मुजफ्फरनगर जनपद के भोपा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बेहड़ा भू के निवासियों ने, जिनमें राजबीर सिंह की पुत्री भारती भी शामिल हैं, जानसठ के उपजिलाधिकारी को एक शिकायत पत्र सौंपा है। इस पत्र में खसरा संख्या 439, 440, 441 और 442 पर स्थित भूमि पर अवैध कब्जे का गंभीर आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, यह भूमि मृतक बच्चों के गार्डन और सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित बताई गई है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा इस सार्वजनिक भूमि पर कथित तौर पर जबरन कब्जा कर लिया गया है। इस जमीन पर बिठौड़े, कूड़ा-कचरा, झोपड़ियां और अन्य अवैध निर्माण कर दिए गए हैं, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में भारी गंदगी फैल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंदगी के चलते इलाके में बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है। ग्रामवासियों ने उपजिलाधिकारी को बताया कि इस अवैध कब्जे के संबंध में पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन उनके अनुसार अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने सीधे तौर पर राजस्व एवं विकास विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने भी इस मामले में अपेक्षित कदम उठाने में विफलता दिखाई है। उपजिलाधिकारी को सौंपे गए अपने प्रार्थना पत्र में, ग्रामीणों ने सख्त मांग की है कि भूमि से अवैध कब्जा तुरंत हटवाया जाए और इसमें शामिल सभी संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि भूमि का तत्काल समतलीकरण किया जाए, उसकी मेड़बंदी की जाए और भविष्य में ऐसे किसी भी अवैध कब्जे से बचाने के लिए उसका संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। इस पूरे मामले में, फिलहाल प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मुजफ्फरनगर जनपद के भोपा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बेहड़ा भू के निवासियों ने, जिनमें राजबीर सिंह की पुत्री भारती भी शामिल हैं, जानसठ के उपजिलाधिकारी को एक शिकायत पत्र सौंपा है। इस पत्र में खसरा संख्या 439, 440, 441 और 442 पर स्थित भूमि पर अवैध कब्जे का गंभीर आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, यह भूमि मृतक बच्चों के गार्डन और सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित बताई गई है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा इस सार्वजनिक भूमि पर कथित तौर पर जबरन कब्जा कर लिया गया है। इस जमीन पर बिठौड़े, कूड़ा-कचरा, झोपड़ियां और अन्य अवैध निर्माण कर दिए गए हैं, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में भारी गंदगी फैल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंदगी के चलते इलाके में बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है। ग्रामवासियों ने उपजिलाधिकारी को बताया कि इस अवैध कब्जे के संबंध में पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन उनके अनुसार अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने सीधे तौर पर राजस्व एवं विकास विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने भी इस मामले में अपेक्षित कदम उठाने में विफलता दिखाई है। उपजिलाधिकारी को सौंपे गए अपने प्रार्थना पत्र में, ग्रामीणों ने सख्त मांग की है कि भूमि से अवैध कब्जा तुरंत हटवाया जाए और इसमें शामिल सभी संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि भूमि का तत्काल समतलीकरण किया जाए, उसकी मेड़बंदी की जाए और भविष्य में ऐसे किसी भी अवैध कब्जे से बचाने के लिए उसका संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। इस पूरे मामले में, फिलहाल प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
- मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना पुलिस ने एक नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को घटना दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी मुकुल पुत्र शिवकुमार, जो गादला, थाना भोपा का निवासी है, के खिलाफ पीड़िता के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि आरोपी ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर उससे दुष्कर्म किया और यह घटना किसी को बताने पर उसके पिता व भाई को जान से मारने की धमकी भी दी थी। यह मामला बीएनएस की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत उपनिरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह और उनकी टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी मुकुल को दधेड़ू पुल के नीचे से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसानों ने चकबंदी विभाग के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। भाकियू नेता विकास शर्मा के नेतृत्व में किसानों ने विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वे चकों में हेरफेर कर रहे हैं और लाखों रुपये की रिश्वत ले रहे हैं। किसानों का कहना है कि पुरकाजी, पूर्वामयान, ममेला, पिपलसाना और दिरौनी क्षेत्र के कई गांवों में चकबंदी के नाम पर बड़ी गड़बड़ी चल रही है, जहाँ अधिकारियों द्वारा प्रति किसान ₹2 लाख से ₹4 लाख तक लेकर चकों को सही करने का खेल किया जा रहा है। इसके साथ ही, 28 फीट चौड़े रास्तों को नापकर 18 फीट करने का भी आरोप लगाया गया है। भाकियू नेता विकास शर्मा ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सभी प्रभावित किसानों के चक सही नहीं हो जाते और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के निर्देश पर किसानों ने अगले 72 घंटे तक प्रशासन से बातचीत करने से इनकार कर दिया है। किसान अपनी माँगें पूरी होने तक डटे रहने के लिए धरनास्थल पर राशन, सिलेंडर और चूल्हा-चौका लेकर पहुंचे हैं।1
- मुजफ्फरनगर के थाना रतनपुरी क्षेत्र स्थित कल्याणपुर गांव में आबिद नामक युवक पर घर में घुसकर जानलेवा हमला किया गया है। गंभीर रूप से घायल आबिद को उपचार के लिए ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना को नौ दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। घायल आबिद ने बताया कि यह हमला उसके बड़े भाई के कुछ लोगों के साथ वाहन के पैसों के लेन-देन को लेकर चल रहे विवाद की रंजिश के चलते हुआ है। इसी दुश्मनी में चार से पांच लोग लाठी-डंडे और सरिए लेकर उनके घर में घुस आए और उन पर हमला कर दिया। आबिद ने हमलावरों में राशीद और ओसामा नाम के युवकों के शामिल होने का आरोप लगाया है, जिन्होंने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और जान से मारने की कोशिश की। शोर सुनकर आस-पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गए। हमले में आबिद को सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण उसे आंखों से कम दिखाई दे रहा है और लगातार चक्कर आ रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उसके छोटे-छोटे बच्चे होने के कारण पूरा परिवार भय के माहौल में जी रहा है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मामले में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस संबंध में, थाना रतनपुरी पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।4
- मुज़फ्फरनगर में शहर के अत्यंत महत्वपूर्ण सर्कुलर रोड से श्रीराम कॉलेज मार्ग के निर्माण में लगातार हो रही देरी और अधिकारियों की उदासीनता को लेकर नगर विधायक एवं प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को अंतिम चेतावनी जारी की है। शनिवार को मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और जल निगम के अधिशासी अभियंता, नगर पालिका परिषद के सहायक अभियंता व जूनियर अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को तत्काल बुलाकर उनसे जवाब तलब किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रीराम कॉलेज रोड क्षेत्र के हजारों नागरिक लंबे समय से बदहाल सड़क, जलभराव और गंदगी की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सड़क निर्माण में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और जनता को हो रही परेशानी के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मंत्री अग्रवाल ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने जल निगम, नगर पालिका परिषद और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें सड़क निर्माण से पूर्व स्थायी, तकनीकी रूप से सुदृढ़ और दीर्घकालिक जल निकासी व्यवस्था तैयार करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, ताकि भविष्य में जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो। इसके बावजूद, विभागीय स्तर पर अपेक्षित गति से कार्य नहीं किया गया, जिसके कारण सड़क निर्माण का कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हो सका है। मंत्री ने अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा क्षेत्रवासियों को भुगतने की बात कहते हुए बताया कि जगह-जगह जलभराव, कीचड़ और टूटी सड़क के कारण स्थानीय निवासियों, विद्यार्थियों, व्यापारियों एवं राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, और बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। कपिल देव अग्रवाल ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय स्थापित करते हुए जल निकासी व्यवस्था एवं सड़क निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से प्रारंभ करें तथा निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और कार्य ऐसा हो जिससे आने वाले वर्षों तक क्षेत्रवासियों को किसी समस्या का सामना न करना पड़े। अंत में, उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अब भी सड़क निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब हुआ या कार्य में लापरवाही बरती गई, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध उच्च स्तर पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं तथा श्रीराम कॉलेज रोड का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा, क्योंकि जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अधिकारी की लापरवाही के कारण विकास कार्य बाधित नहीं होने दिए जाएंगे।1
- सोशल मीडिया पर एक युवती का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह यह कहती हुई नजर आ रही है कि "यह देश किसी के बाप का नहीं है, जितना हिंदुओं का है उतना ही मुसलमानों का भी है।" इस वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और ऑनलाइन बहस जारी है। हालांकि, इस वीडियो की सत्यता, इसके स्थान और समय की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।1
- मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र में एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता गुल अफशा ने थाना प्रभारी को दी गई अपनी तहरीर में बताया कि लगभग तीन साल पहले उसका निकाह मुजफ्फरनगर जनपद के सिखेड़ा थाना क्षेत्र के भंडूरा गांव निवासी सलमान से हुआ था। गुल अफशा के अनुसार, विवाह के तुरंत बाद से ही ससुराल पक्ष उससे अतिरिक्त दहेज के तौर पर एक कार की मांग करने लगा। जब यह मांग पूरी नहीं हुई, तो उसके पति, सास, ससुर और ननद ने मिलकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसे कई बार भूखा रखा गया और लगभग आठ महीने पहले उसे अपनी मासूम बच्ची के साथ मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया गया। तब से गुल अफशा अपने मायके में रह रही है। उसका कहना है कि समझौते के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। इसी के चलते उसने अब पुलिस से अनुरोध किया है कि सभी आरोपी ससुराल वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे न्याय दिलाया जाए।2
- आज भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में मुजफ्फरनगर जनपद स्थित चकबंदी कार्यालय पर सैकड़ों किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान किसानों ने चकबंदी कार्यालय का दरवाजा बंद कर दिया और कार्यालय के प्रांगण में ही यह धरना जारी है।1
- भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक (भाकियू अराजनैतिक) ने मुज़फ्फरनगर में जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार 'हल्ला-बोल' प्रदर्शन किया। संगठन ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को उजागर करते हुए प्रशासन को 13 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। यह प्रदर्शन प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आयोजित किया गया, जिसमें जिले भर से संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष सुधीर पंवार ने बताया कि यह प्रदेशव्यापी ज्ञापन अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत सभी जिलों में किसानों की समस्याओं पर ज्ञापन दिए जा रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन पर किसानों की गंभीर समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान न देने का आरोप लगाया। सौंपे गए मांगपत्र में किसानों ने प्रमुख रूप से यूरिया खाद की कालाबाजारी रोकने, खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, खसरा-खतौनी में लंबित अंश निर्धारण के मामलों का शीघ्र निस्तारण करने, नहरों में पर्याप्त पानी छोड़े जाने और आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। मोरना ब्लॉक अध्यक्ष अंकित जवाला ने बताया कि हाल ही में हरिद्वार में आयोजित राष्ट्रीय चिंतन शिविर में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेशभर में किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन चलाने का आह्वान किया था। उन्होंने खाद की किल्लत, डीजल की बढ़ती कीमतों और नहरों में पानी न आने के कारण किसानों को सिंचाई में हो रही भारी परेशानियों पर भी चिंता जताई। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन आने वाले दिनों में और भी बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।4
- मुजफ्फरनगर के रुड़की रोड क्षेत्र में एक छात्र ने ट्रैफिक पुलिस के सिपाही पर कथित रूप से हाथ उठाने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद मौके पर काफी समय तक हंगामे की स्थिति बनी रही, जिससे माहौल गरमाया रहा। मामले की जानकारी मिलने पर हिंदू रक्षा दल के जिला अध्यक्ष शेंकी शर्मा भी घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने भी पुलिसकर्मियों पर धक्का-मुक्की करने का गंभीर आरोप लगाया। शेंकी शर्मा के अनुसार, छात्र के साथ कथित तौर पर अभद्रता की गई थी और जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गई। इस मामले की सूचना मिलने पर पुलिस के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुँचे और उन्होंने हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को शांत कराया।1