राजधानी दिल्ली में महज़ 10 मिनट की बारिश ने स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को उजागर कर दिया है। पूर्वी दिल्ली स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में जलभराव का ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने सरकारी दावों की पोल खोल दी। अस्पताल के अंदर पानी इस कदर भर गया कि मरीजों को इलाज से ज़्यादा पानी से जूझना पड़ा, जिससे ऐसा लग रहा था मानो यहां 'फ्री स्विमिंग पूल' की सुविधा शुरू कर दी गई हो। अस्पताल के वार्ड, गलियारे और प्रवेश द्वार तक पानी से लबालब थे, जिससे मरीजों, उनके तीमारदारों और अस्पताल के स्टाफ को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस स्थिति को न केवल असुविधाजनक बल्कि खतरनाक भी बताया जा रहा है, क्योंकि कई लोग पानी के बीच से निकलने को मजबूर थे। यह भयावह स्थिति तब सामने आई है जब सरकार लगातार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के दावे कर रही है। एक छोटी सी बारिश ने इन दावों की ज़मीनी हकीकत को सबके सामने ला दिया है और यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर हल्की बारिश का यह हाल है, तो भारी बारिश के दौरान स्थिति कितनी गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने इस गंभीर लापरवाही पर गहरा रोष व्यक्त किया है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका स्पष्ट कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर ऐसी बदइंतजामी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती। दिल्ली की जनता अब यह पूछ रही है कि क्या उन्हें अस्पतालों में इलाज मिलेगा या फिर जलभराव से ही जूझना पड़ेगा, और क्या जिम्मेदार विभाग इस गंभीर लापरवाही पर कोई जवाबदेही तय करेगा।
राजधानी दिल्ली में महज़ 10 मिनट की बारिश ने स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को उजागर कर दिया है। पूर्वी दिल्ली स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में जलभराव का ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने सरकारी दावों की पोल खोल दी। अस्पताल के अंदर पानी इस कदर भर गया कि मरीजों को इलाज से ज़्यादा पानी से जूझना पड़ा, जिससे ऐसा लग रहा था मानो यहां 'फ्री स्विमिंग पूल' की सुविधा शुरू कर दी गई हो। अस्पताल के वार्ड, गलियारे और प्रवेश द्वार तक पानी से लबालब थे, जिससे मरीजों, उनके तीमारदारों और अस्पताल के स्टाफ को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस स्थिति को न केवल असुविधाजनक बल्कि खतरनाक भी बताया जा रहा है, क्योंकि कई लोग पानी के बीच से निकलने को मजबूर थे। यह भयावह स्थिति तब सामने आई है जब सरकार लगातार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के दावे कर रही है। एक छोटी सी बारिश ने इन दावों की ज़मीनी हकीकत को सबके सामने ला दिया है और यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर हल्की बारिश का यह हाल है, तो भारी बारिश के दौरान स्थिति कितनी गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने इस गंभीर लापरवाही पर गहरा रोष व्यक्त किया है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका स्पष्ट कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर ऐसी बदइंतजामी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती। दिल्ली की जनता अब यह पूछ रही है कि क्या उन्हें अस्पतालों में इलाज मिलेगा या फिर जलभराव से ही जूझना पड़ेगा, और क्या जिम्मेदार विभाग इस गंभीर लापरवाही पर कोई जवाबदेही तय करेगा।
- राजधानी दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री (LBS) अस्पताल में उस समय अव्यवस्था और भ्रष्टाचार की चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई, जब क्षेत्रीय विधायक कुलदीप कुमार ने अस्पताल का औचक दौरा किया। उनके निरीक्षण के दौरान पता चला कि मरीजों और तीमारदारों से ओपीडी पर्ची बनवाने के नाम पर ₹50 से ₹100 तक की अवैध वसूली की जा रही थी। इस खुलासे के बाद विधायक कुलदीप कुमार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर मौजूद कुछ सुरक्षा गार्डों को संदिग्ध हालत में पकड़ा। विधायक कुलदीप कुमार ने इस स्थिति पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि सरकारी अस्पताल में इलाज की शुरुआत ही भ्रष्टाचार से हो रही है, तो यह बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीब और जरूरतमंद लोगों से इस तरह पैसे वसूलना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। विधायक ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में मरीजों को ऐसे अन्याय का सामना न करना पड़े। एक राजनीतिक हमला करते हुए, विधायक कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि 'ईडी पार्टी' की 'चार इंजन' सरकार में जनता को हर स्तर पर भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस खुलासे के बाद से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है, और अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर कब और किस तरह की कार्रवाई की जाती है।1
- श्मशान की राख को देखकर मन में एक विचार उत्पन्न हुआ। यह विचार था कि इंसान पूरी जिंदगी दूसरों से कितना जलता रहता है, जबकि अंततः उसे केवल राख ही बन जाना होता है।1
- दिल्ली पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसके परिणामस्वरूप हथियार लहराते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस द्वारा की गई एक बड़ी पहल का हिस्सा है।1
- दिल्ली के रोहिणी स्थित प्रेम नगर इलाके से एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पड़ोस में रहने वाला एक युवक उसे बहला-फुसलाकर अपनी बाइक पर साथ ले गया है। इस घटना के बाद से परिवार में हड़कंप मच गया है। परिजनों ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई करते हुए किशोरी को सुरक्षित बरामद करने और आरोपी युवक के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी है और लड़की की तलाश के लिए आसपास के CCTV फुटेज सहित अन्य सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।1
- जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का धरना लगातार जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर अपना समर्थन दे रहे हैं। यह प्रदर्शन पेपर लीक मामलों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा छेड़ी गई 'क्रांति' का हिस्सा है, जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई है। पार्टी के सदस्यों और उनके समर्थकों का कहना है कि इस्तीफा न मिलने पर वे भूख हड़ताल पर बैठे हैं और जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपना पद नहीं छोड़ेंगे, तब तक जंतर मंतर को खाली नहीं किया जाएगा। उनका दृढ़ निश्चय है कि यह 'क्रांति' इसी तरह से आगे बढ़ती रहेगी। इसी दौरान, अभिजीत दीपके ने पुलिस प्रशासन पर अपना गुस्सा व्यक्त किया, यह पूछते हुए कि उन्हें छत्रपति शिवाजी की किताब पढ़ने से क्यों रोका गया।1
- Post by M Veer1
- स्कूलों के पुनः खुलने के साथ ही सभी बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए एक महत्वपूर्ण सलाह जारी की गई है। इसमें विशेष तौर पर अभिभावकों से आग्रह किया गया है कि जब बच्चे स्कूल से वापस घर आएं, तो वे स्वयं स्टॉप पर उपस्थित रहें। इस संबंध में एक वीडियो का ज़िक्र करते हुए कहा गया है कि नादान बच्चे क्या कर सकते हैं, इसे उस वीडियो में देखा जा सकता है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस घटना में बाइक चलाने वाले की कोई गलती नहीं है।1