मुरैना के कैलारस थाना क्षेत्र के नेपरी गांव में एक शादी समारोह की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब साले की शादी में शामिल होने आए एक दामाद का शव गांव के मेन रोड पर बने यात्री प्रतीक्षालय में साफी (गमछा) के फंदे पर लटका मिला। इस घटना के बाद मृतक के परिवार ने हत्या की आशंका जताते हुए हंगामा किया। मृतक की पहचान खनेता, थाना सिविल लाइन, मुरैना निवासी सतीश रजक के रूप में हुई है। वह करीब एक सप्ताह पहले अपने ससुर बाबूलाल रजक के बेटे की शादी में शामिल होने के लिए नेपरी गांव आया था। जानकारी के अनुसार, रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात सतीश गांव के बाहर स्थित यात्री बस स्टॉपेज पर पहुंचा और साफी से फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। परिजनों ने बताया कि रविवार रात घर में महिला संगीत और अन्य वैवाहिक कार्यक्रम देर रात तक चल रहे थे, जिसके बाद सभी लोग सोने चले गए थे। ऐसे में सतीश रात के समय बस स्टॉप तक कैसे पहुंचा और उसने यह कदम क्यों उठाया, इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। मृतक सतीश के बड़े भाई विकास रजक ने इस मामले में गहरी साजिश की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि रात में सतीश का तीन युवकों से विवाद हुआ था, जिसकी जानकारी परिवार के सदस्यों को भी दी गई थी। विकास रजक के अनुसार, विवाद के बाद कुछ लोग सतीश को खाना खिलाने के बहाने अपने साथ ले गए थे, और अगली सुबह उनकी मौत की खबर मिली। इन आरोपों से गुस्साए परिजनों ने ससुराल वालों पर हत्या की आशंका जताते हुए रोड जाम करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस की समझाइश के बाद वे मान गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। परिजनों ने पुलिस से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।
मुरैना के कैलारस थाना क्षेत्र के नेपरी गांव में एक शादी समारोह की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब साले की शादी में शामिल होने आए एक दामाद का शव गांव के मेन रोड पर बने यात्री प्रतीक्षालय में साफी (गमछा) के फंदे पर लटका मिला। इस घटना के बाद मृतक के परिवार ने हत्या की आशंका जताते हुए हंगामा किया। मृतक की पहचान खनेता, थाना सिविल लाइन, मुरैना निवासी सतीश रजक के रूप में हुई है। वह करीब एक सप्ताह पहले अपने ससुर बाबूलाल रजक के बेटे की शादी में शामिल होने के लिए नेपरी गांव आया था। जानकारी के अनुसार, रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात सतीश गांव के बाहर स्थित यात्री बस स्टॉपेज पर पहुंचा और साफी से फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। परिजनों ने बताया कि रविवार रात घर में महिला संगीत और अन्य वैवाहिक कार्यक्रम देर रात तक चल रहे थे, जिसके बाद सभी लोग सोने चले गए थे। ऐसे में सतीश रात के समय बस स्टॉप तक कैसे पहुंचा और उसने यह कदम क्यों उठाया, इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। मृतक सतीश के बड़े भाई विकास रजक ने इस मामले में गहरी साजिश की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि रात में सतीश का तीन युवकों से विवाद हुआ था, जिसकी जानकारी परिवार के सदस्यों को भी दी गई थी। विकास रजक के अनुसार, विवाद के बाद कुछ लोग सतीश को खाना खिलाने के बहाने अपने साथ ले गए थे, और अगली सुबह उनकी मौत की खबर मिली। इन आरोपों से गुस्साए परिजनों ने ससुराल वालों पर हत्या की आशंका जताते हुए रोड जाम करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस की समझाइश के बाद वे मान गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। परिजनों ने पुलिस से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।
- सबलगढ़ नगर पालिका परिषद में जनहित के मुद्दों को लेकर चल रहा शांतिपूर्ण सत्याग्रह 46वें दिन भी जारी है। नगर की मूलभूत समस्याओं जैसे सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट, स्ट्रीट लाइट की खराबी और अधूरे विकास कार्यों के कारण जनप्रतिनिधियों और नागरिकों में लगातार आक्रोश बना हुआ है। सत्याग्रह के बाद कुछ विकास कार्य शुरू तो हुए हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुख्य बाजार और संतर क्षेत्र की गलियों में ठेकेदार द्वारा लापरवाही बरती जा रही है, जहाँ रेत के बजाय मिट्टी युक्त सामग्री (डस्ट) का उपयोग कर उस पर सीमेंट का घोल डालकर सीसी सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इससे कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और ये कार्य स्थायी सुधार की बजाय लीपापोती जैसे लग रहे हैं। इसके साथ ही, कई वार्डों में सफाई कार्य शुरू होने के बाद अधूरा छोड़ दिए जाने से नगर की सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। इस आंदोलन का नेतृत्व पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी कर रहे हैं, जिसमें पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद श्रीराम सोनी सहित समाजसेवी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक लगातार शामिल हो रहे हैं। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि यह सत्याग्रह किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि नगर की वास्तविक समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए किया जा रहा है। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से सभी विकास कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराने और ठोस, गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि जनता को वास्तविक राहत मिल सके। आंदोलनकारियों ने यह भी कहा है कि जब तक सभी कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और पूर्णता सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका यह सत्याग्रह जारी रहेगा।1
- भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष का सरमथुरा पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत और सम्मान किया गया। इस अवसर पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और लोगों ने उनका अभिनंदन किया।1
- श्योपुर, मध्य प्रदेश में हुए एक शानदार क्रिकेट मुकाबले में बलवाड़ा टीम ने टूर्नामेंट जीत लिया है। इस विजय के उपलक्ष्य में, विजेता बलवाड़ा टीम को बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर की ओर से सम्मानित किया गया। यह मैच बलवाड़ा और जाटखेड़ा टीमों के बीच खेला गया था, जिसमें दोनों टीमों ने उच्च खेल भावना, अनुशासन और बेहतरीन प्रदर्शन का परिचय दिया। विजेता बलवाड़ा टीम को इस शानदार सफलता पर हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गई हैं। वहीं, जाटखेड़ा टीम ने भी अपने बेहतरीन खेल से सभी दर्शकों का दिल जीत लिया। बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों, आयोजकों और सभी खेल प्रेमियों को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं, यह मानते हुए कि ऐसे खेल आयोजन भाईचारे, एकता और युवाओं में खेल के प्रति उत्साह को बढ़ावा देते हैं। इस दौरान 'खेलो, आगे बढ़ो और अपने क्षेत्र का नाम रोशन करो' का नारा भी दिया गया।1
- कैलारस थाना क्षेत्र के नैपरी गांव में एक 30 वर्षीय युवक सतीश रजक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे पर लटका मिला है। यह घटना नेशनल हाईवे NH552 के पास एक यात्री प्रतीक्षालय में घटित हुई। मृतक सतीश रजक प्रभूसिंह का पुराक (खनेता), सुमावली का निवासी था और लगभग दस दिन पहले अपने शाले की शादी के सिलसिले में नैपरी गांव स्थित अपनी ससुराल आया हुआ था। जानकारी के अनुसार, जिस दिन यह घटना सामने आई, सोमवार को शाले की शादी का मंडप था, लेकिन उससे पहले ही मध्य रात्रि में यह घटना हो गई। सुबह जब राहगीरों ने शव देखा तो उन्होंने तुरंत परिजनों और कैलारस पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही, कैलारस थाना प्रभारी सतेन्द्र सिंह कुशवाहा और एसडीओपी उमेश मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके कुछ देर बाद एसएफएल (SFL) जांच टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया और बाद में उसे परिजनों को सौंप दिया। कैलारस पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है और आगे की विवेचना शुरू कर दी गई है।1
- श्योपुर जिले में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योगाभ्यास का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री तथा श्योपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश शुक्ला उपस्थित रहे, जिनकी मौजूदगी में यह योगाभ्यास संपन्न हुआ।1
- मुरैना के पहाड़गढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोटसिथरा में एक ऑनलाइन सेवा केंद्र संचालक ने वर्तमान सरपंच पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है। संचालक बबलू जाटव का आरोप है कि ग्राम सरपंच भारत गुर्जर ने उनकी दुकान पर ताला लगा दिया और उसे खोलने पर जान से मारने की धमकी दी। बबलू जाटव के अनुसार, सरपंच भारत गुर्जर ने उनकी ऑनलाइन दुकान में ताला जड़ दिया और दोबारा दुकान न खोलने की चेतावनी दी। शिकायतकर्ता का दावा है कि सरपंच ने उनके साथ गाली-गलौज की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए धमकी दी कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई, तो दुकान में आग लगा दी जाएगी। इस घटना के बाद पीड़ित बबलू जाटव और उनका परिवार भय के माहौल में जी रहा है, जिसमें किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है। उन्होंने पहाड़गढ़ थाने में आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है, जिसके बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।1
- सरमथुरा में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दागीच के आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका फूल मालाएं पहनाकर और साफा पहनाकर जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक सुखराम कोली, लोकसभा प्रत्याशी इंदु देवी, जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत, मंडल अध्यक्ष विशाल शर्मा और भूदेव शर्मा सहित अन्य कई लोग उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान कहा कि कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ होते हैं।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा उपखंड क्षेत्र में नेशनल हाईवे संख्या 11 बी पर चिलाचौंद के पास एक तेज रफ्तार अर्टिगा कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस हादसे में कार में सवार लगभग आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना का मुख्य कारण कार की अत्यधिक गति थी। घायलों को हाईवे एंबुलेंस 1033 की मदद से पुलिस और ग्रामीणों द्वारा उपचार के लिए बाड़ी हॉस्पिटल पहुंचाया गया।1