अयोध्या में समाजवादी पार्टी महानगर कार्यालय में शनिवार को स्व. मित्रसेन यादव ‘बाबू जी’ की जयंती श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश सचिव राम अचल यादव, महासचिव हामिद जाफर मीसम और उपाध्यक्ष चौधरी श्रीचंद यादव ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ उनके चित्र पर माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए महासचिव हामिद जाफर मीसम ने कहा कि स्व. मित्रसेन यादव गरीब, शोषित और पीड़ित समाज के मसीहा थे, जिन्होंने हमेशा गरीबों के हक के लिए अपनी आवाज बुलंद की। उपाध्यक्ष चौधरी श्रीचंद यादव ने उनके राजनीतिक जीवन को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा गरीब, किसान, मजदूर और शोषितों के साथ खड़े रहे। इस लड़ाई को अपनी लड़ाई समझकर लड़ने के कारण उन पर आपराधिक मामलों की झड़ी लग गई, लेकिन उनके कदम कभी डगमगाए नहीं। प्रदेश सचिव राम अचल यादव ने उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के दिनों को याद किया और कहा कि बाबू जी ने बिना किसी जाति-धर्म के भेदभाव के हमेशा सत्य और न्याय का साथ दिया। महानगर प्रवक्ता राकेश यादव एडवोकेट के अनुसार, इस अवसर पर रियाज अहमद, दान बहादुर सिंह, चौधरी बलराम यादव, राम अजोर यादव, विद्या भूषण पासी, महिला महानगर अध्यक्ष अपर्णा जयसवाल, अमृत राजपाल, इंद्रपाल यादव, वीरेंद्र गौतम, जगन्नाथ यादव, केशवराम कोरी, सईद खान, जितेंद्र यादव और सगीर सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने उनके संघर्ष को समाजवादियों के लिए आज भी प्रेरणा बताया।
अयोध्या में समाजवादी पार्टी महानगर कार्यालय में शनिवार को स्व. मित्रसेन यादव ‘बाबू जी’ की जयंती श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश सचिव राम अचल यादव, महासचिव हामिद जाफर मीसम और उपाध्यक्ष चौधरी श्रीचंद यादव ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ उनके चित्र पर माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए महासचिव हामिद जाफर मीसम ने कहा कि स्व. मित्रसेन यादव गरीब, शोषित और पीड़ित समाज के मसीहा थे, जिन्होंने हमेशा गरीबों के हक के लिए अपनी आवाज बुलंद की। उपाध्यक्ष चौधरी श्रीचंद यादव ने उनके राजनीतिक जीवन को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा गरीब, किसान, मजदूर और शोषितों के साथ खड़े रहे। इस लड़ाई को अपनी लड़ाई समझकर लड़ने के कारण उन पर आपराधिक मामलों की झड़ी लग गई, लेकिन उनके कदम कभी डगमगाए नहीं। प्रदेश सचिव राम अचल यादव ने उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के दिनों को याद किया और कहा कि बाबू जी ने बिना किसी जाति-धर्म के भेदभाव के हमेशा सत्य और न्याय का साथ दिया। महानगर प्रवक्ता राकेश यादव एडवोकेट के अनुसार, इस अवसर पर रियाज अहमद, दान बहादुर सिंह, चौधरी बलराम यादव, राम अजोर यादव, विद्या भूषण पासी, महिला महानगर अध्यक्ष अपर्णा जयसवाल, अमृत राजपाल, इंद्रपाल यादव, वीरेंद्र गौतम, जगन्नाथ यादव, केशवराम कोरी, सईद खान, जितेंद्र यादव और सगीर सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने उनके संघर्ष को समाजवादियों के लिए आज भी प्रेरणा बताया।
- अयोध्या में सनातन रक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने हनुमानगढ़ी में नमाज को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए बयान का समर्थन किया है। त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उनकी सरकार आने पर धार्मिक आयोजनों और परंपराओं के साथ खुलकर भेदभाव किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी हिंदुओं के हितों की पूरी तरह उपेक्षा करती है और हमेशा मुस्लिम समुदाय के पक्ष में काम करती है। मुकुंद माधव त्रिपाठी ने सनातन समाज से इस भेदभाव के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने उन धार्मिक और राजनीतिक व्यक्तियों की कड़ी आलोचना की, जो धर्माचार्य होकर भी किसी राजनीतिक दल का समर्थन करते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे लोग धर्माचार्य की मर्यादा का पालन नहीं कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, सनातन रक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार सेवकों और अयोध्या के पूज्य संतों को ट्रस्ट में शामिल करने की मांग भी मजबूती से उठाई।1
- अयोध्या के फैजाबाद से लगभग 100 वर्ष के बुजुर्ग संत भरत दास जी का एक बड़ा बयान सामने आया है। बुजुर्ग संत भरत दास जी ने सीधे तौर पर कहा है कि विवाद करने वाला आदमी गलत है।1
- तेज गति से गाड़ी न चलाने और सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की तुरंत मदद करने की अपील की गई है। सड़क मार्ग पर किसी हादसे के शिकार व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा के नियमों का सही तरीके से पालन करने और राहगीरों की मदद करने के लिए लोगों को लगातार प्रेरित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की जान बचाने वाले मददगारों को प्रोत्साहित किया जाता है और इसके लिए उन्हें प्रशंसा पत्र भी प्रदान किया जाता है। जीवन को एक अनमोल धरोहर बताते हुए सभी से दूसरों के दुख-दर्द को समझने और सड़क हादसों से बचने की जिम्मेदारी निभाने की बात कही गई है। आज सुबह टाइम्स टीम की ओर से लखनऊ से लाल चंद सोनी ने इस संबंध में विशेष रिपोर्ट साझा की है।1
- अंबेडकरनगर में तैनात इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी से बचते हुए एक पीड़ित पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाने पहुंचा था। वहां तैनात पीआरओ जितेन्द्र रघुवंशी ने इसकी सूचना तत्काल टांडा कोतवाली पुलिस को दे दी। इसके बाद टांडा कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बिना किसी एफआईआर के ही पीड़ित को गिरफ्तार करने का प्रयास किया। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में पीड़ित सड़क पर ही सो गया, जिसके बाद वहां मौजूद सक्रिय लोगों ने इसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया और किसी तरह पीड़ित पुलिस के चंगुल से बच सका। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सीओ सिटी अकबरपुर का एक बयान सामने आया है। सीओ का कहना है कि इस पीड़ित व्यक्ति का आपराधिक इतिहास है। वहीं दूसरी तरफ, पीड़ित ने पुलिस के इस दावे को खुला चैलेंज दिया है। पीड़ित का कहना है कि उसके ऊपर केवल एक ही मुकदमा दर्ज है, जिसे खुद इसी इंस्पेक्टर दीपक रघुवंशी ने दर्ज किया है और इसके अलावा उसका कोई दूसरा आपराधिक इतिहास नहीं है। पीड़ित का आरोप है कि इस गरीब का दोष सिर्फ इतना ही है कि वह एक व्यक्ति से अपने बकाया ₹3 लाख बार-बार मांग रहा था, जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है। इस पूरे मामले को लेकर तीखा तंज कसते हुए कहा गया है कि बुजुर्ग कहते थे कि गरीबों की हाय नहीं लेनी चाहिए। इसके साथ ही सीओ साहब को चुनौती दी गई है कि वे तत्काल प्रभाव से उस मुकदमे का क्राइम नंबर भी सार्वजनिक करें, जिसके आधार पर उन्होंने पीड़ित का आपराधिक इतिहास होने का दावा किया था।1
- अयोध्या जनपद की मिल्कीपुर विधानसभा के कुमारगंज क्षेत्र से गुजर रही शारदा सहायक नहर की पटरी अब हादसों का रास्ता बन चुकी है। लगभग 1000 मीटर लंबी इस सड़क पर 500 से अधिक गहरे और जानलेवा गड्ढे बन गए हैं, जिनकी गहराई दो फुट तक है। इस बदहाल स्थिति के कारण वहां से गुजरने वाले ग्रामीणों, किसानों, छात्रों और वाहन चालकों की जान हर पल जोखिम में बनी हुई है। बरसात के कारण इन गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी विकट हो गई है, जिससे राहगीरों के गिरकर चोटिल होने की घटनाएं आए दिन हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को लेकर गहरा आक्रोश है। जनता जन प्रतिनिधियों की इस चुप्पी पर भी लगातार सवाल उठा रही है और उनका आरोप है कि सड़क की यह दुर्दशा विकास के दावों की पोल खोल रही है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़ी अनहोनी के होने से पहले नहर पटरी की तत्काल मरम्मत कराई जाए ताकि आवागमन को सुरक्षित बनाया जा सके।2
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सड़क चौड़ीकरण के लिए चल रहे भवन ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ सड़क के किनारे बने एक मंदिर का गुंबद अचानक भरभराकर गिर गया। इस मंदिर के गुंबद की चपेट में आने से एक पीडब्ल्यूडी कर्मचारी की दर्दनाक मौत होने की खबर है। भवन ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के दौरान गुंबद गिरने से पीडब्ल्यूडी कर्मी इसकी चपेट में आ गया और उसकी जान चली गई।1