हरदोई में अपर पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह के निर्देश पर मझिला पुलिस ने एक टूटते परिवार को जोड़कर अपने मानवीय चेहरे का परिचय दिया है। यह मामला तब सामने आया जब बलविंदर सिंह ने पुलिस से शिकायत की कि उन्होंने अपने बेटे कमलजीत सिंह को करोड़पति बनाने के लिए अपनी जमीन बेच दी थी और रिश्तेदारों से कर्ज भी लिया था, लेकिन अब बेटा उन्हें घर से बेघर कर रहा था। पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया। मझिला पुलिस ने पूरी संवेदनशीलता के साथ दोनों पक्षों को थाने बुलाया और कई घंटों तक उनसे बातचीत की। मझिला के पुलिसकर्मियों ने बलविंदर और कमलजीत के बीच सुलह कराने के लिए दिन भर प्रयास किए, जिसके बाद सिख समाज के प्रतिष्ठित लोगों की मौजूदगी में एक समझौता हुआ। इस समझौते के तहत, कमलजीत ने अपने पिता को साथ रखने का वादा किया और उन्हें फैक्ट्री में पूरा मालिकाना हक देने का भरोसा दिलाया। पुलिस के इस मानवीय हस्तक्षेप से बाप-बेटे के बीच का यह पारिवारिक विवाद कोर्ट-कचहरी के झंझट में पड़े बिना ही सुलझ गया। इस समाधान से बलविंदर सिंह की आंखों में अब राहत की उम्मीद साफ देखी जा सकती है, और पुलिस की इस संवेदनशीलता की चारों ओर खूब तारीफ हो रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कमलजीत अपने पिता के प्रति इस समझौते के बाद कितना वफादार रहता है।
हरदोई में अपर पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह के निर्देश पर मझिला पुलिस ने एक टूटते परिवार को जोड़कर अपने मानवीय चेहरे का परिचय दिया है। यह मामला तब सामने आया जब बलविंदर सिंह ने पुलिस से शिकायत की कि उन्होंने अपने बेटे कमलजीत सिंह को करोड़पति बनाने के लिए अपनी जमीन बेच दी थी और रिश्तेदारों से कर्ज भी लिया था, लेकिन अब बेटा उन्हें घर से बेघर कर रहा था। पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया। मझिला पुलिस ने पूरी संवेदनशीलता के साथ दोनों पक्षों को थाने बुलाया और कई घंटों तक उनसे बातचीत की। मझिला के पुलिसकर्मियों ने बलविंदर और कमलजीत के बीच सुलह कराने के लिए दिन भर प्रयास किए, जिसके बाद सिख समाज के प्रतिष्ठित लोगों की मौजूदगी में एक समझौता हुआ। इस समझौते के तहत, कमलजीत ने अपने पिता को साथ रखने का वादा किया और उन्हें फैक्ट्री में पूरा मालिकाना हक देने का भरोसा दिलाया। पुलिस के इस मानवीय हस्तक्षेप से बाप-बेटे के बीच का यह पारिवारिक विवाद कोर्ट-कचहरी के झंझट में पड़े बिना ही सुलझ गया। इस समाधान से बलविंदर सिंह की आंखों में अब राहत की उम्मीद साफ देखी जा सकती है, और पुलिस की इस संवेदनशीलता की चारों ओर खूब तारीफ हो रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कमलजीत अपने पिता के प्रति इस समझौते के बाद कितना वफादार रहता है।
- कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव में निवासी किसान कालीशंकर निषाद की धारदार हथियार से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह घटना तब सामने आई जब रास्ते से गुजर रही एक महिला ने खून से लथपथ शव देखा और तत्काल पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि कालीशंकर निषाद देर रात अपने घर से करीब 60 मीटर दूर एक मंदिर में सो रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम दिया। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता के अनुसार, मृतक के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर गांव और परिवार के ही 6 लोगों पर हत्या का शक जताया गया है। पुलिस ने मामले में 4 संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है और दावा किया है कि इस हत्याकांड का जल्द ही खुलासा किया जाएगा। इस क्रूर हत्या के बाद गांव में दहशत का माहौल है और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से इस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी हुई है।1
- सुशासन समिति प्राइवेट लिमिटेड ने एक सुनहरा मौका पेश किया है, जिसके तहत बम्पर भर्ती की घोषणा की गई है। इस अवसर के माध्यम से इच्छुक व्यक्ति अपनी ही ग्राम पंचायत में प्रतिमाह 40 सदस्य पंजीकृत करवाकर ₹6000 मासिक आय अर्जित कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, संगठन ब्लॉक अधिकारी के पद के लिए ₹13400 मासिक और जिला कोआर्डिनेटर के पद के लिए ₹18000 मासिक कमाने का अवसर प्रदान कर रहा है। इस भर्ती के संबंध में अधिक जानकारी या आवेदन के लिए, सुशासन समिति के एमडी से संपर्क किया जा सकता है। संपर्क के लिए उपलब्ध फोन नंबर 9454468036, 9454521866, और +917571940399 हैं।1
- शाहजहांपुर में चार साल की एक मासूम बच्ची की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस मर्डर मिस्ट्री में बच्ची के सौतेले पिता की संलिप्तता सामने आई है, और उसी की निशानदेही पर पुलिस द्वारा बच्ची के शव की तलाश जारी है। इस हृदयविदारक हत्याकांड ने क्षेत्र में गहरी चिंता पैदा कर दी है, और लोग मासूम बच्ची के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।1
- जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जन चौपाल के नोडल अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्देश दिए गए कि शुक्रवार को प्रातः 8 बजे से जनपद की 25 न्याय पंचायतों में जन चौपाल का प्रभावी आयोजन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश देते हुए कहा कि जन चौपाल में ग्राम प्रधान, कोटेदार, लेखपाल, एडीओ पंचायत, पंचायत मित्र, पंचायत सचिव सहित सभी संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। उन्होंने निर्देशित किया कि चौपाल के दौरान जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाए, खतौनी का सार्वजनिक वाचन किया जाए और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ा जाए। साथ ही, अपात्र व्यक्तियों को सूची से हटाने की कार्रवाई भी करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि खतौनी वाचन के दौरान नाम, अंश निर्धारण, विरासत, चकमार्गों पर अतिक्रमण और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे जैसी शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया जाना चाहिए, क्योंकि जन चौपाल का मुख्य उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करना है। बैठक में विभिन्न विभागों को भी विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गईं। पुलिस विभाग को मिशन शक्ति और साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया, जबकि स्वास्थ्य विभाग 70 वर्ष से अधिक आयु के पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाने की कार्रवाई करेगा। इसके अतिरिक्त, गांवों के मुख्य मार्ग, विद्यालयों तक पहुँचने वाले रास्तों, जर्जर स्कूल भवनों और हाईटेंशन विद्युत लाइनों से संबंधित समस्याओं की जानकारी भी एकत्र की जाएगी। जिलाधिकारी ने राजस्व, विकास, समाज कल्याण, पेंशन योजनाओं, जलापूर्ति और अन्य विभागों से संबंधित समस्याओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। जनपद स्तरीय अधिकारी स्वयं गांवों में पहुंचकर निरीक्षण करेंगे और प्राप्त शिकायतों को आवश्यकतानुसार आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराएंगे। डीपीआरओ को प्रत्येक गांव में सप्ताह में कम से कम एक बार फॉगिंग कराने के निर्देश दिए गए, साथ ही आरआरसी सेंटर, डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के लिए ई-रिक्शा और सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि जन चौपाल के माध्यम से योजनाओं से वंचित पात्र व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हें लाभान्वित किया जाएगा और गांवों की मूलभूत समस्याओं का प्रभावी समाधान कराया जाएगा। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी और अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) मोहम्मद आवेश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- गत 3 जून 2026 को सुबह 8 बजे पुलिस को सूचना मिली कि थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के अंतर्गत जेल रोड पर स्थित उत्तर प्रदेश जल निगम की केंद्रीय भंडारन में कुछ व्यक्तियों द्वारा महत्वपूर्ण सामग्री और दस्तावेज़ों को नष्ट किया जा रहा है। इस सूचना पर तत्काल स्थानीय पुलिस और जनपद के उच्चाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय पुलिस ने कुछ व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। क्षेत्रीय लेखपाल वीरेश कुमार की तहरीर के आधार पर, थाना कोतवाली शहर में 6 लोगों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। इस प्रकरण में अन्य आवश्यक वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है, जिसके संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री अंकित मिश्रा ने भी बयान दिया है।1
- सीतापुर के महोली इलाके में नाली को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहाँ दबंगों ने एक अकेले युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। बताया गया है कि दबंगों ने युवक को लाठी-डंडों से जमकर पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- शाहजहांपुर के थाना सदर बाजार क्षेत्र में दिनांक 25.05.26 को एक महिला के साथ हुई चेन लूट की घटना के संबंध में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। इस मामले में जनपदीय एस.ओ.जी., सर्विलांस सेल और थाना सदर बाजार पुलिस की संयुक्त टीम ने मिलकर अभियुक्तों को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस कार्रवाई में घटना से संबंधित बरामदगी भी की है। यह जानकारी क्षेत्राधिकारी नगर की बाइट के माध्यम से दी गई है।1
- आज दिनांक 03.06.2026 को शाहजहाँपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस मुठभेड़ में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर महिला से चेन और मंगलसूत्र लूट की घटना का सफल अनावरण किया। यह संयुक्त कार्यवाही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर बाजार पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम द्वारा अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई। लूट की यह वारदात दिनांक 25.05.2026 को सदर बाजार थाना क्षेत्र के कैंट इलाके में हुई थी, जिसके संबंध में मु0अ0सं0 227/2026 धारा 309(6) बीएनएस बनाम अज्ञात के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि इस मामले में प्रकाश में आए अभियुक्तगण मोटरसाइकिल से मछली मार्केट कैंट क्षेत्र से पुवायाँ की ओर किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने चांदमारी बट की ओर जाने वाले मार्ग पर घेराबंदी कर चेकिंग शुरू की। कुछ देर बाद संदिग्ध मोटरसाइकिल पर दो व्यक्ति आते दिखे, जिन्होंने पुलिस टीम को देखकर भागने का प्रयास किया। पीछा करने पर अभियुक्तों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्यवाही की। इस कार्यवाही के बाद पुलिस ने दो अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया, जिनकी पहचान अकरम अली पुत्र जाफर अली (निवासी कोपा, ठंडा नाला, गूलरभोज, थाना गदरपुर, जनपद उधम सिंह नगर, उत्तराखण्ड) और रफीक पुत्र नत्थूदीन (निवासी ठंडा नाला, गूलरभोज, थाना गदरपुर, जनपद उधम सिंह नगर, उत्तराखण्ड) के रूप में हुई। मुठभेड़ में अभियुक्त अकरम अली के बाएं पैर में और रफीक के दाहिने पैर में गोली लगी है। पुलिस ने अकरम अली के कब्जे से एक तमंचा (.315 बोर), एक जिंदा व एक खोखा कारतूस (.315 बोर) और एक मोबाइल फोन (वीवो) बरामद किया, जबकि रफीक के पास से एक तमंचा (.315 बोर), एक जिंदा व एक खोखा कारतूस (.315 बोर), लूट के सामान को बेचकर मिले ₹21,000 नकद और लूट में इस्तेमाल की गई बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल बरामद हुई। बरामदगी के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आगे की वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।4