जीबीएम कॉलेज मुंशी प्रेमचंद की 147वीं जयंती के अवसर पर सावित्री महाजन सभागार में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। बोधगया।गौतम बुद्ध महिला कॉलेज, गया के हिन्दी विभाग द्वारा मुंशी प्रेमचंद की 147वीं जयंती के अवसर पर सावित्री महाजन सभागार में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ है। जगजीवन कॉलेज के हिन्दी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. प्रदीप कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे हैं। अपने ओजस्वी वक्तव्य में उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक चेतना के बिना सामाजिक न्याय की परिकल्पना नहीं को जा सकती है। प्रेमचंद आज इतने प्रासंगिक हो गए हैं कि उनके बिना साहित्य की समझ अधूरी है। उन्होंने स्थानीयता के गहरे अचूक रंग बिखेरे। उनकी लेखनी में समाज की ऐसी विविधता समाई है कि उससे निकला हरेक पात्र अमर हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद ने आमजन को साहित्य का 'क' 'ख' 'ग' लिखना सिखाया है। अपने व्याख्यान के अंतिम हिस्से में डॉ. प्रदीप ने प्रेमचंद की दो बैलों की आत्मकथा', सद्गति, 'कफन' आदि कहानियों का रंगमंचीय पाठ किया है। यह इतना प्रभावी बन पड़ा कि उपस्थित श्रोता मंत्र- मुग्ध हो गए। प्राचार्या डॉ. सीमा पटेल ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि प्रेमचंद ने सामंतवाद के युग के ग्रामीण जीवन की त्रासदी को बखूबी रूपायित किया है। इस कार्यक्रम के दौरान हिन्दी विभाग की डॉ. सुरबाला कृष्णा ने प्रेमचंद की रचनायात्रा का वर्णन किया, वहीं विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्यारे माँझी ने उन्हें कठिन समय का रचनाकार बताया है। डॉ. सुनीता कुमारी ने 'रंगभूमि' उपन्यास के अंश का जिक्र करते हुए जीवन को एक खेल बताया। कार्यक्रम में छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक अपनी प्रस्तुतियाँ दीं है। सेमेस्टर तृतीय हिन्दी मेजर की छात्रा सुहानी, सातवीं सेमेस्टर की मानसी, प्रथम सेमेस्टर की खुश्बू (कबीर के दोहे), तथा वनस्पति विज्ञान की डॉली, अंजलि एवं काजल ने काव्य पाठ किया। अंग्रेजी विभाग की शिक्षिका प्रो अफसा नाहिद ने प्रेमचंद को एक विचार धारा बताया है। इस अवसर पर कॉलेज के बर्सर प्रो. सहदेव बाउरी, प्रो. शगुफ्ता अंसारी, डॉ. अफसा सुरैया, डॉ. बनिता, डॉ. रुक्सराना प्रवीण, डॉ. जया चौधरी, डॉ. कृति सिंह आनंद, डॉ. अनामिका, डॉ. अमृता घोष, डॉ. पूजा, डॉ. पूजा राय, प्रीति शेखर, डॉ. आशुतोष कुमार पांडेय, डॉ. वीणा कुमारी जायसवाल, डॉ. दीपिका, डॉ. सपना पांडेय, डॉ. सूचि सिन्हा, डॉ. सबाना, डॉ. विजेता, डॉ. फातिमा, डॉ. प्रमिला कुमारी, डॉ. रानी, डॉ. गणेश प्रसाद सहित विभिन्न विभागों की सैकड़ों छात्राएँ उपस्थित रहीं। धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुनीता कुमारी ने किया है।
जीबीएम कॉलेज मुंशी प्रेमचंद की 147वीं जयंती के अवसर पर सावित्री महाजन सभागार में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। बोधगया।गौतम बुद्ध महिला कॉलेज, गया के हिन्दी विभाग द्वारा मुंशी प्रेमचंद की 147वीं जयंती के अवसर पर सावित्री महाजन सभागार में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ है। जगजीवन कॉलेज के हिन्दी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. प्रदीप कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे हैं। अपने ओजस्वी वक्तव्य में उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक चेतना के बिना सामाजिक न्याय की परिकल्पना नहीं को जा सकती है। प्रेमचंद आज इतने प्रासंगिक हो गए हैं कि उनके बिना साहित्य की समझ अधूरी है। उन्होंने स्थानीयता के गहरे अचूक रंग बिखेरे। उनकी लेखनी में समाज की ऐसी विविधता समाई है कि उससे निकला हरेक पात्र अमर हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद ने आमजन को साहित्य का 'क' 'ख' 'ग' लिखना सिखाया है। अपने व्याख्यान के अंतिम हिस्से में डॉ. प्रदीप ने प्रेमचंद की दो बैलों की आत्मकथा', सद्गति, 'कफन' आदि कहानियों का रंगमंचीय पाठ किया है। यह इतना प्रभावी बन पड़ा कि उपस्थित श्रोता मंत्र- मुग्ध हो गए। प्राचार्या डॉ. सीमा पटेल ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि प्रेमचंद ने सामंतवाद के युग के ग्रामीण जीवन की त्रासदी को बखूबी रूपायित किया है। इस कार्यक्रम के दौरान हिन्दी विभाग की डॉ. सुरबाला कृष्णा ने प्रेमचंद की रचनायात्रा का वर्णन किया, वहीं विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्यारे माँझी ने उन्हें कठिन समय का रचनाकार बताया है। डॉ. सुनीता कुमारी ने 'रंगभूमि' उपन्यास के अंश का जिक्र करते हुए जीवन को एक खेल बताया। कार्यक्रम में छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक अपनी प्रस्तुतियाँ दीं है। सेमेस्टर तृतीय हिन्दी मेजर की छात्रा सुहानी, सातवीं सेमेस्टर की मानसी, प्रथम सेमेस्टर की खुश्बू (कबीर के दोहे), तथा वनस्पति विज्ञान की डॉली, अंजलि एवं काजल ने काव्य पाठ किया। अंग्रेजी विभाग की शिक्षिका प्रो अफसा नाहिद ने प्रेमचंद को एक विचार धारा बताया है। इस अवसर पर कॉलेज के बर्सर प्रो. सहदेव बाउरी, प्रो. शगुफ्ता अंसारी, डॉ. अफसा सुरैया, डॉ. बनिता, डॉ. रुक्सराना प्रवीण, डॉ. जया चौधरी, डॉ. कृति सिंह आनंद, डॉ. अनामिका, डॉ. अमृता घोष, डॉ. पूजा, डॉ. पूजा राय, प्रीति शेखर, डॉ. आशुतोष कुमार पांडेय, डॉ. वीणा कुमारी जायसवाल, डॉ. दीपिका, डॉ. सपना पांडेय, डॉ. सूचि सिन्हा, डॉ. सबाना, डॉ. विजेता, डॉ. फातिमा, डॉ. प्रमिला कुमारी, डॉ. रानी, डॉ. गणेश प्रसाद सहित विभिन्न विभागों की सैकड़ों छात्राएँ उपस्थित रहीं। धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुनीता कुमारी ने किया है।
- हरियाणा की कानून व्यवस्था देखिए - रेप पीड़िता की माँ पुलिस कमिश्नर के सामने चीखती चिल्लाती बिलख रही है। इसकी बेटी से कई साल तक रेप किया गया है। हरियाणा की कानून व्यवस्था देखिए - रेप पीड़िता की माँ पुलिस कमिश्नर के सामने चीखती चिल्लाती बिलख रही है। इसकी बेटी से कई साल तक रेप किया गया है। गर्भपात किया है। मारपीट की गई है।बावजूद इसके पुलिस ने 3 आरोपियों को केस से बाहर कर दिया है। बेटी की हालत इतनी खराब है कि खड़ी भी नहीं हो पा रही। महिला पुलिसकर्मी ने शांत रहने को कहा, डीसी ने ऑफिस में मिलने का आश्वासन दिया। घटना यमुना नगर की है।1
- बिहार पुलिस का बड़ा कदम: बॉडी कैमरा, ई-चालान और जाम नियंत्रण को लेकर नई व्यवस्था लागू1
- कोंच प्रखंड कार्यालय में ब्लॉक लेवल बैंकर्स कमेटी की बैठक, किसानों को ऋण उपलब्ध कराने पर जोर कोंच प्रखंड कार्यालय में ब्लॉक लेवल बैंकर्स कमेटी की बैठक, किसानों को ऋण उपलब्ध कराने पर जोर कोंच (गया)। कोंच प्रखंड कार्यालय सभागार में शुक्रवार को ब्लॉक लेवल बैंकर्स कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डीडीएम नाबार्ड उदय कुमार ने की। बैठक में विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधकों के साथ कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान एलडीएम संतोष कुमार ने सभी शाखा प्रबंधकों को निर्देश दिया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से गोदाम निर्माण, मशरूम खेती, कोल्ड स्टोरेज, डेयरी एवं राज्य फसल योजना के अंतर्गत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण स्वीकृत करने पर बल दिया, ताकि किसान आधुनिक कृषि एवं स्वरोजगार से जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकें। बैठक में ऋण वितरण की प्रगति की समीक्षा की गई तथा बैंक अधिकारियों से सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर आरसेटीआई गया के निदेशक जन्मजय कुमार, एलडीएम संतोष कुमार, प्रबंधक नीरज कुमार, मुकेश कुमार शर्मा (पीएनबी), मंतोष कुमार (एसबीआई), शैलेश कुमार, निशांत कुमार सहित विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- सिद्ध पीठ बाबा लाइनईश्वर महादेव में श्रावणी मेला का उद्घाटन माननीय श्री चिंटू भैया अमर शंकर सिंह वजीरगंज हाई स्कूल के टीचर बाटो बाबू एवं से कमला प्रसाद सिंह के कर कमलो द्वारा शराबी मेला का उद्घाटन किया गया और प्रसाद वितरण किया गया4
- स्कूल की बदहाली पर छात्रों का हल्ला बोल ! एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे छात्र ! मिड-डे मील से लेकर गंदे शौचालय तक खोली स्कूल की पोल ! टेकारी एसडीएम ने दिए जांच के आदेश !1
- डकैती मामले में फरार चल रहे दोमुहान बोधगया से विधि विरुद्ध बालक को किया गया निरुद्ध1
- जिलाअध्यक्ष अजय कुशवाहा के नेतृत्व में जय प्रकाश नारायण अस्पताल का औचक निरीक्षण सिवल सर्जन को दिए निर्देश गया जी।आज जदयू गया जिला अध्यक्ष अजय कुशवाहा के नेतृत्व में जय प्रकाश नारायण अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया है। सिविल सर्जन डॉ राजाराम प्रसाद द्वारा अजय कुशवाहा का स्वागत किया गया है । जिलाध्यक्ष अजय कुशवाहा गैर निबंधित प्राइवेट अस्पतालों पर करवाई करने, परैया प्रखंड के झीकटिया, टाउन ब्लॉक के कुजापी, मोहनपुर प्रखंड के लखैपुर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के संबंध में जानकारी लिए एवं सिविल सर्जन के साथ संयुक्त रूप से ओपीडी सहित प्रत्येक वार्ड का निरीक्षण कर रोगियों से जानकारी लेकर और सुधार करने का निर्देश संबंधित अधिकारी एवं कर्मियों को दिए। जिलाध्यक्ष अजय कुशवाहा ने बताया कि अस्पताल में एक्सरे, सीटी स्कैन , निर्माण एवं सिजेरियन प्रसव की सुविधा बेहतर है। अस्पताल परिसर में कई भवन जर्जर स्थिति में देखकर जिलाध्यक्ष अजय कुशवाहा ने सिविलसर्जन से इसे तुड़वाने को बोले। सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि 100 बेड का अस्पताल है किंतु भवन एवं जगह की कमी के कारण 60 बेड उपलब्ध है, इस पर जदयू जिलाध्यक्ष सिविल सर्जन को आश्वासन दिए इस मामले को स्वास्थ सचिव एवं मंत्री को अवगत कराकर जल्द ही समाधान करवाएंगे! इस निरीक्षण में कुंडल वर्मा, धनंजय शर्मा, मधुसूदन राय, अजीत शर्मा, बृजराज पाण्डेय, गौतम रावत, मितांबरा लोहड़े, रिंकू सिंह, गीता वर्मा , वीणा देवी सहित अन्य जदयू कार्यकर्ता उपस्थित रहें हैं1