धीना के बरहनी विकासखंड के पिपरी गांव में स्थित आरोग्य मंदिर पर अधिकांश समय ताला लगा रहता है, जिससे ग्रामीणों में गहरा असंतोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र पर नियुक्त स्वास्थ्यकर्मी नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं आती हैं, जिसके कारण स्थानीय लोगों को आवश्यक सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण बंधु राम, संदीप राय, मोनू राय और अन्य लोगों ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी की अनुपस्थिति के कारण गांव के मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिक उपचार तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं के लिए दूर-दराज के स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता है। उनका कहना है कि सरकार ने गांवों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरोग्य मंदिर की स्थापना की थी, लेकिन केंद्र के बंद रहने से यह उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से मामले की जांच कर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने और आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस संबंध में, बरहनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने जानकारी दी कि आरोग्य मंदिर के बंद रहने की शिकायतें पहले भी प्राप्त हुई हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
धीना के बरहनी विकासखंड के पिपरी गांव में स्थित आरोग्य मंदिर पर अधिकांश समय ताला लगा रहता है, जिससे ग्रामीणों में गहरा असंतोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र पर नियुक्त स्वास्थ्यकर्मी नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं आती हैं, जिसके कारण स्थानीय लोगों को आवश्यक सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण बंधु राम, संदीप राय, मोनू राय और अन्य लोगों ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी की अनुपस्थिति के कारण गांव के मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिक उपचार तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं के लिए दूर-दराज के स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता है। उनका कहना है कि सरकार ने गांवों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरोग्य मंदिर की स्थापना की थी, लेकिन केंद्र के बंद रहने से यह उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से मामले की जांच कर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने और आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस संबंध में, बरहनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने जानकारी दी कि आरोग्य मंदिर के बंद रहने की शिकायतें पहले भी प्राप्त हुई हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- धीना के गुरैनी पंप कैनाल स्थित गंगा तट पर किसानों का गंगा कटान रोकथाम की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को 25वें दिन भी जारी रहा। धरनारत किसानों ने प्रशासन पर उपेक्षा का गंभीर आरोप लगाते हुए अपने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। किसानों का कहना है कि यह आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुँच चुका है। किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव ने बताया कि 25 दिनों से लगातार धरना प्रदर्शन के बावजूद किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने किसानों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। किसान नेता रविंद्र सिंह 'मुन्ना' ने आरोप लगाया कि प्रशासन की उदासीनता के कारण हजारों एकड़ कृषि भूमि गंगा की धारा में समाहित हो चुकी है, और सिंचाई विभाग द्वारा मिट्टी भरी बोरियां डालकर कटान रोकने का प्रयास केवल एक अस्थायी उपाय है, जो बिल्कुल भी स्थायी समाधान नहीं है। किसानों ने पत्थरों के बोल्डर, तारजाल और अन्य तकनीकी उपायों के माध्यम से जमीनी स्तर पर मजबूत कटानरोधी कार्य कराने की मांग की है। धरने की अध्यक्षता कर रहे शिवराज सिंह ने यह भी कहा कि कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौके पर आकर सिर्फ औपचारिकता निभाकर लौट गए, जबकि किसानों की मूल समस्या अभी भी जस की तस बनी हुई है। दीनानाथ श्रीवास्तव ने उम्मीद जताई कि 21 जून को क्षेत्रीय विधायक के आने की संभावना है और किसान उनसे आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कटानरोधी कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई, तो किसान आर-पार की लड़ाई लड़ने को बाध्य होंगे। किसानों ने साफ किया है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए। इस धरना-प्रदर्शन में आशीष कुमार, मुन्ना सिंह, प्यारेलाल, शिवराज, रामआशीष, धनंजय, गुरुप्रकाश, रामदयाल सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।3
- चंदौली जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा किए गए धरना प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने मुकदमा दर्ज किया है। जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह इस मुकदमे के संबंध में चर्चा में हैं।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद में तहसील दिवस के मौके पर एक फरियादी ने अधिकारियों के सामने ही अपनी शिकायत जोर-जोर से रखी। फरियादी ने चिल्ला-चिल्लाकर बताया कि वह आठ बार से शिकायत कर रहा है, लेकिन अब तक उसकी बात पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। उसने आरोप लगाया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं।1
- चंदौली जिले के गरला गांव में सरकारी पैसे के बड़े पैमाने पर गबन और भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार, महिला मित्र पूनम कुमारी (NMMS) और जेई सचिव मिलकर सरकारी पैसे की लूट खसोट कर रहे हैं। इन पर 40% कमीशन बनाने का आरोप है। मांग की गई है कि इन सभी कथित दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, क्योंकि गरला गांव में अधिकारी कथित तौर पर सरकारी धन का दुरुपयोग कर अपनी जेब गरम कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने इस बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार और सरकारी पैसे के गबन की तुरंत जांच कराने की अपील की है।2
- चंदौली के शहाबगंज में अखिल भारतीय किसान सभा मंडल कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक सहकारी समिति प्रांगण में हुई, जहाँ क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं पर विस्तृत चर्चा के बाद 30 जून को शहाबगंज ब्लॉक मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। बैठक में किसानों ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष बिना बांध टूटे ही कर्मनाशा नदी का पानी कई गाँवों में फैल गया था, जिससे केवल दो दिनों की बारिश में अनेक घर-मकान क्षतिग्रस्त हो गए और फसलें बर्बाद हो गईं। किसानों ने इस स्थिति के लिए जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने को जिम्मेदार ठहराया। सभा में प्रमुख मांगों में लेवा-इलिया मार्ग, जेगुरी-केरायगांव मार्ग सहित क्षेत्र की विभिन्न सड़कों के नीचे बड़े कलवर्ट (कुलावा) बनाने की बात कही गई, ताकि बरसात के दौरान पानी का निकास सुचारु हो सके और खेतों, मकानों तथा ग्रामीण सड़कों को हर वर्ष होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। इसके अतिरिक्त, शहाबगंज से अलीपुर, डुमरी और सीमावर्ती क्षेत्रों तक जाने वाले मार्गों पर भी पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की मांग उठाई गई। किसान सभा के पदाधिकारियों ने क्षेत्र की नहरों, माइनरों, डेनों और नालियों की समय पर सफाई कराने पर भी जोर दिया, जिससे बरसात के पानी की निकासी हो सके और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके, क्योंकि सिंचाई व्यवस्था की उपेक्षा से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर, शहाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 30 बेड अस्पताल का दर्जा दिए जाने के साथ-साथ पर्याप्त चिकित्सकों, कर्मचारियों और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई गई। साथ ही, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इलिया एवं कटवा माफी में भी स्थायी चिकित्सकों की नियुक्ति कर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की मांग की गई। मनरेगा मजदूरों को समय पर कार्य और भुगतान सुनिश्चित करने का मुद्दा भी उठाया गया, वहीं खाद वितरण व्यवस्था में किसानों पर जबरन जैविक खाद थोपने की शिकायतों पर भी ध्यान दिलाया गया, जिसमें किसानों ने पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने की मांग की। राशन वितरण में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा गया कि कई स्थानों पर कोटेदार राशन कार्ड धारकों पर अनावश्यक रूप से नमक, साबुन एवं अन्य सामग्री लेने का दबाव बना रहे हैं। किसान सभा ने ऐसी प्रथाओं पर तत्काल रोक लगाने और पात्र लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराने की मांग की। इस धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए किसान सभा ने 26, 27 और 28 जून को विभिन्न गाँवों में जनसंपर्क जत्था निकालने का निर्णय लिया है, जिसके दौरान किसानों और ग्रामीणों को उनकी समस्याओं तथा संगठन की मांगों से अवगत कराया जाएगा। बैठक में किसान सभा के जिला मंत्री लालचंद सिंह एडवोकेट, मंडल अध्यक्ष स्वामीनाथ, मंडल मंत्री नंदलाल, उपाध्यक्ष बदरुद्दीन अंसारी, लालजी मास्टर, बड़ेलाल, सुरु, जसवंत सहित बड़ी संख्या में किसान एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने 30 जून के धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की और चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।1
- चंदौली विकासखंड चहनिया के ग्रामसभा मजिदहा में 22 जून, सोमवार को एक ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। पूर्व प्रधान और वरिष्ठ समाजसेवी बब्बू सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस महोत्सव में भगवान श्रीराम-सीता, रामदरबार और माता दुर्गा की प्रतिमाओं की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। यह तीन दिवसीय अनुष्ठान 20 जून से शुरू हुआ था, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है। प्राण प्रतिष्ठा के मुख्य आयोजन के साथ ही, आज (22 जून) एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया है।1
- चंदौली जिले में पानी की कमी और नहरों की सफाई न होने के मुद्दे पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के जिलाध्यक्ष घनश्याम प्रधान ने एक बड़ा बयान जारी किया है।1