उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले का मोहम्मदपुर अमीरनगर गांव आज बुनियादी विकास की भारी कमी से जूझ रहा है। यहाँ की मुख्य समस्या को "सड़क पतली है, नाली नहीं है" के रूप में देखा जा सकता है, जो यहाँ के सैकड़ों ग्रामीणों की दैनिक परेशानियों, उनके स्वास्थ्य और विकास के रास्ते में एक कड़वी सच्चाई बन चुकी है। गाँव की सड़कें इतनी संकरी हैं कि वहाँ से दोपहिया या चौपहिया वाहनों का गुजरना एक बड़ी चुनौती है। जब भी बड़े वाहन या ट्रैक्टर-ट्रॉली आमने-सामने आते हैं, तो लंबा जाम लग जाता है। ऐसी स्थिति में आपातकाल के दौरान एम्बुलेंस या दमकल की गाड़ियों को गाँव के अंदर आने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। इसके अलावा, किसानों को भी अपनी फसल मंडी तक ले जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी परिवहन लागत और समय दोनों बढ़ जाते हैं। सड़क से भी बड़ी समस्या गाँव में जल निकासी यानी नाली की उचित व्यवस्था न होना है। नाली न होने से घरों का गंदा पानी सीधे सड़कों पर बहता है और गड्ढों में जमा होकर तालाब का रूप ले लेता है। इस रुके हुए गंदे पानी में मच्छर, मक्खियाँ और बैक्टीरिया पनपते हैं, जिससे गाँव में मलेरिया, डेंगू, टायफाइड और त्वचा की बीमारियों का खतरा हमेशा बना रहता है, जिसके सबसे पहले शिकार बच्चे और बुजुर्ग होते हैं। साथ ही, सड़कों पर पानी जमा रहने से नई बनी सड़कें भी कुछ ही महीनों में उखड़कर कीचड़ से सन जाती हैं। इस सूरत को बदलने के लिए प्रशासन और ग्रामीणों को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले का मोहम्मदपुर अमीरनगर गांव आज बुनियादी विकास की भारी कमी से जूझ रहा है। यहाँ की मुख्य समस्या को "सड़क पतली है, नाली नहीं है" के रूप में देखा जा सकता है, जो यहाँ के सैकड़ों ग्रामीणों की दैनिक परेशानियों, उनके स्वास्थ्य और विकास के रास्ते में एक कड़वी सच्चाई बन चुकी है। गाँव की सड़कें इतनी संकरी हैं कि वहाँ से दोपहिया या चौपहिया वाहनों का गुजरना एक बड़ी चुनौती है। जब भी बड़े वाहन या ट्रैक्टर-ट्रॉली आमने-सामने आते हैं, तो लंबा जाम लग जाता है। ऐसी स्थिति में आपातकाल के दौरान एम्बुलेंस या दमकल की गाड़ियों को गाँव के अंदर आने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। इसके अलावा, किसानों को भी अपनी फसल मंडी तक ले जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी परिवहन लागत और समय दोनों बढ़ जाते हैं। सड़क से भी बड़ी समस्या गाँव में जल निकासी यानी नाली की उचित व्यवस्था न होना है। नाली न होने से घरों का गंदा पानी सीधे सड़कों पर बहता है और गड्ढों में जमा होकर तालाब का रूप ले लेता है। इस रुके हुए गंदे पानी में मच्छर, मक्खियाँ और बैक्टीरिया पनपते हैं, जिससे गाँव में मलेरिया, डेंगू, टायफाइड और त्वचा की बीमारियों का खतरा हमेशा बना रहता है, जिसके सबसे पहले शिकार बच्चे और बुजुर्ग होते हैं। साथ ही, सड़कों पर पानी जमा रहने से नई बनी सड़कें भी कुछ ही महीनों में उखड़कर कीचड़ से सन जाती हैं। इस सूरत को बदलने के लिए प्रशासन और ग्रामीणों को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे।
- एक छोटे बंदर ने आखिर ट्रेन ड्राइवर की जान क्यों बचाई? यह नफरत से दोस्ती की सबसे भावुक और दिल छू लेने वाली कहानी है, जिसे दर्शकों से अंत तक देखने की अपील की जा रही है।1
- शाहजहांपुर जिले के पुवायाँ क्षेत्र में स्थित ग्राम रसूलपुर गढ़िया में रास्ते पर जलभराव होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ मार्ग पर पानी जमा हो जाने के कारण आने-जाने वाले सभी लोगों को पानी में घुसकर ही गुजरना पड़ता है।1
- शाहजहांपुर के पुवायां क्षेत्र में ब्लॉक सिंधौली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पसिया खेड़ा से चांदा जमदुईया, उमरिया, सिंधौली, कोरोकुइया और मुड़िया पमार को जाने वाला रास्ता बेहद खराब हालत में है। इस बदहाल रास्ते के कारण लोगों का यहां से निकलना काफी मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि बरसात शुरू होने पर इस मार्ग से आवागमन करने में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।2
- लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यहाँ नेता लोग सिर्फ वोट लेने के लिए ही जाते हैं और उसके बाद इन बस्तियों के लोगों की सुध नहीं लेते। वोट पाने के बाद नेताओं द्वारा यहाँ रहने वाले लोगों को पूरी तरह से अनदेखा कर दिया जाता है।1
- लखीमपुर खीरी में सूचना विभाग और पीआरओ सेल द्वारा जारी किए जाने वाले डीएम-एसपी के कार्यों के वीडियो म्यूट होने पर सीधे सवाल खड़े किए गए हैं। सिनेमा ऑपरेटर से पूछा गया है कि जब प्रशासनिक काम अच्छे हैं, तो फिर वीडियो में आवाज़ से परहेज़ क्यों किया जा रहा है? यदि इन वीडियो का असली मकसद जनता तक संदेश पहुंचाना है, तो आवाज़ बंद रखने का क्या औचित्य है? इस रवैये पर तंज कसते हुए पूछा गया है कि क्या वे खुद को बहुत होशियार और बाकी सबको नासमझ समझते हैं? इस मुद्दे पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथियों से सहमत होने पर खुलकर समर्थन करने की अपील की गई है।2
- बिहार के हाजीपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उस समय हड़कंप मच गया जब उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर निर्धारित स्थान पर तुरंत उतरने के बजाय करीब 7 मिनट तक हवा में चक्कर लगाता रहा। हेलीकॉप्टर के इस तरह लगातार हवा में मंडराने से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों में भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हेलीकॉप्टर के देर तक हवा में रहने के दौरान अधिकारी सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने और आवश्यक समन्वय स्थापित करने के लिए इधर-उधर दौड़ते नजर आए। हालांकि, स्थिति सामान्य होने के बाद हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई और कार्यक्रम आगे बढ़ सका। फिलहाल हेलीकॉप्टर के हवा में रहने के कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर इसे सुरक्षा व्यवस्था, लैंडिंग स्थल की तैयारी या तकनीकी एवं परिचालन संबंधी कारणों से जोड़कर देखा जा रहा है और इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।1
- लखीमपुर खीरी के गोला गोकरण नाथ (गोला देहात) के मोहल्ला मथुरा नगर में कल रात हुई बारिश के कारण पानी भर गया है। इसके चलते स्थानीय लोगों को काफी जान-माल का नुकसान भुगतना पड़ रहा है। जलभराव की समस्या से परेशान लोगों ने विनती की है कि इस मोहल्ले में आकर यहां की वर्तमान स्थिति को देखा जाए।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सड़क चौड़ीकरण के दौरान मंदिर तोड़े जाने के समय हादसा हुआ है। यहाँ सड़क चौड़ीकरण के लिए मंदिर को तोड़ा जा रहा था, तभी अचानक मंदिर का पूरा गुंबद नीचे गिर गया। इस गुंबद के गिरने से उसकी चपेट में आकर एक PWD कर्मचारी की मौत हो गई। इस हादसे के बाद फिलहाल ध्वस्तीकरण का कार्य रोक दिया गया है।1