के मुताबिक, यह तकनीक मल्टीपल सैटेलाइट्स से डेटा लेकर रियल-टाइम में सटीक नतीजे देती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि जोहड़, तालाब और टेढ़े-मेढ़े भू-भाग, जिनका क्षेत्रफल नापने में पहले घंटों लगते थे, अब उनका सटीक एरिया चंद मिनटों में निकल जाता है। इस हाईटेक तकनीक से मानवीय चूक की गुंजाइश खत्म होगी और राजस्व कार्यों में पारदर्शिता के साथ-साथ अभूतपूर्व तेजी आएगी।
- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सड़कों की स्थिति इतनी ज्यादा खराब हो चुकी है कि लोगों का बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। सड़कों पर जगह-जगह पानी भरा हुआ है और इतने ज्यादा गड्ढे हैं कि पैदल चलने वाले लोग गिर जाते हैं। इसके साथ ही इस बदहाली के कारण गाड़ियां भी रास्ते में ही फंसकर खड़ी हो जाती हैं।1
- गाजियाबाद में गैस एजेंटों द्वारा सिलेंडर में कम गैस दिए जाने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। गैस चोरी करने के लिए एजेंटों द्वारा कई तरह के तरीके अपनाए जा रहे हैं, जिनमें सिलेंडर का वजन कम रखना, टूटी सील देना और पुराना रेगुलेटर लगाना शामिल है। इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचाव के लिए ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे डिलीवरी लेते समय सिलेंडर का वजन, सील और बिल की जांच जरूर करें। सही वजन का पता लगाने के लिए सिलेंडर पर लिखे खाली वजन (Tare Weight) में 14.2 किलोग्राम जोड़ना चाहिए, जिससे फुल सिलेंडर का वजन ज्ञात हो सके। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर उपभोक्ता सीधे डिस्ट्रीब्यूटर से शिकायत कर सकते हैं या फिर हेल्पलाइन नंबर 1906 और 1800-11-4000 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।1
- गाजियाबाद के शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2 स्थित सी-5 क्षेत्र में एक रेस्टोरेंट की किचन में अचानक आग लग गई। आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को इस घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया, हालांकि घटना में हुए नुकसान और आग लगने के सटीक कारणों की जांच की जा रही है। इस घटना से स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह रेस्टोरेंट पूरी तरह से रिहायशी क्षेत्र में संचालित किया जा रहा था। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि प्रतिबंध के बावजूद आवासीय इलाकों में इस तरह के व्यावसायिक प्रतिष्ठान कैसे चल रहे हैं। लोगों का मानना है कि यदि आग आसपास के मकानों तक फैल जाती, तो भारी जनहानि और भारी नुकसान हो सकता था। अब स्थानीय निवासी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि रिहायशी क्षेत्रों में चल रहे ऐसे सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की तुरंत जांच की जाए, उनके अग्नि सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो। फिलहाल फायर विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं।4
- शामली साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेनिंग और निवेश के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पकड़े गए आरोपी की पहचान हरियाणा के यमुनानगर में जगाधरी के भारत सेवक नगर निवासी बलविंद्र (पुत्र रूपचंद) के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह अपने एक फरार साथी के साथ मिलकर इस गिरोह को चला रहा था। ये लोग व्हाट्सएप और टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से लोगों को ऊंचे मुनाफे का लालच देते थे और उनसे अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाकर धोखाधड़ी करते थे। ठगी की यह रकम पहले आरोपी के खाते में आती थी, जिसे बाद में चेक के जरिए निकाल लिया जाता था। आरोपी के बैंक खाते के संबंध में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर पहले से ही 5 शिकायतें दर्ज हैं। साइबर वज्र अभियान के तहत साइबर टीम ने तकनीकी और डिजिटल विश्लेषण के आधार पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने बताया कि इस साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी गहनता से जांच की जा रही है।1
- नोएडा में थोड़ी सी भी बारिश होने पर कई जगहों पर सड़कों पर भारी जलभराव हो जाता है, जिससे आम जनता को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर इस तरह पानी जमा होने का मुख्य कारण सड़कों के किनारे बने डिवाइडर हैं, जिनमें पानी की निकासी के लिए सही से रास्ता नहीं बनाया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से तो सही काम किया जाता है, लेकिन निचले स्तर पर जो अथॉरिटी मौजूद है, वह सही ढंग से काम नहीं करती है। अथॉरिटी की इसी लापरवाही की वजह से आम जनता को परेशान होना पड़ता है और इस परेशानी के चलते आखिरकार जनता सरकार को ही दोष देती है।1
- ऋषिकेश की चीला रोड पर लगातार हो रही बारिश के कारण बीन नदी उफान पर आ गई। नदी पार करते समय एक स्कूटी सवार पानी की तेज धारा के बीच में फंस गया, जिसके चलते उसकी स्कूटी में रखा सामान तेज बहाव में बह गया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाई और नदी में उतरकर स्कूटी सवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।1