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चंदिया
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- कटनी, मध्य प्रदेश: कटनी जिले के नेशनल हाईवे-43 पर सोमवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा इतना भीषण था कि कार की टक्कर लगते ही बाइक के परखच्चे उड़ गए। हादसे का विवरण जानकारी के अनुसार, घटना बड़वारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत जगतपुर उमरिया के पास की है। सोमवार रात करीब 12 बजे, एक तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। स्थान: नेशनल हाईवे-43, जगतपुर उमरिया के पास। समय: सोमवार रात, लगभग 12:00 बजे। हताहत: बाइक सवार 4 युवकों की घटना स्थल पर ही मृत्यु। पुलिस की कार्रवाई पुलिस के मुताबिक, चारों युवक बाइक पर सवार होकर कटनी से उमरिया की ओर जा रहे थे। हादसे के वक्त कार की गति इतनी अधिक थी कि बाइक पूरी तरह चकनाचूर हो गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। खबर लिखे जाने तक मृतकों की पहचान नहीं हो पाई थी, पुलिस शिनाख्त के प्रयास कर रही है। नोट: रात के समय हाईवे पर वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन करें और सुरक्षा मानकों (जैसे हेलमेट और सीटबेल्ट) का विशेष ध्यान रखें।1
- Post by Deepak Tiwari (Sonu)1
- satna rajendra nagar Gali no. 13 ka naliyo ka hal1
- 💥 *बड़ी खबर*💥 *बाबा बागेश्वर धाम पंडित धीरेंद्र शास्त्री जी अपने सेवादारों से परेशान। कहा कि वह गुरु का भोकाल देखकर सेवादार बन रहे हैं और कुछ लौंडे, लौंडियाबाजी के चक्कर में बन रहे हैं।* सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो मे पंडित धीरेंद्र शास्त्री अपने चेलों पर बरसते हुए कहते हैं- हमारे यहां के सेवादारों की टोन बहुत खराब है। बात करने का तरीका बहुत घटिया है। ऐसे बात करते हैं, जैसे एहसान जता रहे हों। ऐसे धक्का देते हैं, जैसे ये आर्मी वाले हों। इनकी मानसिकता ऐसी हो गई है कि हमारे पीठ देते ही ये खुद गुरु बन जाते हैं। बात भी सही है कि चाय से ज्यादा केतली गरम होती है। इन्हें गुरु दिख ही नहीं रहा है। इन्हें गुरु के आस-पास का भौकाल दिख रहा है। इनकी नजर गुरु पर थोड़े है। इनकी नजर इस पर है कि इनका गुरु सीधा पीएम से जुड़ा है। सीएम से सीधी बात होती है। आधे सेवादार तो इसलिए बन रहे हैं, क्योंकि यहां बढ़िया माल-पानी है। कुछ लौंडे लौंडियाबाजी के चक्कर में चेले बन रहे हैं। कुछ माताएं और बच्चियां भी विचित्र होती हैं, हमसे मिलने के बहाने उनसे मिलने आती हैं। इसके बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने चेलों और सेवादारों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें सबकी सच्चाई पता है। उन्होंने कहा कि कई लोग बिना उनसे मिले ही उनके नाम का इस्तेमाल कर सेवादार बन गए हैं। शास्त्री ने कहा कि आधे से ज्यादा लोग उनके नाम का सहारा लेकर पहचान बना रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जैसे वे भक्तों की पर्ची निकालकर सच बताते हैं, वैसे ही जरूरत पड़ी तो सेवादारों की सच्चाई भी सबके सामने ला सकते हैं। हालांकि ये वायरल वीडियो कब का और कहां का है इसकी पुष्टी नहीं हो सकी है।1
- *सतना में खूनी संघर्ष: दो सगे भाइयों ने मिलकर छोटे भाई को मरणासन्न होने तक पीटा, टिकरी चौराहे पर मची अफरा-तफरी। सूत्रों के हवल1
- मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष वरिष्ठ कांग्रेस नेता उमंग सिंघार के मानपुर आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। जानकारी के अनुसार कल रात लगभग 10 बजे शहडोल से सड़क मार्ग द्वारा बांधवगढ़ जाते समय उनका मानपुर में आगमन हुआ। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय कोल भी उनके साथ मौजूद रहे। नगर के प्रतिष्ठित मनोहर चाय प्रतिष्ठान पर सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक एकत्रित हुए और फूलमालाओं के साथ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार एवं जिला अध्यक्ष विजय कोल का गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर नेताओं का स्वागत किया तथा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान में प्रदेश में सत्ता पर काबिज भाजपा सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है और विपक्ष की आवाज को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अन्याय और अत्याचार के खिलाफ मजबूती से संघर्ष करते रहना चाहिए। स्वागत कार्यक्रम में प्रमुख रूप से ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष उमाशंकर पटेल, युवा नेता विजय गौतम, कांग्रेस नेत्री रोशनी सिंह, वरिष्ठ कांग्रेसी ज्ञान प्रकाश पटेल, एनएसयूआई अध्यक्ष ऋतिक प्यासी, मंडलम अध्यक्ष भोला पटेल, कुश परिहार, चंद्रेश गुप्ता, अमर प्यासी, विकास गौतम, रोशन खान, छोटू खान रवि सेन सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।2
- *वर्ल्ड क्लास सतना रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 1 पर पेयजल संकट, वाटर बूथ पर बूंद बूंद निकल रहा पानी, यात्री हो रहे परेशान।*1
- *मैहर जिले के बदेरा थाना में युवक की बेरहमी से पिटाई का मामला, दो पुलिसकर्मी लाइन हाजिर।*1
- भाजपा से निर्दलीय, फिर आप और अब कांग्रेस… ऊषा कोल की नई राजनीतिक पारी, उमंग सिंगार की मौजूदगी में ली सदस्यता उमरिया तपस गुप्ता (7999276090) जिले की राजनीति में सोमवार को उस समय नया मोड़ देखने को मिला जब नगर पालिका पाली पूर्व अध्यक्ष और वार्ड क्रमांक 5 की पार्षद ऊषा कोल ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। उन्होंने यह सदस्यता मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ली। बताया गया कि उमंग सिंगार सोमवार को उमरिया के पुराने बस स्टैंड में आयोजित किसान-मजदूर-आदिवासी महापंचायत कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी कार्यक्रम के दौरान ऊषा कोल ने कांग्रेस का दामन थामते हुए नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की। इस मौके पर जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया के अध्यक्ष इंजीनियर विजय कोल सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। ऊषा कोल का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वे पहले भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी रहीं और उसी पार्टी के समर्थन से नगर पालिका अध्यक्ष के पद तक पहुंचीं। लंबे समय तक भाजपा में सक्रिय रहने के बाद नगर पालिका चुनाव के दौरान स्थिति बदल गई। जब भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो उन्होंने वार्ड क्रमांक 5 से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया। निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरीं ऊषा कोल को जनता का समर्थन मिला और उन्होंने चुनाव जीतकर पार्षद का पद हासिल कर लिया। चुनाव के बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया था, जिससे जिले की राजनीति में काफी चर्चा हुई थी। अब एक बार फिर उन्होंने राजनीतिक पाला बदलते हुए कांग्रेस में शामिल होने का निर्णय लिया है। उनके इस फैसले को आगामी नगर पालिका चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस आगामी नगर पालिका चुनाव में उन्हें अध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार भी बना सकती है। हालांकि इस बारे में पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऊषा कोल के कांग्रेस में शामिल होने से जिले की नगर पालिका राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आने वाले चुनावों को देखते हुए यह बदलाव स्थानीय सियासत में नए समीकरण भी बना सकता है। कांग्रेस नेताओं ने इसे पार्टी के लिए मजबूती का संकेत बताया है, जबकि अन्य दलों के नेताओं की नजर अब आगे होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई है।4